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  • नॉर्वे में मोदी के ‘सपेरे वाले कार्टून’ पर विवाद, भारतीय मूल के सांसद हिमांशु गुलाटी बोले- ‘पश्चिमी मीडिया में समझ की कमी’

    नॉर्वे में मोदी के ‘सपेरे वाले कार्टून’ पर विवाद, भारतीय मूल के सांसद हिमांशु गुलाटी बोले- ‘पश्चिमी मीडिया में समझ की कमी’



    नई दिल्ली। नॉर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर प्रकाशित एक कार्टून को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। देश के प्रमुख अखबार ‘आफ़्टेनपोस्टेन’ द्वारा प्रकाशित इस कार्टून में पीएम मोदी को पारंपरिक “सपेरे” की छवि में दिखाया गया, जिसे लेकर भारतीय समुदाय और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

    इस विवाद के बीच नॉर्वे की संसद (स्टोर्टिंग) में Akershus क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय मूल के सांसद हिमांशु गुलाटी ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। गुलाटी नॉर्डिक क्षेत्र में भारतीय मूल के एकमात्र मौजूदा सांसदों में से एक हैं और राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं।

    गुलाटी ने कहा कि नॉर्वे के मीडिया में राजनीतिक कार्टून छापना एक सामान्य परंपरा है, जिसमें वैश्विक नेताओं का व्यंग्यात्मक चित्रण किया जाता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस बार का चित्रण औपनिवेशिक काल की पुरानी रूढ़ियों की याद दिलाता है, जो कई लोगों के लिए संवेदनशील हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं कि कार्टूनिस्ट की मंशा अपमानजनक रही हो, लेकिन यह जरूर दर्शाता है कि कुछ पश्चिमी मीडिया संस्थानों में भारत और उसकी ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संवेदनशीलताओं को लेकर समझ की कमी है।

    सांसद ने यह भी जोर दिया कि किसी एक कार्टून या संपादकीय टिप्पणी के आधार पर भारत और नॉर्वे के रिश्तों को नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक और संस्थागत संबंध हैं, जो हाल के वर्षों में और बेहतर हुए हैं।

    उन्होंने पीएम मोदी को दिए गए नॉर्वे के सम्मान “रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट” का भी उल्लेख किया और कहा कि यह दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी और आपसी सम्मान को दर्शाता है।

    फिलहाल यह मामला नॉर्वे और भारत के बीच सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है, जहां एक तरफ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे औपनिवेशिक मानसिकता का उदाहरण बताया जा रहा है।

  • ओस्लो से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: भारत में आएगा 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

    ओस्लो से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: भारत में आएगा 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार




    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नॉर्वे की राजधानी Oslo से भारत के लिए बड़ा आर्थिक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के साथ हुए ऐतिहासिक समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश आएगा और करीब 10 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी। पीएम मोदी ने इसे भारत और यूरोप के रिश्तों का “गोल्डन एरा” बताते हुए कहा कि दुनिया में बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत वैश्विक निवेश और भरोसे का सबसे मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है।

    नॉर्वे के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा कि भारत और यूरोप के बीच आर्थिक साझेदारी अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास का बड़ा इंजन बनने जा रहा है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि EFTA समझौते से भारत में मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप सेक्टर को जबरदस्त फायदा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार होंगे। मोदी ने साफ कहा कि भारत केवल बाजार नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भरोसेमंद विकास साझेदार बन चुका है।

    पीएम मोदी ने अपनी नॉर्वे यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उनका यह दौरा पिछले साल तय था, लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के कारण इसे टालना पड़ा था। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में नॉर्वे ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का खुलकर समर्थन किया, जो दोनों देशों की गहरी मित्रता को दर्शाता है।

    भारत-नॉर्डिक समिट पर दुनिया की नजर
    ओस्लो में 19 मई को होने वाली तीसरी भारत-नॉर्डिक समिट को लेकर भी काफी उत्साह है। इस सम्मेलन में नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता शामिल होंगे। बैठक में ग्रीन एनर्जी, क्लाइमेट चेंज, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रक्षा सहयोग और आर्कटिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर मंथन होगा।

    यह समिट पहली बार 2018 में स्टॉकहोम और दूसरी बार 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित हुई थी। इस बार माना जा रहा है कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।

    नॉर्वे ने कहा- भारत भरोसेमंद लोकतांत्रिक साझेदार
    नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे ने कहा कि दुनिया इस समय संघर्ष और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत जैसे लोकतांत्रिक और भरोसेमंद देशों के साथ साझेदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत और नॉर्वे कई नए समझौतों की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग और मजबूत होगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। इस दौरान व्यापार, निवेश, समुद्री सहयोग, हरित ऊर्जा और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मोदी की यह यात्रा उनके पांच देशों के दौरे का चौथा चरण है। इससे पहले वे UAE, नीदरलैंड और स्वीडन का दौरा कर चुके हैं, जबकि इसके बाद वे इटली जाएंगे।