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  • भारत-इटली रिश्तों में नई गर्मजोशी: मेलोनी ने हिंदी में कहा-परिश्रम ही सफलता की कुंजी है

    भारत-इटली रिश्तों में नई गर्मजोशी: मेलोनी ने हिंदी में कहा-परिश्रम ही सफलता की कुंजी है



    नई दिल्ली। रोम में इस सप्ताह भारत और इटली के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा देखने को मिली। प्रधानमंत्री Narendra Modi की इटली यात्रा में कई अहम समझौते हुए, लेकिन इस दौरे की सबसे ज्यादा चर्चा दोनों देशों के रिश्तों या डील्स से ज्यादा, पीएम मोदी और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni की “केमिस्ट्री” को लेकर रही।

    रोम में संयुक्त प्रेस बयान के दौरान मेलोनी ने हिंदी में एक प्रसिद्ध कहावत “परिश्रम ही सफलता की कुंजी है” का उल्लेख कर सभी का ध्यान खींच लिया। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयासों से ही भारत और रोम के बीच साझेदारी मजबूत हुई है और दोनों देश कई क्षेत्रों में साथ आगे बढ़ रहे हैं।

    दौरे के दौरान पीएम मोदी ने मेलोनी को भारत की प्रसिद्ध “मेलोडी” टॉफी गिफ्ट की, जिसके बाद मेलोनी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया और इसे “बहुत स्वादिष्ट टॉफी” बताया। यह छोटा सा सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी चर्चा का विषय बन गया।

    सोशल मीडिया पर मेलोनी की एक पुरानी तस्वीर फिर वायरल हो गई, जिसमें वह पारंपरिक भारतीय झुमके पहने नजर आ रही हैं। इस तस्वीर को कई यूजर्स ने भारत से उनके जुड़ाव का प्रतीक बताया। इसके अलावा मेलोनी पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर “नमस्ते” करते हुए भारतीय परंपरा का सम्मान दिखा चुकी हैं, खासकर जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान।

  • मोदी-मेलोनी मुलाकात का असर? भारत की चेतावनी के बाद क्या पाकिस्तान को हथियार बेचना रोकेगा इटली

    मोदी-मेलोनी मुलाकात का असर? भारत की चेतावनी के बाद क्या पाकिस्तान को हथियार बेचना रोकेगा इटली




    नई दिल्ली। रोम में प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की पीएम Giorgia Meloni की मुलाकात के बाद भारत-इटली रक्षा संबंधों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। दोनों देशों ने अपने रिश्तों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा देने की बात कही है। इसी बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इटली अब पाकिस्तान को हथियारों की सप्लाई सीमित करेगा या उस पर रोक लगाएगा।

    भारत ने हाल के महीनों में इटली के सामने अपनी सुरक्षा चिंताओं को मजबूती से रखा है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने अपने इतालवी समकक्ष Guido Crosetto से साफ कहा था कि पाकिस्तान को दी जाने वाली उन्नत रक्षा तकनीक भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। भारत ने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान लंबे समय से सीमा-पार आतंकवाद को समर्थन देता रहा है, इसलिए संवेदनशील सैन्य तकनीक उसके हाथों तक नहीं पहुंचनी चाहिए।

    सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच हुई रक्षा वार्ता में भारत ने पाकिस्तान को इटली द्वारा की गई पूर्व हथियार आपूर्ति का मुद्दा भी उठाया। भारत ने खासतौर पर नौसेना प्रणालियों, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और रडार तकनीक को लेकर चिंता जताई। इसके जवाब में इतालवी अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भारत को मिलने वाली अत्याधुनिक रक्षा तकनीक किसी तीसरे देश के साथ साझा नहीं की जाएगी।

    दरअसल पाकिस्तान और इटली के बीच रक्षा कारोबार काफी पुराना और मजबूत रहा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार चीन के बाद इटली पाकिस्तान को हथियार देने वाले बड़े देशों में शामिल रहा है। पाकिस्तान अपनी सेना के आधुनिकीकरण के लिए इटली से नौसैनिक उपकरण, रडार, सैन्य हेलीकॉप्टर, आर्टिलरी सिस्टम और गोला-बारूद खरीदता रहा है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2018 में इटली ने पाकिस्तान को करीब 762 मिलियन डॉलर के रक्षा निर्यात की मंजूरी दी थी। वहीं हालिया आंकड़ों में इटली से पाकिस्तान को हथियार और सैन्य उपकरणों के निर्यात का आंकड़ा 541 मिलियन डॉलर से ज्यादा बताया गया है। पाकिस्तानी सेना में इतालवी हथियारों और उपकरणों का इस्तेमाल लंबे समय से होता रहा है, जिसमें Beretta 92FS पिस्तौल भी शामिल है।

    अब स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि इटली की बड़ी रक्षा कंपनी Leonardo भारत में रक्षा और नौसेना परियोजनाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है। भारत ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भविष्य की रक्षा साझेदारी तभी मजबूत होगी, जब इटली भारत की सुरक्षा चिंताओं का सम्मान करेगा।

    प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे को इसी नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत-इटली रक्षा सहयोग और गहरा हो सकता है, लेकिन पाकिस्तान को हथियार सप्लाई का मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी परीक्षा बना रहेगा।

  • रोम में मोदी–मेलोनी की दोस्ती चर्चा में, भारत की ‘मेलोडी टॉफी’ गिफ्ट से मुस्कुराईं इटली PM, वीडियो वायरल

    रोम में मोदी–मेलोनी की दोस्ती चर्चा में, भारत की ‘मेलोडी टॉफी’ गिफ्ट से मुस्कुराईं इटली PM, वीडियो वायरल


    नई दिल्ली । इटली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni की मुलाकात एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। रोम में हुई इस मुलाकात के दौरान एक हल्के-फुल्के पल ने सोशल मीडिया पर खास ध्यान खींचा, जब प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को भारत की लोकप्रिय ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट की।

    यह अनौपचारिक लेकिन भावनात्मक पल दोनों नेताओं के बीच बढ़ती व्यक्तिगत और कूटनीतिक नजदीकी को दर्शाता है। गिफ्ट मिलने के बाद मेलोनी की प्रतिक्रिया को लेकर वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनकी खुशी और सहजता साफ देखी जा सकती है। इस घटना ने भारत और इटली के संबंधों को एक नए मानवीय और मित्रतापूर्ण रंग में प्रस्तुत किया है।

    रोम में इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने डिनर भी किया और बाद में ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं की बातचीत और सहजता ने कूटनीतिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत व्यक्तिगत तालमेल को भी उजागर किया। यह तस्वीरें और वीडियो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग की प्रतीक बनकर सामने आए हैं।

    भारत और इटली के बीच हाल के वर्षों में आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी क्रम में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, उन्नत तकनीक और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग को लेकर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है। यह मुलाकात केवल औपचारिक बातचीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे भविष्य की साझेदारी की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है।

    इस दौरान भारत की ओर से वैश्विक कनेक्टिविटी परियोजनाओं, खासकर India–Middle East–Europe Economic Corridor (IMEC) पर भी चर्चा की संभावना जताई गई। यह परियोजना भारत को मध्य पूर्व के रास्ते यूरोप से जोड़ने की एक बड़ी पहल के रूप में देखी जा रही है, जिससे वैश्विक व्यापार नेटवर्क में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।

    सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की यह मुलाकात पहले से ही चर्चा में थी, और ‘#Melodi’ जैसे हैशटैग ने इसे और लोकप्रिय बना दिया है। समर्थक इसे भारत–इटली रिश्तों में बढ़ती गर्मजोशी के रूप में देख रहे हैं, जबकि विश्लेषक इसे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत मानते हैं।

    रोम पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत इटली के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया था, जिसके बाद उनकी मुलाकातें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर पर तय हुईं। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना, साथ ही वैश्विक मंचों पर सहयोग बढ़ाना बताया जा रहा है।

    कुल मिलाकर, ‘मेलोडी’ टॉफी का यह छोटा-सा गिफ्ट एक बड़े कूटनीतिक संदेश में बदल गया है, जो यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय संबंध केवल औपचारिक समझौतों तक सीमित नहीं होते, बल्कि व्यक्तिगत तालमेल भी उनकी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।