Tag: India visit

  • भारत दौरे पर आएंगी जापान की PM सनाए ताकाइली…. निवेश को लेकर हो सकते हैं नए ऐलान

    भारत दौरे पर आएंगी जापान की PM सनाए ताकाइली…. निवेश को लेकर हो सकते हैं नए ऐलान


    नई दिल्ली।
    जापान (Japan) की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची (Prime Minister Sanae Takaichi) की भारत यात्रा (India Tour) को कई मायनों में महत्वूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान व्यापार, बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक निवेश, पूर्वोत्तर विकास, कृत्रिम बुद्धिमता के क्षेत्र में नए ऐलान किए जा सकते हैं। साथ ही हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामकता से निपटने के लिए क्वाड को फिर से सक्रिय करने पर भी बात हो सकती है।


    भारत में भारी निवेश

    कूटनीतिक जानकारों के अनुसार भारत के विकास में जापान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है, क्योंकि उसने बुनियादी ढांचे, ऑटोमाइबल तथा भारी उद्योग क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश किया है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भी वह निर्णायक भूमिका निभा सकता है। उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान, संयुक्त उपक्रम और निवेश की जापान से अपार संभावनाएं हैं।

    जापान का मौजूदा निवेश 44 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है तथा वह सिंगापुर, मॉरीशस, अमेरिका और नीदरलैंड के बाद पांचवा बड़ा निवेशक है। इस यात्रा के दौरान भी जापान की प्रधानमंत्री बड़े निवेश का ऐलान कर सकती हैं। भारत और जापान उभरती प्रौद्यौगिकी में 100 से अधिक परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान एआई में सहयोग को लेकर घोषणा हो सकती है।

    भारत की एक्ट ईस्ट नीति के लिए भी जापान बेहद महत्वपूर्ण है। भारत और जापान ने 2017 में भारत-जापान एक्ट ईस्ट फोरम बनाया है, जिसके जरिये पूर्वोत्तर के विकास पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पिछले एक साल के दौरान जापान के उच्चस्तरीय दलों ने मेघालय, असम, मणिपुर के दौरे किए हैं, जबकि मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, असम और नगालैंड के मुख्यमंत्रियों ने जापान के दौरे किए।


    बैठक में व्यापार को मजबूत करने पर भी होगी बातचीत

    विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इस बैठक में वैसे तो क्षेत्रीय और वैश्विक सभी मुद्दों पर दोनों राष्ट्राध्यक्ष बात करेंगे, लेकिन व्यापार को मजबूत करने पर भी बात होगी। दरअसल, भारत-जापान के बीच में 2011 से व्यापार समझौता है, लेकिन यह जापान के लिए ही फायदेमंद साबित हुआ है। दोनों देशों के बीच करीब 27 अरब डॉलर का सालाना कारोबार है, जिसमें भारत का निर्यात छह अरब डॉलर और आयात 21 अरब डॉलर का है। यानी 15 अरब डॉलर का व्यापार घाटा है। भारत इस समझौते के नवीनीकरण के पक्ष में है।


    भारत में कहां सबसे ज्यादा निवेश

    पूर्वोत्तर में जापान ने भारी निवेश भी किए हैं तथा वहां के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। जापान का मानना है कि पूर्वोत्तर एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत की एक्ट ईस्ट नीति और जापान की स्वतंत्र एवं खुले हिंद प्रशांत क्षेत्र के दृष्टिकोण को व्यवहार में लाया जाता है।

    एक तरफ जहां आर्थिक नजरिये से जापान महत्वपूर्ण है। वहीं, क्वाड के सदस्य के रूप में भी जापान भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदार है। लेकिन क्वाड निष्क्रिय होता जा रहा है। इसलिए संभावना है कि मोदी के संग बैठक में जापान की प्रधानमंत्री क्वाड को सक्रिय करने पर भी बात करेंगी। दरअसल, क्वाड की शुरुआती पहल जापान की तरफ से ही की गई थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्वाड को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहे हैं।

  • लियोनल मेसी ने GOAT इंडिया टूर के समापन पर भारत को धन्यवाद कहा फुटबॉल के भविष्य के प्रति जताई उम्मीद

    लियोनल मेसी ने GOAT इंडिया टूर के समापन पर भारत को धन्यवाद कहा फुटबॉल के भविष्य के प्रति जताई उम्मीद


    नई दिल्ली । फुटबॉल जगत के महानतम खिलाड़ियों में शामिल लियोनल मेसी ने अपने भारत दौरे के समापन पर एक भावुक संदेश साझा किया। अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर ने भारत के विभिन्न शहरों में अपने शानदार अनुभवों को साझा करते हुए देशवासियों का आभार व्यक्त किया। “नमस्ते इंडिया इस शब्द के साथ मेसी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश की शुरुआत की और भारत में बिताए गए समय को अविस्मरणीय बताया।

    दौरे की खासियतें

    लियोनल मेसी का GOAT इंडिया टूर भारत के चार प्रमुख शहरों – दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता में हुआ। इस दौरे ने भारत में फुटबॉल प्रेमियों के बीच एक नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। इन शहरों में मेसी को जहां जबरदस्त स्वागत मिला, वहीं उनकी यात्रा ने क्रिकेट और फुटबॉल के बीच एक अनोखा संबंध भी स्थापित किया। मेसी ने अपने दौरे के दौरान भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों से भी मुलाकात की, जिनमें क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव जय शाह और भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री शामिल थे। इन मुलाकातों ने मेसी के इस दौरे को और भी खास बना दिया।

    भारत में फुटबॉल का भविष्य

    मेसी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि भारत में फुटबॉल का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत में फुटबॉल के प्रति बढ़ता प्यार और फुटबॉल के प्रति लोगों का जुनून देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने भारत के फुटबॉल प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा यहां मिले प्यार और समर्थन को कभी नहीं भूलूंगा। मुझे यकीन है कि भारत में फुटबॉल का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।

    भारत में फुटबॉल का महत्व

    भारत में फुटबॉल का इतिहास काफी लंबा और समृद्ध है लेकिन हाल के वर्षों में इस खेल के प्रति लोगों की रुचि में तेजी से वृद्धि हुई है। मेसी का दौरा इस बात का प्रतीक था कि भारत में फुटबॉल अब सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून बन चुका है। भारतीय फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह और मेसी के प्रति प्यार इसे साबित करता है। मेसी ने इस दौरे के दौरान भारतीय फुटबॉल का समर्थन करने और इसे बढ़ावा देने का वादा किया।

    भारत की मेहमाननवाजी ने किया भावुक

    मेसी ने अपनी यात्रा को एक व्यक्तिगत अनुभव के रूप में भी देखा, जहां उन्हें न सिर्फ फुटबॉल के प्रति भारतीयों का प्यार मिला बल्कि भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाजी का भी खास अनुभव हुआ। उन्होंने कहा, भारत में जितना प्यार और अपनापन मुझे मिला, वह किसी और देश में नहीं मिला। यह मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहेगा।

    लियोनल मेसी का GOAT इंडिया टूर भारत के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक घटना बन गया। मेसी का भारत में आना न केवल फुटबॉल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कारण बना बल्कि इसने फुटबॉल और क्रिकेट के बीच की दूरी को भी खत्म किया। मेसी के इस दौरे से यह स्पष्ट है कि भारत में फुटबॉल का भविष्य मजबूत और उज्ज्वल है और अब भारत में इस खेल को लेकर और भी ज्यादा उत्साह देखने को मिलेगा।

  • भारत पहुंचे पुतिन: राष्ट्रपति भवन में मिला 21 तोपों की सलामी का सम्मान

    भारत पहुंचे पुतिन: राष्ट्रपति भवन में मिला 21 तोपों की सलामी का सम्मान


    नई दिल्ली /रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार साल बाद भारत पहुंचे और उनके आगमन पर राजधानी दिल्ली में पारंपरिक सम्मान के साथ शानदार स्वागत किया गया। राष्ट्रपति भवन में उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई और भारतीय सेना की तीनों सेवाओं ने गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन का औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद थोड़ी ही देर में पुतिन और मोदी राजघाट पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    पुतिन के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में सात वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं, जिनकी उपस्थिति इस दौरे की अहमियत को दर्शाती है। दोनों देशों के बीच आज दो महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित हैं जिनमें से एक क्लोज़्ड-डोर बैठक होगी। इनके दौरान रक्षा, ऊर्जा, आर्थिक सहयोग और कौशल आधारित भारतीय कामगारों की आवाजाही को आसान बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। उम्मीद है कि मुलाकात के दौरान 25 से अधिक द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जो भविष्य में भारत-रूस संबंधों को नई मजबूती देंगे।

    राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद पुतिन का काफिला राजघाट के लिए रवाना हुआ। सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई थी और रास्तों को पहले ही खाली करा लिया गया था। राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद दोनों नेता हैदराबाद हाउस पहुँचे, जहाँ 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच दशकों पुराने विश्वास और सहयोग की परंपरा को आगे बढ़ाने का एक और अवसर है।

    पुतिन की यात्रा का एक दिलचस्प पहलू वह सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर सिग्मा-4 भी रही जिसमें पीएम मोदी और पुतिन एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री आवास तक साथ बैठे। यह गाड़ी मुंबई के एक एडिशनल पुलिस कमिश्नर के नाम रजिस्टर्ड है और अप्रैल 2024 में पंजीकृत हुई थी। सुरक्षा के लिहाज से पीएम की रेंज रोवर और पुतिन की विशेष सुरक्षा वाली कारें भी काफिले में शामिल थीं।

    फ्लाइटडाटा-24 की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन का विमान Ilyushin Il-96-300 मॉस्को के ज़ुकोवस्की एयरपोर्ट से उड़ा और कजाकिस्तान, कैस्पियन सागर, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर राजस्थान के ऊपर भारतीय सीमा में दाखिल हुआ। यह उड़ान मार्ग अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सुरक्षा के लिहाज से सावधानीपूर्वक तय किया गया था।

    भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग हमेशा ही रिश्तों की मजबूत नींव रहा है। पुतिन ने हाल ही में कहा था कि भारत और रूस का रिश्ता सिर्फ हथियारों की खरीद-फरोख्त का नहीं बल्कि गहरे विश्वास और तकनीकी साझेदारी का है। यह टिप्पणी दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक सहयोग की ओर संकेत करती है।

    पुतिन के आगमन की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री मोदी ने एयरपोर्ट पर स्वयं उनका स्वागत कर इस दौरे को विशेष महत्व दिया। दोनों नेताओं ने एक ही गाड़ी में सफर किया और रात में पीएम आवास पर निजी रात्रिभोज हुआ। इस मुलाकात की तस्वीरों और वीडियो को दुनिया भर के मीडिया ने प्रमुखता से दिखाया। अमेरिका यूरोपीय देशों, यूक्रेन और एशियाई मीडिया ने भी इस दौरे के भू-राजनीतिक महत्व पर विशेष रिपोर्ट प्रकाशित की हैं।

    भारत-रूस संबंध एक ऐसे दौर में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं जब वैश्विक राजनीति में बदलाव तेजी से हो रहे हैं। यह दौरा न केवल सामरिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ऊर्जा, व्यापार, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते भी खोल सकता है।