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  • एमपी सरकार का बड़ा ऐलान गेहूं बिक्री के लिए अब ज्यादा समय और ज्यादा सुविधा

    एमपी सरकार का बड़ा ऐलान गेहूं बिक्री के लिए अब ज्यादा समय और ज्यादा सुविधा


    भोपाल । मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरा फैसला सामने आया है जहां राज्य सरकार ने गेहूं उपार्जन को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया है अब किसान 30 अप्रैल 2026 तक गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे यह निर्णय किसानों को अधिक समय और सुविधा देने के उद्देश्य से लिया गया है जिससे वे बिना किसी जल्दबाजी के अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेच सकें

    डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अवधि में 6 दिन की वृद्धि की है इसके साथ ही एक और अहम बदलाव करते हुए स्लॉट बुकिंग की क्षमता को भी बढ़ा दिया गया है पहले जहां एक स्लॉट में 1000 क्विंटल गेहूं की सीमा तय थी वहीं अब इसे बढ़ाकर 1500 क्विंटल कर दिया गया है इस फैसले से बड़े और मध्यम किसानों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है

    अब तक की स्थिति पर नजर डालें तो प्रदेश में गेहूं खरीदी का काम तेजी से चल रहा है आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1 लाख 30 हजार 655 किसानों से 57 लाख 13 हजार 640 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है इसके एवज में किसानों के खातों में 355 करोड़ 3 लाख रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है यह भुगतान सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके

    वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने के लिए आगे आ रहे हैं अब तक 4 लाख 22 हजार 848 किसानों ने 1 करोड़ 82 लाख 96 हजार 810 क्विंटल गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक कराए हैं इससे साफ है कि इस बार गेहूं उपार्जन को लेकर किसानों में उत्साह देखने को मिल रहा है

    राज्य सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रदेशभर में 3171 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं इन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं जैसे छायादार बैठने की व्यवस्था स्वच्छ पेयजल बारदाने तौल कांटे सिलाई मशीन कंप्यूटर इंटरनेट और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं इसके अलावा उपज की सफाई के लिए पंखे और छनने की व्यवस्था भी की गई है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े

    वर्ष 2026 27 के लिए सरकार ने गेहूं की खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया है इसमें केंद्र सरकार द्वारा तय 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ राज्य सरकार की ओर से 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी शामिल है इस मूल्य से किसानों को उनकी उपज का बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है

    इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए 19 लाख 4 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 3 लाख 60 हजार अधिक है यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार की योजनाओं पर किसानों का भरोसा बढ़ा है पिछले साल जहां लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था वहीं इस साल 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है

    कुल मिलाकर सरकार का यह निर्णय किसानों के लिए राहत और सुविधा दोनों लेकर आया है जिससे उन्हें अपनी मेहनत की उपज का उचित मूल्य पाने में मदद मिलेगी और खरीदी प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बन सकेगी

  • मध्य पूर्व संकट के बीच सरकार अलर्ट खाद आपूर्ति सुचारू रखने और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश

    मध्य पूर्व संकट के बीच सरकार अलर्ट खाद आपूर्ति सुचारू रखने और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश


    नई दिल्ली:शॉर्ट डिस्क्रिप्शनमध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है इसी कड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने एक अहम समीक्षा बैठक कर देशभर में खाद आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए बैठक में आने वाले खरीफ सीजन की तैयारियों का भी विस्तार से आकलन किया गया

    कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि किसानों को समय पर खाद बीज और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि खेती का काम प्रभावित न हो मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश के हर हिस्से में खाद की उपलब्धता समान रूप से सुनिश्चित की जाए और सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट न आने पाए

    बैठक के दौरान फार्मर आईडी योजना को तेजी से लागू करने पर भी जोर दिया गया मंत्री का मानना है कि इससे वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी और वास्तविक किसानों तक संसाधन पहुंचाना आसान होगा उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी

    मंत्री ने खास तौर पर जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के समय कुछ तत्व अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है राज्य सरकारों को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया है

    इसके अलावा बैठक में कृषि रसायनों और बीजों के प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली गैसों की उपलब्धता की समीक्षा की गई साथ ही दूध और अन्य कृषि उत्पादों की पैकेजिंग के लिए जरूरी सामग्री की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया मंत्री ने पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए ताकि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनी रहे

    सरकार ने कृषि क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक स्पेशल सेल भी गठित किया है यह सेल चौबीसों घंटे काम करेगा और हर सप्ताह खाद बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता पर रिपोर्ट सीधे मंत्री को सौंपेगा इससे किसी भी संभावित संकट का समय रहते समाधान किया जा सकेगा

    बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें और अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों तक हर जरूरी संसाधन समय पर पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है

    उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में देश के कृषि उत्पादन में करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीद सहित कई योजनाएं किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में लागू की जा रही हैं

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