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  • रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर

    रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर


    भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। रायसेन के दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित इस मेले का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।

    किसानों के लिए बदलाव का मंच बनेगा महोत्सव
    उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कृषि महोत्सव किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन खेती को नई दिशा देंगे।

    किसान अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव

    राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार किसान है। कृषि और पशुपालन से शुरू होकर उद्योग और सेवाओं तक पूरी व्यवस्था किसान की मेहनत पर टिकी है। उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र से जुड़ने और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को स्मार्ट बनाने की अपील की।

    सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का जिक्र

    अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। फसल बीमा बिजली सड़क और सिंचाई जैसी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।

    तकनीक और नवाचार पर विशेष फोकस
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मेले में देशभर के कृषि वैज्ञानिक विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान शामिल हुए हैं। यहां एकीकृत खेती बागवानी ड्रोन तकनीक और कम जमीन में अधिक उत्पादन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

    किसानों के लिए सीखने का मंच
    उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेला नहीं बल्कि किसानों के लिए एक प्रशिक्षण मंच है जहां वे वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इसे एक तरह से किसानों का स्कूल बताया गया।

    जिलों के लिए तैयार हो रहा विशेष रोडमैप

    शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हर राज्य के लिए कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में विदिशा रायसेन सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि योजनाएं बनाई गई हैं ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती को और बेहतर बनाया जा सके।

  • सीएम डॉ. मोहन यादव आज हटा में महिला सम्मेलन में शामिल, करोड़ों के विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन और लोकार्पण

    सीएम डॉ. मोहन यादव आज हटा में महिला सम्मेलन में शामिल, करोड़ों के विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन और लोकार्पण


    दमोह । दमोह जिले की हटा विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंच रहे हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन में स्व सहायता समूह और लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगी। मुख्यमंत्री सबसे पहले दूल्हा देव शिव मंदिर में दर्शन करेंगे और उसके बाद सभा स्थल पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेंगे।

    कलेक्टरसुधीर कुमार कोचरने बताया कि इस मौके पर हटा विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया जाएगा। प्रमुख विकास कार्यों में मड़ियादो से रजपुरा मार्ग का निर्माण 48.89 करोड़ रुपए मड़ियादो से बर्धा किशनगढ़ मार्ग 74.44 करोड़ रुपए और एनडीबी योजना के तहत हटा से गैसाबाद सिमरिया मार्ग एसएच 55 के शोल्डर उन्नयन एवं चौड़ीकरण का कार्य 231.97 करोड़ रुपए शामिल हैं।

    इसके अतिरिक्त हटा से पटेरा कुम्हारी मार्ग के शहरी हिस्से में 4 लेन चौड़ीकरण 5.11 करोड़ रुपए हटा शहर में रेस्ट हाउस के पास दुधिया नाले पर पुल निर्माण 8.44 करोड़ रुपए हटा ब्लॉक अंतर्गत हिनौता मुराछ पाली मार्ग पर सुनार नदी पर पुल निर्माण 13.26 करोड़ रुपए और जिरौध सिमरी मार्ग में व्यारमा नदी पर पुल निर्माण 6.87 करोड़ रुपए का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जाएगा।

    कलेक्टर कोचर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्यक्रम की तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसमें संभागीय प्रबंधक एमपीआरडीसी सागर कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग सागर अधीक्षण यंत्री मध्यप्रदेश विद्युत कंपनी दमोह कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग दमोह और मुख्य नगर पालिका अधिकारी हटा शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन स्थानीय जनता और हितग्राही महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा। इससे हटा विधानसभा क्षेत्र में सड़क पुल और शहरी बुनियादी ढांचे का कायाकल्प होगा और महिला सशक्तिकरण को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

  • उद्घाटन में देर से पहुंचे मेयर, ट्रेन उनके बिना ही हो गई रवाना; वायरल हुआ वीडियो

    उद्घाटन में देर से पहुंचे मेयर, ट्रेन उनके बिना ही हो गई रवाना; वायरल हुआ वीडियो


    नई दिल्ली । उद्घाटन में देर से पहुंचे मेयर ट्रेन उनके बिना ही हो गई रवाना; वायरल हुआ वीडियो मेयर प्लेटफॉर्म पर ही रह गए जबकि ट्रेन बिना रुके आगे बढ़ गई। इस घटना का वीडियो कैमरों में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में मेयर को अपनी टीम के साथ दौड़ते और ट्रेन के जाते हुए देखा जा सकता है।मेक्सिको के जलिस्को में 15 दिसंबर को लाइट रेल लाइन 4 का उद्घाटन हुआ।
    यह 21 किलोमीटर लंबी लाइन 8 स्टेशनों को जोड़ती है और दक्षिणी क्षेत्र में यातायात की समस्याओं को कम करने के लिए बनाई गई है। हालांकि समारोह के दौरान एक मजेदार घटना हुई जिसने इसे खास बना दिया। पहली यात्रा के लिए ट्रेन में सवार होने का समय हो चुका था। मेयर क्विरिनो वेलाज्क्वेज थोड़ी देर से पहुंचे और अपनी टीम के साथ दौड़ते हुए ट्रेन तक पहुंचे। वे ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे लेकिन इससे पहले कि वे सवार हो पाते दरवाजे बंद हो गए और ट्रेन तय समय पर रवाना हो गई।
    मेयर प्लेटफॉर्म पर ही रह गए जबकि ट्रेन बिना रुके आगे बढ़ गई। इस घटना का वीडियो कैमरों में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में मेयर को अपनी टीम के साथ दौड़ते और ट्रेन के जाते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को एक्स लाखों बार देखा जा चुका है खासकर भारत में जहां लोगों ने इसे भारतीय वीआईपी कल्चर से तुलना की। कई यूजर्स ने ट्रेन की समय पालन की तारीफ की और कहा कि भारत में मंत्री के लिए ट्रेन रोक दी जाती।

    वायरल वीडियो पर क्या बोले मेयर
    मेयर ने खुद इस वीडियो को अपने अकाउंट पर शेयर किया। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा ‘चिंता मत कीजिए। अगली ट्रेन सिर्फ 9 मिनट में आएगी।’ बता दें कि उद्घाटन समारोह में मेयर पाब्लो लेमुस नवारो और नगर के मेयर गेरार्डो क्विरिनो वेलाज्क्वेज चावेज मौजूद थे। इस लाइन से रोजाना करीब 1.16 लाख यात्रियों को फायदा होने की उम्मीद है। शुरुआती दिनों में यात्रा मुफ्त रखी गई है। कुछ समय बाद इसका किराया तय किया जाएगा

  • भोपाल मेट्रो: तेज रफ्तार ट्रायल रन, मैन्युअल टिकटिंग और दिसंबर से कमर्शियल शुरुआत का काउंटडाउन

    भोपाल मेट्रो: तेज रफ्तार ट्रायल रन, मैन्युअल टिकटिंग और दिसंबर से कमर्शियल शुरुआत का काउंटडाउन


    भोपाल / राजधानी भोपाल अब उन चुनिंदा शहरों में शामिल होने जा रही है जहां आधुनिक मेट्रो रेल लोगों की यात्रा को आसान बनाएगी। दिसंबर में इसके कमर्शियल रन की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर CMRS भी परियोजना को हरी झंडी दे चुके हैं। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके उद्घाटन के लिए भोपाल पहुंच सकते हैं। उद्घाटन से पहले ट्रायल रन और टिकटिंग सिस्टम को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है।

    60–120 किमी प्रति घंटा की स्पीड से हो रहा ट्रायल रन

    सुभाष नगर से एम्स तक लगभग 6 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर इन दिनों मेट्रो कोच लगातार ट्रैक पर दौड़ रहे हैं ट्रायल रन के दौरान मेट्रो की न्यूनतम गति 30 किमी प्रति घंटा और अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटा रखी जा रही है। तकनीकी परीक्षण के दौरान इसे 100–120 किमी प्रति घंटा तक भी चलाया जा रहा है ताकि आपात स्थिति या अधिक भार की परिस्थितियों में इसकी दक्षता कोपरखा जा सके। स्पीड कंट्रोल, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और ट्रेन-टू-ट्रैक कम्युनिकेशन की पूरी जांच की जा रही है
    टिकटिंग में बड़ा बदलाव: अब ऑनलाइन नहीं, मैन्युअल सिस्टम
    भोपाल मेट्रो का टिकटिंग सिस्टम शुरुआती चरण में ऑनलाइन नहीं होगा। यात्रियों को वैसे ही टिकट लेना होगा जैसे रेलवे स्टेशन पर लिया जाता है। दरअसल, मेट्रो के लिए ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) तैयार करने का काम तुर्किए की कंपनी ‘असिस गार्ड’ को मिला था, लेकिन विवादों और देरी की वजह से इसका टेंडर अगस्त में रद्द कर दिया गया। इसके बाद नई कंपनी के चयन प्रक्रिया में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। टेंडर रद्द होने के बाद इंदौर में भी मैन्युअल टिकट को ही विकल्प बनाया गया है। चूंकि दोनों शहरों की मेट्रो परियोजनाएं एक ही संरचना पर चल रही हैं, इसलिए भोपाल में भी यही मॉडल अपनाना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, मैन्युअल टिकट सिस्टम चलाने के लिए आवश्यक स्टाफ की तैनाती शुरू कर दी गई है।

    AFC सिस्टम क्यों जरूरी था?

    AFC सिस्टम के तहत कार्ड या QR-आधारित टिकट से गेट ऑटोमेटिक खुलते हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण और राजस्व प्रबंधन आसान होता है। ‘असिस गार्ड’ को टिकटिंग से लेकर गेट के ऑटोमेशन और उसके संपूर्ण मेंटेनेंस की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन टेंडर खत्म होने के कारण अब नई कंपनी इन कामों को संभालेगी। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती तब तक भोपाल मेट्रो मैन्युअल टिकटिंग सिस्टम पर ही चलेगी।

    किराए पर अंतिम मंथन-मिनिमम 20 और मैक्सिमम 80 रुपए

    मेट्रो कॉर्पोरेशन ने फेयर कलेक्शन कमेटी का गठन कर दिया है और किराए को लेकर लगभग अंतिम निर्णय लिया जा चुका है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन इंदौर मेट्रो जैसा मॉडल ही लागू करने की तैयारी है। जानकारी के अनुसार- पहले 7 दिन: फ्री यात्रा पहले 3 महीने: टिकट पर 75%, 50% और 25% की क्रमशः छूट -छूट खत्म होने पर न्यूनतम किराया: 20 रुपए  अधिकतम किराया: 80 रुपए पूरी ऑरेंज लाइन चालू होने के बाद इंदौर में भी मेट्रो शुरू होने पर यही मॉडल लागू किया गया था। भोपाल में फिलहाल ऑरेंज लाइन का पहला चरण ही चलाया जाएगा, जिसमें सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी दूरी शामिल है।

    परियोजना के फेज-6 किलोमीटर अभी, 16 किलोमीटर बाद में

    ऑरेंज लाइन का पूरा रूट एम्स से करोंद तक करीब 16 किलोमीटर का है। पहला फेज सुभाष नगर से एम्स तक लगभग तैयार है और इसी पर दिसंबर से मेट्रो चलाई जाएगी। दूसरा फेज सुभाष नगर से करोंद तक है, जिसके अगले 2–3 साल में पूरा होने की उम्मीद है।

    भोपाल बन रहा है मेट्रो सिटी

    भोपाल के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों में मेट्रो आने से लोगों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-हितैषी परिवहन मिलेगा। राजधानी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में भी यह कदम बेहद अहम साबित होगा।