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  • गॉल में इतिहास रचने उतरेगी श्रीलंका की टीम! 288 रन का टारगेट, सफल हुआ रन चेज तो बनेगा बड़ा रिकॉर्ड

    गॉल में इतिहास रचने उतरेगी श्रीलंका की टीम! 288 रन का टारगेट, सफल हुआ रन चेज तो बनेगा बड़ा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट का रोमांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का बड़ा लक्ष्य रखा है। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 34 ओवर में 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए हैं। अब मेजबान टीम को टेस्ट जीतने के लिए आखिरी दिन 288 रन और बनाने होंगे। वहीं भारत को जीत के लिए सिर्फ 6 विकेट की जरूरत है। आंकड़े भारत के पक्ष में नजर आ रहे हैं लेकिन श्रीलंका का टेस्ट इतिहास बताता है कि वह 350 रन से ज्यादा के लक्ष्य का सफल पीछा करने का कारनामा पहले भी कर चुका है।

    श्रीलंका के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा सफल रन चेज 388 रन का है। जुलाई 2017 में कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ श्रीलंकाई टीम ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहली पारी में 356 रन बनाए थे जबकि श्रीलंका ने 346 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे ने दूसरी पारी में 377 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 388 रन का लक्ष्य रखा। मेजबान टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 391 रन बनाकर 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया था।

    उस ऐतिहासिक रन चेज में निरोशन डिकवेला ने 81 रन की अहम पारी खेली थी जबकि असेला गुणारत्ने 80 रन बनाकर नाबाद रहे थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए 121 रन की निर्णायक साझेदारी हुई थी। इस जीत ने श्रीलंका को टेस्ट इतिहास के सबसे यादगार रन चेज में शामिल कर दिया।

    श्रीलंका ने इससे पहले भी 350 से ज्यादा रन के लक्ष्य का सफल पीछा किया है। साल 2006 में कोलंबो में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रीलंका ने 352 रन का लक्ष्य हासिल किया था। दक्षिण अफ्रीका ने चौथी पारी में जीत के लिए 352 रन का लक्ष्य रखा था और श्रीलंका ने 352 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया था। इस मैच में महेला जयवर्धने ने 123 रन की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।

    यानी श्रीलंका की टीम टेस्ट क्रिकेट में दो बार 350 या उससे ज्यादा रन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर चुकी है। अब गॉल में उसके सामने 372 रन का लक्ष्य है। यह लक्ष्य उसके 352 रन वाले दूसरे सबसे बड़े सफल रन चेज से 20 रन ज्यादा है। अगर श्रीलंका आखिरी दिन 372 रन तक पहुंच जाता है तो यह उसके टेस्ट इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज बन जाएगा।

    हालांकि भारत के खिलाफ यह चुनौती आसान नहीं होगी। चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को शुरुआती झटके देकर दबाव में ला दिया। दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा 31 रन बनाकर नाबाद हैं जबकि सोनल दिनुषा 25 रन पर खेल रहे हैं। दोनों बल्लेबाजों पर पांचवें दिन टीम की उम्मीदों का बड़ा दारोमदार रहेगा।

    गॉल में श्रीलंका के सामने सिर्फ 288 रन बनाने की चुनौती नहीं है बल्कि भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ पूरे दिन टिके रहने की परीक्षा भी होगी। टेस्ट मैच की चौथी पारी में बड़ा लक्ष्य हासिल करना वैसे ही मुश्किल माना जाता है और यहां श्रीलंका के पास सिर्फ 6 विकेट बचे हैं। दूसरी ओर भारत के पास मैच खत्म करने का स्पष्ट मौका है।

    गॉल में विदेशी टीम द्वारा श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ा सफल रन चेज पाकिस्तान के नाम है। पाकिस्तान ने 2015 में पल्लेकेले में श्रीलंका के खिलाफ 377 रन का लक्ष्य हासिल किया था। उसने 382 रन बनाकर मुकाबला जीता था। ऐसे में मौजूदा 372 रन का लक्ष्य उस रिकॉर्ड से सिर्फ 5 रन कम है।

    अब मुकाबले का पूरा दारोमदार पांचवें दिन पर है। श्रीलंका अगर 288 रन और बना लेता है तो वह न केवल भारत के खिलाफ यादगार जीत दर्ज करेगा बल्कि अपने टेस्ट इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज भी पूरा कर लेगा। दूसरी तरफ भारत के पास छह विकेट लेकर गॉल टेस्ट अपने नाम करने का मौका है। ऐसे में 19 अगस्त का पांचवां दिन दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और रोमांचक रहने वाला है।

  • मानव सुथार की गेंदबाजी ने मचाया कहर, रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम

    मानव सुथार की गेंदबाजी ने मचाया कहर, रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम


    नई दिल्ली। मानव सुथार ने 22 ओवर में मात्र 33 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। यह प्रदर्शन उन्हें भारत के टेस्ट इतिहास में डेब्यू पर दूसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी स्पेल बनाने वालों की सूची में शामिल कर देता है। भारत के लिए डेब्यू टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ स्पेल का रिकॉर्ड अब भी नरेंद्र हिरवानी के नाम है, जिन्होंने 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 8 विकेट लेकर इतिहास रचा था।

    रिकॉर्ड्स की कतार में मानव सुथार
    मानव सुथार ने कई अहम उपलब्धियां अपने नाम कीं-
    भारत की ओर से पिछले 35 वर्षों में डेब्यू पर 6 विकेट लेने वाले चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल
    अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन
    इस सदी में डेब्यू पर 5+ विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय स्पिनर
    इससे पहले यह उपलब्धि अमित मिश्रा ने 2008 में हासिल की थी।

    अफगानिस्तान की बल्लेबाजी बिखरी
    Afghanistan national cricket team की पारी में केवल रहमत शाह ही संघर्ष करते नजर आए और उन्होंने 60 रनों की उपयोगी पारी खेली। कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी और अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना सके।

    भारत की मजबूत पकड़
    प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 विकेट लेकर तेज गेंदबाजी में योगदान दिया, जबकि वॉशिंगटन सुंदर को भी एक सफलता मिली। इसके चलते भारत ने पहली पारी के आधार पर 412 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली है।

    डेब्यू टेस्ट में ही मानव सुथार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने उन्हें भविष्य के प्रमुख स्पिनरों की सूची में ला खड़ा किया है। उनका यह स्पेल भारतीय टेस्ट क्रिकेट के यादगार प्रदर्शनों में गिना जाएगा।

  • तीन तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर की मौजूदगी, प्रिंस के लिए जगह बनाना चुनौती

    तीन तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर की मौजूदगी, प्रिंस के लिए जगह बनाना चुनौती


    नई दिल्ली। जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के बाद भी भारत की तेज गेंदबाजी लाइन-अप कमजोर नहीं हुई है। जिम्मेदारी अब मोहम्मद सिराज के कंधों पर होगी, जिनके साथ अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे विकल्प मौजूद हैं। हर्षित राणा की खासियत यह है कि वह गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं, जिससे उनकी प्लेइंग-11 में दावेदारी और मजबूत हो जाती है।

    प्रिंस यादव के लिए चुनौती क्यों बढ़ी?
    प्रिंस यादव ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 मैचों में 16 विकेट लिए थे। उन्होंने एक यादगार स्पेल में विराट कोहली को भी क्लीन बोल्ड कर सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बावजूद टीम में पहले से ही स्थापित तेज गेंदबाज मौजूद हैं, जिससे प्रिंस को सीधे प्लेइंग-11 में जगह मिलना मुश्किल लग रहा है।

    ऑलराउंडर्स ने भी बढ़ाई प्रतिस्पर्धा
    टीम में नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दे सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट अक्सर ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देता है जो अतिरिक्त बैलेंस प्रदान करते हैं।

    क्या सिर्फ एक-दो मैच का मौका मिलेगा?
    सूत्रों के अनुसार, अगर प्रिंस यादव को मौका मिलता भी है, तो वह संभवतः आयरलैंड के खिलाफ शुरुआती मैचों तक सीमित रह सकता है। क्योंकि इस दौरे पर भारत को सिर्फ दो टी20 मुकाबले आयरलैंड के खिलाफ खेलने हैं।

    चयन पर भी उठ रहे सवाल
    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रिंस को लगातार मैच खेलने का मौका नहीं मिलता, तो उन्हें भारत ए या किसी अन्य डेवलपमेंट सीरीज में भेजना ज्यादा उपयोगी हो सकता था, जहां उन्हें नियमित गेम टाइम मिलता।

    टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी यूनिट इस समय बेहद प्रतिस्पर्धी है, और यही वजह है कि प्रिंस यादव के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाना आसान नहीं दिख रहा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट उन्हें मौका देकर भविष्य का निवेश मानता है या नहीं।

  • गिल-राहुल के दमदार शतक, भारतीय बल्लेबाजों ने गेंदबाजों के लिए तैयार किया मजबूत मंच

    गिल-राहुल के दमदार शतक, भारतीय बल्लेबाजों ने गेंदबाजों के लिए तैयार किया मजबूत मंच


    नई दिल्ली। मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने दूसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए मेहमान टीम के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। मजबूत बल्लेबाजी के दम पर भारत ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की और मुकाबले में मजबूत स्थिति हासिल कर ली।

    दूसरे दिन भारतीय टीम ने शुभमन गिल और ऋषभ पंत के साथ अपनी पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही सकारात्मक रवैया अपनाया और अफगान गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। कप्तान शुभमन गिल ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 177 गेंदों में 126 रन बनाए। उनकी पारी में 15 चौके और एक छक्का शामिल रहा। गिल ने एक बार फिर साबित किया कि वह लंबी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं और टीम के शीर्ष क्रम की सबसे मजबूत कड़ी बन चुके हैं।

    दूसरी ओर ऋषभ पंत ने अपनी आक्रामक शैली में बल्लेबाजी करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने 81 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसमें छह चौके और तीन शानदार छक्के शामिल थे। हालांकि वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी ने भारत की रन गति को लगातार बनाए रखा। गिल और पंत की साझेदारी ने भारतीय टीम को विशाल स्कोर की दिशा में मजबूती प्रदान की।

    ध्रुव जुरेल से भी बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह 19 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर और टेस्ट पदार्पण कर रहे मानव सुथार ने पारी को संभाला। दोनों खिलाड़ियों ने सातवें विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी कर टीम को और मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मानव सुथार ने अपने पहले टेस्ट मैच में 28 रन का योगदान देकर सकारात्मक संकेत दिए।

    वॉशिंगटन सुंदर ने निचले क्रम में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद अर्धशतक जमाया। उन्होंने 68 गेंदों में 52 रन बनाए और अंत तक क्रीज पर डटे रहे। उनकी पारी में पांच चौके और एक छक्का शामिल था। सुंदर ने मोहम्मद सिराज के साथ तेज साझेदारी कर टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। सिराज ने भी बल्लेबाजी में हाथ दिखाते हुए केवल 12 गेंदों में 22 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल रहा। कुलदीप यादव 9 रन बनाकर नाबाद लौटे।

    भारतीय पारी की नींव पहले दिन ही मजबूत हो चुकी थी। यशस्वी जायसवाल ने 24 रन का योगदान दिया, जबकि केएल राहुल ने बेहतरीन शतक जड़ा। राहुल ने 165 गेंदों में 100 रन बनाकर अपनी तकनीक और धैर्य का शानदार प्रदर्शन किया। वहीं साई सुदर्शन ने 81 रन की आकर्षक पारी खेलकर शीर्ष क्रम को मजबूती प्रदान की।

    अफगानिस्तान की ओर से गेंदबाजी में मोहम्मद सलीम सफी सबसे सफल रहे। उन्होंने छह विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजों को चुनौती देने की कोशिश की। जियाउर रहमान और हशमतुल्लाह शाहिदी को एक-एक सफलता मिली। हालांकि भारतीय बल्लेबाजों के सामने अफगान गेंदबाजी काफी हद तक बेअसर नजर आई।

    564 रन का विशाल स्कोर भारत की बल्लेबाजी गहराई और मौजूदा फॉर्म को दर्शाता है। यह अफगानिस्तान के खिलाफ किसी भी टीम द्वारा बनाए गए सबसे बड़े स्कोरों में से एक है। अब भारतीय गेंदबाजों की नजर अफगानिस्तान को जल्द समेटकर मैच पर पूरी पकड़ बनाने पर होगी।

  • रवि शास्त्री की राय: दक्षिण अफ्रीका से मिली हार टीम इंडिया के लिए रणनीति सुधार का मौका

    रवि शास्त्री की राय: दक्षिण अफ्रीका से मिली हार टीम इंडिया के लिए रणनीति सुधार का मौका


    नई दिल्ली ।
    टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रनों की भारी हार का सामना करना पड़ा जो कि भारतीय टीम के टी20 विश्व कप इतिहास में रनों के लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी हार है। इस हार के बाद टीम इंडिया की सेमीफाइनल की राह काफी मुश्किल हो गई है और अब टीम को अपनी रणनीति पर गंभीर रूप से विचार करना होगा।

    पूर्व कप्तान और कोच रवि शास्त्री ने इस हार को समय पर मिली वेकअप कॉल बताया। शास्त्री ने कहा कि लगातार जीतते रहने के बाद एक दिन खराब प्रदर्शन होना सामान्य है और उन्हें खुशी है कि यह झटका जल्दी ही मिल गया ताकि टीम को अपनी कमजोरी का एहसास हो सके। उन्होंने कहा कि यह हार कैंप के अंदर रणनीति में बदलाव लाने और टीम कॉम्बिनेशन पर पुनर्विचार करने का मौका देगी। सुपर-8 में एक और हार टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

    शास्त्री ने सुझाव दिया कि टीम को अक्षर पटेल को वापस लाना चाहिए क्योंकि उनके अनुभव की इस समय बेहद जरूरत है। उन्होंने कहा कि पटेल और वाशिंगटन सुंदर दोनों को खेलने का मौका दिया जाना चाहिए ताकि टीम के पास हर स्थिति के लिए विकल्प मौजूद हों। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी मैच में किसी गेंदबाज का दिन खराब हो सकता है जैसे रविवार को वरुण चक्रवर्ती का प्रदर्शन था। ऐसे में टीम को अतिरिक्त विकल्प रखने की जरूरत है।

    बल्लेबाजी क्रम पर चर्चा करते हुए शास्त्री ने कहा कि नंबर 5 पर हार्दिक पांड्या, नंबर 6 पर शिवम दुबे और नंबर 7 पर वाशिंगटन सुंदर खेल सकते हैं। अक्षर पटेल को नंबर 5 या नंबर 8 पर खेलने का विकल्प दिया जा सकता है। शास्त्री ने यह भी स्पष्ट किया कि टी20 में अगर आठ बल्लेबाज सही तरीके से योगदान नहीं दे सकते तो टीम में गड़बड़ है। इसलिए टीम को एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज का विकल्प रखना चाहिए। उन्होंने रिंकू सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर टीम में शामिल किया जा सकता है।

    शास्त्री का मानना है कि इस हार से टीम को अपनी कमजोरियों का एहसास हुआ है और अब समय है रणनीति सुधार करने का। उन्होंने जोर दिया कि टीम कॉम्बिनेशन, गेंदबाजी विकल्प और बल्लेबाजी क्रम पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह हार टीम को जरूरी चेतावनी दे रही है कि टूर्नामेंट के आगे के दौर में गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।

    टी20 विश्व कप के इस प्रारंभिक मुकाबले ने साबित कर दिया है कि भारत को अपनी रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा। शास्त्री का संदेश साफ है कि टीम को अनुभव और विकल्पों के साथ संतुलित प्रदर्शन करने की जरूरत है। यह हार टीम के लिए वेकअप कॉल है जो उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार करेगी।

  • ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया

    ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया


    नई दिल्ली। रायपुर में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में धमाकेदार जीत दर्ज की। कीवी टीम ने भारत के सामने 209 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत ने महज 15.2 ओवर का समय लिया और कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 76 और सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड भी मिला।

    इस जीत के दौरान भारत ने टी20आई में फुल मेंबर टीम द्वारा सबसे तेज 200 प्लस रन चेज का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले पाकिस्तान ने 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 200 रन के लक्ष्य का पीछा 16 ओवर में पूरा किया था। भारत ने यह रिकॉर्ड सिर्फ तोड़ा ही नहीं बल्कि इसे और भी शानदार अंदाज में पूरा किया।यह दूसरी बार है जब टीम इंडिया ने 200 से अधिक रन बनाए और दो विकेट जल्दी गिरने के बावजूद शानदार पीछा किया। पहले टी20 में 27/2 के बाद भारत ने 211 रन जोड़े थे जबकि दूसरे टी20 में छह ओवर के बाद दो विकेट खोने के बाद 203 रन बनाए। 209 रनों का यह चेज टी20आई में सबसे बड़ा सफल पीछा भी माना जा रहा है जब टीम के दो विकेट दस रन से कम पर गिर गए हों।

    सूर्यकुमार यादव ने लगातार 23 पारियों में कोई फिफ्टी नहीं बनाने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 82 रन नाबाद बनाए। इस दौरान उन्होंने टॉप चार में बल्लेबाजी करते हुए टी20आई में लंबा सिलसिला तोड़ा। ऋषभ पंत के बाद यह किसी भारतीय बल्लेबाज का दूसरा सबसे लंबा रिकॉर्ड है।ईशान किशन ने अपनी फिफ्टी 21 गेंदों में पूरी की जो न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए सबसे तेज फिफ्टी है। पावरप्ले में उनके 56 रन मेंस टी20आई में भारत के किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।

    भारत ने न्यूजीलैंड को 28 गेंदें शेष रहते हराया। इस जीत के साथ भारत ने फुल मेंबर टीम द्वारा 200 प्लस रन का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा गेंदें शेष रहते जीत हासिल करने का रिकॉर्ड भी पाकिस्तान से छीना। इस शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया के आक्रामक और मजबूत फॉर्म को फिर साबित कर दिया।ईशान और सूर्यकुमार की तूफानी पारियों के दम पर भारत ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम और भी ऊंचा किया और इस मैच ने दर्शकों के लिए रोमांचक और यादगार मोड़ साबित किया।