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  • जेमिमा गोल्डस्मिथ फिर सुर्खियों में अरबपति फाइनेंसर कैमरन ओ’राइली से सगाई की खबर, जानें पूरी कहानी

    जेमिमा गोल्डस्मिथ फिर सुर्खियों में अरबपति फाइनेंसर कैमरन ओ’राइली से सगाई की खबर, जानें पूरी कहानी


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी और ब्रिटिश लेखिका जेमिमा गोल्डस्मिथ एक बार फिर चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेमिमा ने अरबपति फाइनेंसर कैमरन ओ’राइली से सगाई कर ली है और दोनों जल्द शादी कर सकते हैं।हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस खबर को लेकर काफी चर्चा है।

    एक साल से चल रहा था रिश्ता
    रिपोर्ट्स के अनुसार, जेमिमा और कैमरन ओ’राइली पिछले लगभग एक साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे।दोनों की मुलाकात काम के सिलसिले में हुई थी, जहां कैमरन फिल्म और डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़े थे। धीरे-धीरे यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर निजी संबंधों में बदल गया।बताया जा रहा है कि दोनों अपना समय स्विट्जरलैंड और लंदन के बीच बिताते हैं।

    कौन हैं कैमरन ओ’राइली?
    जेमिमा के होने वाले पति कैमरन ओ’राइली एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक और फाइनेंसर हैं।
    उनके बारे में प्रमुख बातें
    आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई मूल के फाइनेंसर
    प्रसिद्ध मीडिया टाइकून सर एंथनी ओ’राइली के बेटे
    ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त
    लंबे समय तक मीडिया कंपनी Independent News and Media में काम
    2003 में उन्होंने Bayard Capital नाम से प्राइवेट इक्विटी फर्म शुरू की
    कैमरन को वैश्विक निवेश और मीडिया क्षेत्र में मजबूत पहचान मिली हुई है।

    इमरान खान से जेमिमा का पुराना रिश्ता
    जेमिमा गोल्डस्मिथ, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पहली पत्नी रह चुकी हैं।
    दोनों की शादी 1995 में हुई थी
    शादी लगभग 9 साल तक चली
    2004 में दोनों का तलाक हो गया
    इस शादी से उनके दो बेटे हैं — कासिम और सुलेमान

    इमरान खान की मौजूदा स्थिति
    इमरान खान फिलहाल पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। उन पर भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में सजा सुनाई गई है।2023 से वे जेल में हैंरावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैंसमर्थकों का दावा है कि उनके साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा हैइमरान खान इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हैं

    जेमिमा की सक्रिय भूमिका
    रिपोर्ट्स के अनुसार, जेमिमा अपने पूर्व पति इमरान खान के मानवाधिकार और कानूनी मामलों को लेकर भी सक्रिय रहती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी स्थिति को लेकर आवाज उठाती रही हैं।जेमिमा गोल्डस्मिथ की सगाई की खबर ने एक बार फिर उन्हें अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। एक ओर जहां उनका निजी जीवन नया मोड़ ले रहा है, वहीं दूसरी ओर उनका पुराना रिश्ता और पाकिस्तान की राजनीति भी चर्चा में बनी हुई है।

  • इमरान खान ने मांगी मानवीय आधार पर रिहाई, एकांत कारावास और आंखों की गंभीर समस्या को बताई वजह

    इमरान खान ने मांगी मानवीय आधार पर रिहाई, एकांत कारावास और आंखों की गंभीर समस्या को बताई वजह

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में मानवीय आधार पर रिहाई की अपील की है। उन्होंने अपने वकील के जरिए अदालत को बताया कि उन्हें लंबे समय से एकांत कारावास में रखा गया है और उनकी आंखों में गंभीर संक्रमण की समस्या बनी हुई है।

    यह याचिका इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की ओर से 190 मिलियन पाउंड भ्रष्टाचार मामले में दी गई सजा के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई के दौरान पेश की गई। इस मामले में पिछले वर्ष जनवरी में जवाबदेही अदालत ने इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) द्वारा दर्ज किया गया था।

    सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील सलमान सफदर ने सजा निलंबित करने की मांग की। उन्होंने अदालत में कहा कि मामला 16 महीनों से लंबित है और अब तक 17 से अधिक सुनवाई हो चुकी हैं। वकील ने दावा किया कि इमरान खान की आंखों की स्थिति गंभीर है और उनकी दृष्टि काफी कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, “उनकी आंखों की रोशनी लगभग 15% रह गई है और 85% तक नुकसान हो चुका है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह नुकसान स्थायी हो सकता है।

    सफदर ने अदालत को बताया कि इमरान खान को एकांत कारावास में रखा गया है, जिस पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जेल में उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और कई बार उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा है। वकील ने यह भी आग्रह किया कि जेल अधिकारियों और संबंधित चिकित्सा रिकॉर्ड को अदालत में पेश किया जाए, ताकि उनकी स्थिति की सही जांच हो सके। साथ ही उन्होंने आईजी जेल और अन्य अधिकारियों को तलब करने की मांग भी दोहराई।

    सुनवाई के दौरान इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सरफराज डोगर ने सुझाव दिया कि अपील की मुख्य सुनवाई पर ध्यान केंद्रित किया जाए ताकि मामले का शीघ्र निपटारा हो सके। हालांकि, बचाव पक्ष ने पहले सजा निलंबन पर निर्णय लेने पर जोर दिया। इसके बाद अदालत ने सुनवाई को आगे के लिए स्थगित कर दिया।

  • टीम इंडिया के 'लिटिल मास्टर' के करियर का वह अनोखा मोड़ जब पाकिस्तान के लिए की फील्डिंग

    टीम इंडिया के 'लिटिल मास्टर' के करियर का वह अनोखा मोड़ जब पाकिस्तान के लिए की फील्डिंग

    नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में सचिन तेंदुलकर एक ऐसा व्यक्तित्व हैं जिनके नाम के बिना इस खेल का इतिहास अधूरा है। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ हुई थी, लेकिन नियति ने उनके लिए कुछ और ही योजना बना रखी थी। बहुत कम क्रिकेट प्रेमी इस बात से वाकिफ हैं कि भारत के लिए नीली जर्सी पहनने से लगभग दो साल पहले ही सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान की जर्सी पहनकर मैदान पर अपना जौहर दिखाया था।
    यह घटना साल 1987 की है जब मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक विशेष मुकाबला आयोजित किया गया था। इस मैच में सचिन एक खिलाड़ी के तौर पर नहीं बल्कि एक उत्साही किशोर के रूप में मौजूद थे जो खेल की बारीकियों को समझने की कोशिश कर रहे थे।

    मैच के दौरान एक ऐसा समय आया जब पाकिस्तान की टीम को फील्डरों की कमी का सामना करना पड़ा। लंच ब्रेक के दौरान जब पाकिस्तान के प्रमुख खिलाड़ी जावेद मियांदाद और अब्दुल कादिर मैदान से बाहर गए, तो कप्तान इमरान खान को सब्स्टीट्यूट फील्डर की जरूरत पड़ी। उस समय वहां मौजूद 15 साल के सचिन तेंदुलकर को मैदान पर जाने का मौका मिला।

    इमरान खान ने इस फुर्तीले लड़के को लॉन्ग-ऑन बाउंड्री पर तैनात किया। यह पल बेहद रोमांचक था क्योंकि जिस खिलाड़ी को भविष्य में भारतीय क्रिकेट का आधार स्तंभ बनना था, वह उस समय अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी देश की मदद कर रहा था। यह खेल भावना का एक ऐसा उदाहरण था जो आज के दौर में शायद ही कहीं देखने को मिले।

    मैदान पर अपनी तैनाती के दौरान सचिन ने अपनी पूरी ऊर्जा के साथ फील्डिंग की। इसी दौरान भारतीय कप्तान कपिल देव ने हवा में एक ऊंचा शॉट खेला जो सीधा सचिन की ओर जा रहा था। सचिन ने उस गेंद को लपकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी और करीब 15 मीटर तक दौड़ लगाई, लेकिन गेंद उनके हाथों से कुछ ही दूरी पर गिर गई। बाद में सचिन ने अपनी आत्मकथा में इस बात का अफसोस जताया था कि अगर वह उस समय लॉन्ग-ऑन की जगह मिड-ऑन पर तैनात होते, तो वह निश्चित ही कपिल देव का कैच पकड़ लेते। यह छोटी सी घटना उस अटूट जुनून को दर्शाती है जो सचिन के मन में बचपन से ही खेल के प्रति था।

    सचिन तेंदुलकर का यह अनसुना किस्सा न केवल उनके प्रशंसकों को रोमांचित करता है, बल्कि यह भी बताता है कि महानता की शुरुआत अक्सर अप्रत्याशित रास्तों से होती है। पाकिस्तान की ओर से कुछ देर के लिए की गई वह फील्डिंग आज क्रिकेट जगत की सबसे चर्चित कहानियों में से एक है। 15 साल के उस बालक ने तब शायद ही सोचा होगा कि जिस टीम के लिए वह आज फील्डिंग कर रहा है, उसी टीम के सबसे खतरनाक गेंदबाजों के खिलाफ वह भविष्य में विश्व रिकॉर्ड की झड़ी लगा देगा। यह ऐतिहासिक पल आज भी ब्रेबोर्न स्टेडियम की यादों में जिंदा है और सचिन के महान सफर का एक अमूल्य हिस्सा है।

  • PAK: सख्त पहरे में जेल से अस्पताल ले जाए गए इमरान खान…आंखों में लगा दूसरा इंजेक्शन

    PAK: सख्त पहरे में जेल से अस्पताल ले जाए गए इमरान खान…आंखों में लगा दूसरा इंजेक्शन


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान (Imran Khan) को आंखों के इलाज के लिए अडियाला जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) लाया गया। निर्धारित फॉलो-अप जांच के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी प्रभावित आंख में दूसरा एंटी-VEGF इंट्राविट्रियल इंजेक्शन लगाया। उपचार पूरा होने के बाद उन्हें वापस अडियाला जेल भेज दिया गया।

    अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि सुबह के समय उन्हें तय कार्यक्रम के अनुसार अस्पताल लाया गया। इंजेक्शन का उद्देश्य उनकी दृष्टि में सुधार लाना है। प्रक्रिया से पहले विशेषज्ञों के एक मेडिकल बोर्ड ने उनका विस्तृत परीक्षण किया।


    कार्डियक जांच भी की गई

    जांच टीम में कार्डियोलॉजिस्ट और फिजिशियन शामिल थे। कार्डियोलॉजिस्ट ने इकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी जांच भी की। सभी परीक्षणों में उन्हें क्लिनिकली स्थिर पाया गया, जिसके बाद नेत्र संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

    पीआईएमएस प्रशासन के अनुसार, यह उपचार डे-केयर सर्जरी के तहत किया गया। पूरी प्रक्रिया पीआईएमएस और Shifa International Hospital के सलाहकार नेत्र रोग विशेषज्ञों और विट्रियोरेटिनल सर्जन की निगरानी में संपन्न हुई।


    इलाज के बाद तुरंत जेल वापसी

    अस्पताल की ओर से कहा गया कि इंजेक्शन के दौरान और उसके बाद उनकी स्थिति स्थिर रही। इलाज पूरा होने पर उन्हें फॉलो-अप से जुड़ी सलाह, जरूरी सावधानियां और मेडिकल दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। इसके तुरंत बाद सुरक्षा घेरे में उन्हें पुनः अडियाला जेल ले जाया गया।


    15 गाड़ियों का काफिला, तीन सिग्नल जैमर तैनात

    पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान को लगभग 15 वाहनों के काफिले में अस्पताल लाया गया। काफिले में काली गाड़ियां शामिल थीं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन सिग्नल जैमर भी लगाए गए थे। अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहे। इलाज की पूरी प्रक्रिया सख्त सुरक्षा और चिकित्सकीय निगरानी में पूरी की गई।

  • इमरान खान को अडियाला जेल से हटाकर कहीं और ले जाने की तैयारी में शहबाज सरकार !

    इमरान खान को अडियाला जेल से हटाकर कहीं और ले जाने की तैयारी में शहबाज सरकार !

    इस्‍लामाबाद। लगातार बढ़ते दबाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार अब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अडियाला जेल से दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक 2 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद इमरान खान को जल्द ही रावलपिंडी की इस जेल से दूसरी जेल भेजा जा सकता है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इमरान खान के समर्थन में लगातार हो रहे प्रदर्शनों से प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है और और सुरक्षा एजेंसियों को चिंता है कि हालात और बिगड़ सकते हैं।

    Wion न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बातचीत के बाद खान को दूसरी जगह भेजने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

    रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री को अटॉक डिस्ट्रिक्ट जेल में शिफ्ट किया जा सकता है।
    शरीफ सरकार का क्या बहाना?

    जहां एक तरफ शहबाज शरीफ की सरकार इन प्रदर्शनों के बाद जवाब नहीं दे पा रही है, वहीं दूसरी तरह सरकार नए बहाने बना रही है। प्रधानमंत्री के प्रवक्ता इख्तियार वली ने कहा है कि लगातार प्रदर्शनों से जेल के आसपास रहने वाले लोगों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। सरकार की तरफ से यह भी कहा है कि सार्वजनिक प्रदर्शनों की आड़ में PTI के कुछ नेता जानबूझकर हालात बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
    फिर भड़की हिंसा

    इससे पहले अडियाला जेल के बाहर एक बार फिर प्रदर्शन उग्र हो गया है। बीते मंगलवार को तनाव तब और बढ़ गया जब जेल अधिकारियों ने इमरान खान की बहनों और उनकी लीगल टीम को खान से मिलने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद अलीमा खान और उजमा खान ने अन्य समर्थकों के साथ जेल के बाहर डेरा डाल दिया और जमकर नारेबाजी की।