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  • मस्कट में लहराया तिरंगा भारतीय पुरुष टीम बनी एशियन चैंपियन महिला टीम ने सिल्वर जीतकर रचा शानदार इतिहास

    मस्कट में लहराया तिरंगा भारतीय पुरुष टीम बनी एशियन चैंपियन महिला टीम ने सिल्वर जीतकर रचा शानदार इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय युवा हॉकी ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपना दम दिखाया है। ओमान के मस्कट में आयोजित एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। दूसरी ओर भारतीय महिला टीम भी फाइनल तक पहुंची लेकिन चीन के खिलाफ मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दोनों टीमों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि भारतीय हॉकी का भविष्य बेहद मजबूत हाथों में है।

    पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के पांचवें मिनट में रोमित पाल ने शानदार गोल दागकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। उनकी तेज रफ्तार और बेहतरीन फिनिशिंग ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। पहले हाफ में मिली इस बढ़त के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी टीम को ज्यादा मौके नहीं दिए।

    दूसरे हाफ में भारत ने अपने खेल की रफ्तार और तेज कर दी। कप्तान केतन कुशवाहा ने 12वें मिनट में शानदार गोल कर बढ़त को 2-0 कर दिया। इसके तुरंत बाद शाहरुख अली ने एक और गोल दागते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। पाकिस्तान की ओर से मुहम्मद उस्मान ने 16वें मिनट में एकमात्र गोल किया लेकिन तब तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। भारतीय डिफेंस ने अंत तक शानदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

    इस शानदार प्रदर्शन का एक और बड़ा फायदा भारत को मिला। फाइनल में पहुंचने के कारण भारत और पाकिस्तान दोनों ने पहली एफआईएच यूथ हॉकी5एस विश्व कप के लिए भी अपना स्थान पक्का कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने जिस अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया उसने भविष्य के लिए उम्मीदें और मजबूत कर दी हैं।

    महिला वर्ग में भी भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि खिताबी मुकाबले में चीन की टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय रक्षा पंक्ति को कई बार भेदा और 4-2 से जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने संघर्ष जरूर किया लेकिन चीन की आक्रामक रणनीति के सामने वह जीत हासिल नहीं कर सकी। इसके बावजूद रजत पदक जीतना युवा भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    दोनों टीमों की सफलता पर हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को सम्मानित करने का फैसला किया है। स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को दो लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं रजत पदक जीतने वाली महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को एक लाख रुपये तथा सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को पचास हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

    एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय टीमों का यह प्रदर्शन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि यह आने वाले वर्षों में भारतीय हॉकी की मजबूत नींव का संकेत भी है। युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और उनका प्रदर्शन यह भरोसा दिलाता है कि भविष्य में भारत विश्व हॉकी में और भी बड़ी सफलताएं हासिल करेगा।

  • भारत का डबल धमाका! पहले ओमान फिर पाकिस्तान को हराया, पुरुष टीम का शानदार प्रदर्शन जारी

    भारत का डबल धमाका! पहले ओमान फिर पाकिस्तान को हराया, पुरुष टीम का शानदार प्रदर्शन जारी


    नई दिल्ली। मस्कट में आयोजित एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियन चैंपियनशिप 2026 में भारतीय सब जूनियर पुरुष टीम ने अपने शानदार खेल से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। भारतीय खिलाड़ियों ने पहले मेजबान ओमान को 10-1 के बड़े अंतर से मात दी और इसके बाद चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-3 से हराकर टूर्नामेंट में अपना दबदबा साबित कर दिया। लगातार दो प्रभावशाली जीत के साथ भारतीय टीम ने यह संकेत दे दिया है कि वह खिताब की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल है। हालांकि महिला टीम को चीन के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

    पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले हाफ में ही भारत ने 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी। रोमित पाल ने आठवें मिनट में पहला गोल दागकर टीम का खाता खोला। इसके बाद करण गौतम और कप्तान केतन कुशवाहा ने लगातार गोल कर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया। भारतीय खिलाड़ियों की तेज रफ्तार और सटीक आक्रमण के सामने पाकिस्तानी टीम पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई।

    दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। प्रहलाद राजभर ने चौथा गोल कर बढ़त को और मजबूत किया। पाकिस्तान ने मोहम्मद उस्मान के दो गोल और कप्तान अदील के एक गोल के दम पर वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय टीम ने उन्हें ज्यादा मौका नहीं दिया। शाहरुख अली, राहुल यादव और कप्तान केतन कुशवाहा ने लगातार गोल दागकर भारत की 7-3 की शानदार जीत सुनिश्चित कर दी।

    इससे पहले मेजबान ओमान के खिलाफ भी भारतीय खिलाड़ियों ने एकतरफा प्रदर्शन किया। पहले हाफ में ही भारत ने 6-0 की बढ़त हासिल कर मुकाबले का रुख तय कर दिया था। शाहरुख अली और कप्तान केतन कुशवाहा ने दो-दो गोल किए, जबकि करण गौतम और प्रहलाद राजभर ने भी गोल कर टीम की बढ़त मजबूत की। ओमान की ओर से एकमात्र गोल खजराज सुबैत सुबैत अल मशराफी ने किया, लेकिन इससे मैच के नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ा और भारत ने 10-1 से बड़ी जीत दर्ज की।

    दूसरी ओर भारतीय सब जूनियर महिला टीम को चीन के खिलाफ 3-6 से हार झेलनी पड़ी। भारत ने शानदार शुरुआत करते हुए शुरुआती बढ़त बनाई। संदीप कुमार ने पहला गोल किया, जबकि किरण एक्का ने लगातार दो गोल दागकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि चीन ने शानदार वापसी करते हुए हाफ टाइम तक मुकाबला 3-3 से बराबर कर लिया।

    दूसरे हाफ में चीनी टीम ने अपनी आक्रामकता और बढ़ा दी। गुओ जियाक्सिन ने हैट्रिक पूरी की, जबकि लू टोंगटोंग ने दूसरा गोल कर चीन की जीत पर मुहर लगा दी। भारतीय टीम ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन वापसी नहीं कर सकी।

    यह टूर्नामेंट पहली बार आयोजित होने वाले एफआईएच यूथ हॉकी5एस विश्व कप के लिए एशियाई क्वालीफायर भी है। ऐसे में भारतीय पुरुष टीम की लगातार दो जीत उसके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देने के साथ विश्व कप क्वालीफिकेशन की राह भी मजबूत कर रही है।

  • एफआईएच प्रो लीग का शानदार अंत भारत ने शूटआउट में इंग्लैंड को हराया वर्ल्ड कप से पहले बढ़ाया आत्मविश्वास

    एफआईएच प्रो लीग का शानदार अंत भारत ने शूटआउट में इंग्लैंड को हराया वर्ल्ड कप से पहले बढ़ाया आत्मविश्वास


    नई दिल्ली । एफआईएच प्रो लीग के अपने अंतिम मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार जुझारूपन और मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए मेजबान इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हरा दिया। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए इस मुकाबले के निर्धारित 60 मिनट तक दोनों टीमें एक भी गोल नहीं कर सकीं और स्कोर 0-0 रहा। इसके बाद मैच का फैसला शूटआउट से हुआ जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम दिखाते हुए जीत अपने नाम कर ली। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि हॉकी विश्व कप से पहले भारत का यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था और टीम ने शानदार प्रदर्शन के साथ अपना आत्मविश्वास बढ़ाया।

    पूरे मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले क्वार्टर में कई बार भारतीय गोल पर दबाव बनाया। शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर पर इंग्लैंड के पास बढ़त लेने का अच्छा मौका था लेकिन भारतीय गोलकीपर मोहित शशिकुमार ने शानदार बचाव करते हुए टीम को शुरुआती झटका नहीं लगने दिया। उन्होंने पूरे मुकाबले में कई महत्वपूर्ण सेव किए और विपक्षी खिलाड़ियों को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। भारत की ओर से भी अभिषेक को पहले क्वार्टर में बेहतरीन अवसर मिला लेकिन वह उसे गोल में नहीं बदल सके।

    दूसरे क्वार्टर में भी मुकाबला पूरी तरह संतुलित रहा। इंग्लैंड ने लगातार भारतीय डी में प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन भारतीय डिफेंस चट्टान की तरह खड़ा रहा। दूसरी ओर भारत ने भी जवाबी हमले किए। जरमनप्रीत सिंह ने शानदार मूव बनाते हुए गोल का प्रयास किया लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर ने बेहतरीन बचाव कर स्कोर बराबर बनाए रखा। पहले हाफ के अंत तक दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं।

    तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रमण की रफ्तार बढ़ा दी। कप्तान हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड से शानदार दौड़ लगाकर कई मौके बनाए और टीम को पेनल्टी कॉर्नर भी दिलाया लेकिन अमनदीप लाकड़ा इस अवसर का फायदा नहीं उठा सके। इसी क्वार्टर में इंग्लैंड को पेनल्टी स्ट्रोक मिला लेकिन भारत ने वीडियो रेफरल लिया। रिप्ले में साफ हुआ कि भारतीय खिलाड़ी का टैकल पूरी तरह सही था जिसके बाद अंपायर ने अपना फैसला बदल दिया। यह पल मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ क्योंकि भारत ने संभावित गोल से खुद को बचा लिया।

    चौथे क्वार्टर में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा दम लगा दिया। भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने भी कई शानदार बचाव किए और इंग्लैंड को बढ़त लेने का मौका नहीं दिया। भारत को भी लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन मेजबान टीम का डिफेंस मजबूत रहा। आखिरकार निर्धारित समय तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी और मुकाबला शूटआउट तक पहुंच गया।

    शूटआउट में भारत की ओर से अभिषेक शिलानंद लाकड़ा और कप्तान हार्दिक सिंह ने शानदार गोल किए जबकि भारतीय गोलकीपरों ने विपक्षी खिलाड़ियों को रोकते हुए टीम को 3-2 से जीत दिलाई। पूरे मुकाबले में शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन करने वाले संजय को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी सूझबूझ भरी डिफेंडिंग और दबाव के क्षणों में शांत प्रदर्शन ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    विश्व कप से पहले मिली यह जीत भारतीय टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाली साबित होगी। मजबूत डिफेंस शानदार गोलकीपिंग और दबाव में संयम बनाए रखने की क्षमता ने यह संकेत दिया है कि टीम बड़े टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • मेंस अंडर-18 एशिया कप: आशीष की हैट्रिक, चीनी ताइपे को 13-1 से हराकर भारत सेमीफाइनल में

    मेंस अंडर-18 एशिया कप: आशीष की हैट्रिक, चीनी ताइपे को 13-1 से हराकर भारत सेमीफाइनल में


    नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर अपने आक्रामक खेल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धमाल मचा दिया है। मेंस अंडर-18 एशिया कप 2026 के अपने आखिरी पूल ए मुकाबले में भारत ने चीनी ताइपे को 13-1 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में शानदार एंट्री कर ली। इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम पूरी तरह हावी रही और शुरुआत से ही गोलों की बारिश कर दी।
    भारत की इस धमाकेदार जीत के हीरो रहे आशीष तानी पूर्ति, जिन्होंने शानदार हैट्रिक लगाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने सामूहिक प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया।

     शुरुआत से ही भारत का दबदबा, पहले ही क्वार्टर में बढ़त
    मैच की शुरुआत से ही भारत ने आक्रामक रुख अपनाया। 7वें मिनट में करण गौतम ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर खाता खोला। इसके बाद प्रेमचंद सोय (11’) ने फील्ड गोल दागकर बढ़त दोगुनी कर दी। कप्तान केतन कुशवाहा (13’) ने तीसरा गोल दागकर पहले क्वार्टर में ही भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

     दूसरे क्वार्टर में भी गोलों की रफ्तार जारी
    दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। राहुल यादव (20’) ने चौथा गोल किया, जबकि आशीष तानी पूर्ति (27’) ने पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 5-0 कर दिया। इसके बाद सिद्धार्थ बेन (30’) ने शानदार फील्ड गोल दागकर बढ़त और मजबूत कर दी। हालांकि हाफ टाइम से पहले चीनी ताइपे ने एक गोल जरूर किया, लेकिन भारत पहले ही भारी बढ़त ले चुका था।

     तीसरे क्वार्टर में आशीष की हैट्रिक, भारत का दबदबा चरम पर
    ब्रेक के बाद भी भारतीय टीम ने आक्रामक खेल जारी रखा। 35वें मिनट में आशीष ने अपना दूसरा गोल दागा और फिर 42वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर से हैट्रिक पूरी की। इसी बीच गाजी खान (40’ और 44’) ने भी दो गोल कर भारत की बढ़त को और विशाल बना दिया।

     आखिरी क्वार्टर में भी नहीं रुका गोलों का सिलसिला
    चौथे क्वार्टर में भी भारत ने गति कम नहीं की। वरिंदर सिंह (50’) ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। सिद्धार्थ बेन (52’) और राहुल यादव (54’) ने अपने-अपने दूसरे गोल दागकर भारत की 13-1 की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी।

     पूल स्टेज में शानदार प्रदर्शन, सेमीफाइनल में मजबूत दावेदारी
    भारत ने पूल स्टेज में कजाकिस्तान, कोरिया और चीनी ताइपे के खिलाफ जीत दर्ज की, जबकि मेजबान जापान के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा। कुल 9 अंकों के साथ भारत ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है।

    भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम का यह प्रदर्शन न सिर्फ उसकी आक्रामक क्षमता को दिखाता है, बल्कि भविष्य की मजबूत टीम का संकेत भी देता है। 13-1 की यह जीत भारत के आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी, खासकर सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले से पहले।

  • हॉकी: भारतीय महिला अंडर-18 टीम ने सिंगापुर को 25-0 से रौंदा, सेमीफाइनल में पहुंची

    हॉकी: भारतीय महिला अंडर-18 टीम ने सिंगापुर को 25-0 से रौंदा, सेमीफाइनल में पहुंची


    नई दिल्ली । भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर को 25-0 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया और टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

    मंगलवार को खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पहले ही मिनटों से सिंगापुर की डिफेंस पर दबाव बना दिया। कप्तान स्वीटी कुजूर ने दूसरे मिनट में पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई, जिसके बाद लगातार गोलों की झड़ी लग गई।

    मैच की सबसे बड़ी स्टार नौशीन नाज रहीं, जिन्होंने सात गोल दागे और विपक्षी डिफेंस को पूरी तरह तोड़ दिया। गीताश्री नम्मी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच गोल किए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया। कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल किए, जबकि प्रियंका मिंज ने हैट्रिक लगाई।

    इसके अलावा दीया, नैन्सी सरोहा, श्रुति कुमारी, पुष्पा मांझी, रश्मीन कौर और संदीपा कुमारी ने भी एक-एक गोल कर टीम की बढ़त को और मजबूत किया। भारतीय टीम ने पूरे मैच में तेज पासिंग, आक्रामक मूवमेंट और मजबूत फिनिशिंग का प्रदर्शन किया।

    पहले हाफ में ही भारत ने एकतरफा बढ़त बना ली थी, जबकि दूसरे हाफ में गोलों की रफ्तार और तेज हो गई। आखिरी क्वार्टर में टीम ने 10 गोल दागकर सिंगापुर को पूरी तरह दबाव में ला दिया।

    इस जीत के साथ भारत ने पूल ए में अपने सभी मैच जीतकर 9 अंक हासिल किए और बिना हार के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। टीम ने इससे पहले मलेशिया और कोरिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी जीत दर्ज की थी।

    यह प्रदर्शन अंडर-18 स्तर पर भारतीय महिला हॉकी के अब तक के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है, जिसने टूर्नामेंट में भारत की मजबूत दावेदारी को और पुख्ता कर दिया है।