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  • पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को मानसून ने प्रदेश के सभी जिलों को कवर कर लिया जिसके साथ ही पूरे राज्य में बारिश का दौर तेज होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट घोषित किया गया है जबकि कई क्षेत्रों में जलभराव तेज बहाव और बिजली गिरने जैसी स्थितियों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

    इस वर्ष प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और नौ दिनों के भीतर पूरे मध्य प्रदेश में फैल गया। हालांकि सामान्य स्थिति में मानसून 15 जून तक प्रदेश में पहुंच जाता है इसलिए इस बार इसकी एंट्री करीब नौ दिन देर से हुई। इसके बावजूद अब मानसून तेजी से सक्रिय हो चुका है और अधिकांश जिलों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार हरदा नर्मदापुरम रायसेन छिंदवाड़ा पांढुर्णा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अगले चौबीस घंटों के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर देवास खंडवा बैतूल सागर मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है।

    बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून का असर साफ दिखाई दिया। इंदौर में तेज बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में पानी भर गया। एक थार वाहन तेज बहाव में नाले में गिर गया जिसमें पूरा परिवार सवार था। स्थानीय लोगों की सतर्कता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं इंदौर के अहीरखेड़ी काकड़ क्षेत्र में रपटा पार करते समय दो युवक तेज बहाव में बह गए। एक युवक को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि दूसरे की तलाश पुलिस और बचाव दल लगातार कर रहे हैं। महू में भी एक कार पानी के तेज बहाव में फंस गई जिसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि पांच जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तीन जुलाई को धार और बड़वानी में रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि चार जुलाई को खरगोन में भी अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदी नालों के किनारे रहने वाले लोगों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    हालांकि प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। एक जुलाई तक मध्य प्रदेश में लगभग चार इंच वर्षा हुई है जबकि सामान्य औसत इससे काफी अधिक रहता है। इसके बावजूद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई का महीना प्रदेश के लिए सबसे अधिक वर्षा वाला समय होता है और पूरे मानसून की लगभग चालीस प्रतिशत बारिश इसी महीने में होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है और इससे खेती के साथ जलाशयों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है।

  • पूर्वांचल से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ मानसून 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम हुआ सुहाना

    पूर्वांचल से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ मानसून 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम हुआ सुहाना


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। दक्षिण पश्चिम मानसून ने मंगलवार को पूर्वांचल के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर लिया। सोनभद्र और महराजगंज से शुरू हुई इसकी दस्तक के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं और बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई जबकि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के भीतर पूरे प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने का अनुमान जताया है।

    मानसून के प्रवेश के साथ ही प्रदेश के 20 से अधिक शहरों में बारिश का दौर शुरू हो गया। लखनऊ कानपुर नगर अयोध्या गोरखपुर बरेली देवरिया सीतापुर बहराइच पीलीभीत गोंडा रायबरेली ललितपुर चित्रकूट फर्रुखाबाद जौनपुर कानपुर देहात उन्नाव रामपुर और मुरादाबाद सहित कई जिलों में रुक रुककर बारिश दर्ज की गई। देवरिया और जौनपुर में अच्छी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे।

    मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 38 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से लगभग 10 दिन की देरी से उत्तर प्रदेश पहुंचा है। आमतौर पर 20 जून तक प्रदेश में मानसून प्रवेश कर जाता है लेकिन इस बार यह करीब 19 दिनों तक उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा के आसपास ही सक्रिय रहा। इसके बाद मानसून ने सोनभद्र कुशीनगर महराजगंज सिद्धार्थनगर बलरामपुर श्रावस्ती और तराई क्षेत्रों से प्रदेश में प्रवेश किया।

    पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहा। लखनऊ समेत करीब 15 शहरों में बारिश दर्ज की गई जबकि आगरा सबसे गर्म शहर रहा जहां अधिकतम तापमान 42 दशमलव 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज हुई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी चपेट में ले लेगा। इसके साथ ही कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जिससे खेती किसानी को भी बड़ा फायदा मिलेगा। धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • आज 4 जून को बदलेगा मौसम का मिजाज, 12 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट, 90 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं

    आज 4 जून को बदलेगा मौसम का मिजाज, 12 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट, 90 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं

    नई दिल्ली । देशभर में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने आज  4 जून को कई राज्यों में मौसम के बड़े बदलाव की संभावना जताई है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक विभिन्न क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इसके चलते कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के अनुकूल बनने से उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। राजधानी क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे लंबे समय से जारी गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे लू जैसी परिस्थितियों में कमी आएगी।

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए खुले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

    पंजाब और हरियाणा में मौसम विभाग ने विशेष निगरानी रखते हुए कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। हाल के दिनों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन अब मौसम के बदलते रुख के कारण लोगों को राहत मिलने की संभावना है। कृषि क्षेत्र के लिए भी यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और तापमान नियंत्रित रहेगा।

    उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी आशंका व्यक्त की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है क्योंकि खराब मौसम के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है।

    दक्षिण भारत में भी मौसम की गतिविधियां तेज हो रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल तट पर पहुंचने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मानसून की प्रगति के साथ तटीय क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे यह देश के अन्य हिस्सों की ओर आगे बढ़ेगा। केरल और कर्नाटक के कई इलाकों में पहले से ही वर्षा का दौर जारी है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है।

    महाराष्ट्र, कोंकण क्षेत्र और गोवा में भी मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र सहित आसपास के शहरों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस में कमी महसूस होगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जून के दूसरे सप्ताह तक पश्चिमी तट के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा और अधिक बढ़ सकता है।

    देशभर में बदलते मौसम के बीच मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। आगामी कुछ दिन कई राज्यों के लिए राहत भरे तो कुछ क्षेत्रों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देना आवश्यक होगा।