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  • भारत की लंबी दूरी की दौड़ को मिला नया हीरो, गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतकर बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

    भारत की लंबी दूरी की दौड़ को मिला नया हीरो, गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतकर बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और ऐतिहासिक पल सामने आया है। लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो अब तक कोई भारतीय ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी हासिल नहीं कर पाया था। इससे पहले वह 10000 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीत चुके थे। इसी के साथ गुलवीर कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बन गए। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान देने के साथ देश का गौरव भी बढ़ाया है।

    स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में आयोजित 5000 मीटर फाइनल बेहद रोमांचक रहा। शुरुआत में गुलवीर आठवें स्थान पर चल रहे थे लेकिन उन्होंने शानदार रणनीति और धैर्य का परिचय देते हुए धीरे धीरे अपनी रफ्तार बढ़ाई। शुरुआती 400 मीटर उन्होंने 1 मिनट 10.6 सेकंड में पूरे किए। इसके बाद अगले चरण में उन्होंने तेजी दिखाई और चौथे स्थान तक पहुंच गए। लगातार शानदार लय बनाए रखते हुए उन्होंने 3000 मीटर की दूरी 8 मिनट 16.6 सेकंड में पूरी की और अंतिम चरण में जबरदस्त स्प्रिंट लगाकर तीसरे स्थान पर कब्जा जमा लिया।

    गुलवीर सिंह ने 13 मिनट 24.95 सेकंड का समय निकालते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। केन्या के मैथ्यू किपचुम्बा किपसांग ने 13 मिनट 23.61 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि ऑस्ट्रेलिया के काय रॉबिन्सन ने 13 मिनट 24.70 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक हासिल किया। अंतिम 200 मीटर में गुलवीर ने जिस संयम और गति का प्रदर्शन किया उसने उन्हें पोडियम तक पहुंचा दिया।

    इससे पहले 10000 मीटर दौड़ में भी गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालते हुए रजत पदक जीता था। उस प्रदर्शन ने ही संकेत दे दिया था कि भारतीय धावक इस बार इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरे हैं। 5000 मीटर में कांस्य जीतने के साथ उन्होंने अपनी शानदार फिटनेस और निरंतरता का भी परिचय दिया।

    उत्तर प्रदेश के अतरौली के रहने वाले 28 वर्षीय गुलवीर सिंह भारतीय सेना में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले गुलवीर की सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है। कठिन मेहनत अनुशासन और लगातार अभ्यास की बदौलत उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन लगातार मजबूत होता जा रहा है। अब तक भारतीय दल 39 पदक जीत चुका है जिनमें 13 स्वर्ण 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर बना हुआ है और आने वाले मुकाबलों में देश को खिलाड़ियों से और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।

    गुलवीर सिंह की ऐतिहासिक उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के लिए नई उम्मीद और नई दिशा का प्रतीक है। यह जीत बताती है कि भारत अब लंबी दूरी की दौड़ में भी दुनिया की बड़ी ताकतों को चुनौती देने की क्षमता रखता है। आने वाले वर्षों में गुलवीर जैसे खिलाड़ी देश को वैश्विक प्रतियोगिताओं में और भी बड़ी सफलताएं दिलाने का दम रखते हैं।

  • भारत की युवा एथलेटिक्स शक्ति का जलवा, अंडर-20 चैंपियनशिप में 19 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन

    भारत की युवा एथलेटिक्स शक्ति का जलवा, अंडर-20 चैंपियनशिप में 19 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन



    नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक (10 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य) जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस प्रदर्शन की देशभर में सराहना हो रही है और इसे भारत की उभरती खेल प्रतिभा का मजबूत संकेत माना जा रहा है।

    भारत के प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी और इसे देश की “अदम्य खेल क्षमता का प्रतीक” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह उपलब्धि आने वाले समय में हजारों युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी भारतीय दल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का प्रमाण है।

    आखिरी दिन भारत का दमदार प्रदर्शन
    प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया।
    मुस्कान ने 5000 मीटर दौड़ में 16:53.08 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता
    मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 800 मीटर दौड़ में 1:48.27 का समय निकालकर गोल्ड हासिल किया
    नीरू पाठक की भूमिका से 4×400 मीटर रिले टीम ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया
    रिले इवेंट में रिकॉर्ड प्रदर्शन

    भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने 3:38.07 सेकंड का समय निकालकर नया मीट रिकॉर्ड बनाया। वहीं पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम ने भी पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए मजबूत प्रदर्शन किया, हालांकि उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।

    भारत की बढ़ती एथलेटिक्स ताकत
    विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रदर्शन भारत में युवा एथलेटिक्स की बढ़ती गहराई और बेहतर प्रशिक्षण प्रणाली का संकेत है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।

  • 10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतकर भारत का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने सराहा

    10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतकर भारत का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने सराहा


    नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 19 मेडल अपने नाम किए, जिनमें 10 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं। टीम के इस बेहतरीन प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की।

    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह प्रदर्शन भारतीय युवा एथलीटों के दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सफलता आने वाले समय में और अधिक युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।

    भारतीय टीम ने प्रतियोगिता के आखिरी दिन तीन गोल्ड मेडल जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। महिला 5,000 मीटर दौड़ में मुस्कान ने 16 मिनट 53.08 सेकंड का समय निकालकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 1 मिनट 48.27 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया।

    डिस्कस थ्रो में निश्चय ने 60.10 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता और इस दौरान नया नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने शानदार तालमेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और नया मीट रिकॉर्ड भी स्थापित किया। टीम ने 3 मिनट 38.07 सेकंड में रेस पूरी की, जो पहले के रिकॉर्ड से बेहतर था।

    इस रिले टीम में नीरू पाठक, भूमिका संजय नेहाते, ताहुरा खातून और सहनूर बावा शामिल थीं, जिन्होंने बेहतरीन समन्वय और गति का प्रदर्शन किया। वहीं पुरुष 4×400 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मिनट 05.54 सेकंड का समय निकाला, जो पुराना रिकॉर्ड तोड़ने वाला था। हालांकि मजबूत प्रतिस्पर्धा के कारण टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।

    इसके अलावा भारतीय महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया और 45.05 सेकंड का समय निकाला। इस टीम में काजल हीराभाई वाजा, भावना, आरती और निपम शामिल रहीं।

    इस प्रतियोगिता में भारत का समग्र प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि देश में युवा एथलीटों की नई पीढ़ी तेजी से उभर रही है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की पकड़ मजबूत होती दिख रही है।

    हालांकि मेडल टैली के लिहाज से यह प्रदर्शन 2024 में दुबई में हुए संस्करण से थोड़ा पीछे रहा, लेकिन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धियों और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने भविष्य के लिए मजबूत उम्मीदें जगाई हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी की बधाई ने खिलाड़ियों के मनोबल को और बढ़ाया है, और यह प्रदर्शन भारत के एथलेटिक्स भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।