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  • क्रिकेट से हॉकी तक भारतीय खिलाड़ियों का जलवा, एशियन गेम्स में 21 स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने रचा इतिहास

    क्रिकेट से हॉकी तक भारतीय खिलाड़ियों का जलवा, एशियन गेम्स में 21 स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने रचा इतिहास


    नई दिल्ली। जापान के आइची नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया। प्रतियोगिता के आखिरी दिन भारत ने गोल्डन पंच लगाते हुए कुल 9 पदक अपने नाम किए। इनमें 5 गोल्ड 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत के पदकों की कुल संख्या 85 तक पहुंच गई। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि कुछ देशों के मुकाबले रविवार को भी जारी रहने के कारण अंतिम पदक तालिका में बदलाव की संभावना जताई गई थी।

    भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 21 स्वर्ण 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते। पदक तालिका में चीन 169 स्वर्ण सहित कुल 341 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा। मेजबान जापान ने 83 स्वर्ण समेत 269 पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया जबकि दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण सहित 150 पदकों के साथ तीसरे नंबर पर रहा। भारत के बाद उज्बेकिस्तान 21 स्वर्ण और कुल 70 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा। भारतीय दल के प्रदर्शन ने दिखाया कि देश के खिलाड़ी अब कई खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं।

    आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों की सफलता में तीरंदाजी और गोल्फ का अहम योगदान रहा। 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया की ओ येजिन को शूट ऑफ में पराजित किया। मुकाबले के निर्णायक क्षण में परफेक्ट 10 का स्कोर कर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं महिला व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले गोल्फ में प्रणवी शरथ उर्स ने 15 अंडर पार के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया और भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाल दिया।

    कुश्ती में अमन सहरावत ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57 किलोग्राम वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उत्तर कोरिया के पहलवान को हराया और स्वर्ण पदक जीता। पुरुष हॉकी टीम ने भी फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधा क्वालिफिकेशन हासिल किया। क्रिकेट में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर भारतीय पुरुष टीम ने गोल्ड मेडल जीता। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए जबकि पाकिस्तान की टीम 192 रन तक ही पहुंच सकी।

    अन्य मुकाबलों में महिला गोल्फ टीम ने रजत पदक जीता। अंतिम पंघाल ने महिला कुश्ती के 53 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दीपक पूनिया ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 97 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। तीरंदाजी में नीरज चौहान ने पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के कांस्य पदक मुकाबले में धीरज बोम्मदेवरा को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज जीता।

    इस प्रतियोगिता में भारत के 495 खिलाड़ियों ने 36 खेलों की स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। हॉकी क्रिकेट तीरंदाजी कुश्ती और गोल्फ सहित कई खेलों में मिली सफलताओं ने भारतीय अभियान को यादगार बनाया। 21 स्वर्ण सहित 85 पदकों का आंकड़ा भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाता है।

  • भारत के स्वर्णिम अभियान में चमकीं दो बेटियां, कुमकुम मोहोड ने रचा इतिहास तो प्रणवी उर्स ने गोल्ड जीतकर बढ़ाया मान

    भारत के स्वर्णिम अभियान में चमकीं दो बेटियां, कुमकुम मोहोड ने रचा इतिहास तो प्रणवी उर्स ने गोल्ड जीतकर बढ़ाया मान


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 का 14वां दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए कई बड़ी उपलब्धियां लेकर आया है। 3 अक्टूबर को आइची-नागोया में जारी इन खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने तीरंदाजी और गोल्फ में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं कुश्ती में अमन सहरावत और अंतिम पंघल ने अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बना ली है। क्रिकेट में भी भारत और पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल मुकाबले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने के इरादे से मैदान पर उतर रहे हैं और देश की पदक तालिका में और इजाफा करने की कोशिश कर रहे हैं।

    दिन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में तीरंदाज कुमकुम मोहोड का प्रदर्शन शामिल रहा। महज 17 साल की कुमकुम ने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स में इस स्पर्धा का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई हैं। फाइनल में उनका सामना दक्षिण कोरिया की ओह येजिन से हुआ। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और नतीजा शूट ऑफ के जरिए निकला जिसमें कुमकुम ने बाजी मार ली। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की झू जिंगयी को 6-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। कुमकुम ने दक्षिण कोरिया की विश्व और ओलंपिक चैंपियन कांग चाए-यंग को हराकर भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारतीय तीरंदाजी टीम के शानदार अभियान में एक और स्वर्ण पदक जुड़ गया।

    गोल्फ में भी भारत के लिए ऐतिहासिक सफलता दर्ज हुई। प्रणवी शरथ उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। फाइनल राउंड से पहले प्रणवी ने 15 अंडर 195 के स्कोर के साथ तीन शॉट की बढ़त हासिल की थी। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारतीय गोल्फ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली। महिला टीम स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। प्रणवी शरथ उर्स अदिति अशोक और दीक्षा डागर की तिकड़ी ने रजत पदक अपने नाम किया। इस तरह गोल्फ में भारत को एक स्वर्ण और एक रजत पदक मिला।

    कुश्ती में भी भारतीय खिलाड़ियों ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं। पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में अमन सहरावत ने ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं महिला 53 किलोग्राम वर्ग में अंतिम पंघल ने विश्व पदक विजेता जिन झांग को 6-1 से मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। दोनों पहलवानों के फाइनल में पहुंचने से भारत की पदक उम्मीदों को मजबूती मिली है।

    क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान के बीच स्वर्ण पदक का मुकाबला जारी है। इससे पहले श्रीलंका की पुरुष क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को 63 रन से हराकर कांस्य पदक जीता। भारत ने एशियन गेम्स के 13वें दिन भी शानदार प्रदर्शन किया था। 2 अक्टूबर को भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 10 पदक जीते थे जिनमें छह स्वर्ण दो रजत और दो कांस्य शामिल थे। अब 14वें दिन तीरंदाजी गोल्फ कुश्ती क्रिकेट हॉकी और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर बनी हुई है। देश को उम्मीद है कि प्रतियोगिता के इस अहम चरण में खिलाड़ी अपने दमदार प्रदर्शन से पदकों की संख्या और बढ़ाएंगे।

  • 2 अक्टूबर को भारत का कमाल लवलीना का गोल्ड और तीरंदाजी में ऐतिहासिक जीत से बढ़ा मेडल का आंकड़ा

    2 अक्टूबर को भारत का कमाल लवलीना का गोल्ड और तीरंदाजी में ऐतिहासिक जीत से बढ़ा मेडल का आंकड़ा


    नई दिल्ली। आइची नागोया एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर का दिन भारतीय खिलाड़ियों के नाम रहा। 13वें दिन भारत की नजरें बॉक्सिंग तीरंदाजी कुश्ती हॉकी और कई अन्य खेलों पर थीं और दिन आगे बढ़ने के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने पदकों की झड़ी लगा दी। सबसे खास प्रदर्शन स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन का रहा जिन्होंने अपने जन्मदिन के दिन देश को गोल्ड मेडल का तोहफा दिया। इसके अलावा भारतीय महिला रिकर्व टीम ने भी ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

    लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। 2 अक्टूबर को अपना 29वां जन्मदिन मना रहीं लवलीना के लिए यह जीत बेहद खास रही। इस स्वर्ण के साथ वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गईं। उनसे पहले यह उपलब्धि मैरी कॉम ने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में हासिल की थी।

    लवलीना की जीत के कुछ ही समय बाद तीरंदाजी से भी भारत के लिए बड़ी खबर आई। अंकिता भकत कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को फाइनल में 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। यह इस स्पर्धा में भारतीय महिला रिकर्व टीम का पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक है। मुकाबले में भारतीय तीरंदाजों ने तेज हवा के बीच दबाव बनाए रखा और मजबूत कोरियाई टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया।

    हालांकि पुरुष रिकर्व टीम को फाइनल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। धीरज बोम्मादेवरा नीरज चौहान और यशदीप भोगे की भारतीय टीम को 1-5 से शिकस्त मिली और उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इससे पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

    कुश्ती में भी भारत की उम्मीदें बनी रहीं। सुजीत कलकल ने 65 किलोग्राम वर्ग में ओलंपिक चैंपियन को हराकर फाइनल में जगह बनाई। ऐसे में उनके मुकाबले पर भी भारतीय प्रशंसकों की नजरें टिकी रहीं। दिन के मुकाबलों में भारत ने बॉक्सिंग और तीरंदाजी के अलावा कई अन्य खेलों में भी पदक की उम्मीद बनाए रखी।

    1 अक्टूबर यानी 12वें दिन भारत ने छह पदक जीते थे जिनमें दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज शामिल थे। इसके बाद 2 अक्टूबर के मुकाबलों ने भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया। दिन के दौरान भारत 70 पदकों के आंकड़े तक पहुंच गया जिसमें 12 गोल्ड 24 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज शामिल थे।

    एशियन गेम्स के 13वें दिन का सबसे बड़ा आकर्षण लवलीना का जन्मदिन पर गोल्ड जीतना और भारतीय महिला रिकर्व टीम का ऐतिहासिक स्वर्ण रहा। वहीं पुरुष रिकर्व टीम का सिल्वर भी भारत की मजबूत तीरंदाजी अभियान को दर्शाता है। अब प्रतियोगिता के बाकी मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों से पदकों की उम्मीद बनी हुई है और मेडल टैली में भारत की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • एशियन गेम्स में भारत का जोरदार प्रदर्शन शूटिंग में गोल्ड के बाद कबड्डी के दोनों फाइनल में एंट्री स्क्वैश में भी मेडल पक्का

    एशियन गेम्स में भारत का जोरदार प्रदर्शन शूटिंग में गोल्ड के बाद कबड्डी के दोनों फाइनल में एंट्री स्क्वैश में भी मेडल पक्का


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए 25 सितंबर का दिन पदकों और शानदार मुकाबलों से भरा रहा। प्रतियोगिता के इस चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने शूटिंग कबड्डी स्क्वैश हॉकी और बॉक्सिंग समेत कई खेलों में अपना दम दिखाया। दिन की शुरुआत ही शूटिंग में बड़ी उपलब्धि के साथ हुई जब कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने 484.6 अंक के एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का शूटिंग में पहला गोल्ड और एशियन गेम्स में कुल दूसरा गोल्ड रहा।

    शूटिंग में भारत को एक और पदक मिला। पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की तिकड़ी ने सिल्वर मेडल जीता। हालांकि व्यक्तिगत स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर फाइनल तक पहुंचे लेकिन वह पांचवें स्थान पर रहे जबकि नीरज कुमार आठवें स्थान पर रहे। इस तरह शूटिंग में भारत का प्रदर्शन कई पदकों के साथ जारी रहा।

    कबड्डी के मैदान से भी भारत के लिए बड़ी खबर सामने आई। भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इसके बाद पुरुष टीम ने भी थाईलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 66-28 की जीत दर्ज की और फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस तरह एशियन गेम्स में भारतीय महिला और पुरुष दोनों कबड्डी टीमें खिताबी मुकाबले में पहुंच गईं।

    स्क्वैश में भी भारत के खाते में पदक पक्के हुए। अभय सिंह ने पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में जापान के रयुनोसुके त्सुकुए को 11-4 11-3 11-6 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। महिला सिंगल्स में अनाहत सिंह ने हमवतन तन्वी खन्ना को 3-0 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की जोड़ी ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक सुनिश्चित किया।

    हॉकी में भी भारतीय महिला टीम ने जापान के खिलाफ 3-1 से जीत दर्ज की। भारत की ओर से लालरेमसियामी इशिका और नवनीत ने गोल किए। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं बॉक्सिंग में सचिन सिवाच ने 60 किलोग्राम वर्ग में मोहम्मद अबू जाजेह को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया और वह पदक से एक जीत दूर पहुंच गए।

    टेबल टेनिस में भारत को कुछ सफलता मिली तो कुछ मुकाबलों में निराशा भी हाथ लगी। दिव्या चितले और मनुष शाह की जोड़ी ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का किया जबकि मानव ठक्कर का पुरुष सिंगल्स अभियान दूसरे दौर में हार के साथ खत्म हो गया। भारतीय तैराकों ने भी फाइनल में जगह बनाकर उम्मीदें कायम रखीं। साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में पहुंचे जबकि ऋषभ दास और उत्कर्ष पाटिल ने 200 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में जगह बनाई।

    25 सितंबर की शुरुआत भारत ने 17 पदकों के साथ की थी और शूटिंग के गोल्ड तथा सिल्वर के बाद पदक संख्या 19 तक पहुंच गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार भारत के खाते में अब 2 गोल्ड 8 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज हैं। एशियन गेम्स में भारतीय दल के लिए आगे भी एथलेटिक्स कबड्डी शूटिंग स्क्वैश बैडमिंटन और अन्य खेलों में मुकाबले जारी हैं।

  • नागोया एशियाई खेलों में भारत की बड़ी चुनौती, 17 मेडल के बाद सिर्फ एक गोल्ड, हांगझोउ के प्रदर्शन से कितना बदला समीकरण

    नागोया एशियाई खेलों में भारत की बड़ी चुनौती, 17 मेडल के बाद सिर्फ एक गोल्ड, हांगझोउ के प्रदर्शन से कितना बदला समीकरण


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारत के खाते में 24 सितंबर तक कुल 17 मेडल आ चुके हैं लेकिन इनमें गोल्ड सिर्फ एक है। भारत ने 7 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल भी जीते हैं। पदकों की कुल संख्या देखकर प्रदर्शन सामान्य नजर आ सकता है लेकिन मेडल टैली में भारत 14वें स्थान पर है और यही आंकड़ा भारतीय खेल व्यवस्था के सामने कई सवाल खड़े कर रहा है। खास बात यह है कि नागोया एशियन गेम्स की तैयारी के लिए पिछले तीन साल में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग इंटरनेशनल एक्सपोजर उपकरण कोचिंग और विशेषज्ञ सेवाओं पर 702.86 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम यानी TOPS के जरिए 97.84 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस तरह कुल सरकारी निवेश करीब 800.70 करोड़ रुपये तक पहुंचता है।

    नागोया में भारत का एकमात्र गोल्ड महिला क्रिकेट टीम ने जीता है। भारतीय टीम ने श्रीलंका को 147 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद भारत को सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जरूर मिले लेकिन गोल्ड की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो सकी। यही आंकड़ा सबसे ज्यादा चर्चा में है क्योंकि इससे पहले हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 106 मेडल जीते थे। इनमें 28 गोल्ड 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज शामिल थे। भारत उस प्रदर्शन के साथ चौथे स्थान पर रहा था।

    हांगझोउ के बाद भारतीय खेलों से उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं। पहली बार 100 से ज्यादा मेडल जीतने के बाद अब एशियन गेम्स में भारत के प्रदर्शन को उसी पैमाने पर देखा जा रहा है। हालांकि नागोया गेम्स अभी खत्म नहीं हुए हैं इसलिए अंतिम मेडल टैली आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। भारत के कई खेलों में अभी मुकाबले बाकी हैं और आने वाले दिनों में मेडल की संख्या बढ़ सकती है।

    इस बार भारत ने 501 खिलाड़ियों का दल उतारा है जिसमें 310 खिलाड़ी पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहे हैं। टीम के साथ 265 सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ भी मौजूद है। तैयारी पर खर्च की बात करें तो इंटरनेशनल एक्सपोजर पर 251.4 करोड़ रुपये घरेलू ट्रेनिंग पर 118.3 करोड़ रुपये उपकरणों पर 89.2 करोड़ रुपये विदेशी विशेषज्ञों पर 86.3 करोड़ रुपये और विदेशी ट्रेनिंग पर 39.8 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि तैयारी का दायरा काफी बड़ा रहा है।

    भारत की चुनौती केवल मेडल की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि अलग अलग खेलों में गोल्ड जीतने की क्षमता बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है। हांगझोउ में शूटिंग और एथलेटिक्स ने भारत को बड़ी संख्या में पदक दिलाए थे। एथलेटिक्स से 29 और शूटिंग से 22 पदक आए थे। शूटिंग ने 7 गोल्ड जबकि एथलेटिक्स ने 6 गोल्ड जीते थे। नागोया में शुरुआती चरण में इन खेलों से वैसी गोल्ड बढ़त दिखाई नहीं दी है।

    मेडल टैली में चीन जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश भारत से आगे हैं। हांगझोउ में भी भारत इन देशों के बाद चौथे स्थान पर रहा था। ऐसे में नागोया भारतीय खेलों के लिए सिर्फ पदकों की संख्या बढ़ाने का मंच नहीं है बल्कि अलग अलग खेलों में मजबूत प्रदर्शन की क्षमता परखने का अवसर भी है। एशियन गेम्स का प्रदर्शन लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इसलिए नागोया के अंतिम आंकड़े आने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत कुल कितने मेडल जीतता है और उनमें गोल्ड की हिस्सेदारी कितनी रहती है।

  • बॉक्सिंग में गोल्डन पंच, एथलेटिक्स में दमदार प्रदर्शन… भारत ने 16 मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ में बदली तस्वीर

    बॉक्सिंग में गोल्डन पंच, एथलेटिक्स में दमदार प्रदर्शन… भारत ने 16 मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ में बदली तस्वीर


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 10वां दिन भारतीय खेल इतिहास के सबसे यादगार दिनों में शामिल हो गया। भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में 16 पदक जीतकर न केवल देश का गौरव बढ़ाया बल्कि पदक तालिका में भी लंबी छलांग लगाते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया। मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और पैरा स्पर्धाओं में मिले शानदार परिणामों ने यह साबित कर दिया कि भारत अब कॉमनवेल्थ खेलों में एक मजबूत खेल शक्ति बनकर उभर रहा है।

    भारत ने 10वें दिन के बाद कुल 39 पदक अपने नाम कर लिए हैं। इनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय दल ने पदक तालिका में छह स्थान की छलांग लगाई और चौथे पायदान पर पहुंच गया। मेजबान स्कॉटलैंड को पीछे छोड़ते हुए भारत ने शीर्ष चार देशों में अपनी जगह मजबूत कर ली है।

    पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा लगातार कायम है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने अब तक 61 स्वर्ण, 38 रजत और 50 कांस्य सहित कुल 149 पदक जीतकर पहला स्थान बरकरार रखा है। इंग्लैंड 99 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि कनाडा 57 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है। भारत के चौथे स्थान पर पहुंचने के बाद स्कॉटलैंड पांचवें स्थान पर खिसक गया है। नाइजीरिया, वेल्स और न्यूजीलैंड क्रमशः छठे, सातवें और आठवें स्थान पर बने हुए हैं।

    भारतीय सफलता की सबसे बड़ी कहानी मुक्केबाजी से निकली, जहां खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें सात स्वर्ण पदक शामिल रहे। पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल और सचिन सिवाच ने स्वर्ण जीतकर देश का मान बढ़ाया। महिला वर्ग में जैस्मिन लैम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, अरुंधति चौधरी और प्रीति ने भी स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय मुक्केबाजी का दबदबा साबित किया। वहीं जदुमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक जीतकर भारत के पदकों की संख्या बढ़ाई।

    एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने रजत पदक हासिल किया, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने कांस्य पदक जीतकर भारत को दोहरी खुशी दी। पैरा एथलेटिक्स की शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। भारतीय सेना के इस पैरा खिलाड़ी ने अपने संघर्ष और मेहनत से देश को गौरवान्वित किया। इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने रजत पदक जीतकर भारत की सफलता में अहम योगदान दिया।

    भारत के खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन केवल पदकों तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसने आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए भी सकारात्मक संदेश दिया है। मुक्केबाजी में लगातार स्वर्ण पदकों की बरसात, एथलेटिक्स में नए रिकॉर्ड और पैरा खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय खेलों का भविष्य पहले से कहीं अधिक मजबूत नजर आ रहा है।

    अब भारतीय दल की नजर बाकी प्रतियोगिताओं पर है, जहां पदकों की संख्या और बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है। यदि खिलाड़ियों ने यही लय बरकरार रखी तो भारत पदक तालिका में और ऊपर पहुंच सकता है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का यह ऐतिहासिक दिन भारतीय खेलों के स्वर्णिम अध्याय के रूप में लंबे समय तक याद किया जाएगा।