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  • इमरान खान को भारत छोड़ने के नोटिस पर बड़ा मोड़, एक्टर ने हाई कोर्ट में उठाए सवाल, बोले बिना पक्ष सुने जारी हुआ आदेश

    इमरान खान को भारत छोड़ने के नोटिस पर बड़ा मोड़, एक्टर ने हाई कोर्ट में उठाए सवाल, बोले बिना पक्ष सुने जारी हुआ आदेश


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मुंबई पुलिस और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय यानी FRRO की ओर से जारी नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने इस आदेश को चुनौती देते हुए शनिवार को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। उनका कहना है कि नोटिस जारी करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है और याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

    इमरान खान ने अपने वकील जुल्फिकार मेमन के माध्यम से अदालत में याचिका दायर की है। इसमें भारत छोड़ने के नोटिस को अवैध अनुचित और कठोर बताते हुए उसे कानून की कसौटी पर गलत ठहराया गया है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि मौजूदा कानूनों और वैधानिक नियमों में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है जो भारत के प्रवासी नागरिक यानी OCI कार्डधारक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से रोकता हो। अभिनेता का पक्ष है कि किसी कार्रवाई से पहले उन्हें अपनी बात रखने का उचित मौका दिया जाना चाहिए था। अब अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस याचिका का उल्लेख तत्काल सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ के सामने किया जा सकता है। हालांकि सुनवाई और अदालत के आदेश को लेकर आगे की स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। फिलहाल अभिनेता ने नोटिस को चुनौती देकर अपने कानूनी अधिकारों के आधार पर राहत पाने की कोशिश की है।

    यह पूरा मामला मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस यानी CJP प्रोटेस्ट से जुड़ा है। इस प्रदर्शन का आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी ने किया था। इमरान खान भी इसमें शामिल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार इमरान के पास भारतीय नागरिकता नहीं है और वे अमेरिकी नागरिक हैं। उनके पास OCI कार्ड है। प्रदर्शन में शामिल होने के बाद विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों और इमिग्रेशन कानूनों के कथित उल्लंघन का आरोप सामने आया। इसके बाद मुंबई पुलिस और FRRO की ओर से उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई।

    प्रदर्शन में शामिल होने के अपने फैसले पर इमरान खान ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह एक शहर के नागरिक के तौर पर वहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि उनकी कोई विशेष मांग नहीं है बल्कि वह यह समझना चाहते हैं कि लोगों की आवाज और स्वतंत्र रूप से आने जाने की आजादी पर रोक क्यों लगाई जा रही है। इस प्रदर्शन में उनकी गर्लफ्रेंड लेखा वाशिंगटन उनकी मां नुसरत और भांजी जायन भी शामिल हुई थीं।

    इमरान खान की पेशेवर जिंदगी की बात करें तो वह लंबे समय से फिल्मों में सक्रिय भूमिका से दूर रहे हैं। उनकी फिल्म कट्टी बट्टी साल 2015 में रिलीज हुई थी जिसमें उनके साथ कंगना रनौत मुख्य भूमिका में थीं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास सफलता हासिल नहीं कर सकी थी। इसके बाद इमरान इसी साल रिलीज हुई फिल्म हैप्पी पटेल खतरनाक जासूस में विशेष भूमिका में नजर आए। अब भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ उनकी कानूनी लड़ाई चर्चा में है। आने वाले दिनों में हाई कोर्ट की सुनवाई इस मामले की दिशा तय करने में अहम हो सकती है।

  • इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस, बॉम्बे हाई कोर्ट जाएंगे अभिनेता

    इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस, बॉम्बे हाई कोर्ट जाएंगे अभिनेता


    मुंबई। अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस की ओर से 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के खिलाफ अभिनेता के वकील ने बॉम्बे हाई कोर्ट जाने की बात कही है। उनका तर्क है कि ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारकों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

    ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में हुए थे शामिल

    जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी पासपोर्ट रखने वाले इमरान खान पिछले सप्ताह मुंबई के क्रांति मैदान में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। इस दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान खान को अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में लिया था।

    रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता के खिलाफ आव्रजन अधिनियम की धारा 29 और 7 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोप है कि भारतीय नागरिक नहीं होने के बावजूद उन्होंने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। हालांकि, इस मामले में अभिनेता के पक्ष की ओर से कानूनी चुनौती देने की तैयारी की जा रही है।

    हिरासत के बाद सोशल मीडिया पर साझा की थी तस्वीर

    हिरासत में लिए जाने के बाद इमरान खान ने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा की थी। इसके साथ उन्होंने लिखा था कि वह ड्राइव पर जा रहे हैं। मीडिया से बातचीत में अभिनेता ने कहा था कि वह मुंबई के निवासी के तौर पर प्रदर्शन में शामिल हुए थे और उनकी कोई विशेष मांग नहीं थी।

    इमरान ने कहा था कि वह यह समझने के लिए वहां पहुंचे थे कि लोगों की आवाज और उनकी स्वतंत्र आवाजाही पर रोक क्यों लगाई जा रही है। उन्होंने खुद को शहर में रहने वाले एक नागरिक के रूप में पेश करते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह बताई थी।

    अभिजीत दिपके ने भी उठाए सवाल

    इमरान खान को नोटिस दिए जाने पर सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी नागरिक मैरी मिलबन का उदाहरण दिया और सवाल उठाया कि जब वह भाजपा के समर्थन में अपनी बात रख सकती हैं, तो ओसीआई कार्डधारक इमरान खान को भाजपा के खिलाफ बोलने से क्यों रोका जा रहा है।

    लेखा वाशिंगटन और परिवार के सदस्य भी हिरासत में लिए गए

    प्रदर्शन के दौरान इमरान खान के साथ उनकी गर्लफ्रेंड लेखा वाशिंगटन, उनकी मां नुसरत और भतीजी जैन (मैरी) भी मौजूद थीं। खबर के मुताबिक, इन सभी को करीब 400 अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया गया था।

    इसी बीच जैन ने एक वीडियो जारी कर पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने हिरासत के दौरान लगी चोटों के निशान भी दिखाए थे। ये आरोप जैन की ओर से लगाए गए थे।

    फिल्मों से लंबे समय से दूर हैं इमरान

    इमरान खान की फिल्मी पारी की बात करें तो वह वर्ष 2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ में नजर आए थे। इसके बाद वर्ष 2026 में रिलीज हुई फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ में उन्होंने विशेष भूमिका निभाई।

  • ‘इमरान खान विदेशी हैं, देश से बाहर निकालो’, CJP के प्रदर्शन में शामिल होने पर भाजपा नेता की मांग

    ‘इमरान खान विदेशी हैं, देश से बाहर निकालो’, CJP के प्रदर्शन में शामिल होने पर भाजपा नेता की मांग


    मुंबई।
    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान विवादों में घिर गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस से अभिनेता के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें देश से निर्वासित करने की मांग की है। सोमैया का आरोप है कि इमरान खान विदेशी नागरिक हैं और उन्हें भारत में राजनीतिक प्रदर्शनों में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है।

    मुंबई पुलिस को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग

    किरीट सोमैया ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर मनोज कुमार शर्मा को पत्र लिखा है। सोमैया ने अपने पत्र की प्रति भी सोशल मीडिया पर साझा की।

    पत्र में भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि विदेशी नागरिक होने के कारण इमरान खान को भारतीय नागरिकों के समान राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं हैं। उन्होंने अभिनेता के राजनीतिक आंदोलन में शामिल होने को गैरकानूनी बताते हुए पुलिस से कार्रवाई करने की मांग की। अपनी एक अन्य पोस्ट में सोमैया ने अभिनेता को तत्काल देश से बाहर निकालने की मांग भी की।

    अगस्त क्रांति मैदान से हिरासत में लिए गए थे इमरान खान

    यह विवाद 10 अक्टूबर को उस समय सामने आया, जब मुंबई पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान से अभिनेता इमरान खान को हिरासत में लिया। यहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था।

    हिरासत में लिए जाने के बाद अभिनेता ने पुलिस वैन के अंदर से एक सेल्फी इंस्टाग्राम पर साझा की थी। इसके साथ उन्होंने लिखा, “ऐसा लगता है कि मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।”

    इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें इमरान खान पुलिस अधिकारियों से सवाल करते दिखाई दिए। वीडियो में उन्होंने पूछा, “मैंने क्या किया है? मेरे साथ धक्का-मुक्की क्यों की जा रही है?”

    ‘मैं एक नागरिक के तौर पर अपनी आवाज उठाने आया था’

    हिरासत की घटना के बाद शनिवार को मीडिया से बातचीत में इमरान खान ने अपने प्रदर्शन में शामिल होने की वजह बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी विशेष मांग को लेकर वहां नहीं पहुंचे थे, बल्कि एक नागरिक के तौर पर अपनी आवाज उठाने आए थे।

    अभिनेता ने कहा, “मेरी कोई मांग नहीं है। मैं यहां एक नागरिक के रूप में, इस शहर में रहने वाले व्यक्ति के रूप में आया हूं। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा है और लोगों की आवाज क्यों दबाई जा रही है।”

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी संगठन या राजनीतिक पार्टी का हिस्सा बनकर प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे।

    400 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने का दावा

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, अगस्त क्रांति मैदान में CJP के समर्थन में बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।

    पुलिस ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार विरोध प्रदर्शन के लिए आजाद मैदान निर्धारित था। इसी वजह से अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती थी।

    इस कार्रवाई के दौरान महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी को भी हिरासत में लिया गया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

    इमरान खान के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद अब मामला राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। जहां अभिनेता ने इसे एक नागरिक के तौर पर अपनी आवाज उठाने का मामला बताया है, वहीं किरीट सोमैया ने उनकी नागरिकता और राजनीतिक प्रदर्शन में भागीदारी को लेकर सवाल उठाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

  • इमरान खान की बहनों की हिरासत पर बेटे कासिम का गंभीर आरोप, परिवार और वकीलों को नहीं मिल रही जानकारी

    इमरान खान की बहनों की हिरासत पर बेटे कासिम का गंभीर आरोप, परिवार और वकीलों को नहीं मिल रही जानकारी

    नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान के बेटे कासिम खान ने अपनी तीन मौसियों की हिरासत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कासिम का कहना है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी मौसियों अलीमा खान, नोरीन नियाजी और उजमा खान को अगवा कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार और वकीलों को अब तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि तीनों महिलाएं किस स्थिति में हैं, उन्हें कहां रखा गया है और उनकी हिरासत की वजह क्या है। कासिम ने अपने बयान में पिता इमरान खान की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि छह महीने से अधिक समय से उनका और उनके भाई का पिता से कोई संपर्क नहीं हुआ है। ऐसे में उन्हें इमरान खान की सेहत के बारे में भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।

    कासिम खान के अनुसार, उनकी मौसियों की स्थिति को लेकर परिवार अनिश्चितता का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि न तो रिश्तेदारों को उनकी हालत के बारे में बताया जा रहा है और न ही कानूनी प्रतिनिधियों को उनसे मिलने की जानकारी या अनुमति मिल रही है। कासिम ने अपने बयान में इमरान खान की हिरासत पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पाकिस्तान में हजारों लोग शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर इमरान खान की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता को गैरकानूनी और राजनीतिक कारणों से जेल में रखा गया है। कासिम ने कहा कि लोगों की न्याय की मांग और लोकतांत्रिक अधिकारों को किसी भी प्रकार की रुकावट, धमकी या दबाव से नहीं दबाया जा सकता। उनके मुताबिक, जब तक लोगों की लोकतांत्रिक इच्छा का सम्मान नहीं होगा और उनका चुना हुआ नेता जेल में रहेगा, तब तक देश में स्थायी शांति और स्थिरता स्थापित करना मुश्किल होगा।

    इमरान खान की तीनों बहनों को पिछले महीने 30 दिनों की निवारक हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई पीटीआई की ओर से 27 सितंबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और इस्लामाबाद तक मार्च की तैयारी के दौरान हुई। पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए इमरान खान की सेहत के बारे में जानकारी देने और उन्हें अदियाला जेल से रिहा करने की मांग उठा रही थी। इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। पीटीआई ने अपने समर्थकों से देशभर में प्रदर्शन करने और संविधान की सर्वोच्चता के लिए एकजुट होने का आह्वान किया था। पार्टी की मांगों में इमरान खान की रिहाई भी प्रमुख रही है। हिरासत की कार्रवाई के बाद से उनकी बहनों की स्थिति और परिवार से संपर्क को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    इस मामले में परिवार की ओर से लाहौर हाई कोर्ट में पहले से लंबित याचिका के तहत दो अलग-अलग सिविल आवेदन भी दायर किए गए हैं। इन आवेदनों में अलीमा खान के बेटे शाह रेज खान और नोरीन नियाजी की बेटी सकीना नियाजी की ओर से तीनों महिलाओं से मुलाकात पर रोक और दवाइयों तक पहुंच नहीं दिए जाने को चुनौती दी गई है। परिवार का आरोप है कि हिरासत में रखी गई महिलाओं से न रिश्तेदारों को मिलने दिया जा रहा है और न ही उनके वकीलों को संपर्क करने की अनुमति मिल रही है। आवेदनों में कहा गया है कि महिलाओं को दवाइयां केवल एक बार उपलब्ध कराई गईं और इसके बाद किसी को उनसे मिलने नहीं दिया गया। परिवार ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताते हुए अदालत से अनुरोध किया है कि वकीलों और परिजनों को मुलाकात करने तथा जरूरी दवाइयां पहुंचाने की अनुमति दी जाए।

    इससे पहले 24 सितंबर को लाहौर हाई कोर्ट ने इमरान खान की बहनों की निवारक हिरासत से संबंधित आदेश को तत्काल निलंबित करने की मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद भी परिवार की ओर से मुलाकात और दवाइयों की उपलब्धता को लेकर कानूनी राहत मांगी गई है। कासिम खान का ताजा बयान ऐसे समय आया है, जब परिवार इमरान खान से संपर्क नहीं होने और उनकी बहनों की हिरासत को लेकर चिंता जता रहा है। फिलहाल परिवार की प्रमुख मांग तीनों महिलाओं की स्थिति की जानकारी, उनसे मुलाकात की अनुमति और जरूरी दवाइयों तक पहुंच सुनिश्चित कराने की है।

  • इमरान खान की रिहाई की मांग…. 27 सितंबर को PTI का बड़ा आंदोलन… 20 हजार कंटेनरों से इस्लामाबाद सील

    इमरान खान की रिहाई की मांग…. 27 सितंबर को PTI का बड़ा आंदोलन… 20 हजार कंटेनरों से इस्लामाबाद सील


    इस्लामाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) में एक अजीब सा खौफ साया है। आलम ये है कि राजधानी को कम से कम 20,000 शिपिंग कंटेनरों (Shipping Containers) से घेर दिया गया है। इतना ही नहीं, इन कंटेनरों को वेल्डिंग करके आपस में जोड़ा गया है और उन पर बाहर की तरफ नुकीले धातु (Sharp metal) के कांटे लगाए गए हैं। पाक मीडिया की खबरों के मुताबिक, शहबाज शरीफ सरकार (Shehbaz Sharif Government) और उनका प्रशासन घबराया हुआ है। अस्पतालों में जगह बनाई जा रही है और अतिरिक्त ब्लड बैग तैयार रखे जा रहे हैं।

    दरअसल, जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ता और समर्थक 27 सितंबर को राजधानी में विरोध-प्रदर्शन और मार्च करने वाले हैं। इस मार्च को जमात-ए-इस्लामी और किसान संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। लिहाजा, प्रशासन ने PTI के इस प्रस्तावित मार्च और विरोध प्रदर्शन से पहले राजधानी इस्लामाबाद में प्रवेश करने वाली प्रमुख सड़कों को बंद करना शुरू कर दिया है।


    अस्पतालों को क्या-क्या निर्देश?

    पाक मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद के अस्पतालों को संभावित मानवीय संकट और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की घटना से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों में गैर-जरूरी सर्जरी टाली जा रही हैं और स्थिर हालत वाले मरीजों को छुट्टी दी जा रही है ताकि घायलों के आने पर जगह मिल सके। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के अनुसार, इस्लामाबाद के अस्पतालों से कहा गया है कि वे कम से कम 100 बैग ब्लड रिजर्व रखें और सभी एम्बुलेंस और उनके ड्राइवरों को चालू हालत में और आपात स्थिति के लिए तैयार रखें।


    दो प्रांतों से बुलाए गए 20,000 पुलिसकर्मी

    राजधानी में सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए 27 सितंबर के मार्च से पहले पंजाब और सिंध प्रांत से 20,000 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों को इस्लामाबाद बुलाया जा रहा है। बीबीसी उर्दू की बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब सरकार ने रावलपिंडी, अटक, झेलम और मियांवाली में संघीय अर्धसैनिक बल ‘पाकिस्तान रेंजर्स’ को बुलाया है। यह लामबंदी ऐसे समय में हो रही है जब जमात-ए-इस्लामी ने ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया है और PTI के मार्च का समर्थन किया है। किसानों ने भी इमरान खान के समर्थकों के साथ मिलकर राजधानी की ओर मार्च करने की योजना की घोषणा की है। कम से कम दो ऐसे संगठन – ‘किसान इत्तेहाद पाकिस्तान’ और PTI का किसान विंग – विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं।


    ऐसा लग रहा कि किसी हमले की तैयारी हो रही है

    अल जज़ीरा के पाकिस्तान संवाददाता कमाल हैदर के अनुसार, कई पाकिस्तानियों का मानना ​​है कि शहबाज शरीफ सरकार इससे घबरा गई है क्योंकि उसे पक्का नहीं पता कि इस्लामाबाद में इकट्ठा होने वाले विरोध प्रदर्शन कितने बड़े हो सकते हैं। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ ने 22 सितंबर के एक संपादकीय में कहा, “जिस रफ़्तार से कंटेनर लगाए जा रहे हैं, खाइयां खोदी जा रही हैं और अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए जा रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि सरकार किसी राजनीतिक कार्यक्रम की नहीं, बल्कि किसी हमले की तैयारी कर रही है।”


    PTI का मार्च

    बता दें कि PTI का 27 सितंबर का मार्च इमरान खान की जेल से रिहाई की मांग के लिए बुलाया गया है। खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और अभी अल-कादिर ट्रस्ट जमीन भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा काट रहे हैं। यह उन 100 से ज्यादा मामलों में से एक है जो 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद उन पर दर्ज किए गए थे। खान की रिहाई के अलावा, PTI ने पाकिस्तान में संवैधानिक अधिकारों और कानून के शासन को लेकर चिंता जताई है। वहां आसिम मुनीर ने बेमिसाल ताकतें हासिल कर ली हैं, जिसमें तीनों सशस्त्र बलों की कमान और जीवन भर के लिए कानूनी छूट शामिल है, जिससे वे असल में पाकिस्तान के शासक बन गए हैं।

    इस बीच, इस्लामाबाद पुलिस ने बुधवार को बताया कि इस्लामाबाद-पेशावर मोटरवे, इस्लामाबाद-डेरा इस्माइल खान मोटरवे और ग्रैंड ट्रंक रोड को बुधवार शाम से कई स्थानों पर बंद किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से यात्रा की योजना उसी के अनुरूप बनाने का आग्रह किया है। पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया के अनुसार, सड़क बंदी अनिश्चितकालीन है और इसका उद्देश्य खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों को 27 सितंबर को राजधानी में मार्च करने से रोकना है। खान की सेहत, विशेषकर उनकी दायीं आंख की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। उनकी आंख के उपचार के लिए कई महीनों से विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता बताई गई है। पीटीआई ने उनकी रिहाई के लिए अभियान तेज किया है।


    दूर-दूर से आएंगे खान के समर्थक

    प्रस्तावित मार्च में लोगों के पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची से करीब 1,150 किलोमीटर और लाहौर से करीब 270 किलोमीटर की दूरी तय कर इस्लामाबाद पहुंचने की योजना है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अधिकारियों ने राजधानी और उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा से आने वाले प्रमुख मार्ग अटक पुल पर करीब 2,000 मालवाहक कंटेनर तैनात किए हैं। खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब के बीच एक अन्य महत्वपूर्ण मार्ग हारून पुल पर भी कंटेनर और रेत की बोरियां रखी गई हैं। अटक जिले में करीब 30,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।

  • इमरान खान की तीनों बहनें हिरासत में, PTI के इस्लामाबाद मार्च से पहले पाकिस्तान में बढ़ा सियासी तनाव

    इमरान खान की तीनों बहनें हिरासत में, PTI के इस्लामाबाद मार्च से पहले पाकिस्तान में बढ़ा सियासी तनाव


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तीनों बहनों को हिरासत में लिए जाने के बाद देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उज्मा खान और नूरीन नियाजी को सोमवार को हिरासत में लिया गया, जबकि इससे एक दिन पहले उनकी तीसरी बहन अलीमा खान को 30 दिन की हिरासत में लिया गया था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई लाहौर के डिप्टी कमिश्नर के आदेश पर की गई है।

    यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर मार्च और प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है।

    सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बताकर कार्रवाई

    रिपोर्ट के मुताबिक, उज्मा खान और नूरीन नियाजी के खिलाफ पंजाब मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस, 1960 के तहत कार्रवाई की गई है। आदेश में उनकी गतिविधियों को सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से नुकसानदेह बताया गया है।

    दोनों को कोट लखपत सेंट्रल जेल के अधीक्षक की निगरानी में रखे जाने की बात कही गई है। इससे पहले रविवार को PTI के अध्यक्ष गोहर अली खान ने अलीमा खान को हिरासत में लिए जाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे हालात बिगाड़ने की दिशा में उठाया गया कदम बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की थी।

    बेटे ने कहा- सभी मामलों में जमानत मिली हुई है

    अलीमा खान को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके बेटे शाहरेज खान ने आरोप लगाया कि रविवार सुबह घर से निकलने के बाद उनकी मां को हिरासत में ले लिया गया। शाहरेज के मुताबिक, लाहौर में अलीमा खान के खिलाफ चल रहे सभी मामलों में उन्हें जमानत मिली हुई है।

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अधिकारियों से अलीमा खान की लोकेशन सार्वजनिक करने और उनकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की।

    पाकिस्तान के अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, लाहौर के डिप्टी कमिश्नर ने अलीमा खान के ड्राइवर मुहम्मद आमिर को भी 30 दिनों के लिए हिरासत में लेने का आदेश दिया था।

    इमरान के बेटे कासिम ने भी लगाए आरोप

    इमरान खान के बेटे कासिम खान ने भी दावा किया कि पुलिस ने उनकी बुआ अलीमा खान को लाहौर में हिरासत में लिया है। उन्होंने अधिकारियों से अलीमा खान के परिवार और वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति देने तथा उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।

    कासिम ने एक्स पर आरोप लगाया कि परिवार को यह जानकारी नहीं दी गई कि अलीमा खान को कहां रखा गया है और परिवार तथा वकील उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले उनके पिता को जेल भेजा गया और अब उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।

    तीनों बहनों की हिरासत और PTI के प्रस्तावित 27 सितंबर के इस्लामाबाद मार्च से पहले हुई कार्रवाई ने पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

  • ‘जेल में इमरान खान को किया जा रहा टॉर्चर…’, बहन उज्मा का दावा, हालत को लेकर जताई चिंता

    ‘जेल में इमरान खान को किया जा रहा टॉर्चर…’, बहन उज्मा का दावा, हालत को लेकर जताई चिंता


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में सेहत और उनके साथ कथित व्यवहार को लेकर उनकी बहन उज्मा खान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उज्मा का दावा है कि इमरान ने उनसे मुलाकात के दौरान कहा कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और उन्हें जेल में कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।

    उज्मा के मुताबिक, इमरान ने उनसे कहा कि “मेरे साथ अन्याय हुआ है। मुझे बहुत बुरी तरह टॉर्चर किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि एक डॉक्टर ने इमरान से मुलाकात की और कहा कि लंबे समय से लोगों से संपर्क न होने के कारण उनकी तबीयत प्रभावित हो रही है।

    10 महीने से टीवी और पढ़ने का सामान नहीं
    उज्मा खान ने दावा किया कि इमरान खान के पास पिछले करीब 10 महीनों से पढ़ने के लिए कोई सामग्री या टीवी तक नहीं है। उनके मुताबिक, लंबे समय तक बाहरी दुनिया से संपर्क सीमित रहने का असर उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पर पड़ रहा है।

    उन्होंने इमरान की आंखों की समस्या को लेकर भी जानकारी दी। उज्मा के अनुसार, इमरान ने उन्हें आंख में बचे हेमरेज का हल्का निशान दिखाया। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि इंजेक्शन से स्थिति में सुधार होगा और एहतियात के तौर पर आगे भी फॉलो-अप इंजेक्शन देने पड़ सकते हैं। उज्मा ने कहा कि इमरान की नजर में पहले की तुलना में सुधार हुआ है, लेकिन वह अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है।

    अस्पताल से जांच के बाद फिर जेल भेजे गए इमरान
    21 अगस्त को इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद उनकी बहनों नोरिन नियाजी और उज्मा खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनकी स्थिति को लेकर जानकारी दी। रिपोर्टों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान को गुरुवार देर रात अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने मेडिकल जांच के बाद उन्हें फिट बताया, जिसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उन्हें दोबारा अदियाला जेल भेज दिया गया।

    सरकार ने क्या कहा?
    पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इमरान खान को 20 और 21 अगस्त की रात सुरक्षा व्यवस्था के बीच अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी मेडिकल जांच की। इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में गिरफ्तार किया गया था। अब उनकी बहन के आरोपों के बाद जेल में उनकी स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद फिर तेज होने के संकेत हैं।

  • जेमिमा गोल्डस्मिथ फिर सुर्खियों में अरबपति फाइनेंसर कैमरन ओ’राइली से सगाई की खबर, जानें पूरी कहानी

    जेमिमा गोल्डस्मिथ फिर सुर्खियों में अरबपति फाइनेंसर कैमरन ओ’राइली से सगाई की खबर, जानें पूरी कहानी


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी और ब्रिटिश लेखिका जेमिमा गोल्डस्मिथ एक बार फिर चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेमिमा ने अरबपति फाइनेंसर कैमरन ओ’राइली से सगाई कर ली है और दोनों जल्द शादी कर सकते हैं।हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस खबर को लेकर काफी चर्चा है।

    एक साल से चल रहा था रिश्ता
    रिपोर्ट्स के अनुसार, जेमिमा और कैमरन ओ’राइली पिछले लगभग एक साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे।दोनों की मुलाकात काम के सिलसिले में हुई थी, जहां कैमरन फिल्म और डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़े थे। धीरे-धीरे यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर निजी संबंधों में बदल गया।बताया जा रहा है कि दोनों अपना समय स्विट्जरलैंड और लंदन के बीच बिताते हैं।

    कौन हैं कैमरन ओ’राइली?
    जेमिमा के होने वाले पति कैमरन ओ’राइली एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक और फाइनेंसर हैं।
    उनके बारे में प्रमुख बातें
    आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई मूल के फाइनेंसर
    प्रसिद्ध मीडिया टाइकून सर एंथनी ओ’राइली के बेटे
    ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त
    लंबे समय तक मीडिया कंपनी Independent News and Media में काम
    2003 में उन्होंने Bayard Capital नाम से प्राइवेट इक्विटी फर्म शुरू की
    कैमरन को वैश्विक निवेश और मीडिया क्षेत्र में मजबूत पहचान मिली हुई है।

    इमरान खान से जेमिमा का पुराना रिश्ता
    जेमिमा गोल्डस्मिथ, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पहली पत्नी रह चुकी हैं।
    दोनों की शादी 1995 में हुई थी
    शादी लगभग 9 साल तक चली
    2004 में दोनों का तलाक हो गया
    इस शादी से उनके दो बेटे हैं — कासिम और सुलेमान

    इमरान खान की मौजूदा स्थिति
    इमरान खान फिलहाल पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। उन पर भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में सजा सुनाई गई है।2023 से वे जेल में हैंरावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैंसमर्थकों का दावा है कि उनके साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा हैइमरान खान इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हैं

    जेमिमा की सक्रिय भूमिका
    रिपोर्ट्स के अनुसार, जेमिमा अपने पूर्व पति इमरान खान के मानवाधिकार और कानूनी मामलों को लेकर भी सक्रिय रहती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी स्थिति को लेकर आवाज उठाती रही हैं।जेमिमा गोल्डस्मिथ की सगाई की खबर ने एक बार फिर उन्हें अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। एक ओर जहां उनका निजी जीवन नया मोड़ ले रहा है, वहीं दूसरी ओर उनका पुराना रिश्ता और पाकिस्तान की राजनीति भी चर्चा में बनी हुई है।

  • इमरान खान ने मांगी मानवीय आधार पर रिहाई, एकांत कारावास और आंखों की गंभीर समस्या को बताई वजह

    इमरान खान ने मांगी मानवीय आधार पर रिहाई, एकांत कारावास और आंखों की गंभीर समस्या को बताई वजह

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में मानवीय आधार पर रिहाई की अपील की है। उन्होंने अपने वकील के जरिए अदालत को बताया कि उन्हें लंबे समय से एकांत कारावास में रखा गया है और उनकी आंखों में गंभीर संक्रमण की समस्या बनी हुई है।

    यह याचिका इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की ओर से 190 मिलियन पाउंड भ्रष्टाचार मामले में दी गई सजा के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई के दौरान पेश की गई। इस मामले में पिछले वर्ष जनवरी में जवाबदेही अदालत ने इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) द्वारा दर्ज किया गया था।

    सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील सलमान सफदर ने सजा निलंबित करने की मांग की। उन्होंने अदालत में कहा कि मामला 16 महीनों से लंबित है और अब तक 17 से अधिक सुनवाई हो चुकी हैं। वकील ने दावा किया कि इमरान खान की आंखों की स्थिति गंभीर है और उनकी दृष्टि काफी कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, “उनकी आंखों की रोशनी लगभग 15% रह गई है और 85% तक नुकसान हो चुका है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह नुकसान स्थायी हो सकता है।

    सफदर ने अदालत को बताया कि इमरान खान को एकांत कारावास में रखा गया है, जिस पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जेल में उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और कई बार उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा है। वकील ने यह भी आग्रह किया कि जेल अधिकारियों और संबंधित चिकित्सा रिकॉर्ड को अदालत में पेश किया जाए, ताकि उनकी स्थिति की सही जांच हो सके। साथ ही उन्होंने आईजी जेल और अन्य अधिकारियों को तलब करने की मांग भी दोहराई।

    सुनवाई के दौरान इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सरफराज डोगर ने सुझाव दिया कि अपील की मुख्य सुनवाई पर ध्यान केंद्रित किया जाए ताकि मामले का शीघ्र निपटारा हो सके। हालांकि, बचाव पक्ष ने पहले सजा निलंबन पर निर्णय लेने पर जोर दिया। इसके बाद अदालत ने सुनवाई को आगे के लिए स्थगित कर दिया।

  • टीम इंडिया के 'लिटिल मास्टर' के करियर का वह अनोखा मोड़ जब पाकिस्तान के लिए की फील्डिंग

    टीम इंडिया के 'लिटिल मास्टर' के करियर का वह अनोखा मोड़ जब पाकिस्तान के लिए की फील्डिंग

    नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में सचिन तेंदुलकर एक ऐसा व्यक्तित्व हैं जिनके नाम के बिना इस खेल का इतिहास अधूरा है। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ हुई थी, लेकिन नियति ने उनके लिए कुछ और ही योजना बना रखी थी। बहुत कम क्रिकेट प्रेमी इस बात से वाकिफ हैं कि भारत के लिए नीली जर्सी पहनने से लगभग दो साल पहले ही सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान की जर्सी पहनकर मैदान पर अपना जौहर दिखाया था।
    यह घटना साल 1987 की है जब मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक विशेष मुकाबला आयोजित किया गया था। इस मैच में सचिन एक खिलाड़ी के तौर पर नहीं बल्कि एक उत्साही किशोर के रूप में मौजूद थे जो खेल की बारीकियों को समझने की कोशिश कर रहे थे।

    मैच के दौरान एक ऐसा समय आया जब पाकिस्तान की टीम को फील्डरों की कमी का सामना करना पड़ा। लंच ब्रेक के दौरान जब पाकिस्तान के प्रमुख खिलाड़ी जावेद मियांदाद और अब्दुल कादिर मैदान से बाहर गए, तो कप्तान इमरान खान को सब्स्टीट्यूट फील्डर की जरूरत पड़ी। उस समय वहां मौजूद 15 साल के सचिन तेंदुलकर को मैदान पर जाने का मौका मिला।

    इमरान खान ने इस फुर्तीले लड़के को लॉन्ग-ऑन बाउंड्री पर तैनात किया। यह पल बेहद रोमांचक था क्योंकि जिस खिलाड़ी को भविष्य में भारतीय क्रिकेट का आधार स्तंभ बनना था, वह उस समय अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी देश की मदद कर रहा था। यह खेल भावना का एक ऐसा उदाहरण था जो आज के दौर में शायद ही कहीं देखने को मिले।

    मैदान पर अपनी तैनाती के दौरान सचिन ने अपनी पूरी ऊर्जा के साथ फील्डिंग की। इसी दौरान भारतीय कप्तान कपिल देव ने हवा में एक ऊंचा शॉट खेला जो सीधा सचिन की ओर जा रहा था। सचिन ने उस गेंद को लपकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी और करीब 15 मीटर तक दौड़ लगाई, लेकिन गेंद उनके हाथों से कुछ ही दूरी पर गिर गई। बाद में सचिन ने अपनी आत्मकथा में इस बात का अफसोस जताया था कि अगर वह उस समय लॉन्ग-ऑन की जगह मिड-ऑन पर तैनात होते, तो वह निश्चित ही कपिल देव का कैच पकड़ लेते। यह छोटी सी घटना उस अटूट जुनून को दर्शाती है जो सचिन के मन में बचपन से ही खेल के प्रति था।

    सचिन तेंदुलकर का यह अनसुना किस्सा न केवल उनके प्रशंसकों को रोमांचित करता है, बल्कि यह भी बताता है कि महानता की शुरुआत अक्सर अप्रत्याशित रास्तों से होती है। पाकिस्तान की ओर से कुछ देर के लिए की गई वह फील्डिंग आज क्रिकेट जगत की सबसे चर्चित कहानियों में से एक है। 15 साल के उस बालक ने तब शायद ही सोचा होगा कि जिस टीम के लिए वह आज फील्डिंग कर रहा है, उसी टीम के सबसे खतरनाक गेंदबाजों के खिलाफ वह भविष्य में विश्व रिकॉर्ड की झड़ी लगा देगा। यह ऐतिहासिक पल आज भी ब्रेबोर्न स्टेडियम की यादों में जिंदा है और सचिन के महान सफर का एक अमूल्य हिस्सा है।