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  • अगले सात दिनों तक मौसम रहेगा आक्रामक, कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-बिजली का अलर्ट जारी

    अगले सात दिनों तक मौसम रहेगा आक्रामक, कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-बिजली का अलर्ट जारी

    नई दिल्ली । देशभर में मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और इसका असर अब कई राज्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आगामी सात दिनों के दौरान दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर भारत और कुछ पूर्वी राज्यों में व्यापक वर्षा गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके चलते संबंधित राज्यों को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय अवस्था में है। विशेष रूप से केरल और माहे में अगले कई दिनों तक लगातार भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। लगातार होने वाली बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मौसम और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रशासनिक एजेंसियों को संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

    कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। इससे जहां एक ओर तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी। कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है, हालांकि अधिक वर्षा की स्थिति में फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।

    पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम काफी सक्रिय बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज किए जाने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी राज्यों में सतर्कता बरतना बेहद जरूरी होगा क्योंकि लगातार बारिश से जोखिम बढ़ सकता है।

    आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और रायलसीमा क्षेत्र में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। कई स्थानों पर तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की जा सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और असुरक्षित स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।

    पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में भी मौसम का प्रभाव दिखाई देगा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। हालांकि इन राज्यों में व्यापक स्तर पर भारी वर्षा की संभावना अपेक्षाकृत कम बताई गई है, लेकिन कुछ इलाकों में तेज बौछारें और तेज हवाएं सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। मौसम में बदलाव के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण कई शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सड़क परिवहन प्रभावित होने और यात्रा में देरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। वहीं समुद्री क्षेत्रों में भी तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सात दिन मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेंगे और लोगों को समय-समय पर जारी मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

  • उत्तर भारत में सर्दी का नया दौर: तीन दिन तक बढ़ेगी ठिठुरन, पहाड़ों में बर्फबारी जारी

    उत्तर भारत में सर्दी का नया दौर: तीन दिन तक बढ़ेगी ठिठुरन, पहाड़ों में बर्फबारी जारी


    नई दिल्ली । उत्तर भारत में सर्दियों ने फिर तेवर दिखा दिए हैं। हाल की बारिश और बर्फबारी के बाद अब शुष्क और ठंडी हवाओं ने मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से गिराया है। दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार में पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाओं का असर महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 72 घंटे काफी ठंडे रहेंगे।

    घने कोहरे, तेज हवाओं और गिरते तापमान के चलते जनजीवन प्रभावित हो सकता है। पिछले पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने के बाद वर्षा में कमी आई है, लेकिन उत्तर-पश्चिम दिशा से 15–35 किलोमीटर प्रति घंटे की ठंडी हवाएं सर्दी को और तेज कर रही हैं। IMD के अनुसार अगले तीन दिनों में कई शहरों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिर सकता है। पहाड़ी इलाकों में नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ठंड और कोहरे की स्थिति और गंभीर बना सकता है।

    शिमला में बर्फबारी

    हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार को हुई जोरदार बर्फबारी ने शहर को पूरी तरह सफेद चादर में ढक दिया। जाखू मंदिर और आसपास के इलाकों में सैलानी बर्फीले नजारों का आनंद ले रहे हैं।

    उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट
    उत्तराखंड मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और मध्यम हिमपात की संभावना है। लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

    जम्मू-कश्मीर में बारिश की समस्या

    जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में लगातार बारिश से मुश्किलें बढ़ गई हैं। NH-44 पर संगूर चौक अंडरपास में जलभराव ने यातायात बाधित कर दिया है।

    ठंड क्यों तेज हुई
    IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम से आ रही शुष्क और ठंडी हवाएं, सब-ट्रॉपिकल वेस्टरली जेट स्ट्रीम की सक्रियता और उत्तर पाकिस्तान के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र तापमान तेजी से गिराने का कारण हैं। 24 से 26 जनवरी के बीच उत्तर भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3–5 डिग्री तक गिर सकता है। दिन में अधिकतम तापमान 13–17 डिग्री के बीच रहेगा, लेकिन सुबह और रात में ठंड सबसे ज्यादा महसूस होगी।

    अन्‍य राज्‍यों के हाल

    दिल्ली और आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान 10–13 डिग्री तक गिर सकता है। 24–26 जनवरी के बीच हल्के से घने कोहरे की चेतावनी जारी है। 26–28 जनवरी के बीच हल्की बारिश भी हो सकती है। पूर्वी यूपी और बिहार में सुबह घना कोहरा पड़ने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 11–15 डिग्री और अधिकतम 23–26 डिग्री के बीच रहेगा। 26–28 जनवरी के बीच हल्की बारिश हो सकती है। अमृतसर, चंडीगढ़, हिसार और श्रीगंगानगर में घना कोहरा दृश्यता कम कर सकता है। न्यूनतम तापमान 9–13 डिग्री के बीच रहेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 26 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मौसम सामान्य बना रहेगा और तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।