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  • स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था, सुबह 4 से 10 बजे तक लाल किले के आसपास कई रास्ते बंद रहेंगे

    स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था, सुबह 4 से 10 बजे तक लाल किले के आसपास कई रास्ते बंद रहेंगे

    नई दिल्ली । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह को देखते हुए दिल्ली में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली यातायात पुलिस ने 15 अगस्त को राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को लेकर विशेष व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। सुरक्षा कारणों से शनिवार सुबह 4 बजे से सुबह 10 बजे तक लाल किले और उसके आसपास के कई रास्तों पर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा।

    यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले और आसपास के प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें। जिन लोगों को जरूरी काम से घर से निकलना है, उन्हें अपनी यात्रा पहले से निर्धारित करने और सामान्य दिनों की तुलना में अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है।

    लाल किले के आसपास नेताजी सुभाष मार्ग पर दिल्ली गेट से छत्ता रेल चौक तक यातायात प्रभावित रहेगा। इसके अलावा लोथियन रोड और दिल्ली के मुख्य डाकघर से छत्ता रेल चौक की दिशा में भी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। एसपी मुखर्जी मार्ग से यमुना बाजार चौक की ओर जाने वाले रास्ते पर भी यातायात व्यवस्था बदली जाएगी।

    चांदनी चौक मार्ग पर फाउंटेन चौक से लाल किले की तरफ जाने वाले वाहनों को भी सामान्य रूप से आवाजाही की अनुमति नहीं होगी। निशाद राज मार्ग, एस्प्लेनेड रोड और संपर्क मार्ग से नेताजी सुभाष मार्ग की ओर जाने वाले हिस्सों में भी सुरक्षा व्यवस्था के अनुरूप यातायात प्रतिबंध लागू रहेगा।

    राजघाट से अंतरराज्यीय बस अड्डे की ओर जाने वाली रिंग रोड और कश्मीरी गेट के आसपास भी यातायात प्रभावित रहेगा। इन क्षेत्रों में निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत केवल अधिकृत पहचान वाले वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। पुलिस ने वाहन चालकों से प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने के बजाय वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है।

    यातायात पुलिस ने इंडिया गेट के आसपास सी-हेक्सागन, कॉपरनिकस मार्ग, मंडी हाउस, तिलक मार्ग और मथुरा मार्ग जैसे प्रमुख मार्गों पर भी अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। बीएसजेड मार्ग और जेएल नेहरू मार्ग की ओर जाने वाले यात्रियों को भी यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति को ध्यान में रखने को कहा गया है।

    निजामुद्दीन खट्टा से अंतरराज्यीय बस अड्डे के बीच रिंग रोड तथा कश्मीरी गेट से बाहरी रिंग रोड होते हुए सलीमगढ़ बाईपास की ओर जाने वाले मार्ग पर भी यातायात दबाव और सुरक्षा व्यवस्था के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। राजधानी की सीमाओं, प्रमुख बाजारों, मॉल, होटलों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस की गश्त और वाहनों की जांच के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है।

    सुरक्षा एजेंसियां संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों का अभ्यास भी कर रही हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी के लिए तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात संकेतों का पालन करें और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों को प्राथमिकता दें।

    स्वतंत्रता दिवस के दिन दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस ने नागरिकों से संयम बरतने और यात्रा की योजना पहले से बनाने को कहा है। प्रतिबंधित मार्गों से बचने और निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने से यातायात को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।

  • ट्रंप प्रशासन के भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह का पर्यावरण पर असर: 8.5 लाख पटाखे दागने के दावे के बीच वॉशिंगटन में 'कोड पर्पल' अलर्ट, पीएम 2.5 का स्तर मानकों से कई गुना ऊपर पहुंचा

    ट्रंप प्रशासन के भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह का पर्यावरण पर असर: 8.5 लाख पटाखे दागने के दावे के बीच वॉशिंगटन में 'कोड पर्पल' अलर्ट, पीएम 2.5 का स्तर मानकों से कई गुना ऊपर पहुंचा

    नई दिल्ली । संयुक्त राज्य अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी वॉशिंगटन डीसी में आयोजित एक भव्य समारोह के बाद वहां की वायु गुणवत्ता में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य जश्न के दौरान हुई अत्यधिक आतिशबाजी के कारण पर्यावरण को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस आतिशबाजी से उत्पन्न हुए सघन धुएं और हानिकारक कणों के चलते कुछ घंटों के लिए अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन दुनिया का सबसे अधिक प्रदूषित प्रमुख शहर बन गया, जिसने पर्यावरणविदों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंताओं को अत्यधिक बढ़ा दिया है।

    इस विशाल आयोजन की जिम्मेदारी व्हाइट हाउस की ‘फ्रीडम 250’ पहल के तहत ‘पायरोटेक्निको’ नामक कंपनी को सौंपी गई थी। इस कंपनी ने समारोह के दौरान लगभग 8.5 लाख आतिशबाजियां एक साथ दागकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने का लक्ष्य रखा था। वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाली वैश्विक संस्था ‘आईक्यूएयर’ (IQAir) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस विशाल और सघन आतिशबाजी के प्रदर्शन के तुरंत बाद ही शहर का वायु प्रदूषण सूचकांक अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया, जिसने वॉशिंगटन को वैश्विक प्रदूषण रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचा दिया।

    यह पूरा आयोजन प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के बीच संपन्न हुआ। 4 जुलाई को क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप था और शाम के समय आए तेज गरज-चमक वाले तूफान के कारण मुख्य आतिशबाजी कार्यक्रम अपने निर्धारित समय से एक घंटे से अधिक की देरी से, मध्यरात्रि के आसपास शुरू हो सका। स्थानीय स्तर पर पहले से ही आतिशबाजी के कारण हवा खराब हो रही थी, लेकिन मुख्य शो शुरू होते ही आसमान में धुएं का गुबार छा गया। हवा के रुख के कारण यह हानिकारक धुआं सीधे दर्शकों की ओर फैल गया, जिससे कई प्रमुख इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई।

    शहर के विभिन्न वायु निगरानी केंद्रों से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, वातावरण में बेहद सूक्ष्म और हानिकारक प्रदूषक कणों यानी पीएम 2.5 (PM2.5) का स्तर एक समय पर 200 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से भी ऊपर दर्ज किया गया। अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) द्वारा तय किए गए 24 घंटे के सुरक्षित औसत मानक 35 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की तुलना में यह स्तर कई गुना अधिक और बेहद चिंताजनक था। ये सूक्ष्म कण मानव स्वास्थ्य, विशेषकर फेफड़ों और श्वसन तंत्र के लिए अत्यंत घातक माने जाते हैं।

    प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर को देखते हुए प्रशासन को वॉशिंगटन और उसके आस-पास के क्षेत्रों में ‘कोड पर्पल’ श्रेणी का अलर्ट जारी करना पड़ा। इसका सीधा अर्थ यह है कि हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हो चुकी थी कि वह सामान्य नागरिकों के स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती थी। इस वायु प्रदूषण का व्यापक असर न केवल राजधानी तक सीमित रहा, बल्कि इसके पड़ोसी राज्यों वर्जीनिया और मैरीलैंड के कई हिस्सों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई।

    वैज्ञानिकों और मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रविवार को समय पर बारिश नहीं हुई होती, तो स्थिति और भी अधिक गंभीर हो सकती थी। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के वायुमंडलीय वैज्ञानिक रसेल डिकरसन के अनुसार, बारिश ने वातावरण में फैले इस अत्यधिक धुएं और प्रदूषण को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे रविवार दोपहर तक वायु गुणवत्ता पुनः सामान्य स्तर पर आ सकी। इसके बाद वॉशिंगटन प्रदूषण रैंकिंग में नीचे खिसक गया। वहीं दूसरी ओर, इस आतिशबाजी के जरिए पूर्व में फिलीपींस द्वारा बनाए गए 8.11 लाख आतिशबाजी के रिकॉर्ड को तोड़ने के दावे पर ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ ने कहा है कि साक्ष्यों की पूरी समीक्षा के बाद ही आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।