Tag: India vs England

  • हार के बाद कप्तान शुभमन गिल का बड़ा खुलासा डेथ ओवरों की खराब गेंदबाजी ने छीनी जीत रोहित की पारी को बताया यादगार

    हार के बाद कप्तान शुभमन गिल का बड़ा खुलासा डेथ ओवरों की खराब गेंदबाजी ने छीनी जीत रोहित की पारी को बताया यादगार


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए निर्णायक तीसरे वनडे में 27 रन की हार के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 1-2 से गंवा दी। मुकाबला खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार के कारणों पर खुलकर बात की और माना कि टीम 45वें ओवर तक मुकाबले में पूरी तरह बनी हुई थी लेकिन आखिरी तीन ओवरों में की गई महंगी गेंदबाजी ने जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गिल ने यह भी कहा कि शुरुआती ओवरों में अनुशासित गेंदबाजी नहीं होने से इंग्लैंड को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका मिल गया जिसका असर पूरे मैच पर पड़ा।

    मैच के बाद गिल ने कहा कि भारतीय टीम की स्थिति 45वें ओवर तक मजबूत थी और खिलाड़ी मुकाबले में वापसी की उम्मीद बनाए हुए थे। हालांकि अंतिम तीन ओवरों में करीब 60 रन खर्च करने से इंग्लैंड विशाल स्कोर तक पहुंच गया। उनके अनुसार यही वह मोड़ था जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कप्तान ने माना कि यदि डेथ ओवरों में गेंदबाज बेहतर नियंत्रण रखते तो लक्ष्य काफी हद तक सीमित किया जा सकता था।

    शुभमन गिल ने रन चेज की रणनीति का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि टीम ने पहले से योजना बनाई थी कि शुरुआती 40 ओवर तक विकेट बचाकर रखे जाएंगे और पावरप्ले के बाद रन गति लगभग छह से साढ़े छह रन प्रति ओवर रखी जाएगी। इसके बाद अंतिम दस ओवरों में तेज बल्लेबाजी करते हुए 100 से 110 रन बनाने का लक्ष्य रखा गया था। गिल का मानना था कि यदि यह योजना पूरी तरह लागू हो जाती तो भारत के पास मुकाबला जीतने का शानदार मौका होता।

    भारतीय कप्तान ने गेंदबाजी विभाग की कमियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पावरप्ले के दौरान गेंदबाजों ने जरूरत से ज्यादा ऑफ स्टंप के बाहर गेंदें फेंकीं जिसका इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। इससे मेजबान टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बना लिया और भारत को लगातार दबाव में रखा। गिल के अनुसार पावरप्ले और डेथ ओवरों की गेंदबाजी दोनों ही विभागों में टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।

    सीरीज हारने के बावजूद शुभमन गिल ने टीम के प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलुओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों ने पूरी सीरीज में लगातार रन बनाए और गेंदबाजों ने भी अलग अलग मुकाबलों में विकेट लेकर योगदान दिया। उनके अनुसार यह प्रदर्शन आने वाले महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए टीम का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है और खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

    गिल ने इस दौरान रोहित शर्मा की रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रोहित ने वर्षों से दुनिया के अलग अलग देशों में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है और लॉर्ड्स में खेली गई 138 रन की पारी भी उसी स्तर की थी। कप्तान ने कहा कि मैच के अंतिम चरण में पिच धीमी हो चुकी थी और ऐसे हालात में इतनी शानदार बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। उनके अनुसार रोहित की पारी देखना हर क्रिकेट प्रेमी के लिए किसी खास अनुभव से कम नहीं था।

    गौरतलब है कि इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 387 रन का विशाल स्कोर बनाया। बेन डकेट ने 141 रन जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन की शानदार पारी खेली। जो रूट ने नाबाद 74 और जोस बटलर ने तेज 41 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में रोहित शर्मा के 138 रन शुभमन गिल के 77 और विराट कोहली के 74 रन भी भारत को जीत नहीं दिला सके और टीम 360 रन तक ही पहुंच सकी। इस हार के साथ इंग्लैंड ने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।

  • रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी, 400 अंतरराष्ट्रीय मैच साथ खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी

    रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी, 400 अंतरराष्ट्रीय मैच साथ खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दो सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में मैदान पर उतरते ही दोनों खिलाड़ियों ने एक साथ 400 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड बना दिया। इसके साथ ही रोहित और विराट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह मुकाम हासिल करने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गए हैं।

    दोनों दिग्गज पिछले डेढ़ दशक से भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहे हैं। कई यादगार जीत, बड़े टूर्नामेंट और ऐतिहासिक साझेदारियों के गवाह रहे रोहित और विराट की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता, फिटनेस और लंबे समय तक टीम में अहम भूमिका निभाने का प्रमाण है।

    हालांकि वैश्विक स्तर पर इस सूची में अभी भी श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने की जोड़ी 550 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर महेला जयवर्धने और तिलकरत्ने दिलशान की जोड़ी है, जिसने 426 मुकाबले साथ खेले। तीसरे स्थान पर कुमार संगकारा और तिलकरत्ने दिलशान 418 मैचों के साथ मौजूद हैं, जबकि सनथ जयसूर्या और मुथैया मुरलीधरन की जोड़ी 408 मैचों के साथ चौथे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस और मार्क बाउचर ने 407 मुकाबले साथ खेले हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली 400 मैचों के साथ इस प्रतिष्ठित सूची में छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के ही सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की जोड़ी 391 मैचों के साथ सातवें स्थान पर है।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बीच भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में सीरीज का निर्णायक मुकाबला खेला जा रहा है। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम को इस मैच में बड़ा झटका तब लगा जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने में सूजन के कारण फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर सके और उन्हें अंतिम एकादश से बाहर होना पड़ा। वहीं हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वॉशिंगटन सुंदर भी उपलब्ध नहीं रहे।

    भारतीय टीम ने बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर की जगह युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह को मौका दिया, जबकि इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन में साकिब महमूद की जगह जोश टंग को शामिल किया।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की 400 मैचों की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। दोनों खिलाड़ियों ने वर्षों तक अपने शानदार प्रदर्शन, निरंतरता और अनुभव से टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाई हैं। यह रिकॉर्ड उनकी महान क्रिकेट यात्रा का एक और स्वर्णिम पड़ाव माना जा रहा है।

  • क्रिकेट जगत ने महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स को किया नमन, लॉर्ड्स वनडे से पहले रखा गया मौन

    क्रिकेट जगत ने महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स को किया नमन, लॉर्ड्स वनडे से पहले रखा गया मौन


    नई दिल्ली । क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में शुमार सर गारफील्ड गैरी सोबर्स को रविवार को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों, मैच अधिकारियों और मैदान पर मौजूद हजारों दर्शकों ने एक मिनट का मौन रखकर महान क्रिकेटर को अंतिम सम्मान दिया। पूरे मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरे।

    89 वर्ष की आयु में शुक्रवार को सर गैरी सोबर्स के निधन से पूरे क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। वेस्टइंडीज क्रिकेट के स्वर्णिम दौर के सबसे बड़े सितारों में शामिल सोबर्स ने अपने खेल से जिस तरह दुनिया को प्रभावित किया, उसकी छाप आज भी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में कायम है। लॉर्ड्स में दी गई यह श्रद्धांजलि उनके इसी असाधारण योगदान का सम्मान थी।

    इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने सोबर्स को याद करते हुए कहा कि वे वेस्टइंडीज क्रिकेट समुदाय के लिए एक महान प्रेरणा थे और अब तक के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं। आर्चर ने बताया कि कुछ महीने पहले बारबाडोस में उनकी सोबर्स से मुलाकात हुई थी और उस दौरान भी वे बेहद उत्साही और सकारात्मक नजर आए थे। उनके निधन की खबर ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा दुख पहुंचाया।

    इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने भी सर गैरी सोबर्स को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक असाधारण व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि सोबर्स केवल महान क्रिकेटर ही नहीं बल्कि बेहद विनम्र इंसान भी थे। उनके साथ बिताया गया हर पल सीख और प्रेरणा से भरा रहता था। बेथेल ने कहा कि जहां भी सोबर्स मौजूद रहते थे वहां का माहौल अपने आप जीवंत हो जाता था।

    28 जुलाई 1936 को बारबाडोस के ब्रिजटाउन में जन्मे सर गैरी सोबर्स ने 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। बाएं हाथ के बल्लेबाज और बहुमुखी गेंदबाज के रूप में उन्होंने दो दशकों तक वेस्टइंडीज क्रिकेट का नेतृत्व किया। 93 टेस्ट मैचों में उन्होंने 8032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल रहे। उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 365 रन रहा, जो लंबे समय तक विश्व रिकॉर्ड भी रहा। गेंदबाजी में उन्होंने 235 टेस्ट विकेट भी अपने नाम किए और अपने हरफनमौला प्रदर्शन से क्रिकेट इतिहास में अमिट पहचान बनाई।

    सर गैरी सोबर्स प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी थे। उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि 1968 में हासिल की थी। टेस्ट क्रिकेट में 8000 से अधिक रन और 200 से ज्यादा विकेट लेने वाले चुनिंदा महान ऑलराउंडरों में उनका नाम आज भी सम्मान के साथ लिया जाता है।

    लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ियों द्वारा दी गई श्रद्धांजलि ने यह साबित कर दिया कि सर गैरी सोबर्स केवल वेस्टइंडीज ही नहीं बल्कि पूरी क्रिकेट दुनिया की अमूल्य धरोहर थे। उनका योगदान और विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

  • सीरीज जीत की जंग शुरू लॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी पर उतरा बुमराह की गैरमौजूदगी बढ़ाएगी भारत की चुनौती

    सीरीज जीत की जंग शुरू लॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी पर उतरा बुमराह की गैरमौजूदगी बढ़ाएगी भारत की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में शुरू हो गया है। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है और ऐसे में तीसरा मुकाबला दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसा बन गया है। टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। उनका मानना है कि पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल दिखाई दे रही है और पहले बड़ा स्कोर बनाकर टीम दबाव बनाने की कोशिश करेगी।

    टॉस के दौरान हैरी ब्रूक ने बताया कि इंग्लैंड की टीम में एक बदलाव किया गया है। साकिब महमूद की जगह तेज गेंदबाज जोश टंग की टीम में वापसी हुई है। इंग्लैंड की कोशिश होगी कि घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर सीरीज अपने नाम की जाए।

    भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि यदि टॉस उनके पक्ष में आता तो वह भी पहले गेंदबाजी करना पसंद करते। उन्होंने बताया कि टीम को बड़ा झटका लगा है क्योंकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के कारण इस अहम मुकाबले का हिस्सा नहीं हैं। उनकी जगह टीम में अर्शदीप सिंह को मौका दिया गया है जबकि केएल राहुल और प्रिंस यादव भी अंतिम एकादश में शामिल किए गए हैं।

    बुमराह की अनुपस्थिति भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है। डेथ ओवरों में उनकी सटीक गेंदबाजी और शुरुआती सफलता दिलाने की क्षमता टीम के लिए बेहद अहम रही है। अब अर्शदीप सिंह प्रसिद्ध कृष्णा और अन्य युवा गेंदबाजों पर इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकने की जिम्मेदारी होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो अनुभवी रोहित शर्मा और विराट कोहली पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। रोहित शर्मा पिछले दोनों मुकाबलों में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं जबकि विराट कोहली से भी निर्णायक मुकाबले में अहम योगदान की उम्मीद रहेगी। कप्तान शुभमन गिल और मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर तथा ईशान किशन की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होगी।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की बल्लेबाजी में जो रूट सबसे बड़े खतरे के रूप में मौजूद हैं। उन्होंने पिछले दोनों मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और दूसरे वनडे में नाबाद 99 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। इसके अलावा कप्तान हैरी ब्रूक जोस बटलर और बेन डकेट भी इंग्लैंड की बल्लेबाजी को मजबूती देते हैं।

    अब सभी की नजरें इस निर्णायक मुकाबले पर हैं जहां जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम करेगी। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद की जा रही है।

  • सीरीज गंवा चुका भारत अब प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती में इंग्लैंड से आखिरी मुकाबला आज पिच और मौसम देंगे बल्लेबाजों का साथ

    सीरीज गंवा चुका भारत अब प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती में इंग्लैंड से आखिरी मुकाबला आज पिच और मौसम देंगे बल्लेबाजों का साथ


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का आखिरी मुकाबला शनिवार को साउथैम्पटन के रोज बाउल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एक तरफ टीम सीरीज में सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी तो दूसरी ओर आईसीसी टी20 रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक टीम बने रहने की चुनौती भी उसके सामने होगी। यदि इंग्लैंड इस मुकाबले में जीत दर्ज करने में सफल रहता है तो वह भारत को पीछे छोड़ते हुए टी20 क्रिकेट की नई नंबर वन टीम बन जाएगा। ऐसे में यह मुकाबला केवल सीरीज का अंतिम मैच नहीं बल्कि प्रतिष्ठा और रैंकिंग की जंग भी बन गया है।

    हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड ने पूरी श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया है। मेजबान टीम पहले ही 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है और उसके खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी दोनों विभागों में लगातार दमदार खेल दिखाया है। कप्तान हैरी ब्रूक ने चौथे मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल 35 गेंदों में 79 रन बनाए थे जबकि फिल साल्ट जैकब बेथेल और टॉम बैंटन ने भी लगातार उपयोगी पारियां खेलकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। जरूरत पड़ने पर सैम करन ने भी बल्ले से अहम योगदान दिया है।

    गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की जोड़ी भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई है। नई गेंद से दोनों तेज गेंदबाजों ने भारतीय शीर्ष क्रम को लगातार परेशान किया है। इंग्लैंड के स्पिन और तेज गेंदबाजों के संतुलित प्रदर्शन ने पूरी श्रृंखला में भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    दूसरी ओर भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार मिले अवसरों का फायदा नहीं उठा सके जबकि अभिषेक शर्मा पिछले दो मुकाबलों में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। ईशान किशन भी रनों के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए। तिलक वर्मा और अक्षर पटेल का बल्ला भी इस श्रृंखला में खामोश रहा। हालांकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने चौथे मुकाबले में 80 रन की शानदार पारी खेलकर अपने शानदार फॉर्म का परिचय दिया और टीम को संघर्ष करने का मौका दिया।

    गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी। अर्शदीप सिंह हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा लगातार रन लुटाते नजर आए जबकि स्पिन विभाग में भी विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफलता नहीं मिली। ऐसे में आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम अपने सभी विभागों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी।

    साउथैम्पटन के रोज बाउल मैदान की बात करें तो यहां की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। अच्छी बाउंस और तेज आउटफील्ड के कारण बल्लेबाज खुलकर शॉट खेल सकते हैं। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 166 रन है जबकि दूसरी पारी में औसतन 138 रन बने हैं। आंकड़े बताते हैं कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को अधिक सफलता मिली है। अब तक खेले गए 24 टी20 मुकाबलों में 16 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम विजयी रही है जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम केवल 8 मैच जीत सकी है। ऐसे में टॉस की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

    मौसम की बात करें तो क्रिकेट प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार पूरे मुकाबले के दौरान आसमान साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम है। ऐसे में दर्शकों को बिना किसी रुकावट के पूरे 40 ओवर का रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला केवल हार जीत का नहीं बल्कि आत्मविश्वास वापस हासिल करने और दुनिया की नंबर एक टी20 टीम का ताज बचाने का अवसर भी है। वहीं इंग्लैंड की नजर सीरीज में क्लीन स्वीप करने के साथ दुनिया की नंबर एक टीम बनने के गौरव पर होगी। यही वजह है कि दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बेहद रोमांचक और हाई वोल्टेज होने की पूरी उम्मीद है।

  • भारत के सामने सम्मान और नंबर-1 रैंकिंग बचाने की चुनौती, इंग्लैंड से आखिरी टी20 में निर्णायक भिड़ंत

    भारत के सामने सम्मान और नंबर-1 रैंकिंग बचाने की चुनौती, इंग्लैंड से आखिरी टी20 में निर्णायक भिड़ंत


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार को साउथैम्पटन के रोज बाउल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज में 3-0 से पिछड़ चुकी भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला केवल औपचारिक नहीं है। इस मैच में उसकी प्रतिष्ठा के साथ आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 स्थान भी दांव पर लगा है। यदि इंग्लैंड अंतिम मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो वह भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन सकता है।

    श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरी सीरीज में उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। बल्लेबाजी लगातार संघर्ष करती नजर आई। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मिले मौकों का फायदा नहीं उठा सके, जबकि अभिषेक शर्मा पिछले दो मैचों में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। ईशान किशन भी रन बनाने के लिए जूझते दिखाई दिए। तिलक वर्मा और अक्षर पटेल का बल्ला भी अब तक शांत रहा है।

    हालांकि चौथे मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने 49 गेंदों में 80 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी फॉर्म का परिचय दिया, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम संघर्ष करती नजर आई है। अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल नहीं रहे। स्पिन आक्रमण में भी अक्षर पटेल और अन्य गेंदबाज अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।

    दूसरी ओर इंग्लैंड का प्रदर्शन पूरी सीरीज में संतुलित और प्रभावशाली रहा है। कप्तान हैरी ब्रूक ने उदाहरण पेश करते हुए चौथे टी20 में 35 गेंदों पर 79 रन की विस्फोटक पारी खेली। फिल साल्ट, जैकब बेथेल और टॉम बैंटन ने भी बल्लेबाजी में लगातार योगदान दिया है। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल राशिद ने मध्य ओवरों में विकेट निकालकर टीम को मजबूती दी।

    रोज बाउल की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, जिससे बड़े स्कोर बनने की संभावना रहती है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 166 रन है, जबकि दूसरी पारी का औसत 138 रन रहा है। आंकड़े बताते हैं कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को अधिक सफलता मिली है। अब तक खेले गए 24 टी20 मुकाबलों में 16 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को 8 मुकाबलों में जीत मिली है।

    मौसम भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। पूर्वानुमान के अनुसार साउथैम्पटन में शनिवार को आसमान साफ रहेगा और बारिश की संभावना बेहद कम है। ऐसे में पूरे 40 ओवर का मुकाबला होने की उम्मीद है।

    भारतीय टीम के लिए यह मैच सीरीज में सम्मानजनक विदाई के साथ-साथ अपनी नंबर-1 रैंकिंग बचाने का सुनहरा मौका भी है। वहीं इंग्लैंड इस जीत के साथ सीरीज पर पूरी तरह अपना दबदबा साबित करने और टी20 क्रिकेट की नई नंबर-1 टीम बनने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत

    टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों 125 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत पांच मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से पिछड़ गया है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, लेकिन जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 76 रन पर ऑलआउट हो गई।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही। फिल साल्ट और जोस बटलर ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि फिल साल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 70 रन की बेहतरीन पारी खेली। इस दौरान उन्होंने सात चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 16 रन का योगदान दिया, जबकि जैकब बेथेल ने 13 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सैम करन ने 24 गेंदों पर नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर इंग्लैंड का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया।

    भारत की ओर से गेंदबाजी में हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अक्षर पटेल को एक सफलता मिली। हालांकि भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके।

    202 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तेज जरूर रही। अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पहले दो ओवर से पहले ही 23 रन जोड़ दिए, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ढह गया। अभिषेक शर्मा 10 रन बनाकर आउट हुए, जबकि वैभव सूर्यवंशी 13 रन की छोटी लेकिन तेज पारी खेलकर पवेलियन लौट गए।

    इसके बाद कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका। ईशान किशन ने 13 रन और अक्षर पटेल ने 10 रन बनाए। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। पूरी भारतीय टीम सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के सबसे निराशाजनक प्रदर्शनों में से एक रहा।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट अपने नाम किए। विल जैक्स को भी एक सफलता मिली।

    सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था, जबकि दूसरा मैच इंग्लैंड ने चार विकेट से जीता था। अब तीसरे मैच में मिली बड़ी जीत के बाद मेजबान टीम ने सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है। शेष दो मुकाबले 9 और 11 जुलाई को क्रमशः ब्रिस्टल और साउथैम्प्टन में खेले जाएंगे, जहां भारत के सामने सीरीज बचाने की बड़ी चुनौती होगी।

  • ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम इंडिया, टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार से दहला भारतीय क्रिकेट

    ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम इंडिया, टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार से दहला भारतीय क्रिकेट


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने तीसरे टी20 मुकाबले में हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 125 रन से शिकस्त दी। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम सिर्फ 76 रन पर ऑलआउट हो गई। यह रनों के अंतर से भारत की टी20 इंटरनेशनल में अब तक की सबसे बड़ी हार है।

    इससे पहले भारत को वर्ष 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रन से हार मिली थी, लेकिन नॉटिंघम में मिली 125 रन की हार ने वह रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, 76 रन का स्कोर भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा सबसे कम टीम स्कोर भी रहा। इससे पहले 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम 74 रन पर सिमट गई थी।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल 10 रन बनाकर जोश टंग का शिकार बने। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कुछ आकर्षक शॉट जरूर लगाए, लेकिन वह भी सिर्फ 13 रन बनाकर जोफ्रा आर्चर की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद विकेटों का सिलसिला लगातार जारी रहा और कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका।

    ईशान किशन 13 रन, कप्तान श्रेयस अय्यर बिना प्रभाव छोड़े पवेलियन लौट गए। अक्षर पटेल 10 रन, तिलक वर्मा 3 रन, हर्षित राणा 2 रन और शिवम दुबे भी केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी भारतीय बल्लेबाजी इंग्लैंड के तेज और स्पिन आक्रमण के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने सबसे सफल गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    इससे पहले इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। फिल साल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान जोस बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि सैम करन ने अंतिम ओवरों में नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को 200 के पार पहुंचाया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। वहीं भारतीय टीम के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई है। बल्लेबाजी क्रम का पूरी तरह फ्लॉप होना और बड़े लक्ष्य के सामने संघर्ष किए बिना ढह जाना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब सीरीज में वापसी के लिए भारत को अगले मुकाबले में हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • आदिल रशीद ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने

    आदिल रशीद ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने


    नई दिल्ली । टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भारत के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने दो विकेट झटके और इसी के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। रशीद के नाम अब 166 विकेट दर्ज हो चुके हैं और उन्होंने न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी के 165 विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान 193 विकेट के साथ शीर्ष स्थान पर कायम हैं, जबकि न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउदी 164 विकेट के साथ तीसरे और श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा 161 विकेट के साथ चौथे स्थान पर हैं।

    यह उपलब्धि ऐसे मुकाबले में आई जिसमें इंग्लैंड ने हर विभाग में भारत पर दबदबा बनाया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 201 रन बनाए। टीम के लिए फिल साल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि कप्तान जोस बटलर ने 21 गेंदों में 36 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सैम करन ने 24 गेंदों में 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह बिखेर दिया। पूरी भारतीय टीम महज 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई। सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके, जिससे भारत को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

    गेंदबाजी में जोश टंग ने चार विकेट लेकर भारत की कमर तोड़ दी, जबकि जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट अपने नाम किए। आदिल रशीद ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और अपने करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। वहीं आदिल रशीद का यह रिकॉर्ड उनके लंबे और सफल टी20 करियर की एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इंग्लैंड को उम्मीद होगी कि उनका अनुभवी स्पिनर आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर टीम को सीरीज में निर्णायक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में रचा इतिहास, भारत के खिलाफ सबसे बड़े लक्ष्य का किया सफल पीछा

    इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में रचा इतिहास, भारत के खिलाफ सबसे बड़े लक्ष्य का किया सफल पीछा


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट से जीत दर्ज की। 191 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लिश टीम ने 19 ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया और भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने का नया रिकॉर्ड बना दिया।

    मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर इंग्लैंड ने 14 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले वर्ष 2012 में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 178 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया था। इस जीत के साथ ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड की लगातार चौथी टी20 जीत भी दर्ज हुई।

    हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में फिल साल्ट को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। इसके बाद जोस बटलर भी शून्य पर आउट हो गए। महज एक रन पर दो विकेट गंवाने के बाद इंग्लैंड मुश्किल में दिखाई दे रहा था।

    ऐसे समय में कप्तान हैरी ब्रूक और जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए केवल 23 गेंदों में 50 रन जोड़कर मैच का रुख बदल दिया। ब्रूक ने सिर्फ 15 गेंदों में चार चौकों और तीन छक्कों की मदद से 39 रन की विस्फोटक पारी खेली।

    इसके बाद जैकब बेथेल ने जिम्मेदारी संभालते हुए नाबाद 76 रन बनाए। उन्होंने 46 गेंदों की अपनी शानदार पारी में पांच चौके और पांच छक्के लगाए तथा करीब 165 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। टॉम बैंटन ने भी 32 गेंदों में 39 रन बनाकर अहम योगदान दिया। अंत में जोफ्रा आर्चर 10 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत दिलाई।

    इससे पहले भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 190 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। अभिषेक शर्मा ने 43 रन की तेज पारी खेली जबकि ईशान किशन 49 रन बनाकर अर्धशतक से एक रन दूर रह गए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 37 रन का उपयोगी योगदान दिया।

    मिडिल और डेथ ओवरों में तिलक वर्मा ने सिर्फ 11 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। वहीं महज 15 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले वैभव सूर्यवंशी ने 14 रन बनाकर अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई।

    हालांकि भारतीय गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव नहीं कर सके और इंग्लैंड ने आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर लक्ष्य हासिल करते हुए रिकॉर्ड जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में जोरदार वापसी की और मुकाबले को रोमांचक बना दिया।