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  • टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां

    टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद टीम इंडिया की कप्तानी और गेंदबाजी रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कप्तान श्रेयस अय्यर के फैसलों पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि उन्हें गेंदबाजों को बेहतर तरीके से मैनेज करना सीखना होगा। कैफ के मुताबिक भारतीय टीम के खिलाफ बड़े स्कोर बनना अब एक बार की घटना नहीं रह गई है बल्कि यह लगातार दोहराया जा रहा पैटर्न बन गया है।

    मोहम्मद कैफ ने अय्यर की कप्तानी में गेंदबाजी में बदलाव करने के तरीके पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कप्तान को यह समझना जरूरी है कि किस गेंदबाज से किस समय गेंदबाजी करानी चाहिए। खासतौर पर टी20 क्रिकेट में डेथ ओवरों के लिए विशेषज्ञ गेंदबाजों को बचाकर रखना बेहद अहम होता है। कैफ ने अर्शदीप सिंह और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों के इस्तेमाल पर भी अपनी राय रखी। उनके अनुसार अर्शदीप डेथ ओवरों में भारत के प्रमुख बाएं हाथ के गेंदबाज हैं जबकि भुवनेश्वर के पास नई गेंद और आखिरी ओवरों में गेंदबाजी करने का अनुभव है। ऐसे में कप्तान को इन गेंदबाजों के ओवर सही समय के लिए बचाकर रखने चाहिए।

    कैफ ने भारतीय टीम के खिलाफ बन रहे बड़े स्कोर का आंकड़ा भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि साल 2026 से पहले भारतीय पुरुष टी20 टीम ने कभी भी 250 या उससे ज्यादा रन नहीं दिए थे। लेकिन अय्यर की कप्तानी में महज चार महीनों के भीतर भारत को तीन बार इस स्थिति का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड ने साउथैम्प्टन में 3 विकेट पर 257 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने रांची में 4 विकेट पर 252 रन का स्कोर खड़ा किया जबकि न्यूजीलैंड ने ऑकलैंड में 7 विकेट पर 259 रन बना दिए। कैफ के मुताबिक लगातार इतने बड़े स्कोर बनना गेंदबाजी रणनीति की समीक्षा की जरूरत बताता है।

    हालांकि कैफ ने यह भी स्पष्ट किया कि हर महंगे गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए कप्तान को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। ऑकलैंड में नीतीश कुमार रेड्डी ने चार ओवर में 64 रन खर्च किए। वहीं न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल ने 41 गेंदों में 115 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। न्यूजीलैंड ने आखिरी नौ ओवरों में 146 रन बनाए। इस दौरान भारतीय गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे। कैफ ने अर्शदीप सिंह को भारतीय आक्रमण का ऐसा गेंदबाज बताया जिसने कुछ हद तक नियंत्रण बनाए रखा।

    नीतीश कुमार रेड्डी की भूमिका को लेकर भी कैफ ने अपनी राय रखी। उनका मानना है कि नीतीश को पांचवें या छठे गेंदबाजी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए। उनसे मुख्य तेज गेंदबाज जैसी जिम्मेदारी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उनके ओवर मध्यक्रम के दौरान पूरे कराए जाने चाहिए ताकि विशेषज्ञ गेंदबाजों पर दबाव कम रहे।

    श्रेयस अय्यर के लिए चिंता सिर्फ कप्तानी तक सीमित नहीं है। उनका बल्ला भी पिछले कुछ मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है। 6 अक्टूबर को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाने के बाद अय्यर की पिछली आठ पारियों में 40 1 16 22 42 7 5 और 22 रन की पारियां शामिल हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद उनकी कप्तानी के साथ बल्लेबाजी पर भी चर्चा तेज हो गई है।

  • चार साल बाद टीम इंडिया में लौटे भुवनेश्वर कुमार का फीका प्रदर्शन, तीन मैचों में 139 रन लुटाए और मिला सिर्फ एक विकेट

    चार साल बाद टीम इंडिया में लौटे भुवनेश्वर कुमार का फीका प्रदर्शन, तीन मैचों में 139 रन लुटाए और मिला सिर्फ एक विकेट


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चार साल बाद वापसी अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज में मेरठ के 36 वर्षीय गेंदबाज को शुरुआती तीन मुकाबलों में अपनी पुरानी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। अपनी स्विंग गेंदबाजी के दम पर दुनिया के बड़े बल्लेबाजों को परेशान करने वाले भुवनेश्वर इस बार रन रोकने और विकेट निकालने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सके। तीन मैचों में उन्होंने कुल 12 ओवर गेंदबाजी करते हुए 139 रन खर्च किए और उनके खाते में केवल एक विकेट आया। ऐसे प्रदर्शन के बाद अब अगले मुकाबलों में उनकी गेंदबाजी पर सभी की निगाहें रहेंगी।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है। बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाकर विरोधी टीम पर दबाव बनाया है और गेंदबाजों ने भी कई मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि भुवनेश्वर कुमार के लिए शुरुआती मुकाबले चुनौतीपूर्ण साबित हुए। पहले मैच में उन्होंने चार ओवर में 49 रन दिए जबकि दूसरे मुकाबले में उनके खाते से 50 रन खर्च हुए। तीसरे टी20 में भी उन्होंने चार ओवर में 40 रन दिए। हालांकि पिछले दो मैचों की तुलना में उनके प्रदर्शन में कुछ सुधार दिखाई दिया लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिल सका। तीन मैचों में उनकी इकोनॉमी 11.58 रन प्रति ओवर रही है जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से काफी महंगी मानी जाती है।

    भुवनेश्वर कुमार को भारतीय क्रिकेट में उनकी शानदार स्विंग गेंदबाजी और शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता के लिए जाना जाता है। नई गेंद से दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी कला ने उन्हें लंबे समय तक टीम इंडिया का अहम गेंदबाज बनाए रखा। लेकिन लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। मैच की परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी करना और दबाव के बीच सही लाइन और लेंथ बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में भुवनेश्वर को भी अपनी पुरानी लय पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है।

    टीम प्रबंधन को अनुभव पर भरोसा

    शुरुआती तीन मुकाबलों में महंगे साबित होने के बावजूद टीम प्रबंधन और मुख्य कोच ने भुवनेश्वर कुमार के अनुभव पर भरोसा जताया है। टीम का मानना है कि लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के कारण खिलाड़ी को लय में लौटने में समय लग सकता है। मेरठ के गांधी बाग में क्रिकेट कोच तनकीब अहमद ने भी माना कि लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने पर खिलाड़ी के ऊपर दबाव रहता है। हर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है और भुवनेश्वर भी आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। कोच अतरह अली के मुताबिक भी वापसी के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव रहता है और खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करता है।

    अगले मुकाबलों में लय हासिल करने की चुनौती

    अब सीरीज के अगले मैच भुवनेश्वर कुमार के लिए काफी अहम होंगे। उन्हें अपनी गेंदबाजी में सटीकता लाने के साथ विकेट निकालने की क्षमता भी दिखानी होगी। शुरुआती ओवरों में रन रोकना और बल्लेबाजों को गलतियां करने के लिए मजबूर करना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। यदि वह अपनी स्विंग और अनुभव का सही इस्तेमाल कर पाए तो टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। फिलहाल उनके प्रदर्शन पर सवाल जरूर उठ रहे हैं लेकिन सीरीज के बाकी मुकाबलों में वापसी करने का अवसर उनके पास है। अब देखना होगा कि अनुभवी भुवी अपने प्रदर्शन में कितना सुधार कर पाते हैं और टीम प्रबंधन के भरोसे पर किस तरह खरे उतरते हैं।

  • भारत की जीत की तैयारी के बीच झटका, ईशान किशन तीसरे टी20 से बाहर, प्लेइंग इलेवन में किसे मिलेगा मौका?

    भारत की जीत की तैयारी के बीच झटका, ईशान किशन तीसरे टी20 से बाहर, प्लेइंग इलेवन में किसे मिलेगा मौका?


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम को तीसरे मुकाबले से पहले झटका लगा है। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन चोट के कारण 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होने वाले तीसरे टी20 मैच में भी नहीं खेल पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने उनकी फिटनेस को लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ईशान चोट से उबर रहे हैं लेकिन अभी मैच खेलने के लिए पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम प्रबंधन को प्लेइंग इलेवन के संयोजन पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।

    बीसीसीआई के मुताबिक ईशान किशन को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान दाहिनी जांघ में हल्की चोट लगी थी। मेडिकल भाषा में इसे लो ग्रेड एडडक्टर स्ट्रेन बताया गया है। चोट के बाद से उनकी रिकवरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ईशान की स्थिति में सुधार हो रहा है लेकिन तीसरे मुकाबले तक उनके पूरी तरह फिट होने की संभावना नहीं है। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी प्रगति पर नजर बनाए हुए है। विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को भी तीसरे टी20 के लिए टीम के साथ बनाए रखा गया है।

    ईशान किशन की चोट के कारण दूसरे टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाजी का मौका मिला लेकिन वह इस अवसर को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। वैभव आठ गेंदों पर चार रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बावजूद उनकी प्रतिभा और आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें एक और मौका दे सकता है। यदि ईशान तीसरे मैच में उपलब्ध नहीं रहते हैं तो वैभव के पास अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर होगा। हालांकि अंतिम प्लेइंग इलेवन का फैसला टीम प्रबंधन ही करेगा।

    दूसरे टी20 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड के 181 रन के लक्ष्य को छह विकेट खोकर हासिल कर लिया था। भारत ने यह लक्ष्य मैच की आखिरी से पहले वाली गेंद पर पूरा किया। इस जीत में बल्लेबाजों ने अहम भूमिका निभाई और दबाव के बीच टीम को मुकाबले में बनाए रखा। तिलक वर्मा ने सिर्फ 26 गेंदों पर 51 रन की आक्रामक पारी खेलकर भारतीय पारी को मजबूती दी। उनकी बल्लेबाजी ने रन गति बढ़ाने के साथ टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में मदद की।

    नमन धीर ने भी 17 गेंदों पर 31 रन बनाकर उपयोगी योगदान दिया। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाते हुए टीम को जीत तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय बल्लेबाजों के इस प्रदर्शन से टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। अब तीसरे मुकाबले में भारत की कोशिश जीत हासिल कर सीरीज पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की होगी।

    ईशान किशन की गैरमौजूदगी टीम के लिए चुनौती जरूर है लेकिन भारतीय टीम के पास बल्लेबाजी में कई विकल्प मौजूद हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए यह खुद को साबित करने का मौका भी है। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। ऐसे में तीसरा टी20 मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम रहने वाला है। भारतीय प्रशंसकों की नजरें ईशान की रिकवरी के साथ इस बात पर भी रहेंगी कि टीम प्रबंधन उनकी जगह किस खिलाड़ी को अंतिम एकादश में शामिल करता है।

  • टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, ईशान किशन को लगी चोट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे विकेटकीपर-बल्लेबाज

    टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, ईशान किशन को लगी चोट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे विकेटकीपर-बल्लेबाज


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को दूसरे मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन चोट के कारण दूसरे टी20 मैच में नहीं खेल पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से दी। बोर्ड के मुताबिक ईशान को सीरीज के पहले मुकाबले के दौरान चोट लगी थी और फिलहाल मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है। भारतीय टीम के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह कितनी जल्दी फिट होकर मैदान पर वापसी कर पाते हैं।

    बीसीसीआई ने बताया कि ईशान किशन को लो-ग्रेड राइट एडिक्टर स्ट्रेन हुआ है। यह चोट शरीर के दाहिने हिस्से में जांघ के ऊपरी अंदरूनी क्षेत्र की मांसपेशियों से जुड़ी होती है। ऐसी चोट में खिलाड़ी को दौड़ने दिशा बदलने और तेजी से मूवमेंट करने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से मेडिकल टीम की सलाह और फिटनेस का आकलन खिलाड़ी की वापसी तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। फिलहाल बोर्ड ने उनकी चोट को लेकर निगरानी जारी रहने की जानकारी दी है।

    ईशान किशन का दूसरे टी20 से बाहर होना भारतीय टीम के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि वह मध्यक्रम में बल्लेबाजी को मजबूती देने के साथ विकेटकीपिंग का विकल्प भी हैं। हालांकि पहले टी20 में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए ईशान केवल तीन गेंदों पर एक रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बावजूद उनकी आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने की योग्यता टीम के लिए उपयोगी मानी जाती है।

    भारत ने सीरीज के पहले मुकाबले में 226 रन का लक्ष्य हासिल करके शानदार जीत दर्ज की थी। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। अब दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम की कोशिश जीत का सिलसिला जारी रखने और सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी। ईशान की अनुपस्थिति में टीम संयोजन और बल्लेबाजी क्रम पर भी ध्यान देना पड़ सकता है। हालांकि उनकी जगह किस खिलाड़ी को मौका मिलेगा इसे लेकर अंतिम फैसला टीम प्रबंधन करेगा।

    28 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन अब तक 67 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में 1955 रन बना चुके हैं। उनके नाम एक शतक और 13 अर्धशतक दर्ज हैं जबकि उनका सर्वाधिक स्कोर 103 रन है। ये आंकड़े बताते हैं कि वह टीम के लिए तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। मध्यक्रम में जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी करने की उनकी योग्यता भी टीम को कई विकल्प देती है।

    भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि ईशान की चोट जल्द ठीक हो जाए और वह 27 अक्टूबर को होने वाले तीसरे टी20 मुकाबले से पहले फिटनेस हासिल कर लें। हालांकि उनकी वापसी को लेकर अभी निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है। मेडिकल टीम की निगरानी और फिटनेस आकलन के बाद ही उनकी उपलब्धता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल भारत के सामने दूसरे टी20 में जीत की लय बरकरार रखने की चुनौती है जबकि ईशान की चोट टीम प्रबंधन के लिए एक अहम चिंता बनी हुई है।

  • न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा रन चेज, संजू सैमसन की फिफ्टी और नमन धीर के तूफान से जीता मुकाबला

    न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा रन चेज, संजू सैमसन की फिफ्टी और नमन धीर के तूफान से जीता मुकाबला


    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हरा दिया। भारत ने 226 रन का लक्ष्य 19.4 ओवर में छह विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया और पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मुकाबले के आखिरी पलों में नमन धीर ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की उसने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। नमन ने केवल 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन ठोककर मैच का रुख भारत के पक्ष में कर दिया और आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को यादगार जीत दिलाई।

    नमन धीर ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर खत्म किया रोमांच

    मैच के अंतिम ओवर में भारतीय टीम को जीत के लिए जरूरी रन बनाने थे और न्यूजीलैंड के गेंदबाज मैट हेनरी पर दबाव साफ नजर आ रहा था। ऐसे समय में नमन धीर ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मेल दिखाया। उन्होंने ओवर में पहले चौका लगाया और फिर एक रन लेकर स्ट्राइक अपने पास रखी। इसके बाद आखिरी गेंद पर नमन ने छक्का जड़कर भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में बल्ले का ऊपरी किनारा लगा लेकिन गेंद फाइन लेग की बाउंड्री के पार चली गई। इस छक्के के साथ ही भारतीय ड्रेसिंग रूम में जश्न शुरू हो गया। नमन की 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन की पारी ने साबित कर दिया कि टी20 क्रिकेट में अंतिम ओवरों की आक्रामक बल्लेबाजी किसी भी बड़े लक्ष्य को आसान बना सकती है।

    संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी

    226 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को शुरुआत से ही तेजी के साथ रन बनाने की जरूरत थी। संजू सैमसन ने 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और समझदारी दोनों नजर आईं। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 42 रन बनाकर लक्ष्य का पीछा करने में अहम योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों की पारियों से भारत की जीत की उम्मीद मजबूत हुई लेकिन बीच के ओवरों में विकेट गिरने के कारण मुकाबला फिर रोमांचक हो गया। एक समय ऐसा लगा कि न्यूजीलैंड की टीम मैच में वापसी कर सकती है लेकिन नमन धीर ने तेजी से रन बनाकर समीकरण बदल दिए। अंतिम ओवरों में उनके बेखौफ अंदाज ने भारतीय टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया।

    ग्लेन फिलिप्स की पारी से न्यूजीलैंड ने बनाया बड़ा स्कोर

    इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट खोकर 225 रन बनाए। कीवी टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन की पारी खेली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और न्यूजीलैंड को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। भारत के सामने 226 रन का लक्ष्य था जो किसी भी टीम के लिए आसान नहीं माना जाता। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव में बिखरने के बजाय मुकाबले में वापसी की और अंततः जीत हासिल कर ली।

    सीरीज में भारत को मिली शुरुआती बढ़त

    इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। टीम इंडिया के लिए यह जीत केवल सीरीज में आगे निकलने तक सीमित नहीं रही बल्कि टी20 इंटरनेशनल में सबसे बड़े सफल रन चेज का नया रिकॉर्ड भी लेकर आई। संजू सैमसन की अहम पारी श्रेयस अय्यर का योगदान और नमन धीर की विस्फोटक बल्लेबाजी इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही। अब भारतीय टीम की नजरें अगले मैच में भी जीत हासिल कर सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने पर रहेंगी। वहीं न्यूजीलैंड की टीम अगले मुकाबले में वापसी करने के इरादे से उतरेगी। पहले मैच ने साफ कर दिया कि दोनों टीमों के बीच आगे भी कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ ठोका 225 रन का पहाड़, ग्लेन फिलिप्स की तूफानी पारी से गेंदबाजों की उड़ी धज्जियां

    न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ ठोका 225 रन का पहाड़, ग्लेन फिलिप्स की तूफानी पारी से गेंदबाजों की उड़ी धज्जियां


    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मुकाबले में कीवी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। हेगले ओवल के मैदान पर खेले जा रहे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। इस दमदार प्रदर्शन के साथ न्यूजीलैंड ने टी20 इंटरनेशनल में भारत के खिलाफ अपने सबसे बड़े स्कोर की बराबरी कर ली। इससे पहले टीम ने साल 2026 में तिरुवनंतपुरम के मैदान पर भी भारत के खिलाफ 225 रन बनाए थे। इसके अलावा हेगले ओवल में यह अब तक का सबसे बड़ा टी20 स्कोर भी रहा।

    न्यूजीलैंड की पारी की शुरुआत टिम सीफर्ट और फिन एलन ने आक्रामक अंदाज में की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। सीफर्ट ने 17 गेंदों में 24 रन बनाए लेकिन वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। दूसरी ओर फिन एलन ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने 24 गेंदों का सामना करते हुए 45 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी ने न्यूजीलैंड के बड़े स्कोर की नींव तैयार की।

    इसके बाद डेरिल मिचेल ने भी उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने 19 गेंदों में 28 रन बनाए लेकिन बड़ी पारी खेलने से पहले आउट हो गए। शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद न्यूजीलैंड की रन गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा। ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकब्स ने मैदान पर उतरते ही भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरते हुए केवल 32 गेंदों में 73 रन की साझेदारी कर दी। इस साझेदारी ने भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।

    बेवन जैकब्स ने महज 16 गेंदों में 31 रन बनाए। उनकी पारी में तेज बल्लेबाजी का शानदार नमूना देखने को मिला। दूसरी तरफ ग्लेन फिलिप्स ने एक छोर संभाले रखा और लगातार बड़े शॉट लगाते रहे। उन्होंने 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। फिलिप्स ने आखिरकार 40 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और तीन छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी के दम पर न्यूजीलैंड की टीम 225 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।

    भारतीय गेंदबाज इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम नजर आए। अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में 45 रन देकर एक विकेट हासिल किया। भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर में 49 रन खर्च किए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। मयंक यादव ने चार ओवर में 40 रन देकर एक विकेट लिया। अक्षर पटेल भारत के सबसे महंगे गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 51 रन दिए और एक विकेट हासिल किया। नीतीश कुमार रेड्डी ने भी अपने चार ओवर में 40 रन खर्च किए।

    न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी ने पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा कर दिया। अब भारतीय बल्लेबाजों के सामने इस लक्ष्य का पीछा करते हुए मजबूत शुरुआत करने और मुकाबले को रोमांचक बनाने की चुनौती रही।

  • अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज

    अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ गुरुवार को क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल में खेले जा रहे टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक ने अपनी पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर इतिहास रच दिया। यह सातवीं बार था जब उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाया। इस उपलब्धि के साथ अभिषेक इस प्रारूप में सबसे ज्यादा बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज और पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता को चर्चा में ला दिया है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक को भारतीय पारी की छठी गेंद पर स्ट्राइक मिली। सामने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी थे लेकिन अभिषेक ने बिना समय गंवाए गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया। टी20 क्रिकेट में पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक ने इस छक्के के साथ अपने रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ ली। इस मामले में अफगानिस्तान के शफीकुल्लाह शिनवारी छह बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव पांच बार ऐसा कर चुके हैं।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट के नुकसान पर 225 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने नाबाद 82 रन की शानदार पारी खेली जबकि फिन एलन ने 45 रन और बेवॉन जैकब्स ने 31 रन का योगदान दिया। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और निर्धारित 20 ओवर में रन गति को तेज बनाए रखा। भारत के सामने जीत के लिए बड़ा लक्ष्य था और ऐसे में सलामी बल्लेबाजों से तेज शुरुआत की उम्मीद थी।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए केवल 35 गेंदों में 93 रन जोड़ दिए। अभिषेक ने 12 गेंदों में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 29 रन बनाए। दूसरी ओर संजू सैमसन ने 33 गेंदों में चार छक्कों और आठ चौकों की मदद से 67 रन की शानदार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में मजबूत स्थिति में पहुंचाया और बड़े लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीदों को बढ़ाया।

    अभिषेक और संजू की जोड़ी ने इस मुकाबले में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। दोनों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान पांचवीं बार 50 या उससे अधिक रन की ओपनिंग साझेदारी की। इससे पहले अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने 2025 में पांच बार यह कारनामा किया था। वहीं रोहित शर्मा और केएल राहुल की जोड़ी ने 2021 में पांच बार 50 से अधिक रन की शुरुआती साझेदारी की थी। रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ने 2018 में चार बार ऐसा किया था।

    इस मुकाबले में अर्धशतक लगाने वाले संजू सैमसन ने भी एक खास उपलब्धि हासिल की। वह 2026 में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए। इस सूची में सूर्यकुमार यादव 2022 में 11 अर्धशतकों के साथ शीर्ष पर हैं जबकि विराट कोहली ने 2022 में और अभिषेक शर्मा ने 2026 में नौ नौ बार 50 से अधिक रन बनाए हैं। संजू सैमसन और ईशान किशन 2026 में आठ आठ बार यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इस तरह न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ साझेदारी में भी अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया।

  • भुवनेश्वर कुमार पर फिर भरोसा, क्या टीम इंडिया के पास तेज गेंदबाजों की कमी, बुमराह के बाद कौन बनेगा अगला सहारा

    भुवनेश्वर कुमार पर फिर भरोसा, क्या टीम इंडिया के पास तेज गेंदबाजों की कमी, बुमराह के बाद कौन बनेगा अगला सहारा


    नई दिल्ली । करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। 36 साल की उम्र में टीम इंडिया के पेस अटैक में दोबारा जगह बनाने वाले भुवनेश्वर के लिए यह वापसी उनके अनुभव और शानदार प्रदर्शन का इनाम मानी जा रही है। लेकिन इसके साथ ही भारतीय तेज गेंदबाजी की गहराई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुने गए भुवनेश्वर की वापसी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जसप्रीत बुमराह के बाद भारतीय तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी उठाने के लिए भरोसेमंद विकल्प कौन है।
    भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ही खेला था। अब उसी टीम के विरुद्ध उनकी वापसी की कहानी दिलचस्प संयोग लेकर आई है। भुवनेश्वर ने अपने करियर में 21 टेस्ट 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय और 121 वनडे मुकाबले खेले हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता रही है। इसके अलावा वह सटीक यॉर्कर और नियंत्रित लाइन लेंथ से बल्लेबाजों को परेशान करने में माहिर हैं। पिछले दो आईपीएल सीजन में उनके प्रदर्शन ने भी चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। करीब आठ की इकॉनमी से 45 विकेट लेने वाले भुवनेश्वर ने साबित किया है कि अनुभव और कौशल के दम पर वह अब भी प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।
    भुवनेश्वर की वापसी को समझने के लिए भारतीय क्रिकेट के पुराने उदाहरणों पर भी नजर डालना जरूरी है। पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने भी 2011 विश्व कप के बाद करीब पांच साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने के बाद 2016 में टीम इंडिया में वापसी की थी। उस समय उनकी उम्र भी लगभग 36 साल थी। नेहरा ने इसके बाद भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित की और 2017 में संन्यास लिया। ऐसे में भुवनेश्वर की वापसी को उम्र के लिहाज से असामान्य नहीं कहा जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या यह वापसी केवल उनके मौजूदा प्रदर्शन का परिणाम है या भारतीय टीम को अनुभवी तेज गेंदबाजों की कमी भी महसूस हो रही है।
    जसप्रीत बुमराह भारतीय गेंदबाजी की सबसे मजबूत कड़ी हैं लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में टीम को संतुलित रखने की चुनौती बनी रहती है। मोहम्मद शमी लंबे समय तक इस भूमिका को मजबूती से निभाते रहे हैं लेकिन उन्हें लगातार मौके मिलने को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मोहम्मद सिराज ने भी कई मुकाबलों में अपनी क्षमता दिखाई है लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी भूमिका और निरंतरता को लेकर चर्चा जारी है। दूसरी ओर अर्शदीप सिंह प्रसिद्ध कृष्णा हर्षित राणा और मयंक यादव जैसे गेंदबाजों ने अलग-अलग मौकों पर उम्मीद जगाई है। इसके बावजूद किसी एक तेज गेंदबाज को तीनों प्रारूपों में लंबे समय तक भरोसेमंद विकल्प मानना अभी आसान नहीं है।
    भारतीय क्रिकेट के पास बड़ा घरेलू ढांचा आईपीएल जैसा प्रतिस्पर्धी मंच और खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। बल्लेबाजी में हर दौर के बाद नई पीढ़ी सामने आती रही है। सचिन तेंदुलकर सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी आए। अब युवा बल्लेबाज भी अपनी जगह बनाने लगे हैं। तेज गेंदबाजी में हालांकि ऐसी निरंतरता उतनी स्पष्ट दिखाई नहीं देती। चोटें कार्यभार प्रबंधन और प्रदर्शन में उतार चढ़ाव तेज गेंदबाजों के करियर को प्रभावित करते रहे हैं।
    भुवनेश्वर कुमार की वापसी इसलिए केवल एक खिलाड़ी की वापसी नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट व्यवस्था के सामने एक बड़ा सवाल भी है। बुमराह जैसा गेंदबाज हर पीढ़ी में नहीं मिलता और किसी दूसरे खिलाड़ी से हूबहू उनकी जगह लेने की उम्मीद करना भी सही नहीं होगा। लेकिन टीम के पास ऐसे विकल्प जरूर होने चाहिए जो उनकी अनुपस्थिति में गेंदबाजी को मजबूती दे सकें। न्यूजीलैंड सीरीज भुवनेश्वर के लिए खुद को दोबारा साबित करने का मौका होगी। साथ ही यह चयनकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण परीक्षा होगी कि वे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा तेज गेंदबाजों को किस तरह तैयार करते हैं। आखिरकार सबसे बड़ा सवाल यही है कि भुवी के बाद कौन और भविष्य में बुमराह की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया की अगुवाई कौन करेगा।
  • एशियन गेम्स के बाद टीम इंडिया का बड़ा मिशन, 26 दिनों में 10 टी20 मैच, वेस्टइंडीज से न्यूजीलैंड तक होगा जबरदस्त एक्शन

    एशियन गेम्स के बाद टीम इंडिया का बड़ा मिशन, 26 दिनों में 10 टी20 मैच, वेस्टइंडीज से न्यूजीलैंड तक होगा जबरदस्त एक्शन


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब एक और बड़े और व्यस्त क्रिकेट मिशन के लिए तैयार है। टीम इंडिया को आने वाले 26 दिनों के दौरान लगातार 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने हैं। इस लंबे और व्यस्त कार्यक्रम की शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज से होगी। इसके बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर जाएगी जहां पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। लगातार मुकाबलों और लंबे सफर के कारण खिलाड़ियों के सामने फिटनेस बनाए रखना बड़ी चुनौती रहने वाली है।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में खेला जाएगा। यह मैच भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में होगा। इसके बाद 9 अक्टूबर को दूसरा मुकाबला रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेला जाएगा। तीसरा टी20 मैच 11 अक्टूबर को इंदौर के होलकर स्टेडियम में होगा। इसके बाद 14 अक्टूबर को हैदराबाद में चौथा मुकाबला खेला जाएगा जबकि सीरीज का पांचवां और आखिरी मैच 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा।

    वेस्टइंडीज सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना होगी। यहां भी दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल में होगा। दूसरा मैच भी इसी मैदान पर 24 अक्टूबर को खेला जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को तीसरा टी20 वेलिंगटन के स्काई स्टेडियम में होगा। चौथा मुकाबला 30 अक्टूबर को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जाएगा। दौरे का पांचवां और आखिरी टी20 मुकाबला 1 नवंबर को हैमिल्टन के सेडन पार्क में होगा।

    इस तरह भारतीय टीम को बेहद कम समय में 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से गुजरना होगा। घरेलू सीरीज में लगातार पांच मैच खेलने के बाद खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा। अलग मौसम और पिच के साथ लगातार यात्रा भी खिलाड़ियों की परीक्षा लेगी। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों के वर्कलोड को संतुलित रखना अहम होगा।

    लगातार क्रिकेट के इस दौर में भारतीय टीम रोटेशन पॉलिसी का सहारा ले सकती है। इससे प्रमुख खिलाड़ियों को जरूरी आराम दिया जा सकता है और युवा खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। खासकर लंबे टूर्नामेंट और लगातार सीरीज को देखते हुए फिटनेस और रिकवरी पर टीम मैनेजमेंट का विशेष ध्यान रह सकता है।

    भारतीय टीम का लक्ष्य दोनों सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत की लय को बनाए रखना होगा। हालांकि वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड दोनों टीमों को हल्के में लेना भारत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। आने वाले 26 दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं और इस दौरान अनुभव के साथ फिटनेस तथा टीम संयोजन की भी बड़ी परीक्षा होगी।

  • आईपीएल में दिग्गज गेंदबाजों पर बरसे वैभव अब न्यूजीलैंड की उछाल वाली पिच पर होगी परीक्षा

    आईपीएल में दिग्गज गेंदबाजों पर बरसे वैभव अब न्यूजीलैंड की उछाल वाली पिच पर होगी परीक्षा


    नई दिल्ली । भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। आईपीएल से लेकर भारत ए और भारतीय अंडर 19 टीम तक अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने वाले वैभव अब न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खुद को साबित करते नजर आ सकते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक पांच टी20 मैचों की सीरीज खेली जानी है और इस सीरीज को लेकर न्यूजीलैंड के कोच रॉब वॉल्टर की नजर भी इस युवा बल्लेबाज पर है। वॉल्टर ने वैभव को रोमांचक खिलाड़ी बताते हुए कहा है कि वह उन्हें तेज और उछाल वाली पिचों पर बल्लेबाजी करते हुए देखना चाहते हैं।

    न्यूजीलैंड की पिचों पर अक्सर तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त उछाल और गति मिलने की संभावना रहती है। ऐसे में वैभव के लिए यह परिस्थितियां एक अलग तरह की चुनौती हो सकती हैं। रॉब वॉल्टर का कहना है कि उन्होंने वैभव को आईपीएल में दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए देखा है। अब वह यह देखना चाहते हैं कि अलग परिस्थितियों में वैभव का खेल किस तरह सामने आता है और न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनके गेंदबाज इस युवा बल्लेबाज के सामने किस तरह की रणनीति अपनाते हैं।

    वॉल्टर ने यह भी कहा कि एक कोच के तौर पर वह अपने खिलाड़ियों को दबाव वाली परिस्थितियों में प्रदर्शन करते हुए देखना चाहते हैं। इसी नजरिए से वह वैभव की बल्लेबाजी का इंतजार कर रहे हैं। उनके बयान से यह भी संकेत मिलता है कि न्यूजीलैंड टीम इस युवा भारतीय बल्लेबाज को लेकर पूरी तरह सतर्क है और उसकी बल्लेबाजी को गंभीरता से देख रही है।

    वैभव के लिए भारतीय टीम तक पहुंचने का सफर भी बेहद खास रहा है। कम उम्र में आईपीएल में धमाकेदार बल्लेबाजी के बाद उन्होंने भारत ए और भारत अंडर 19 टीम के लिए भी अपनी क्षमता दिखाई। इसके बाद उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। वह भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में शामिल हैं। इसी साल उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।

    डेब्यू सीरीज वैभव के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी की। वहां उनके प्रदर्शन ने उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिलाया। अब तक वह छह टी20 मैचों की छह पारियों में 193 रन बना चुके हैं। उनके नाम दो अर्धशतक हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 81 रन है। इन आंकड़ों से साफ है कि कम उम्र के बावजूद वैभव ने टी20 क्रिकेट में तेजी से अपनी जगह बनाई है।

    वैभव फिलहाल एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का भी हिस्सा हैं। हालांकि जापान के खिलाफ मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में उन्हें कितने मौके मिलते हैं यह भी देखने वाली बात होगी। इसके बाद न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए एक और महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता है।

    न्यूजीलैंड में तेज गति और उछाल वाली पिचों पर वैभव का प्रदर्शन इसलिए भी खास होगा क्योंकि वहां की परिस्थितियां भारतीय उपमहाद्वीप की पिचों से अलग होती हैं। रॉब वॉल्टर की नजरें भी इसी बात पर हैं कि आईपीएल में बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करने वाला यह युवा खिलाड़ी न्यूजीलैंड की परिस्थितियों और दबाव में किस तरह अपनी बल्लेबाजी को ढालता है। भारत और न्यूजीलैंड की टी20 सीरीज में वैभव को मौका मिलता है तो उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों के साथ न्यूजीलैंड टीम की भी नजर रहने की उम्मीद है।