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  • पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दुबई का बड़ा दांव, रेफरल कार्यक्रम के तहत होटल, भोजन और पर्यटन सुविधाओं पर मिलेगा आकर्षक डिस्काउंट

    पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दुबई का बड़ा दांव, रेफरल कार्यक्रम के तहत होटल, भोजन और पर्यटन सुविधाओं पर मिलेगा आकर्षक डिस्काउंट


    नई दिल्ली ।
    संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख शहर दुबई ने पर्यटन गतिविधियों को गति देने और अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से एक नई प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस पहल के तहत दुबई में रहने वाले लोग यदि अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को शहर घूमने के लिए आमंत्रित करते हैं, तो उन्हें 3,000 दिरहम से अधिक मूल्य के विशेष लाभ और छूट उपलब्ध कराई जाएगी। भारतीय मुद्रा में इन लाभों का मूल्य लगभग 80 हजार रुपये के बराबर माना जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में फिर से तेजी लाना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

    नई योजना के तहत दुबई के निवासी ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से अपने परिचितों को आमंत्रित कर सकेंगे। आमंत्रित मेहमानों को होटल में ठहरने, रेस्तरां में भोजन, प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रवेश टिकट तथा अन्य मनोरंजन सेवाओं पर विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि स्थानीय निवासियों की भागीदारी से अधिक संख्या में पर्यटक दुबई पहुंचेंगे और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी।

    यह कार्यक्रम 20 जुलाई से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक लागू रहेगा। यह अवधि ऐसे समय को ध्यान में रखकर तय की गई है जब दुबई में भीषण गर्मी के कारण सामान्य रूप से पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। गर्मियों के दौरान तापमान कई बार 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होती हैं। ऐसे में यह योजना ऑफ-सीजन के दौरान पर्यटकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास मानी जा रही है।

    पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े क्षेत्रीय तनाव और संघर्षों का प्रभाव पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है। खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर बनी चिंताओं के कारण कई पर्यटकों ने अपनी यात्राएं स्थगित कर दीं या अन्य गंतव्यों का रुख किया। इसका असर होटल, रेस्तरां, परिवहन और मनोरंजन उद्योग सहित पर्यटन से जुड़े अनेक क्षेत्रों पर देखने को मिला। नई योजना के जरिए प्रशासन इस गिरावट की भरपाई करने का प्रयास कर रहा है।

    दुबई लंबे समय से दुनिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचा, ऊंची इमारतें, लक्जरी होटल, समुद्री तट, रेगिस्तानी पर्यटन और विश्वस्तरीय मनोरंजन सुविधाएं इसे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच विशेष पहचान दिलाती हैं। हर वर्ष करोड़ों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है। यही कारण है कि पर्यटकों की संख्या बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि रेफरल आधारित यह मॉडल पर्यटन उद्योग के लिए प्रभावी साबित हो सकता है। जब स्थानीय निवासी अपने परिचितों को व्यक्तिगत रूप से किसी स्थान पर आने के लिए प्रेरित करते हैं, तो यात्रियों का विश्वास बढ़ता है और यात्रा का निर्णय लेना आसान हो जाता है। साथ ही आकर्षक लाभ और विशेष छूट इस योजना को और अधिक उपयोगी बनाते हैं।

    दुबई प्रशासन को उम्मीद है कि यह अभियान आने वाले महीनों में होटल अधिभोग, स्थानीय व्यापार, रेस्तरां, मनोरंजन उद्योग और अन्य पर्यटन सेवाओं को सकारात्मक बढ़ावा देगा। यदि योजना को अपेक्षित सफलता मिलती है, तो भविष्य में ऐसे प्रोत्साहन कार्यक्रमों का विस्तार भी किया जा सकता है। फिलहाल यह पहल पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाने और वैश्विक यात्रियों को फिर से दुबई की ओर आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • PM मोदी कल PM-VBRY के तहत वितरित करेंगे 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    PM मोदी कल PM-VBRY के तहत वितरित करेंगे 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) शुक्रवार को विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) (Pradhan Mantri Viksit Bharat Rojgar Yojana-PM-VBRY) के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे।

    केंद्र सरकार की इस खास योजना का मकसद देश में नए रोजगार पैदा करना, नौकरियों को औपचारिक रूप देना और युवाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य हर क्षेत्र के श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है। योजना के जरिये अब तक देशभर में 15 लाख नए रोजगार के मौके तैयार किए जा चुके हैं। पीएम-वीबीआरवाई को इस तरह बनाया गया है कि यह श्रमिकों और नियोक्ताओं (कंपनियों) दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करे।


    पहली नौकरी पर मिलेंगे 15,000

    योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उन्हें अपने कॅरियर की शुरुआत में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।

    वहीं, जो कंपनियां अपने यहां अतिरिक्त रोजगार पैदा करती हैं, उन्हें हर नए कर्मचारी पर प्रति माह 3,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि निरंतर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले। विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियां चार साल तक , जबकि अन्य सभी क्षेत्रों की कंपनियां दो साल तक इसका लाभ उठा सकती हैं।

    दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम को पीएम नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे और डिजिटल माध्यम से राशि वितरित करेंगे। इसके बाद देशभर के कार्यालय ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे और अपने अधीन जिलों के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र देंगे। ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आईजीपी में होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1200 कर्मचारियों और 300 कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। अन्य सभी कर्मचारियों को उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। लखनऊ परिक्षेत्र के छह जिलों से योजना के तहत 4800 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है। 60 हजार नए कर्मचारी जोडे़ गए हैं और 1.3 लाख कर्मी दोबारा सेवा में आए हैं।