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  • UN में पाकिस्तान की हार को जीत बता रहे थे शहबाज, भारतीय दूत की छूट गई हंसी, वीडियो वायरल

    UN में पाकिस्तान की हार को जीत बता रहे थे शहबाज, भारतीय दूत की छूट गई हंसी, वीडियो वायरल


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए पाकिस्तान की ओर से इसे अपनी सफलता के तौर पर पेश किया। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संघर्ष रोकने में कथित ‘समय पर हस्तक्षेप’ के लिए धन्यवाद भी दिया। शहबाज के भाषण के दौरान वहां मौजूद भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास का रिएक्शन कैमरे में कैद हो गया और उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

    शहबाज ने ट्रंप को दिया ‘क्रेडिट’

    शुक्रवार को UNGA में अपने करीब 23 मिनट के संबोधन में शहबाज शरीफ ने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘समय पर हस्तक्षेप’ से दक्षिण एशिया में करोड़ों लोगों की जान बची।

    शरीफ ने ट्रंप के ‘दृढ़तापूर्ण और दूरदर्शी नेतृत्व’ के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने दावा किया कि अगर ट्रंप उस समय हस्तक्षेप नहीं करते तो हालात और गंभीर हो सकते थे।

    हालांकि, भारत लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि मई 2025 में दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए किसी तीसरे पक्ष ने मध्यस्थता की थी। भारत का कहना है कि संघर्ष विराम को लेकर सहमति दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संपर्क के बाद बनी थी।

    भारतीय राजनयिक का रिएक्शन कैमरे में कैद

    शहबाज शरीफ जब 2025 के संघर्ष को लेकर पाकिस्तान का पक्ष रख रहे थे, उसी दौरान सभा में मौजूद भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास की प्रतिक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में उनका हंसना नजर आया।

    शहबाज ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया को दोबारा 2025 जैसी स्थिति में जाने से रोकने के लिए कश्मीर मुद्दे का ‘न्यायसंगत और निष्पक्ष समाधान’ जरूरी है।

    भारत संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी दावों को खारिज करता रहा है। भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।

    सिंधु जल संधि का भी उठाया मुद्दा

    शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में सिंधु जल संधि का भी जिक्र किया। उन्होंने भारत के इस फैसले पर आपत्ति जताई कि 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि को ‘अबेयांस’ में रखने का फैसला किया था।

    भारत का रुख है कि सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की कार्रवाई से जुड़े सवालों के समाधान तक संधि स्थगित रहेगी। वहीं पाकिस्तान इस फैसले को चुनौती देता रहा है।

    शहबाज ने UNGA में भारत की ओर से सिंधु नदी के पानी को लेकर किसी भी कदम को गंभीर परिणामों से जोड़ते हुए चेतावनी भी दी।

    कश्मीर पर फिर अंतरराष्ट्रीय मंच से बात

    पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कश्मीर मुद्दे को भी अपने भाषण का हिस्सा बनाया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर पर अपनी स्थिति के अनुरूप कार्रवाई की मांग दोहराई और कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देता रहेगा।

    भारत का रुख इसके उलट है। नई दिल्ली कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की पाकिस्तान की कोशिशों को खारिज करता रहा है और इसे भारत-पाकिस्तान के बीच का विषय मानता है।

    आसिम मुनीर की भी कई बार तारीफ

    शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का भी कई बार उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कूटनीति के लिए रास्ता बनाने में मुनीर के लगातार प्रयासों की भूमिका रही।

    2025 के संघर्ष का जिक्र करते हुए शरीफ ने पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई की भी प्रशंसा की और इसे अपनी ओर से प्रभावी जवाब के तौर पर पेश किया।

    भारत देगा ‘राइट टू रिप्लाई’

    UNGA में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के भाषण के बाद भारत की ओर से ‘राइट टू रिप्लाई’ के तहत जवाब दिए जाने की प्रक्रिया भी तय है। भारत आमतौर पर पाकिस्तान के नेता के संबोधन के बाद अपने स्थायी मिशन के अपेक्षाकृत युवा राजनयिक को जवाब देने के लिए भेजता है।

    इस बार भी पाकिस्तान के कश्मीर, आतंकवाद और सिंधु जल संधि से जुड़े बयानों पर भारत की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

  • भारत-पाक तनाव पर UN में फिर बोले ट्रंप शहबाज शरीफ ने मुझे बताया 3 करोड़ लोगों का जीवन बचाया

    भारत-पाक तनाव पर UN में फिर बोले ट्रंप शहबाज शरीफ ने मुझे बताया 3 करोड़ लोगों का जीवन बचाया


    नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य तनाव को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा किया है। 22 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को बढ़ने से रोकने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में आठ संघर्षों को खत्म कराने में मदद करने का दावा भी किया। ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उन्हें पत्र लिखकर आभार जताया था और कहा था कि उनके हस्तक्षेप से करीब 3 करोड़ लोगों की जान बची।

    ट्रंप के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जिस स्तर तक पहुंच गया था उससे हालात और गंभीर हो सकते थे। उन्होंने अपने संबोधन में इस पूरे घटनाक्रम को अपने उन प्रयासों से जोड़कर पेश किया जिनके जरिए वह विभिन्न देशों के बीच संघर्ष को रोकने का दावा करते रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उन्हें युद्ध रोकने और बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद दिया था। हालांकि 3 करोड़ लोगों की जान बचाने का आंकड़ा ट्रंप द्वारा किया गया दावा है और इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं बताया गया है।

    भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में तनाव उस समय बढ़ा था जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की स्थिति बनी और कई दिनों तक तनाव जारी रहा। बाद में दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम हुआ। ट्रंप लंबे समय से इस घटनाक्रम को अपनी कूटनीतिक भूमिका से जोड़ते रहे हैं और अब संयुक्त राष्ट्र के मंच से उन्होंने एक बार फिर इसी दावे को दोहराया है।

    हालांकि इस घटनाक्रम को लेकर भारत का पक्ष ट्रंप के दावे से अलग रहा है। भारत ने लगातार कहा है कि सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क और आपसी समझ के तहत हुआ था। भारत तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को स्वीकार नहीं करता। भारत की विदेश नीति में भारत पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय तरीके से मुद्दों को सुलझाने की बात लंबे समय से कही जाती रही है। इसलिए ट्रंप के दावे और भारत के आधिकारिक रुख के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।

    पाकिस्तान की ओर से हालांकि ट्रंप की भूमिका को लेकर सकारात्मक बयान सामने आते रहे हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पहले भी भारत के साथ हुए संघर्ष विराम में ट्रंप के हस्तक्षेप की सराहना की थी। पाकिस्तान की तरफ से ट्रंप को शांति स्थापित करने की कोशिशों के लिए धन्यवाद दिए जाने की बात ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में भी दोहराई।

    संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र 22 सितंबर से शुरू हुआ है और इसमें दुनिया के विभिन्न देशों के नेता अंतरराष्ट्रीय शांति सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार रख रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का भारत पाकिस्तान संघर्ष को लेकर यह बयान एक बार फिर चर्चा में आ गया है। खास बात यह है कि ट्रंप ने इस दावे को अपने व्यापक शांति प्रयासों के हिस्से के तौर पर पेश किया जबकि भारत की ओर से संघर्ष विराम में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की भूमिका को स्वीकार नहीं किया गया है।

  • पाकिस्तान का नया दावा फिर बेनकाब: “फतह-1 से उड़ाए भारत के एयरबेस”, जिनका अस्तित्व ही नहीं!

    पाकिस्तान का नया दावा फिर बेनकाब: “फतह-1 से उड़ाए भारत के एयरबेस”, जिनका अस्तित्व ही नहीं!



    नई दिल्ली। पाकिस्तान की सेना एक बार फिर अपने दावों को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी फतह-1 मिसाइलों ने भारत के दो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन जिन एयरबेसों का नाम लिया गया, वे वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं हैं।

    पाकिस्तानी अधिकारी कैप्टन मुनीब जमाल ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि फतह-1 मिसाइलों ने “राजौरी एयरबेस” और “मामून एयरबेस” को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया। हालांकि हकीकत यह है कि राजौरी में कोई वायुसेना एयरबेस मौजूद नहीं है और मामून केवल पठानकोट के पास एक सैन्य कैंटोनमेंट क्षेत्र है, न कि कोई एयरबेस।

    भारत-पाकिस्तान के बीच “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर पहले से ही तनाव और दावे-प्रतिदावे जारी हैं। इसी बीच पाकिस्तान का यह नया बयान एक बार फिर उसके दावों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है। भारत की ओर से पहले भी कई बार ऐसे हमलों को नाकाम किए जाने की पुष्टि की जा चुकी है।

    सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तानी दावे को लेकर जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है, जहां यूजर्स “काल्पनिक एयरबेस” का उल्लेख कर इस बयान को हास्यास्पद बता रहे हैं।