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  • MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव

    MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं टीकमगढ़ छतरपुर सागर छिंदवाड़ा पांढुर्णा नरसिंहपुर सिवनी मंडला कटनी शहडोल सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर जबलपुर डिंडौरी सतना मऊगंज मैहर उमरिया अनूपपुर पन्ना दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    बारिश के इस दौर के बीच बांधों और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी है। मंडला डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बरगी बांध के गेट इस साल पहली बार खोले जाने की तैयारी है। 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोलकर करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। 17 अगस्त की रात बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था जबकि पानी की आवक करीब 1620 क्यूमेक बताई गई।

    उमरिया में भी जोहिला डैम के दो गेट एक एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में नदी नालों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में परेशानी पैदा हो सकती है।

    हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण अभी भी एक समान नहीं है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में अब तक औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में बारिश की कमी 4 से 58 प्रतिशत तक बताई गई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। दूसरी तरफ अनूपपुर शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भिंड भोपाल बुरहानपुर देवास ग्वालियर खंडवा खरगोन राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी स्तर पर दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार 17 से 21 अगस्त के दौरान मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    ऐसे में अगले तीन दिन प्रदेश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जा सकती है। खासकर नदी नालों और जलाशयों के आसपास जाने से बचना जरूरी है क्योंकि लगातार बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

  • मौसम 17 अगस्त 2026: MP में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम 17 अगस्त 2026: MP में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    मध्य प्रदेश 17 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश में मानसून का असर एक बार फिर तेज दिखाई दे सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम अधिक सक्रिय रहने के संकेत हैं जहां 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 17 अगस्त को Very Heavy Rain का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद भी 18 और 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

    मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भी बारिश से राहत मिलने के संकेत हैं। IMD के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूरे मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त के दौरान कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश का दौर बने रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में 17 अगस्त को बारिश का असर केवल एक-दो जिलों तक सीमित रहने के बजाय राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकता है।

    राजधानी भोपाल की बात करें तो 17 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। स्थानीय पूर्वानुमान में सोमवार को बादल और बीच-बीच में बारिश की स्थिति बताई गई है। तापमान में भी बहुत ज्यादा बढ़ोतरी के संकेत नहीं हैं। ऐसे में राजधानी में मौसम सुहावना रहने के साथ कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है।

    इंदौर में भी 17 अगस्त को मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। IMD के शहर आधारित पूर्वानुमान के अनुसार इंदौर में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ऐसे में शहरवासियों को दिन के दौरान अचानक बारिश के लिए तैयार रहना होगा।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। IMD के चेतावनी बुलेटिन में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति का संकेत दिया गया है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की संभावना रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने तथा नदी नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी पर भी नजर रखना जरूरी होगा। ऐसे मौसम में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी जाती है।

    देश के स्तर पर भी 17 अगस्त को मानसून काफी सक्रिय रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार 15 से 21 अगस्त के बीच कई राज्यों में व्यापक बारिश की स्थिति बन सकती है। पूर्वी और मध्य भारत के अलावा देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसका असर सड़क और रेल यातायात के साथ स्थानीय जनजीवन पर पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर 17 अगस्त को मध्य प्रदेश में मौसम राहत और चुनौती दोनों लेकर आ सकता है। भोपाल और इंदौर में बादल और बारिश की संभावना है जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। तेज बारिश के दौरान बिजली चमकने और हवाओं की स्थिति को देखते हुए खुले मैदानों में जाने से बचना और पेड़ों के नीचे खड़े न होना बेहतर रहेगा। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

  • बारिश और बादलों का डबल अटैक शुक्रवार को कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    बारिश और बादलों का डबल अटैक शुक्रवार को कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर मध्य पूर्व और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है जबकि कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश से नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ रहा है वहीं कई शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में शुक्रवार को तेज बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

    मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है। भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर सिवनी मंडला छिंदवाड़ा रायसेन नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में कहीं कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

    उत्तर भारत में दिल्ली एनसीआर के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और पहाड़ी रास्तों पर फिसलन का खतरा बना रह सकता है इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल असम मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में भी गरज चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां मजबूत बनी रहेंगी। इसके चलते कई राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।

    विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाते समय सावधानी रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े न हों। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखना भी जरूरी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते बचाव किया जा सके।

  • पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को मानसून ने प्रदेश के सभी जिलों को कवर कर लिया जिसके साथ ही पूरे राज्य में बारिश का दौर तेज होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट घोषित किया गया है जबकि कई क्षेत्रों में जलभराव तेज बहाव और बिजली गिरने जैसी स्थितियों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

    इस वर्ष प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और नौ दिनों के भीतर पूरे मध्य प्रदेश में फैल गया। हालांकि सामान्य स्थिति में मानसून 15 जून तक प्रदेश में पहुंच जाता है इसलिए इस बार इसकी एंट्री करीब नौ दिन देर से हुई। इसके बावजूद अब मानसून तेजी से सक्रिय हो चुका है और अधिकांश जिलों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार हरदा नर्मदापुरम रायसेन छिंदवाड़ा पांढुर्णा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अगले चौबीस घंटों के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर देवास खंडवा बैतूल सागर मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है।

    बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून का असर साफ दिखाई दिया। इंदौर में तेज बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में पानी भर गया। एक थार वाहन तेज बहाव में नाले में गिर गया जिसमें पूरा परिवार सवार था। स्थानीय लोगों की सतर्कता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं इंदौर के अहीरखेड़ी काकड़ क्षेत्र में रपटा पार करते समय दो युवक तेज बहाव में बह गए। एक युवक को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि दूसरे की तलाश पुलिस और बचाव दल लगातार कर रहे हैं। महू में भी एक कार पानी के तेज बहाव में फंस गई जिसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि पांच जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तीन जुलाई को धार और बड़वानी में रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि चार जुलाई को खरगोन में भी अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदी नालों के किनारे रहने वाले लोगों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    हालांकि प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। एक जुलाई तक मध्य प्रदेश में लगभग चार इंच वर्षा हुई है जबकि सामान्य औसत इससे काफी अधिक रहता है। इसके बावजूद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई का महीना प्रदेश के लिए सबसे अधिक वर्षा वाला समय होता है और पूरे मानसून की लगभग चालीस प्रतिशत बारिश इसी महीने में होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है और इससे खेती के साथ जलाशयों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है।

  • पूर्वांचल से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ मानसून 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम हुआ सुहाना

    पूर्वांचल से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ मानसून 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम हुआ सुहाना


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। दक्षिण पश्चिम मानसून ने मंगलवार को पूर्वांचल के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर लिया। सोनभद्र और महराजगंज से शुरू हुई इसकी दस्तक के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं और बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई जबकि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के भीतर पूरे प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने का अनुमान जताया है।

    मानसून के प्रवेश के साथ ही प्रदेश के 20 से अधिक शहरों में बारिश का दौर शुरू हो गया। लखनऊ कानपुर नगर अयोध्या गोरखपुर बरेली देवरिया सीतापुर बहराइच पीलीभीत गोंडा रायबरेली ललितपुर चित्रकूट फर्रुखाबाद जौनपुर कानपुर देहात उन्नाव रामपुर और मुरादाबाद सहित कई जिलों में रुक रुककर बारिश दर्ज की गई। देवरिया और जौनपुर में अच्छी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे।

    मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 38 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से लगभग 10 दिन की देरी से उत्तर प्रदेश पहुंचा है। आमतौर पर 20 जून तक प्रदेश में मानसून प्रवेश कर जाता है लेकिन इस बार यह करीब 19 दिनों तक उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा के आसपास ही सक्रिय रहा। इसके बाद मानसून ने सोनभद्र कुशीनगर महराजगंज सिद्धार्थनगर बलरामपुर श्रावस्ती और तराई क्षेत्रों से प्रदेश में प्रवेश किया।

    पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहा। लखनऊ समेत करीब 15 शहरों में बारिश दर्ज की गई जबकि आगरा सबसे गर्म शहर रहा जहां अधिकतम तापमान 42 दशमलव 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज हुई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी चपेट में ले लेगा। इसके साथ ही कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जिससे खेती किसानी को भी बड़ा फायदा मिलेगा। धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • आज 4 जून को बदलेगा मौसम का मिजाज, 12 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट, 90 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं

    आज 4 जून को बदलेगा मौसम का मिजाज, 12 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट, 90 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं

    नई दिल्ली । देशभर में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने आज  4 जून को कई राज्यों में मौसम के बड़े बदलाव की संभावना जताई है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक विभिन्न क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इसके चलते कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के अनुकूल बनने से उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। राजधानी क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे लंबे समय से जारी गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे लू जैसी परिस्थितियों में कमी आएगी।

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए खुले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

    पंजाब और हरियाणा में मौसम विभाग ने विशेष निगरानी रखते हुए कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। हाल के दिनों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन अब मौसम के बदलते रुख के कारण लोगों को राहत मिलने की संभावना है। कृषि क्षेत्र के लिए भी यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और तापमान नियंत्रित रहेगा।

    उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी आशंका व्यक्त की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है क्योंकि खराब मौसम के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है।

    दक्षिण भारत में भी मौसम की गतिविधियां तेज हो रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल तट पर पहुंचने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मानसून की प्रगति के साथ तटीय क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे यह देश के अन्य हिस्सों की ओर आगे बढ़ेगा। केरल और कर्नाटक के कई इलाकों में पहले से ही वर्षा का दौर जारी है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है।

    महाराष्ट्र, कोंकण क्षेत्र और गोवा में भी मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र सहित आसपास के शहरों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस में कमी महसूस होगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जून के दूसरे सप्ताह तक पश्चिमी तट के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा और अधिक बढ़ सकता है।

    देशभर में बदलते मौसम के बीच मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। आगामी कुछ दिन कई राज्यों के लिए राहत भरे तो कुछ क्षेत्रों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देना आवश्यक होगा।