Tag: India Politics

  • विधायक का बेटे के लिए खुला ऐलान ,SDPO को चुनौती करेरा किसी के बाप का नहीं सियासत गरमाई

    विधायक का बेटे के लिए खुला ऐलान ,SDPO को चुनौती करेरा किसी के बाप का नहीं सियासत गरमाई

    शिवपुरी । शिवपुरी जिले की सियासत उस वक्त गरमा गई जब पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया वीडियो में विधायक का आक्रामक अंदाज और पुलिस अधिकारी को दी गई खुली चुनौती चर्चा का केंद्र बन गई है इस पूरे मामले ने न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा की है बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी नई बहस छेड़ दी है

    वीडियो में विधायक प्रीतम लोधी करेरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ को सीधे तौर पर चुनौती देते नजर आ रहे हैं उनका कहना है कि करेरा किसी के बाप का नहीं है और उनका बेटा दिनेश लोधी वहां जाएगा और चुनाव भी लड़ेगा विधायक के इस बयान ने यह साफ कर दिया कि वे अपने बेटे के पक्ष में खुलकर खड़े हैं और किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं

    दरअसल पूरा मामला 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है जब विधायक के छोटे बेटे दिनेश लोधी ने अपनी थार गाड़ी से कथित रूप से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की थी शुरुआत में विधायक ने खुद सोशल मीडिया के जरिए यह कहा था कि उनके लिए जनता सबसे ऊपर है और कानून अपना काम करेगा लेकिन घटनाक्रम तेजी से बदलता नजर आया

    बताया जा रहा है कि हादसे के दो दिन बाद जब दिनेश लोधी को करेरा एसडीओपी के सामने पेश किया गया तब एसडीओपी आयुष जाखड़ ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि वह भविष्य में करेरा क्षेत्र में नजर न आएं इसी बात ने विवाद को और हवा दे दी और विधायक का रुख अचानक बदल गया

    वीडियो में विधायक का गुस्सा साफ झलकता है वे कहते हैं कि उनके बेटे के साथ हुए मामूली एक्सीडेंट को बेवजह बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया और पुलिस अनावश्यक रूप से सख्ती दिखा रही है उनका यह भी कहना है कि उनका बेटा न केवल करेरा जाएगा बल्कि वहां से चुनाव भी लड़ेगा यह बयान स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा करने के लिए काफी है क्योंकि इसे सीधे तौर पर एक राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है

    इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं एक ओर जहां कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर चर्चा हो रही है वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के आचरण और उनके बयानों को लेकर भी बहस तेज हो गई है विधायक का यह बयान क्या सिर्फ एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है या इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति छिपी है यह आने वाले समय में साफ होगा फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग यह देख रहे हैं कि प्रशासन और सरकार इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाती है

  • थाने में जहर से मौत पर बवाल पीड़ित परिवार से मिले पटवारी निष्पक्ष जांच की मांग तेज

    थाने में जहर से मौत पर बवाल पीड़ित परिवार से मिले पटवारी निष्पक्ष जांच की मांग तेज


    छतरपुर । मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में थाने के अंदर जहर खाकर हुई सुरेंद्र सिंह की मौत का मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर तूल पकड़ता जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में अब जीतू पटवारी ने हस्तक्षेप करते हुए इसकी जांच CBI से कराने की मांग उठाई है जिससे पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है।

    पटवारी आज छतरपुर जिले के सरानी गांव पहुंचे जहां उन्होंने मृतक सुरेंद्र सिंह के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। परिवार से बातचीत के बाद उन्होंने साफ कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है क्योंकि इसमें गंभीर आरोप सामने आए हैं और स्थानीय स्तर पर जांच को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    इस मामले में सबसे बड़ा आरोप छतरपुर की भाजपा विधायक ललिता यादव के पुत्र मोनू यादव पर लगा है। आरोप है कि मोनू यादव ने सुरेंद्र सिंह के साथ मारपीट की थी जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम सामने आया। इस आरोप ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है क्योंकि इसमें राजनीतिक प्रभाव की आशंका भी जताई जा रही है।

    मृतक की पत्नी ने भी इस मामले में गंभीर खुलासा करते हुए बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के दौरान सुरेंद्र सिंह ने खुद उसे बताया था कि मोनू यादव ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की थी। इस बयान के बाद परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया है और वे लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

    जीतू पटवारी ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं की गई तो वे न्यायालय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

    यह मामला अब केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। थाने के भीतर हुई इस घटना ने पुलिस कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार तेज हो रही है।

    फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है लेकिन बढ़ते राजनीतिक दबाव और परिजनों के आरोपों के बीच अब यह देखना अहम होगा कि क्या इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी जाती है या फिर स्थानीय स्तर पर ही इसका निपटारा किया जाता है।

  • विकसित भारत 2047 की दिशा में बड़ा कदम भोपाल में जुटेंगे तीन राज्यों के युवा विधायक

    विकसित भारत 2047 की दिशा में बड़ा कदम भोपाल में जुटेंगे तीन राज्यों के युवा विधायक


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है जहां 30 और 31 मार्च 2026 को युवा विधायकों का एक विशेष और अनूठा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। मध्य प्रदेश विधानसभा की इस पहल में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 55 से अधिक युवा विधायक एक मंच पर एकत्रित होंगे और लोकतंत्र तथा देश के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श करेंगे। खास बात यह है कि इस सम्मेलन में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों की आयु 45 वर्ष से कम है जिससे यह आयोजन पूरी तरह युवा नेतृत्व और उनकी सोच पर केंद्रित रहेगा।

    दो दिवसीय इस सम्मेलन का उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस अवसर पर नरेन्द्र सिंह तोमर और रमन सिंह जैसे वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहेंगे जो युवा विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की मौजूदगी इस सम्मेलन को और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी।

    इस सम्मेलन में तीनों राज्यों से युवा विधायकों की भागीदारी भी संतुलित और व्यापक है। मध्यप्रदेश से 18, छत्तीसगढ़ से 15 और राजस्थान से 22 विधायक इसमें शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल संख्या के लिहाज से बड़ा है बल्कि इसके उद्देश्यों की दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि पहली बार इस तरह तीन राज्यों के युवा जनप्रतिनिधियों को एक साझा मंच दिया जा रहा है जहां वे अपने अनुभवों और विचारों का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

    सम्मेलन के दौरान दो प्रमुख विषयों पर गहन चर्चा और मंथन किया जाएगा जिनमें लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका और विकसित भारत 2047 का विजन शामिल है। इन सत्रों में युवा विधायक अपने अपने क्षेत्रों में किए गए नवाचार, सफल योजनाओं और जमीनी अनुभवों को साझा करेंगे। इसके साथ ही वे उन चुनौतियों पर भी चर्चा करेंगे जो भविष्य में शासन और नीति निर्माण के दौरान सामने आ सकती हैं। इस तरह यह मंच केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि व्यावहारिक समाधान खोजने का भी प्रयास करेगा।

    विधानसभा सचिवालय के अनुसार यह सम्मेलन विधान परिषद भवन में आयोजित किया जाएगा जहां विभिन्न सत्रों के माध्यम से युवा नेतृत्व को सशक्त बनाने पर जोर दिया जाएगा। यह आयोजन संसदीय प्रणाली को समझने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    कुल मिलाकर यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि देश के भविष्य की राजनीति को आकार देने की दिशा में एक सार्थक पहल है। यहां लिए गए विचार और सुझाव आने वाले वर्षों में नीति निर्माण और विकास के एजेंडे को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि युवा विधायक इस मंच से किस तरह के विचार और विजन देश के सामने रखते हैं और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अपनी भूमिका को कैसे परिभाषित करते हैं।

  • पीएम मोदी का संवाद कार्यक्रम: असम और पुडुचेरी में जनता के साथ सीधा संवाद..

    पीएम मोदी का संवाद कार्यक्रम: असम और पुडुचेरी में जनता के साथ सीधा संवाद..


    नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को असम और पुडुचेरी में ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत संवाद’ कार्यक्रम में सीधे जनता से संवाद करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दोनों राज्यों में हुए विकास कार्यों की सराहना की और जोर देकर कहा कि जनता अगले पांच साल भी ‘डबल-इंजन’ वाली एनडीए सरकार के साथ बिताने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    असम में कार्यक्रम दोपहर एक बजे आयोजित होगा। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि 30 तारीख की दोपहर को वे ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत संवाद- असम’ में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में असम ने जो प्रगति की है, वह सभी के सामने है और राज्य सभी क्षेत्रों में अपनी विकास यात्रा के लिए जाना जाता है। उनका कहना था कि इसलिए असम का रुख बिल्कुल स्पष्ट है और यहां पूरी तरह से एनडीए का ही दबदबा है।

    पुडुचेरी में पीएम मोदी का कार्यक्रम शाम 5:30 बजे आयोजित होगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में ‘डबल-इंजन’ वाली एनडीए सरकार ने पुडुचेरी की जनता की आकांक्षाओं को पूरा किया है। यही कारण है कि पुडुचेरी की जनता एक बार फिर एनडीए को अपना आशीर्वाद देने के लिए तैयार है।

    प्रधानमंत्री मोदी के X अकाउंट ‘narendramodi.in’ ने जनता से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और नमो ऐप के माध्यम से सीधे प्रधानमंत्री से जुड़ने के लिए अभी पंजीकरण करें। इस कार्यक्रम के जरिए जनता अपने विचार साझा कर सकती है और ‘विकसित असम’ तथा ‘मजबूत पुडुचेरी’ के लिए सुझाव दे सकती है।

    यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री और एनडीए सरकार के विकास और जन संपर्क को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। असम और पुडुचेरी की जनता इस संवाद में अपनी उम्मीदों और सवालों के साथ शामिल होगी, जिससे दोनों राज्यों में सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर सीधे संवाद स्थापित होगा।

  • डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये पर सियासत पोस्टर वार और बयानबाजी से गरमाया माहौल

    डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये पर सियासत पोस्टर वार और बयानबाजी से गरमाया माहौल

    इंदौर में रुपये की गिरती कीमत को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है डॉलर के मुकाबले रुपया 93 के पार पहुंचने के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं और इसी क्रम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं ने शहर में पोस्टर वार शुरू कर दिया है

    इन पोस्टरों में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को भी निशाने पर लिया गया है कांग्रेस नेताओं ने साल 2013 के उनके एक पुराने ट्वीट का जिक्र करते हुए सवाल उठाया है कि जब पहले रुपये की गिरावट पर चिंता जताई जाती थी तो आज स्थिति और गंभीर होने के बावजूद चुप्पी क्यों साधी गई है पोस्टरों में व्यंग्यात्मक अंदाज में यह सवाल किया गया है कि देश की आर्थिक स्थिति पर अब आवाज क्यों नहीं उठ रही

    कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी के नेतृत्व में लगाए गए इन पोस्टरों में केवल आलोचना ही नहीं बल्कि एक अनोखी घोषणा भी की गई है पार्टी ने ऐलान किया है कि जो भी व्यक्ति अमिताभ बच्चन से रुपये की गिरावट पर ट्वीट करवा देगा उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा इतना ही नहीं अगर खुद अमिताभ बच्चन इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हैं तो यह इनाम उन्हें देने की बात भी कही गई है

    इस घोषणा के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया है और शहर की राजनीति में इसे लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है कांग्रेस का कहना है कि पहले जब रुपये की गिरावट को देश की इज्जत से जोड़ा जाता था तब बड़े नाम इस पर खुलकर बोलते थे लेकिन अब जब स्थिति और खराब है तो वे चुप क्यों हैं

    कांग्रेस ने अपने बयान में यह भी कहा है कि सिर्फ अमिताभ बच्चन ही नहीं बल्कि जूही चावला अनुपम खेर और विवेक अग्निहोत्री जैसे कई अन्य कलाकारों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है पार्टी का कहना है कि जो लोग पहले सोशल मीडिया पर हर मुद्दे पर सक्रिय रहते थे वे अब आर्थिक मुद्दों पर मौन क्यों हैं

    कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि रुपये के कमजोर होने का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है आयात महंगा होने से पेट्रोल डीजल और गैस के दाम बढ़ते हैं महंगाई बढ़ती है विदेश में पढ़ाई और इलाज महंगा हो जाता है और कंपनियों की लागत बढ़ने से रोजगार पर भी असर पड़ता है इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की आर्थिक छवि भी प्रभावित होती है

    पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल पोस्टर तक सीमित मुद्दा नहीं रहेगा बल्कि इसे लेकर आगे भी आंदोलन किया जाएगा और जनता के बीच इस विषय को उठाया जाएगा कुल मिलाकर रुपये की गिरती कीमत अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुकी है और आने वाले समय में यह बहस और तेज होने की संभावना है

  • दिल्ली को आपदा सरकार से मिली मुक्ति, अब तेजी से आगे बढ़ रहा विकास : प्रधानमंत्री मोदी

    दिल्ली को आपदा सरकार से मिली मुक्ति, अब तेजी से आगे बढ़ रहा विकास : प्रधानमंत्री मोदी


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकार के कारण दिल्ली का विकास लंबे समय तक प्रभावित रहा लेकिन पिछले एक वर्ष में राजधानी में विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया है और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है।

    रविवार को बुराड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 33,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले दिल्ली जिस आपदा से मुक्त हुई उसकी अहमियत अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय की सरकार बाधा न बनती तो मेट्रो का चौथा चरण काफी पहले ही पूरा हो सकता था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद विकास कार्यों में तेजी आई है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन लाखों लोग बसों से सफर करते हैं इसलिए उन्हें बेहतर और आरामदायक परिवहन सुविधा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चार हजार से अधिक बसें राजधानी में सेवा दे रही हैं जिनमें इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग दस वर्षों तक पूर्व सरकार के समय विकास कार्य ठप पड़े रहे लेकिन अब उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यमुना नदी की सफाई के लिए भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार को लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं था और गरीबों की अनदेखी की गई। वहीं रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब हालात को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। पिछले एक वर्ष में बड़ी संख्या में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में अब विकास का नया मॉडल दिखाई दे रहा है जहां काम शुरू हो चुका है और बहानों की जगह परिणाम पर ध्यान दिया जा रहा है।