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  • डोडला डेयरी की पहली तिमाही में झटका राजस्व रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा लेकिन मुनाफे में 42 प्रतिशत की गिरावट

    डोडला डेयरी की पहली तिमाही में झटका राजस्व रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा लेकिन मुनाफे में 42 प्रतिशत की गिरावट


    नई दिल्ली। डोडला डेयरी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करते हुए रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया है लेकिन बढ़ती लागत और महंगे कच्चे माल के कारण कंपनी की लाभप्रदता पर बड़ा असर पड़ा है। अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा घटकर 40.64 करोड़ रुपए रह गया जो पिछली तिमाही के 69.80 करोड़ रुपए की तुलना में करीब 42 प्रतिशत कम है। मजबूत बिक्री के बावजूद लागत में तेज बढ़ोतरी ने कंपनी के मुनाफे को प्रभावित किया।

    हालांकि राजस्व के मोर्चे पर कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। पहली तिमाही में डोडला डेयरी का कुल राजस्व 19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 1197.94 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि दूध की खरीद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और आने वाले महीनों की मांग को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त इन्वेंट्री तैयार करने की रणनीति अपनाई गई। इसी वजह से परिचालन लागत बढ़ी और शुद्ध लाभ पर दबाव देखने को मिला।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक डोडला सुनील रेड्डी ने कहा कि अधिक इन्वेंट्री तैयार करने का फैसला पूरे डेयरी उद्योग की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। उनका मानना है कि दूसरी तिमाही से दूध की खरीद कीमतों में धीरे धीरे सामान्य स्थिति लौटने लगेगी जिससे कंपनी की लाभप्रदता में भी सुधार आने की संभावना है।

    गर्मी का लंबा मौसम कंपनी के लिए बिक्री के लिहाज से फायदेमंद साबित हुआ। दही छाछ लस्सी और आइसक्रीम जैसे वैल्यू एडेड उत्पादों की रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई। इन उत्पादों की मजबूत बिक्री के कारण अब कंपनी की कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी लगभग एक तिहाई तक पहुंच गई है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि उपभोक्ताओं की पसंद तेजी से वैल्यू एडेड डेयरी उत्पादों की ओर बढ़ रही है।

    कंपनी का ईबीआईटीडीए भी बेहतर रहा और यह बढ़कर 64.9 करोड़ रुपए पर पहुंच गया जबकि पिछली तिमाही में यह 53.8 करोड़ रुपए था। इसके बावजूद कर्मचारियों पर बढ़ते खर्च और दूध खरीद की ऊंची कीमतों ने कुल लाभ को सीमित कर दिया। नए श्रम कानूनों के तहत ऑफ रोल कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन लागू होने से कर्मचारियों पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ा है। तिमाही आधार पर यह खर्च 51.7 करोड़ रुपए से बढ़कर 55.7 करोड़ रुपए हो गया जबकि सालाना आधार पर इसमें 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

    डोडला डेयरी ने इस तिमाही में अब तक की सबसे अधिक दूध खरीद भी दर्ज की। कंपनी ने प्रतिदिन औसतन 21.1 लाख लीटर दूध की खरीद की जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का कहना है कि परिचालन दक्षता में लगातार सुधार के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन पूरे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में बेहतर बना हुआ है और आने वाले महीनों में इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।

    कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार भी मजबूती से बढ़ा है। अफ्रीका बिजनेस से होने वाला राजस्व सालाना आधार पर 45.6 प्रतिशत बढ़ा है जिसमें दूध की बिक्री में 52.3 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इससे कंपनी के वैश्विक कारोबार को भी नई गति मिली है।

    भविष्य की विस्तार रणनीति के तहत डोडला डेयरी के निदेशक मंडल ने डायरेक्ट टू कंज्यूमर डेयरी ब्रांड सिड्स फार्म में करीब 11.6 करोड़ रुपए का प्राथमिक निवेश करने को मंजूरी दी है। इस निवेश के जरिए कंपनी ब्रांड में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश कंपनी को प्रीमियम डेयरी और डायरेक्ट टू कंज्यूमर बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने में मदद करेगा।