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  • देवदत्त पडिक्कल के 199 रन भी नहीं दिला सके जीत, खराब रोशनी के कारण न्यूजीलैंड ए के खिलाफ ड्रॉ हुआ मुकाबला

    देवदत्त पडिक्कल के 199 रन भी नहीं दिला सके जीत, खराब रोशनी के कारण न्यूजीलैंड ए के खिलाफ ड्रॉ हुआ मुकाबला


    नई दिल्ली। भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेला गया पहला अनाधिकारिक टेस्ट मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंचने के बाद ड्रॉ हो गया। भारतीय टीम जीत से महज एक विकेट दूर थी लेकिन खराब रोशनी के कारण खेल रोकना पड़ा। जिस समय मुकाबला समाप्त हुआ उस वक्त न्यूजीलैंड ए की दूसरी पारी में नौ विकेट गिर चुके थे और टीम 187 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी लेकिन मौसम और रोशनी ने टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस नतीजे से न्यूजीलैंड ए को राहत मिली जबकि इंडिया ए के हाथ से लगभग तय दिखाई दे रही जीत निकल गई।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। भारतीय बल्लेबाज पहली पारी में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और पूरी टीम महज 113 रन पर सिमट गई। यश राठौड़ ने 44 रन बनाकर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की जबकि देवदत्त पडिक्कल ने 32 रन का योगदान दिया। शुरुआती पारी में भारतीय बल्लेबाजी के लड़खड़ाने से टीम पर दबाव बढ़ गया और न्यूजीलैंड ए को मैच में मजबूत स्थिति हासिल करने का मौका मिल गया।

    इसके बाद न्यूजीलैंड ए ने अपनी पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी की। कप्तान राइस मारिउ ने 76 रन बनाए जबकि डिन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के योगदान से न्यूजीलैंड ए ने 317 रन का स्कोर खड़ा किया। इस तरह मेजबान टीम को पहली पारी के आधार पर 204 रन की बड़ी बढ़त हासिल हुई। भारतीय टीम के सामने अब दूसरी पारी में दमदार बल्लेबाजी करके मुकाबले में वापसी करने की चुनौती थी।

    दूसरी पारी में भारत ए ने जोरदार पलटवार किया और 516 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे देवदत्त पडिक्कल ने शानदार धैर्य और तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने 248 गेंदों पर 24 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 199 रन बनाए। हालांकि वह दोहरे शतक से केवल एक रन दूर रह गए। साई सुदर्शन ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 184 गेंदों पर 91 रन बनाए। इसके अलावा यश राठौड़ ने 66 रन और वाशिंगटन सुंदर ने 52 रन की पारी खेलकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    पहली पारी में मिली बढ़त के कारण न्यूजीलैंड ए को जीत के लिए 313 रन का लक्ष्य मिला। भारतीय गेंदबाजों ने दूसरी पारी में शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। एक समय न्यूजीलैंड ए के नौ विकेट केवल 187 रन पर गिर चुके थे। मुकाबले में लगभग एक घंटे का खेल बाकी था और भारतीय टीम को जीत के लिए सिर्फ एक विकेट की जरूरत थी। लेकिन खराब रोशनी के कारण अंपायरों को खेल रोकना पड़ा और आखिरकार मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया।

    इस मुकाबले में भारत के लिए चिंता का विषय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल का प्रदर्शन भी रहा। जायसवाल पहली पारी में 17 और दूसरी पारी में पांच रन ही बना सके। वहीं राहुल पहली पारी में खाता नहीं खोल पाए और दूसरी पारी में केवल चार रन बना सके। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट मुकाबलों को देखते हुए दोनों बल्लेबाजों का फॉर्म भारतीय टीम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। कुल मिलाकर इंडिया ए ने दूसरी पारी में शानदार वापसी और गेंदबाजी से जीत की मजबूत स्थिति बनाई लेकिन खराब रोशनी के कारण उसे जीत से संतोषजनक दूरी पर रुकना पड़ा।

  • देवदत्त पडिक्कल की मैराथन पारी से न्यूजीलैंड ए के गेंदबाज पस्त, 24 चौके और 3 छक्के जड़कर 199 रन पर हुए आउट

    देवदत्त पडिक्कल की मैराथन पारी से न्यूजीलैंड ए के गेंदबाज पस्त, 24 चौके और 3 छक्के जड़कर 199 रन पर हुए आउट


    नई दिल्ली । भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच लिंकन के बर्ट सटक्लिफ ओवल मैदान पर खेले जा रहे पहले अनौपचारिक टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। दूसरी पारी में उन्होंने 199 रन की बेहतरीन पारी खेली लेकिन दोहरे शतक से महज एक रन दूर रह गए। पडिक्कल ने अपनी पारी के दौरान धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। हालांकि वह जिस तरह आउट हुए उससे भारतीय बल्लेबाज के चेहरे पर निराशा साफ नजर आई। उनकी इस पारी ने मुश्किल में फंसी भारत ए की टीम को मुकाबले में मजबूत वापसी का मौका दिया है।

    पडिक्कल ने 248 गेंदों का सामना करते हुए 199 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 24 चौके और तीन छक्के लगाए। वह दोहरा शतक पूरा करने के बेहद करीब थे लेकिन न्यूजीलैंड ए के तेज गेंदबाज जैक गिब्सन की गेंद उनके पैड पर लगी। गेंदबाज और विपक्षी खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की जिसके बाद अंपायर ने उन्हें आउट करार दे दिया। भारतीय बल्लेबाज इस फैसले से संतुष्ट नहीं दिखे और दोहरे शतक से चूकने की निराशा उनके चेहरे पर नजर आई। हालांकि उनकी पारी ने भारत ए के लिए दूसरी पारी में मजबूत आधार तैयार कर दिया।

    दूसरी पारी में भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए जबकि केएल राहुल भी चार रन ही बना सके। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम पर दबाव बढ़ गया था। ऐसे समय में पडिक्कल ने साई सुदर्शन के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ए के गेंदबाजों का सामना किया और तीसरे विकेट के लिए 340 गेंदों पर 215 रन की शानदार साझेदारी निभाई।

    साई सुदर्शन ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 184 गेंदों में 91 रन बनाए। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे। पडिक्कल और सुदर्शन की साझेदारी ने भारत ए को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की। सुदर्शन के आउट होने के बाद कप्तान ध्रुव जुरेल भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और केवल दो रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद पडिक्कल ने एक छोर संभाले रखा और रन बनाने का सिलसिला जारी रखा।

    इसके बाद पडिक्कल को यश राठौड़ का साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर उपयोगी साझेदारी की और स्कोर को आगे बढ़ाया। यश राठौड़ ने भी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक पूरा किया। टी ब्रेक तक भारत ए ने दूसरी पारी में पांच विकेट के नुकसान पर 377 रन बना लिए थे। यश राठौड़ 66 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे जबकि वॉशिंगटन सुंदर दो रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। इस समय भारत ए की कुल बढ़त 173 रन तक पहुंच चुकी थी और उसके पांच विकेट शेष थे।

    मैच की पहली पारी में भारत ए की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई थी और पूरी टीम केवल 113 रन बना सकी थी। इसके जवाब में न्यूजीलैंड ए ने 317 रन बनाकर 204 रन की अहम बढ़त हासिल कर ली थी। ऐसे में दूसरी पारी में पडिक्कल की शानदार बल्लेबाजी भारत ए के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। उनकी पारी ने न केवल टीम को संकट से बाहर निकालने में मदद की बल्कि मुकाबले में वापसी की उम्मीद भी जगा दी।

    हालांकि पडिक्कल अपने दोहरे शतक से चूक गए लेकिन 199 रन की उनकी पारी इस मुकाबले की सबसे अहम पारियों में शामिल हो गई। अब भारत ए की कोशिश अपनी बढ़त को और मजबूत करने की होगी ताकि न्यूजीलैंड ए के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा जा सके।