Tag: Imran

  • इमरान खान की रिहाई के लिए बढ़ा लॉन्ग मार्च, शहबाज शरीफ ने बातचीत की पेशकश की

    इमरान खान की रिहाई के लिए बढ़ा लॉन्ग मार्च, शहबाज शरीफ ने बातचीत की पेशकश की

    नई दिल्ली ।पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल से रिहाई की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन लगातार आगे बढ़ रहा है। 4 अक्टूबर को खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत जिले से शुरू हुआ इमरान समर्थकों का लॉन्ग मार्च अब राजधानी इस्लामाबाद से करीब 180 किलोमीटर दूर रह गया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के नेतृत्व में मार्च आगे बढ़ रहा है। राजधानी की ओर बढ़ते प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इमरान समर्थकों से बातचीत की पेशकश की है।

    शहबाज शरीफ ने प्रदर्शनकारियों से लॉन्ग मार्च और धरना खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन खत्म करने के बाद सरकार उनके साथ बैठकर बातचीत करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री का यह रुख इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे एक दिन पहले ही सरकार ने इमरान समर्थकों के साथ बातचीत से इनकार कर दिया था। हालांकि, सरकार की ओर से बातचीत की पेशकश किए जाने के बाद भी प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

    इमरान खान के समर्थकों ने प्रधानमंत्री की बातचीत की पेशकश ठुकरा दी है। उनका कहना है कि वे इमरान खान की रिहाई की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग पूर्व प्रधानमंत्री को जेल से रिहा करना है। उनका मार्च खैबर पख्तूनख्वा से आगे बढ़ते हुए राजधानी की ओर जा रहा है। इस बीच सरकार के सामने प्रदर्शन को नियंत्रित करने और राजधानी तक इसके पहुंचने से रोकने की चुनौती बनी हुई है।

    प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रदर्शन को लेकर चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलन से देश की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। उनके मुताबिक सरकार पिछले ढाई साल से अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए काम कर रही है और इसमें बाधा डालने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और लोगों की जान तथा संपत्ति की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है।

    राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर इमरान समर्थकों का मार्च पंजाब प्रांत तक पहुंचता है और उसे वहां अधिक जनसमर्थन मिलता है, तो शहबाज सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में प्रदर्शन को नियंत्रित करना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इमरान खान की राजनीतिक लोकप्रियता को देखते हुए उनके समर्थकों की बढ़ती संख्या पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर असर डाल सकती है।

    इस पूरे घटनाक्रम में सेना प्रमुख असीम मुनीर की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हो रही हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान खान के समर्थकों के आंदोलन के जरिए शहबाज शरीफ सरकार पर दबाव बन सकता है। उनके अनुसार, यदि सरकार प्रदर्शन को रोकने में कमजोर दिखाई देती है तो इससे प्रधानमंत्री की राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। हालांकि, शहबाज शरीफ के सत्ता से हटने को लेकर किए जा रहे दावे फिलहाल राजनीतिक विश्लेषण और अटकलों पर आधारित हैं।

    फिलहाल इमरान खान के समर्थकों का लॉन्ग मार्च इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है और सरकार ने बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश की है। दूसरी ओर प्रदर्शनकारी इमरान की रिहाई की मांग पर कायम हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मार्च की दिशा, उसे मिलने वाला समर्थन और सरकार की प्रतिक्रिया पाकिस्तान के राजनीतिक घटनाक्रम के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

  • इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने दूसरी शादी की, करोड़पति फाइनेंसर कैमरन ओ राइली बने जीवनसाथी

    इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने दूसरी शादी की, करोड़पति फाइनेंसर कैमरन ओ राइली बने जीवनसाथी


    नई दिल्ली ।
    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने दूसरी शादी कर ली है। जेमिमा ने आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी और फाइनेंसर कैमरन ओ राइली के साथ विवाह किया है। गोल्डस्मिथ परिवार की ओर से इस शादी की पुष्टि की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों ने सप्ताहांत में एक समारोह के दौरान शादी की।

    जेमिमा गोल्डस्मिथ पेशे से फिल्म निर्माता हैं और उनकी उम्र 52 वर्ष बताई गई है। इससे पहले उनकी शादी पाकिस्तान के क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान से हुई थी। दोनों का विवाह करीब नौ साल तक चला। वर्ष 2004 में उनका तलाक हो गया। इमरान और जेमिमा के दो बेटे हैं, सुलेमान और कासिम।

    जेमिमा की दूसरी शादी की जानकारी उनके परिवार से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामने आई। उनके भाई बेन की पत्नी जेमिमा जोन्स ने अपने पति के साथ एक तस्वीर साझा की और शादी के जश्न की जानकारी दी। पोस्ट में जेमिमा और कैमरन के साथ खुशी के इस अवसर का उल्लेख किया गया था।

    कैमरन ओ राइली 62 वर्षीय आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी हैं। दोनों की नजदीकी फिल्मों और वृत्तचित्रों में समान रुचि के कारण बढ़ी। जेमिमा गोल्डस्मिथ फिल्म और टेलीविजन निर्माण से लंबे समय से जुड़ी रही हैं। उन्होंने इंस्टिंक्ट प्रोडक्शंस नाम की निर्माण कंपनी की स्थापना की थी और कई फिल्मों तथा कार्यक्रमों की कहानियों के लेखन और निर्माण से जुड़ी रही हैं।

    जेमिमा के काम से जुड़ी चर्चित फिल्मों में शेखर कपूर के निर्देशन में बनी रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘व्हाट्स लव गॉट टू डू विद इट?’ भी शामिल है। फिल्म निर्माण और रचनात्मक कार्यों में उनकी सक्रियता के कारण उनका नाम लंबे समय से मनोरंजन जगत से जुड़ा रहा है।

    दूसरी ओर, इमरान खान लंबे समय से जेल में बंद हैं। पाकिस्तान को 1992 में क्रिकेट विश्व कप जिताने वाले इमरान खान वर्ष 2023 से भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में हैं। मौजूदा समय में वह रावलपिंडी की जेल में बंद हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर भी लगातार चिंता जताई जाती रही है।

    इमरान खान की तबीयत को लेकर कई पूर्व क्रिकेटरों ने चिंता व्यक्त की है और उनके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। दुनिया की अलग-अलग टीमों के 21 पूर्व कप्तानों ने भी पाकिस्तानी अधिकारियों को पत्र लिखकर उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी। इनमें इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर माइकल एथरटन भी शामिल थे।

    इमरान के दोनों बेटों सुलेमान और कासिम ने भी अपने पिता की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। दोनों ने दावा किया था कि जेल में उनके पिता को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि वर्ष 2022 में इमरान पर हुए हत्या के प्रयास के बाद से वे उनसे आमने-सामने नहीं मिले हैं। दोनों के अनुसार, मार्च में उनकी अपने पिता से आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई थी।

    जेमिमा और इमरान के तलाक के बाद दोनों की राहें अलग हो गई थीं। अब जेमिमा ने दूसरी शादी कर ली है, जबकि इमरान खान पाकिस्तान में जेल में बंद हैं। जेमिमा की शादी की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार की ओर से खुशी जाहिर की गई है।

  • मिर्जापुर धर्मांतरण रैकेट, मोबाइल फोल्डर से खुला भयानक सच, आरोपी विदेश भागने की फिराक में

    मिर्जापुर धर्मांतरण रैकेट, मोबाइल फोल्डर से खुला भयानक सच, आरोपी विदेश भागने की फिराक में



    नई दिल्ली। मिर्जापुर धर्मांतरण मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और अब तक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों में इमरान और लकी अली खान शामिल हैं, जिनके देश छोड़कर भागने की तैयारी की सूचना पुलिस को मिली है। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट और नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है और कुल पांच टीमों को अलग-अलग दिशाओं में तैनात किया गया है ताकि आरोपियों की धरपकड़ हो सके।

    पुलिस को जानकारी मिली है कि इमरान और लकी के पास दुबई जाने का पासपोर्ट मौजूद है। इमरान पहले भी दुबई जा चुका है, इसलिए पुलिस को आशंका है कि वह विदेश भागने की कोशिश कर सकता है। आरोपियों की मूवमेंट और प्लानिंग से जुड़े अहम संकेत फोन कॉल्स और सर्विलांस के दौरान मिले हैं।

    कैसे हुआ मामला खुलासा?
    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने 1090 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत की।

    शिकायत के बाद पुलिस ने एक आरोपी मोहम्मद शेख अली को पूछताछ के लिए बुलाया। शुरुआती पूछताछ में उसने आरोपों से इनकार किया, लेकिन जब उसका मोबाइल जांचा गया तो पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला।

    फोल्डर खोलते ही पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि उसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो थे। इनमें घूमने-फिरने, यात्राओं और निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं। इसी फोल्डर के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया और कई जिमों पर छापेमारी की।

    अमीर महिलाओं को बनाते थे निशाना
    पुलिस के अनुसार यह रैकेट KGN 1, KGN 2.0, KGN 3, आयरन फायर और फिटनेस क्लब जैसे जिमों के जरिए चलाया जा रहा था।

    आरोपियों का निशाना अमीर घरों की महिलाएं थीं। गैंग के सदस्य पहले महिला को जिम ट्रेनिंग का लालच देते, फिर नंबर एक्सचेंज करके दोस्ती बढ़ाते और घूमने-फिरने के बहाने उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाते थे।

    जांच में यह भी सामने आया कि कुछ महिलाओं को फ्री जिम ट्रेनिंग का ऑफर दिया जाता था और ट्रेनिंग के दौरान उनकी तस्वीरें ली जाती थीं। इसके बाद उन्हें बुर्का पहनाकर मिर्जापुर के बाजार, मंदिर, मजार और अन्य जगहों पर ले जाया जाता था और धीरे-धीरे धर्मांतरण की तरफ प्रभावित किया जाता था।

    यौन शोषण और ब्लैकमेल
    पुलिस का दावा है कि यौन शोषण के बाद महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित रखे जाते थे और फिर उनसे पैसे की मांग की जाती थी। पैसे न देने पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था। डर के कारण कुछ महिलाओं ने पैसे दिए, जबकि कई का धर्मांतरण कर दिया गया।

    गैंग की संरचना और गिरफ्तारी
    पुलिस ने बताया कि गैंग एक समय में एक ही महिला पर काम करता था। यदि वह महिला एक जिम में फंसती नहीं थी तो उसे दूसरे और फिर तीसरे जिम में भेजा जाता था। जिम संचालक आपस में महिलाओं की तस्वीरें शेयर कर उन्हें “टारगेट” बताते थे।

    अब तक गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख अली, फैजल खान, जहीर और शादाब शामिल हैं। शादाब जीआरपी में सिपाही था, जिसे पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।

    एसएसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि शुरुआती शिकायत के बाद ठोस सबूत नहीं मिले थे, लेकिन मोबाइल फोल्डर मिलने के बाद पूरा रैकेट उजागर हो गया। जांच में महिलाओं से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक सबूत भी बरामद हुए हैं, जिनमें महिलाओं को घुमाने-फिरने में इस्तेमाल की गई गाड़ियां भी शामिल हैं।