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  • बारिश और बादलों का डबल अटैक शुक्रवार को कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    बारिश और बादलों का डबल अटैक शुक्रवार को कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर मध्य पूर्व और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है जबकि कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश से नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ रहा है वहीं कई शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में शुक्रवार को तेज बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

    मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है। भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर सिवनी मंडला छिंदवाड़ा रायसेन नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में कहीं कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

    उत्तर भारत में दिल्ली एनसीआर के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और पहाड़ी रास्तों पर फिसलन का खतरा बना रह सकता है इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल असम मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में भी गरज चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां मजबूत बनी रहेंगी। इसके चलते कई राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।

    विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाते समय सावधानी रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े न हों। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखना भी जरूरी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते बचाव किया जा सके।

  • 16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 16 मई को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के करीब 15 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी देखने को मिल सकती है। वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे किसानों को फसलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली में 16 मई की शाम बादल छाने और हल्की आंधी चलने की संभावना है, जबकि तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 60–65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जहां 80–85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

    झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बढ़ सकता है। वहीं पंजाब और राजस्थान में भी गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का असर देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में जहां एक ओर तेज गर्मी और लू जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं कुछ जिलों में तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

    दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण भी मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण का भी असर देश के मौसम पैटर्न पर पड़ रहा है।

    कुल मिलाकर 16 मई को देश के बड़े हिस्से में मौसम काफी अस्थिर रहने वाला है। तेज बारिश, आंधी और तूफानी हवाओं को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

  • उत्तर भारत में ठंड का कहर: राजस्थान-MP के 37 शहरों में पारा 10° से नीचे, यूपी-बिहार में घना कोहरा, उत्तराखंड में झरने जमे

    उत्तर भारत में ठंड का कहर: राजस्थान-MP के 37 शहरों में पारा 10° से नीचे, यूपी-बिहार में घना कोहरा, उत्तराखंड में झरने जमे


    नई दिल्ली /उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे की चपेट में है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के 37 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। यूपी-बिहार में विजिबिलिटी 10 मीटर तक सिमट गई है जबकि उत्तराखंड में माइनस तापमान के कारण झरने और नाले जम गए हैं।उत्तर भारत में ठंड का कहर: राजस्थान-MP के 37 शहरों में पारा 10° से नीचे यूपी-बिहार में घना कोहरा उत्तराखंड में झरने जमे राजस्थान में सर्दी के बीच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके असर से बीकानेर चूरू श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ और जैसलमेर सहित कई जिलों में बादल छाए रहे। इससे पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाएं कमजोर पड़ीं और दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि रात की ठंड अभी भी बरकरार है। शुक्रवार को राज्य के 18 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया जो इस सीजन के सबसे कम तापमान में से एक है। बीकानेर में दिन का अधिकतम तापमान बढ़कर 31 डिग्री तक पहुंच गया जिससे दिन में हल्की राहत जरूर मिली।

    मध्य प्रदेश: पचमढ़ी जितना ठंडा इंदौर

    मध्य प्रदेश में इस बार सर्दी रिकॉर्ड तोड़ साबित हो रही है। राज्य के 19 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। औद्योगिक शहर इंदौर में शुक्रवार रात तापमान 5.2 डिग्री रहा जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है।हैरानी की बात यह रही कि यही तापमान प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन और सबसे ठंडी जगह माने जाने वाले पचमढ़ी में भी दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल में पारा 7 डिग्री से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में शीतलहर की संभावना नहीं है लेकिन ठंड का असर बना रहेगा।

    उत्तर प्रदेश और बिहार: कोहरे ने रोकी रफ्तार
    उत्तर प्रदेश और बिहार में घना कोहरा सबसे बड़ी मुसीबत बनकर सामने आया है। यूपी के लखनऊ गोरखपुर सहित करीब 30 जिलों में विजिबिलिटी 10 मीटर तक सिमट गई। शनिवार सुबह सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के कारण कई वाहन आपस में भिड़ गए जिसमें एक महिला घायल हो गई। बिहार में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। समस्तीपुर में तापमान 7.9 डिग्री तक गिर गया जो इस सीजन का सबसे कम बताया जा रहा है। बेगूसराय और बक्सर में जीरो विजिबिलिटी दर्ज की गई जहां सड़कों पर 100 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो गया। पटना समेत 8 शहरों में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा।

    उत्तराखंड: माइनस तापमान झरने और नाले जमे
    पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में सर्दी ने सबसे कठोर रूप ले लिया है। चमोली जिले की नीती घाटी में तापमान माइनस 10 डिग्री तक पहुंच गया जिससे नदी-नाले और झरने जम गए हैं। मौसम विभाग ने रविवार से उत्तरकाशी चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश के साथ हल्की बर्फबारी की संभावना जताई है।बर्फबारी के बाद इन इलाकों में तापमान 2 से 3 डिग्री और गिर सकता है। वहीं हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति चंबा और कुल्लू जिलों में भी बर्फबारी के आसार बने हुए हैं।उत्तर भारत में सर्दी कोहरा और बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच लोगों को सतर्क रहने अनावश्यक यात्रा से बचने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।