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  • जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा: पीएम मोदी के खिलाफ नारे, हाथापाई की नौबत

    जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा: पीएम मोदी के खिलाफ नारे, हाथापाई की नौबत

    नई दिल्ली शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण भारी हंगामे के साथ शुरू हुआ। सदन का माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब कुछ विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे शुरू कर दी। देखते ही देखते राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप रुख नोकझोंक में बदल गए और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

    नारे से भड़का विवाद

    सत्र की शुरुआत होते ही कांग्रेस के कुछ दलों ने पीएम मोदी के खिलाफ ‘हाय-हाय’ और ‘मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। इस पर भाजपा दलों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया और अपनी सीटों से उठकर नाराजगी जाहिर की। इसी दौरान कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज लोन और भाजपा विधायक युधवीर सेठी के बीच नारे बहस हो गई। विवाद उस समय और बढ़ गया जब जवाबी प्रतिक्रिया में भाजपा विधायक ने राहुल गांधी पर टिप्पणी कर दी, जिससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

    हाथापाई की स्थिति, मार्शलों ने कार्यभार मोर्चा

    नारेबाजी के बीच माहौल इतना गरमा गया कि विधायक अपनी सीटों से उठकर एक-दूसरे के करीब पहुंच गए। धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। कुछ सदस्यों ने पार्षदों को हवा में उछाल दिया। स्थिति बिगड़ती देख सदन के मार्शलों और सुरक्षा कर्मियों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों के पहाड़ों को अलग कर परिस्थितियों को काबू में किया। इस दौरान सदन की कार्रवाई काफी देर तक बाधित रही।

    अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर भी गूंजे नारे

    इस हंगामे से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के पहाड़ों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भी सदन में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अली खामेनेई के खिलाफ कथित कार्रवाई और ईरान-इजरायल तनाव को लेकर उठाए। NC, कांग्रेस, CPI(M) और PDP के पहाड़ों ने मिलकर इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेलंगाना और ईरान के समर्थन में आवाज उठाई।

    स्पीकर की अपील भी जमीनी

    विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कई बार सदन में शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। नतीजतन, प्रश्नकाल पूरी तरह बाधित रहा और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो।

    अलग-अलग मुद्दों पर टकराव

    जहां एक ओर विपक्ष अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर विरोध जता रहा था, वहीं भाजपा विधायक जम्मू में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दोनों पक्षों के अलग-अलग मुद्दों ने सदन के माहौल को और ज़्यादा गरमा दिया।

  • दिल्ली में अहम बैठक: एकनाथ शिंदे और नरेंद्र मोदी के बीच कई मुद्दों पर मंथन

    दिल्ली में अहम बैठक: एकनाथ शिंदे और नरेंद्र मोदी के बीच कई मुद्दों पर मंथन


    नई दिल्ली। शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ईरान-इजरायल युद्ध, घरेलू हालात और महाराष्ट्र के अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के, मिलिंद देवड़ा, धैर्यशील माने, श्रीरंग बारणे और रवींद्र वायकर मौजूद रहे।

    एकनाथ शिंदे ने भरोसा दिलाया कि युद्ध जैसे हालात में ‘एनडीए’ की सहयोगी के तौर पर शिवसेना, पीएम के स्टैंड का सपोर्ट करती है और हम देश के साथ हैं। इस मीटिंग के बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बातचीत की।

    डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के दौरान भारत में झूठा प्रोपेगेंडा फैलाकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान की बात करते हैं। बालासाहेब के लिए देश पहले था और राजनीति बाद में। आज हम बालासाहेब के विचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

    उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि युद्ध के कारण कुवैत, दुबई, मस्कट में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को मुंबई और पुणे सुरक्षित वापस लाया गया। उन्होंने कोविड के बाद से खाड़ी देशों के साथ बने अच्छे रिश्तों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से दो जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ राज्य में विकास के कामों और अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत हुई।

    उन्होंने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष युद्ध जैसे हालात का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रहा है। कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी देश में गैस की कमी की अफवाह फैला रहे हैं। इससे ब्लैक मार्केट करने वालों को मौका मिल रहा है। राजनीति के लिए और भी मुद्दे हैं, लेकिन जब युद्ध जैसे हालात में देश के साथ रहने की उम्मीद है, तब विपक्ष राजनीति कर रहा है। विपक्ष ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी ऐसी ही राजनीति की थी, जिसका पाकिस्तान में भी ध्यान रखा गया था। कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान में बोलते हैं।

    डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना एमपी को देश में गैस की कमी के मुद्दे पर कड़ा स्टैंड लेने और सदन में विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठे प्रोपेगेंडा को नाकाम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं भी गैस सिलेंडर की कमी नहीं है। सरकार ब्लैक मार्केट करने वालों को रोकने के लिए पूरी मेहनत से काम कर रही है।