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  • विकेट लेने के बजाय बार-बार नो-बॉल! जडेजा ने बनाया ऐसा रिकॉर्ड जिसे कोई गेंदबाज नहीं चाहेगा

    विकेट लेने के बजाय बार-बार नो-बॉल! जडेजा ने बनाया ऐसा रिकॉर्ड जिसे कोई गेंदबाज नहीं चाहेगा


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले में टीम इंडिया ने पहली पारी के आधार पर बड़ी बढ़त हासिल की लेकिन इसी बीच भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के नाम ऐसा अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है जिसे शायद ही कोई गेंदबाज अपने नाम देखना चाहेगा। टेस्ट क्रिकेट में जडेजा की नो-बॉल फेंकने की समस्या एक बार फिर सामने आई और आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 से अब तक वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा नो-बॉल फेंकने वाले स्पिन गेंदबाज बन गए हैं। जडेजा के नाम इस अवधि में कुल 88 नो-बॉल दर्ज हो चुकी हैं और इस मामले में वह बाकी स्पिनर्स से काफी आगे हैं।

    कोलंबो टेस्ट में भी भारतीय स्पिन गेंदबाजों की ओर से नो-बॉल की समस्या देखने को मिली। मुकाबले में भारतीय स्पिनर्स अब तक कुल 10 नो-बॉल फेंक चुके थे। टेस्ट क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजों द्वारा नो-बॉल करना वैसे भी टीम के लिए महंगा साबित हो सकता है क्योंकि इससे बल्लेबाज को अतिरिक्त मौका मिलने के साथ विपक्षी टीम को अतिरिक्त रन भी मिलते हैं। जडेजा जैसे अनुभवी गेंदबाज से ऐसी गलती बार-बार होना टीम के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

    साल 2021 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो रवींद्र जडेजा 88 नो-बॉल के साथ इस अनचाही सूची में सबसे ऊपर हैं। पाकिस्तान के स्पिनर नोमान अली 40 नो-बॉल के साथ दूसरे स्थान पर हैं। यानी जडेजा और दूसरे नंबर के गेंदबाज के बीच भी बड़ा अंतर है। श्रीलंका के लसिथ एम्बुलडेनिया 33 नो-बॉल के साथ तीसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के जैक लीच ने इस दौरान 19 नो-बॉल फेंकी हैं। वहीं वेस्टइंडीज के जोमेल वारिकन और अफगानिस्तान के जहीर खान के नाम 17-17 नो-बॉल दर्ज हैं।

    जडेजा के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह भारतीय टेस्ट टीम के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद ऑलराउंडर्स में शामिल हैं। गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी और फील्डिंग में भी उनकी भूमिका बेहद अहम रहती है। ऐसे में नो-बॉल की बार बार होने वाली गलती विपक्षी टीम के खिलाफ भारत की स्थिति को प्रभावित कर सकती है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में जब एक विकेट के लिए लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ती है तब नो-बॉल पर मिला अतिरिक्त मौका मैच का रुख बदल सकता है।

    अगर कोलंबो टेस्ट की बात करें तो भारत ने पहली पारी में 503 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर समाप्त हो गई और भारत को 213 रन की बड़ी बढ़त मिली। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका को फॉलोऑन देने का फैसला किया। दूसरी पारी में श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए।

    हालांकि इसके बाद पासिंदु सूर्यबंदारा और धनंजय डी सिल्वा ने पारी को संभाल लिया। चौथे दिन बारिश के कारण खेल जल्दी समाप्त होने तक श्रीलंका ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 229 रन बना लिए थे और टीम ने भारत के खिलाफ 16 रन की बढ़त हासिल कर ली थी। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों के लिए आखिरी विकेट हासिल करना बेहद जरूरी हो गया था। इस दौरान जडेजा की नो-बॉल भी चर्चा का बड़ा कारण बनी।

    जडेजा भले ही इस रिकॉर्ड को कभी याद नहीं रखना चाहेंगे लेकिन आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में नो-बॉल उनकी गेंदबाजी की एक बड़ी कमजोरी बन गई है। अब भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि आगे के मुकाबलों में वह इस गलती पर नियंत्रण पाएंगे और अपनी शानदार गेंदबाजी से टीम को ज्यादा से ज्यादा सफलता दिलाएंगे।

  • गॉल में इतिहास रचने उतरेगी श्रीलंका की टीम! 288 रन का टारगेट, सफल हुआ रन चेज तो बनेगा बड़ा रिकॉर्ड

    गॉल में इतिहास रचने उतरेगी श्रीलंका की टीम! 288 रन का टारगेट, सफल हुआ रन चेज तो बनेगा बड़ा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट का रोमांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का बड़ा लक्ष्य रखा है। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 34 ओवर में 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए हैं। अब मेजबान टीम को टेस्ट जीतने के लिए आखिरी दिन 288 रन और बनाने होंगे। वहीं भारत को जीत के लिए सिर्फ 6 विकेट की जरूरत है। आंकड़े भारत के पक्ष में नजर आ रहे हैं लेकिन श्रीलंका का टेस्ट इतिहास बताता है कि वह 350 रन से ज्यादा के लक्ष्य का सफल पीछा करने का कारनामा पहले भी कर चुका है।

    श्रीलंका के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा सफल रन चेज 388 रन का है। जुलाई 2017 में कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ श्रीलंकाई टीम ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहली पारी में 356 रन बनाए थे जबकि श्रीलंका ने 346 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे ने दूसरी पारी में 377 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 388 रन का लक्ष्य रखा। मेजबान टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 391 रन बनाकर 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया था।

    उस ऐतिहासिक रन चेज में निरोशन डिकवेला ने 81 रन की अहम पारी खेली थी जबकि असेला गुणारत्ने 80 रन बनाकर नाबाद रहे थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए 121 रन की निर्णायक साझेदारी हुई थी। इस जीत ने श्रीलंका को टेस्ट इतिहास के सबसे यादगार रन चेज में शामिल कर दिया।

    श्रीलंका ने इससे पहले भी 350 से ज्यादा रन के लक्ष्य का सफल पीछा किया है। साल 2006 में कोलंबो में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रीलंका ने 352 रन का लक्ष्य हासिल किया था। दक्षिण अफ्रीका ने चौथी पारी में जीत के लिए 352 रन का लक्ष्य रखा था और श्रीलंका ने 352 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया था। इस मैच में महेला जयवर्धने ने 123 रन की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।

    यानी श्रीलंका की टीम टेस्ट क्रिकेट में दो बार 350 या उससे ज्यादा रन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर चुकी है। अब गॉल में उसके सामने 372 रन का लक्ष्य है। यह लक्ष्य उसके 352 रन वाले दूसरे सबसे बड़े सफल रन चेज से 20 रन ज्यादा है। अगर श्रीलंका आखिरी दिन 372 रन तक पहुंच जाता है तो यह उसके टेस्ट इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज बन जाएगा।

    हालांकि भारत के खिलाफ यह चुनौती आसान नहीं होगी। चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को शुरुआती झटके देकर दबाव में ला दिया। दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा 31 रन बनाकर नाबाद हैं जबकि सोनल दिनुषा 25 रन पर खेल रहे हैं। दोनों बल्लेबाजों पर पांचवें दिन टीम की उम्मीदों का बड़ा दारोमदार रहेगा।

    गॉल में श्रीलंका के सामने सिर्फ 288 रन बनाने की चुनौती नहीं है बल्कि भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ पूरे दिन टिके रहने की परीक्षा भी होगी। टेस्ट मैच की चौथी पारी में बड़ा लक्ष्य हासिल करना वैसे ही मुश्किल माना जाता है और यहां श्रीलंका के पास सिर्फ 6 विकेट बचे हैं। दूसरी ओर भारत के पास मैच खत्म करने का स्पष्ट मौका है।

    गॉल में विदेशी टीम द्वारा श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ा सफल रन चेज पाकिस्तान के नाम है। पाकिस्तान ने 2015 में पल्लेकेले में श्रीलंका के खिलाफ 377 रन का लक्ष्य हासिल किया था। उसने 382 रन बनाकर मुकाबला जीता था। ऐसे में मौजूदा 372 रन का लक्ष्य उस रिकॉर्ड से सिर्फ 5 रन कम है।

    अब मुकाबले का पूरा दारोमदार पांचवें दिन पर है। श्रीलंका अगर 288 रन और बना लेता है तो वह न केवल भारत के खिलाफ यादगार जीत दर्ज करेगा बल्कि अपने टेस्ट इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज भी पूरा कर लेगा। दूसरी तरफ भारत के पास छह विकेट लेकर गॉल टेस्ट अपने नाम करने का मौका है। ऐसे में 19 अगस्त का पांचवां दिन दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और रोमांचक रहने वाला है।

  • IND vs SL: श्रीलंका पहुंचते ही टीम इंडिया की बढ़ी चिंता, प्रैक्टिस मैच पर बारिश का खतरा

    IND vs SL: श्रीलंका पहुंचते ही टीम इंडिया की बढ़ी चिंता, प्रैक्टिस मैच पर बारिश का खतरा


    नई दिल्ली। श्रीलंका दौरे पर पहुंची भारतीय क्रिकेट टीम को पहले ही बड़ा झटका लग सकता है। 7 अगस्त से कोलंबो में शुरू होने वाले तीन दिवसीय अभ्यास मैच पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार मैच के तीनों दिन तेज बारिश की संभावना है, जिससे टीम इंडिया की तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं।

    तीनों दिन बारिश की संभावना
    मौसम एजेंसी AccuWeather के अनुसार 7 से 9 अगस्त के बीच कोलंबो में लगातार बारिश होने की संभावना है। पहले दिन बारिश की आशंका 91 फीसदी तक जताई गई है, जबकि लगभग पूरे दिन बादल छाए रहने का अनुमान है। कैंडी से कोलंबो के बीच भी लगातार बारिश दर्ज की गई है, जिससे मैदान की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

    टेस्ट सीरीज से पहले अहम था अभ्यास मैच
    यह तीन दिवसीय मुकाबला भारतीय टीम के लिए श्रीलंका की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने का महत्वपूर्ण अवसर था। 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले टीम इसी मैच के जरिए संयोजन और रणनीति पर काम करना चाहती थी। यदि मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ता है, तो युवा टीम को बिना पर्याप्त मैच अभ्यास के टेस्ट सीरीज में उतरना पड़ सकता है।

    पहले से चोटों की चुनौती
    बारिश की चिंता के बीच टीम पहले ही कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर परेशान है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह आकिब नबी को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। वहीं युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन की उपलब्धता भी फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर है।

    भारतीय टेस्ट टीम
    शुभमन गिल (कप्तान)
    केएल राहुल (उप-कप्तान)
    यशस्वी जायसवाल
    ऋषभ पंत (विकेटकीपर)
    ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर)
    साई सुदर्शन*
    रवींद्र जडेजा
    कुलदीप यादव
    मानव सुतार
    मोहम्मद सिराज
    प्रसिद्ध कृष्णा
    गुरनूर बराड़
    देवदत्त पडिक्कल
    सारांश जैन
    आकिब नबी
    साई सुदर्शन की अंतिम उपलब्धता फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

    वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से यह दौरा भारत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में अभ्यास मैच पर बारिश का खतरा टीम की तैयारियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।