Tag: India vs Sri Lanka Test

  • IND vs SL: ऋषभ पंत की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, कंधे पर लगी गेंद के बाद नहीं कर सके विकेटकीपिंग; चौथे दिन वापसी की उम्मीद

    IND vs SL: ऋषभ पंत की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, कंधे पर लगी गेंद के बाद नहीं कर सके विकेटकीपिंग; चौथे दिन वापसी की उम्मीद


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के बीच टीम इंडिया की चिंता ऋषभ पंत की चोट को लेकर बढ़ गई है। मैच के तीसरे दिन पंत विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर नहीं उतर सके। उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेट के पीछे जिम्मेदारी संभाली। पंत को दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान कंधे पर गेंद लगी थी जिसके बाद उनके शरीर पर चोट का असर दिखाई दिया और मूवमेंट भी सामान्य नहीं रही। टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने पंत की स्थिति को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि टीम उनकी चोट पर लगातार नजर रख रही है और उम्मीद है कि वह चौथे दिन विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर लौट सकते हैं।

    मोर्केल के मुताबिक पंत के कंधे पर गेंद लगने के बाद रात में भी उनकी चोट को लेकर चर्चा हुई थी। अगले दिन जब वह वार्मअप के लिए मैदान पर आए तो उनकी मूवमेंट सीमित नजर आई। यही वजह रही कि टीम प्रबंधन ने उन्हें विकेटकीपिंग से दूर रखने का फैसला किया। पंत तीसरे दिन ड्रेसिंग रूम में हाथ पर पट्टी बांधे भी नजर आए। हालांकि फिलहाल उनकी चोट को लेकर कोई गंभीर आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आया है और टीम रातभर उनकी स्थिति पर नजर रखेगी।

    पंत का विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर होना टीम इंडिया के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोर्केल ने कहा कि पंत जिस तरह से खेल को पढ़ते हैं और मैदान की परिस्थितियों को समझते हैं वह टीम के लिए काफी उपयोगी है। ऐसे में भारतीय टीम चाहेगी कि पंत जल्द से जल्द पूरी तरह फिट होकर विकेट के पीछे लौटें। चौथे दिन उनकी उपलब्धता को लेकर फैसला उनकी फिटनेस और सुबह की स्थिति देखने के बाद लिया जा सकता है।

    पंत की चोट के बीच ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। जुरेल पहले ही इस टेस्ट में बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और शतक लगाकर अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। ऐसे में अगर पंत चौथे दिन भी विकेटकीपिंग नहीं कर पाते हैं तो जुरेल पर एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी होगी। हालांकि टीम की पहली प्राथमिकता पंत को पूरी तरह फिट रखना होगी ताकि चोट आगे गंभीर रूप न ले।

    इसी बीच गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने कुलदीप यादव को लेकर भी अहम बात कही। कुलदीप वायरल फीवर की वजह से कोलंबो टेस्ट के लिए चयन की दौड़ से बाहर रहे। मोर्केल ने कहा कि अंतिम चयन का फैसला उनके हाथ में नहीं है लेकिन अगर कुलदीप पूरी तरह उपलब्ध होते तो उनका नाम निश्चित तौर पर चयन की चर्चा में शामिल होता। टीम प्रबंधन के मुताबिक कुलदीप गॉल से ही वायरल फीवर से जूझ रहे थे और इसी कारण उन्हें दूसरे टेस्ट में नहीं चुना गया।

    अब भारतीय टीम की नजर टेस्ट के चौथे दिन श्रीलंका की पारी को जल्द समेटने पर होगी। भारत ने बोर्ड पर 500 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया है और श्रीलंका के अभी दो विकेट बाकी हैं। मोर्केल ने कहा कि भारत को शुरुआत में एक सफलता हासिल करने पर ध्यान देना होगा और इसके बाद गेंदबाजों को लगातार सही लाइन और लेंथ के साथ दबाव बनाए रखना होगा।

    तीसरे दिन श्रीलंका के निचले क्रम ने भारतीय गेंदबाजों को कुछ समय तक जरूर परेशान किया। सोनल दिनुषा के साथ केशरा नुवंथा और लाहिरू कुमारा ने आखिरी दौर में संघर्ष किया। मोर्केल ने माना कि भारतीय टीम जल्द से जल्द श्रीलंका की पारी खत्म करना चाहती थी लेकिन टेस्ट क्रिकेट में निचले क्रम की साझेदारियां भी मुकाबले का रुख बदल सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कूकाबुरा गेंद के नरम पड़ने के बाद पिच से अतिरिक्त उछाल और तेजी हासिल करना गेंदबाजों के लिए मुश्किल हो सकता है।

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ऋषभ पंत चौथे दिन विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर उतरेंगे। टीम इंडिया को उम्मीद है कि उनकी चोट रातभर में बेहतर होगी और वह फिर से दस्ताने संभाल पाएंगे। हालांकि अंतिम फैसला उनकी फिटनेस जांच के बाद ही होगा। पंत की वापसी भारत के लिए इसलिए भी अहम होगी क्योंकि टीम मजबूत स्थिति में है और मैच को निर्णायक दिशा में ले जाने के लिए विकेटकीपिंग के साथ उनकी मैदान पर मौजूदगी बड़ा फर्क डाल सकती है।

  • कोलंबो टेस्ट में नहीं खेलेंगे कुलदीप यादव, BCCI ने किया साफ; MP के सारांश जैन को मिला डेब्यू का मौका

    कोलंबो टेस्ट में नहीं खेलेंगे कुलदीप यादव, BCCI ने किया साफ; MP के सारांश जैन को मिला डेब्यू का मौका


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। स्टार स्पिनर कुलदीप यादव इस मुकाबले में भारतीय प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं हैं। टॉस जीतकर भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और इसके बाद टीम की अंतिम एकादश सामने आई तो उसमें कुलदीप यादव का नाम नहीं था। इसके बाद उनके बाहर रहने को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने बताया कि कुलदीप अभी वायरल बीमारी से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं और इसी वजह से वह इस मुकाबले के लिए चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।

    बीसीसीआई ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि कुलदीप यादव वायरल बीमारी से पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं। इसी कारण उन्हें श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि जरूरत पड़ने पर वह कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतर सकते हैं। यानी टीम में उनकी मौजूदगी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है लेकिन सामान्य परिस्थितियों में वह इस टेस्ट में गेंदबाजी या बल्लेबाजी करते नजर नहीं आएंगे।

    कप्तान शुभमन गिल ने भी टॉस के दौरान कुलदीप की स्थिति को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्भाग्य से कुलदीप को इन्फेक्शन हो गया है और इसी कारण वह इस मुकाबले का हिस्सा नहीं हैं। कुलदीप का बाहर होना भारतीय टीम के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि वह टीम के प्रमुख स्पिन विकल्पों में शामिल हैं और टेस्ट क्रिकेट में अपनी विविधतापूर्ण गेंदबाजी से बल्लेबाजों के लिए लगातार परेशानी खड़ी करते रहे हैं।

    कुलदीप यादव इससे पहले गाले में खेले गए पहले टेस्ट का हिस्सा थे। हालांकि उस मुकाबले में उनका प्रदर्शन अपेक्षा के मुताबिक प्रभावी नहीं रहा और उन्हें केवल एक विकेट मिला था। दूसरे टेस्ट से पहले यह चर्चा थी कि टीम मैनेजमेंट उन्हें आराम देकर किसी दूसरे स्पिन विकल्प को मौका दे सकता है। लेकिन अब बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि कुलदीप के बाहर रहने की मुख्य वजह उनकी बीमारी है।

    कुलदीप की अनुपस्थिति में भारतीय टीम ने मध्यप्रदेश के अनुभवी ऑलराउंडर सारांश जैन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया है। यह सारांश के अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला मुकाबला है। 33 वर्षीय सारांश लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं और मध्यप्रदेश की टीम के लिए उनके प्रदर्शन को काफी महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। उन्होंने टीम को रणजी ट्रॉफी का पहला खिताब दिलाने के सफर में भी अहम भूमिका निभाई थी।

    सारांश जैन बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं। ऐसे में भारतीय टीम को उनसे बल्ले और गेंद दोनों से उपयोगी योगदान की उम्मीद होगी। कुलदीप की गैरमौजूदगी में सारांश के पास खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच पर साबित करने का बड़ा मौका है। कोलंबो की परिस्थितियों में उनकी ऑफ स्पिन भारतीय टीम के लिए कितनी उपयोगी साबित होती है और डेब्यू मैच में वह कैसा प्रदर्शन करते हैं इस पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।

  • गॉल में इतिहास रचने उतरेगी श्रीलंका की टीम! 288 रन का टारगेट, सफल हुआ रन चेज तो बनेगा बड़ा रिकॉर्ड

    गॉल में इतिहास रचने उतरेगी श्रीलंका की टीम! 288 रन का टारगेट, सफल हुआ रन चेज तो बनेगा बड़ा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट का रोमांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का बड़ा लक्ष्य रखा है। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 34 ओवर में 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए हैं। अब मेजबान टीम को टेस्ट जीतने के लिए आखिरी दिन 288 रन और बनाने होंगे। वहीं भारत को जीत के लिए सिर्फ 6 विकेट की जरूरत है। आंकड़े भारत के पक्ष में नजर आ रहे हैं लेकिन श्रीलंका का टेस्ट इतिहास बताता है कि वह 350 रन से ज्यादा के लक्ष्य का सफल पीछा करने का कारनामा पहले भी कर चुका है।

    श्रीलंका के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा सफल रन चेज 388 रन का है। जुलाई 2017 में कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ श्रीलंकाई टीम ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहली पारी में 356 रन बनाए थे जबकि श्रीलंका ने 346 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे ने दूसरी पारी में 377 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 388 रन का लक्ष्य रखा। मेजबान टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 391 रन बनाकर 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया था।

    उस ऐतिहासिक रन चेज में निरोशन डिकवेला ने 81 रन की अहम पारी खेली थी जबकि असेला गुणारत्ने 80 रन बनाकर नाबाद रहे थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए 121 रन की निर्णायक साझेदारी हुई थी। इस जीत ने श्रीलंका को टेस्ट इतिहास के सबसे यादगार रन चेज में शामिल कर दिया।

    श्रीलंका ने इससे पहले भी 350 से ज्यादा रन के लक्ष्य का सफल पीछा किया है। साल 2006 में कोलंबो में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रीलंका ने 352 रन का लक्ष्य हासिल किया था। दक्षिण अफ्रीका ने चौथी पारी में जीत के लिए 352 रन का लक्ष्य रखा था और श्रीलंका ने 352 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया था। इस मैच में महेला जयवर्धने ने 123 रन की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।

    यानी श्रीलंका की टीम टेस्ट क्रिकेट में दो बार 350 या उससे ज्यादा रन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर चुकी है। अब गॉल में उसके सामने 372 रन का लक्ष्य है। यह लक्ष्य उसके 352 रन वाले दूसरे सबसे बड़े सफल रन चेज से 20 रन ज्यादा है। अगर श्रीलंका आखिरी दिन 372 रन तक पहुंच जाता है तो यह उसके टेस्ट इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज बन जाएगा।

    हालांकि भारत के खिलाफ यह चुनौती आसान नहीं होगी। चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को शुरुआती झटके देकर दबाव में ला दिया। दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा 31 रन बनाकर नाबाद हैं जबकि सोनल दिनुषा 25 रन पर खेल रहे हैं। दोनों बल्लेबाजों पर पांचवें दिन टीम की उम्मीदों का बड़ा दारोमदार रहेगा।

    गॉल में श्रीलंका के सामने सिर्फ 288 रन बनाने की चुनौती नहीं है बल्कि भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ पूरे दिन टिके रहने की परीक्षा भी होगी। टेस्ट मैच की चौथी पारी में बड़ा लक्ष्य हासिल करना वैसे ही मुश्किल माना जाता है और यहां श्रीलंका के पास सिर्फ 6 विकेट बचे हैं। दूसरी ओर भारत के पास मैच खत्म करने का स्पष्ट मौका है।

    गॉल में विदेशी टीम द्वारा श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ा सफल रन चेज पाकिस्तान के नाम है। पाकिस्तान ने 2015 में पल्लेकेले में श्रीलंका के खिलाफ 377 रन का लक्ष्य हासिल किया था। उसने 382 रन बनाकर मुकाबला जीता था। ऐसे में मौजूदा 372 रन का लक्ष्य उस रिकॉर्ड से सिर्फ 5 रन कम है।

    अब मुकाबले का पूरा दारोमदार पांचवें दिन पर है। श्रीलंका अगर 288 रन और बना लेता है तो वह न केवल भारत के खिलाफ यादगार जीत दर्ज करेगा बल्कि अपने टेस्ट इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज भी पूरा कर लेगा। दूसरी तरफ भारत के पास छह विकेट लेकर गॉल टेस्ट अपने नाम करने का मौका है। ऐसे में 19 अगस्त का पांचवां दिन दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और रोमांचक रहने वाला है।

  • टीम इंडिया के खिलाफ श्रीलंका का बड़ा ऐलान, धनंजय डी सिल्वा संभालेंगे कमान; डिकवेला की हुई वापसी

    टीम इंडिया के खिलाफ श्रीलंका का बड़ा ऐलान, धनंजय डी सिल्वा संभालेंगे कमान; डिकवेला की हुई वापसी


    नई दिल्ली। भारत के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका ने अपनी 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। दोनों देशों के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। श्रीलंकाई टीम की कमान ऑलराउंडर धनंजय डी सिल्वा को सौंपी गई है, जबकि कामिंदु मेंडिस उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। हालांकि सीरीज शुरू होने से पहले मेजबान टीम को बड़ा झटका लगा है। चोट के कारण कुशल मेंडिस और पाथुम निसांका पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।

    कुशल मेंडिस को 19 जुलाई को लंका प्रीमियर लीग के दौरान दाहिने हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। वह फिलहाल नेशनल हाई परफॉर्मेंस सेंटर में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं। दूसरी ओर पाथुम निसांका पिछले महीने लंदन में हुई कलाई की सर्जरी से उबर रहे हैं। दोनों बल्लेबाजों की गैरमौजूदगी श्रीलंका के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है, क्योंकि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शीर्ष क्रम पर काफी दबाव रहेगा।

    इन दोनों खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद श्रीलंका ने अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला को टीम में वापस बुलाया है। डिकवेला ने आखिरी बार 2023 में टेस्ट मैच खेला था और उनके नाम 54 टेस्ट मैचों का अनुभव है। चयनकर्ताओं ने इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें अंजला बंदारा पर प्राथमिकता दी। बंदारा ने भारत के खिलाफ खेले गए अभ्यास मैच में हिस्सा लिया था।

    श्रीलंकाई टीम में एक नए चेहरे को भी मौका मिला है। भारत के खिलाफ अभ्यास मैच में तीन विकेट लेने वाले ऑफ स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर केशरा नुवांथा को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। वहीं कासुन रजिता और इसिथा विजेसुंदरा को टीम में जगह नहीं मिली है।

    निशान मदुश्का ने अभ्यास मैच में शानदार प्रदर्शन करके अपनी जगह मजबूत की है। उन्होंने भारत के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबले में 66 और नाबाद 63 रन की पारियां खेलीं। ऐसे में उनसे टेस्ट सीरीज में भी श्रीलंका को अच्छी शुरुआत दिलाने की उम्मीद होगी। मुख्य बल्लेबाजी क्रम में कप्तान धनंजय डी सिल्वा, उपकप्तान कामिंदु मेंडिस, दिनेश चंडीमल, लाहिरू उदारा, पासिंदु सोरियाबंदारा और सोनल दिनुशा शामिल हैं।

    गेंदबाजी में श्रीलंका की नजर स्पिन पर भी रहेगी। प्रभात जयसूर्या स्पिन विभाग की अगुवाई करेंगे और उनके साथ रमेश मेंडिस तथा केशरा नुवांथा मौजूद रहेंगे। धनंजय डी सिल्वा और कामिंदु मेंडिस भी जरूरत पड़ने पर पार्ट टाइम गेंदबाजी का विकल्प देंगे। तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी असिथा फर्नांडो के कंधों पर होगी। उनका साथ लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो, मिलन रत्नायके और दिलशान मदुशंका देंगे।

    भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो के एसएससी ग्राउंड पर होगा। ऐसे में श्रीलंका अपने घरेलू मैदान का फायदा उठाकर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देने की कोशिश करेगा, जबकि टीम इंडिया सीरीज में मजबूत शुरुआत के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

    श्रीलंका की 16 सदस्यीय टीम

    धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), कामिंदु मेंडिस (उपकप्तान), लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, दिनेश चंडीमल, पासिंदु सोरियाबंदारा, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशरा नुवांथा, मिलन रथनायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।

  • विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ रचा बड़ा रिकॉर्ड, 610 रन के साथ टॉप पर; जयसूर्या 571 और सहवाग 491 रन

    विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ रचा बड़ा रिकॉर्ड, 610 रन के साथ टॉप पर; जयसूर्या 571 और सहवाग 491 रन


    नई दिल्ली।  भारत और श्रीलंका के बीच 2 टेस्ट मैचों की आगामी सीरीज को लेकर क्रिकेट फैंस की नजरें दोनों टीमों के स्टार खिलाड़ियों पर टिकी हैं। भारतीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और सीरीज का पहला टेस्ट 15 अगस्त से खेला जाएगा, जबकि दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो में होने वाला है। भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट में हमेशा बल्लेबाजों का खास दबदबा रहा है और दोनों देशों के बीच किसी एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भारतीय दिग्गज विराट कोहली के नाम दर्ज है। यही वजह है कि मौजूदा सीरीज शुरू होने से पहले एक बार फिर विराट के इस शानदार रिकॉर्ड की चर्चा तेज हो गई है।

    विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ भारत में खेली गई 2017-18 की तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में बल्ले से जबरदस्त प्रदर्शन किया था। उन्होंने सीरीज की पांच पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक की मदद से कुल 610 रन बनाए थे। इस दौरान विराट का बल्लेबाजी औसत 152.50 रहा था और उनका सर्वोच्च स्कोर 243 रन था। विराट की इस शानदार बल्लेबाजी के दम पर वह भारत और श्रीलंका के बीच किसी एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। 610 रन का यह आंकड़ा आज भी दोनों देशों के बीच एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड है।

    इस रिकॉर्ड लिस्ट में दूसरे नंबर पर श्रीलंका के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या का नाम आता है। जयसूर्या ने 1997 में श्रीलंका की धरती पर भारत के खिलाफ खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज में तीन पारियों में कुल 571 रन बनाए थे। उन्होंने इस सीरीज में दो शानदार शतक लगाए थे और उनका बल्लेबाजी औसत 190.33 रहा था। जयसूर्या के प्रदर्शन की सबसे खास बात उनकी ऐतिहासिक 340 रन की पारी रही थी। यह उनके टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर भी रहा। इस पारी के दम पर जयसूर्या ने भारत के खिलाफ उस सीरीज में ऐसा प्रदर्शन किया था जिसे लंबे समय तक याद किया गया।

    वहीं इस सूची में तीसरे स्थाSanath Jayasuriya, Virender Sehwag, Shubman Gill, KL Rahul, Yashasvi Jaiswal, Cricket News, Test Cricketन पर भारत के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग हैं। सहवाग ने भारत में 2009-10 के दौरान श्रीलंका के खिलाफ खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज की चार पारियों में 491 रन बनाए थे। सहवाग ने इस सीरीज में दो शतक और एक अर्धशतक लगाया था। उनका बल्लेबाजी औसत 122.75 रहा था। सहवाग के लिए इस सीरीज का सबसे यादगार पल उनका 293 रन का स्कोर रहा, हालांकि वह तिहरा शतक पूरा करने से सिर्फ सात रन दूर रह गए थे।
    वहीं इस सूची में तीसरे स्थाSanath Jayasuriya, Virender Sehwag, Shubman Gill, KL Rahul, Yashasvi Jaiswal, Cricket News, Test Cricketन पर भारत के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग हैं। सहवाग ने भारत में 2009-10 के दौरान श्रीलंका के खिलाफ खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज की चार पारियों में 491 रन बनाए थे। सहवाग ने इस सीरीज में दो शतक और एक अर्धशतक लगाया था। उनका बल्लेबाजी औसत 122.75 रहा था। सहवाग के लिए इस सीरीज का सबसे यादगार पल उनका 293 रन का स्कोर रहा, हालांकि वह तिहरा शतक पूरा करने से सिर्फ सात रन दूर रह गए थे।

    अब भारत और श्रीलंका के बीच एक और टेस्ट सीरीज होने जा रही है और इस बार भी बल्लेबाजों पर खास नजर रहेगी। भारतीय टीम की तरफ से शुभमन गिल, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे बल्लेबाज बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वहीं श्रीलंका की ओर से लाहिरू उदारा, कामिंदु मेंडिस, कप्तान धनंजय डी सिल्वा और कुसल मेंडिस भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।

    भारत-श्रीलंका टेस्ट मुकाबलों में बल्लेबाजों का इतिहास शानदार रहा है। अब देखना होगा कि आगामी सीरीज में कौन सा बल्लेबाज अपनी बल्लेबाजी से नया रिकॉर्ड बनाता है और क्या कोई खिलाड़ी विराट कोहली के 610 रन के आंकड़े के करीब पहुंच पाता है।