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  • वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल

    वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल


    नई दिल्ली । दांबुला के रंगिरी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में भारत ए ने बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत, जिन्होंने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। वैभव और प्रियांश आर्या ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रनों की तूफानी साझेदारी की। इस साझेदारी ने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को शुरुआती झटका दे दिया।

    Vaibhav Suryavanshi ने मात्र 29 गेंदों में 94 रनों की पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी इतनी आक्रामक रही कि उन्होंने 324 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 10 चौके और 8 छक्के लगाए। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया।

    दूसरे छोर से कप्तान Tilak Varma ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम को स्थिरता प्रदान की। उन्होंने 90 गेंदों पर 67 रन बनाए और तीसरे विकेट के लिए ऋतुराज गायकवाड़ के साथ 84 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत ए को शुरुआती झटकों के बाद मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ऋतुराज गायकवाड़ ने 51 गेंदों में 40 रन बनाए, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। वहीं कुमार कुशाग्र ने 36 रनों का योगदान दिया। मध्यक्रम में भले ही कुछ बल्लेबाज बड़े स्कोर नहीं कर सके, लेकिन रन गति लगातार तेज बनी रही।

    अंत के ओवरों में अनुकूल रॉय ने तेजी से रन जोड़ते हुए मात्र 15 गेंदों में 39 रनों की आतिशी पारी खेली। उनकी इस पारी में एक चौका और चार छक्के शामिल रहे, जिसने भारत ए को 370 के पार पहुंचा दिया। इसके अलावा यश ठाकुर नाबाद 2 रन पर रहे।

    श्रीलंका ए की ओर से गेंदबाजी में कुगाथास मथुलन, वानूजा साहन और रविंदु फर्नांडो ने दो-दो विकेट हासिल किए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता को रोक नहीं सके।

    कुल मिलाकर यह पारी भारत ए की बल्लेबाजी गहराई और युवा प्रतिभा का शानदार उदाहरण रही। खासकर वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत ने इस मुकाबले को एकतरफा मोड़ दे दिया।

  • सूर्यवंशी का ‘वैभव’ चमका, 11 गेंदों में अर्धशतक ठोककर 20 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

    सूर्यवंशी का ‘वैभव’ चमका, 11 गेंदों में अर्धशतक ठोककर 20 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त


    नई दिल्ली । दांबुला के रंगिरी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए इस मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रनों की तूफानी पारी खेलते हुए कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

    मैच की शुरुआत से ही वैभव का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। उन्होंने क्रीज पर आते ही गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और शुरुआत से ही बड़े शॉट लगाने शुरू कर दिए। उनकी बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि श्रीलंका ए के गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं बचा।

    सबसे खास बात यह रही कि वैभव सूर्यवंशी ने अपना अर्धशतक सिर्फ 11 गेंदों में पूरा कर दिया, जो लिस्ट ए क्रिकेट इतिहास में अब तक का सबसे तेज अर्धशतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2005-06 में कौशल्या वीररत्ने के नाम था, जिन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक बनाया था। वहीं भारत के लिए यह रिकॉर्ड पहले सरफराज खान के नाम था, जिन्होंने 15 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी, लेकिन वैभव ने दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया।

    अपनी 29 गेंदों की पारी में वैभव ने 10 चौके और 8 छक्के लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 324 का रहा, जो उनकी विस्फोटक क्षमता को दर्शाता है। हालांकि वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने मैच का पूरा रुख भारत ए की ओर मोड़ दिया।

    वैभव ने प्रियांश आर्य के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रनों की साझेदारी की, जिसने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। भारत ए ने सिर्फ 6.3 ओवर में ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया था, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है।

    पारी के दूसरे ही ओवर में वैभव ने श्रीलंकाई गेंदबाज शिराज को निशाना बनाते हुए तीन छक्के और दो चौके जड़कर 26 रन बटोरे। इस ओवर ने मैच का पूरा माहौल बदल दिया और विपक्षी टीम दबाव में आ गई।

    महज 15 साल की उम्र में इस तरह का प्रदर्शन करना वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में अपना डेब्यू 2024 में किया था और तब से लगातार अपने प्रदर्शन से प्रभावित कर रहे हैं। बिहार के लिए खेलते हुए भी उन्होंने 190 रनों की बड़ी पारी खेली थी, जो उनकी क्षमता को साबित करती है।

    फाइनल मुकाबले में उनकी यह पारी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत है कि आने वाले समय में वह बड़े मंच पर भी अपनी छाप छोड़ सकते हैं।