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  • भारत-न्यूजीलैंड FTA को संसद की मंजूरी अब लागू होने का इंतजार व्यापार और निवेश को मिल सकता है बड़ा बढ़ावा

    भारत-न्यूजीलैंड FTA को संसद की मंजूरी अब लागू होने का इंतजार व्यापार और निवेश को मिल सकता है बड़ा बढ़ावा


    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA जल्द लागू होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने शुक्रवार को कहा कि दोनों देशों के बीच हुआ यह समझौता अगले एक महीने के भीतर लागू हो सकता है। उनका यह बयान न्यूजीलैंड की संसद की ओर से समझौते को मंजूरी दिए जाने के बाद आया है। अब समझौते को कानून का हिस्सा बनाने और भारत के साथ जरूरी राजनयिक प्रक्रिया पूरी करने का चरण बाकी है।

    आईएएनएस के साथ बातचीत में मैक्ले ने बताया कि न्यूजीलैंड की संसद में FTA को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन मिला। समझौते के पक्ष में 93 सांसदों ने मतदान किया जबकि 26 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट दिया। मंत्री के मुताबिक अगला कदम समझौते को कानून का हिस्सा बनाना और भारत के साथ राजनयिक नोट्स का आदान प्रदान करना है। इसके बाद समझौते को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया अगले एक महीने के भीतर पूरी हो सकती है।

    मैक्ले ने इस समझौते को भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार FTA से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं। मैक्ले ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इस लक्ष्य को हासिल करना संभव है।

    समझौते के लागू होने के बाद कई क्षेत्रों में व्यापार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। न्यूजीलैंड के लिए भारत में उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों के निर्यात का अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बागवानी उत्पाद मांस और अन्य खाद्य वस्तुओं को भारतीय बाजार में बढ़ती मांग से लाभ मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में निर्मित वस्तुओं फार्मास्यूटिकल्स और मशीनरी की पहुंच बेहतर होने की संभावना बताई गई है।

    मैक्ले के अनुसार भारत से न्यूजीलैंड निर्यात होने वाली वस्तुओं के लिए पहले ही दिन हर टैरिफ दर शून्य हो जाएगी। इससे भारतीय निर्यातकों को व्यापार में लागत और बाजार पहुंच से जुड़ी कुछ सुविधाएं मिल सकती हैं। इसके अलावा पर्यटन और आईटी सेवाओं सहित सेवा क्षेत्र को भी इस समझौते से लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। मंत्री के अनुसार दोनों देशों के सेवा क्षेत्र में विस्तार से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

    मंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर टैरिफ नीतियों में बदलाव के बीच FTA कारोबारियों और निर्यातकों को अधिक निश्चितता दे सकता है। उनका कहना है कि कंपनियों के लिए स्थिर व्यापारिक व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है ताकि वे लंबे समय की कारोबारी योजनाएं बना सकें।

    इस समझौते को लेकर दोनों देशों की कंपनियों के स्तर पर भी गतिविधियां बढ़ी हैं। न्यूजीलैंड की कंपनियां भारत में कारोबारी अवसर तलाश रही हैं जबकि भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल न्यूजीलैंड में संभावित साझेदारियों पर काम कर रहे हैं। मैक्ले ने भारत यात्रा की योजना पर कहा कि न्यूजीलैंड में होने वाला आगामी चुनाव फिलहाल उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव के बाद वह इस साल के अंत से पहले भारत की यात्रा कर सकेंगे।

  • भारत-न्यूजीलैंड व्यापार सहयोग मजबूत, निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में खुले नए अवसर..

    भारत-न्यूजीलैंड व्यापार सहयोग मजबूत, निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में खुले नए अवसर..

    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य व्यापार को आसान बनाना और निवेश के नए रास्ते खोलना है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ मिल सके।

    इस पहल के तहत यह तय किया गया है कि व्यापारिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि कंपनियों को एक-दूसरे के बाजारों तक पहुंचने में किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इससे निर्यात और आयात दोनों क्षेत्रों में तेजी आने की उम्मीद है।

    भारत और न्यूजीलैंड के मौजूदा व्यापारिक संबंध पहले से ही मजबूत हैं, लेकिन इस नए समझौते के बाद इनके और विस्तार की संभावना बढ़ गई है। खासतौर पर सेवा क्षेत्र और तकनीकी उद्योगों में नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    इस साझेदारी में केवल वस्तुओं का व्यापार ही नहीं, बल्कि सेवाओं के क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। आईटी, शिक्षा, वित्तीय सेवाएं और पेशेवर सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खुल सकते हैं।

    साथ ही निवेश को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया है, जिससे दोनों देशों में नए उद्योग स्थापित हो सकते हैं और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। यह आर्थिक सहयोग दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

    लोगों के बीच संपर्क और यात्रा सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है, ताकि व्यापार के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध भी मजबूत हो सकें। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा और सहयोग और गहरा होगा।

    न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय को भी इस साझेदारी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है, जो व्यापार और निवेश को आगे बढ़ाने में सेतु का काम कर सकता है।

    यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों को व्यापार और निवेश के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।