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  • गर्मी से मिलेगी जल्‍द राहत, भारत की ओर बढ़ रहा बादलों का विशाल सिस्टम, कई राज्यों में बारिश के आसार

    गर्मी से मिलेगी जल्‍द राहत, भारत की ओर बढ़ रहा बादलों का विशाल सिस्टम, कई राज्यों में बारिश के आसार

    नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम अब राहत की खबर लेकर आ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक भारत की ओर करीब 2500 किलोमीटर चौड़ा बादलों का विशाल समूह तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर शुरू हो सकता है।

    भारत के मौसम उपग्रह इनसैट-3डीएस ने इस विशाल बादल प्रणाली की तस्वीरें कैद की हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम उत्तर और मध्य भारत में सक्रिय मौसम बदलाव का संकेत दे रहा है, जो आने वाले दिनों में तेज बारिश और तापमान में गिरावट ला सकता है।

    उत्तर भारत से मध्य भारत तक फैला बादलों का घना घेरा
    मौसम विभाग द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कई हिस्सों तक बादलों का बड़ा जमावड़ा दिखाई दे रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम भीषण गर्मी के बाद राहत देने वाला साबित हो सकता है। बादलों का यह घना समूह तूफानी गतिविधियों और प्री-मानसून बारिश का संकेत माना जा रहा है।

    दिल्ली में बारिश और तेज हवाओं से राहत
    गुरुवार शाम दिल्ली के कई इलाकों में तेज हवाओं और हल्की बारिश ने मौसम बदल दिया। लंबे समय से जारी गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राजधानी में गरज-चमक के साथ आंधी चली, जिसमें पालम क्षेत्र में हवा की रफ्तार 61 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।

    तापमान में 5 डिग्री तक गिरावट
    मौसम में बदलाव के बाद दिल्ली के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले राजधानी के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था।

    31 मई तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
    मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 31 मई तक गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक राजस्थान के उत्तरी हिस्सों में पहले ही बारिश और आंधी शुरू हो चुकी है। यह मौसम प्रणाली धीरे-धीरे दिल्ली और अन्य उत्तर भारतीय राज्यों की ओर बढ़ रही है।

    गुजरात की ओर बढ़ेगा सिस्टम
    विशेषज्ञों का कहना है कि शुक्रवार को तूफानी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। यह सिस्टम 30 मई तक सक्रिय रहेगा और इसके बाद 30-31 मई के बीच गुजरात की ओर बढ़ने की संभावना है।

    इन वजहों से बदला मौसम
    मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ, राजस्थान और आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण तथा बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी हवाओं के कारण मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विभाग का कहना है कि इस बार होने वाली प्री-मानसून बारिश अप्रैल और मई की शुरुआत में हुई बारिश से अधिक प्रभावी और व्यापक हो सकती है।

  • देश में मौसम बदल रहा रंग, अंडमान में समय से पहले पहुंचा मानसून, उत्तर भारत लू की चपेट में

    देश में मौसम बदल रहा रंग, अंडमान में समय से पहले पहुंचा मानसून, उत्तर भारत लू की चपेट में



    नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर दी हैं। जहां एक ओर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मानसून ने तय समय से पहले दस्तक दे दी है, वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर एवं मध्य भारत भीषण गर्मी और लू से झुलस रहा है। एक तरफ लोग बारिश का आनंद ले रहे हैं, तो दूसरी ओर तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन मुश्किल बना दिया है।

    मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों में मानसून तेजी से सक्रिय हो रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी तक मानसून पहुंच चुका है, जिसके असर से केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में प्री-मानसून बारिश शुरू हो गई है। विभाग का कहना है कि इस बार मानसून सामान्य समय से करीब पांच दिन पहले आगे बढ़ रहा है और 26 मई तक केरल पहुंच सकता है, जबकि आमतौर पर इसकी एंट्री 1 जून को होती है।

    केरल के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश हो रही है। पटनामथिट्टा और अलाप्पुझा समेत कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में भी पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    दूसरी ओर उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। बांदा सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। झांसी, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में भी लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। दिल्ली में भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया है।

    हरियाणा और पंजाब के सिरसा, रोहतक, हिसार और बठिंडा जैसे शहरों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सुबह 10 बजे के बाद ही तेज गर्म हवाओं के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।

    पहाड़ी राज्यों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। हिमाचल प्रदेश के ऊना में तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक माना जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने 19 मई से मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 22 और 23 मई को कुछ क्षेत्रों में बारिश होने से राहत मिलने की उम्मीद है।

    राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में भी भीषण गर्मी बनी हुई है, जहां तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। चंडीगढ़ में भी पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में और तेज लू चलने की चेतावनी दी है।

    भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और नियमित रूप से पानी, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करें। बाहर जाते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढककर रखें। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

  • एमपी में थमेगा बारिश-आंधी का दौर, बढ़ेगी गर्मी, 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी

    एमपी में थमेगा बारिश-आंधी का दौर, बढ़ेगी गर्मी, 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद प्रदेश में तेज गर्मी की वापसी होने जा रही है। मौसम विभाग (IMD) ने 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। रविवार से ही तापमान में बढ़ोतरी महसूस होने लगेगी।

    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। रतलाम में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    शनिवार को प्रदेश में ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में बादल छाए रहे। शाम के समय भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में बारिश के साथ तेज आंधी चली।

    प्रदेश में 30 अप्रैल से लगातार मौसम बदला हुआ था। 9 मई तक कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। इस दौरान कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी ट्रफ और चक्रवातीय गतिविधियों का असर देखने को मिला, जिसके चलते मई के शुरुआती दिनों में गर्मी से राहत बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, 10 मई के बाद मौसम साफ होने लगेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा। 12 और 13 मई को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के कुछ जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। विभाग के अनुसार, गर्मी के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें, शरीर को हाइड्रेट रखें और दोपहर में लंबे समय तक धूप में निकलने से बचें। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

  • मध्यप्रदेश में हीटवेव का प्रकोप, अगले दिनों और बढ़ेगा तापमान का असर

    मध्यप्रदेश में हीटवेव का प्रकोप, अगले दिनों और बढ़ेगा तापमान का असर


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में अब मानसून पूर्व की हल्की बारिश और बादलों का दौर लगभग खत्म हो चुका है और सूरज ने अपना तीखा तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे गर्मी का असर तेज महसूस किया जा रहा है।

    रतलाम सबसे गर्म, कई शहरों में पारा 40 के पार
    सोमवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2°C दर्ज किया गया। वहीं धार, नर्मदापुरम और खरगोन में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। जबलपुर में 39.2°C, उज्जैन में 39°C और भोपाल-इंदौर में 38.8°C तापमान दर्ज किया गया, जिससे दिनभर तेज गर्मी का असर रहा।

    16 और 17 अप्रैल को लू का अलर्ट
    मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 16 और 17 अप्रैल को प्रदेश के कई जिलों में भीषण लू चल सकती है। इनमें रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्म हवाओं का असर महसूस किया जाएगा।

    15 अप्रैल से कमजोर सिस्टम, राहत की उम्मीद कम
    हालांकि 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, लेकिन यह काफी कमजोर बताया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इससे गर्मी में कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर सबसे अधिक गर्म माना जाता है, जिसमें कई बार तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाता है।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान का ट्रेंड
    पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार भोपाल और इंदौर में तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि जबलपुर में 44°C और ग्वालियर में 45°C तक पारा दर्ज हो चुका है। ग्वालियर को प्रदेश का सबसे गर्म शहर माना जाता है, जहां कई बार 45 डिग्री से अधिक तापमान दर्ज हुआ है।

    पुराने रिकॉर्ड बताते हैं भीषण गर्मी का इतिहास
    भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को 44.4°C तापमान दर्ज किया गया था। इंदौर में 25 अप्रैल 1958 को 44.6°C और जबलपुर में 28 अप्रैल 1970 को 45.4°C तापमान दर्ज हो चुका है। वहीं ग्वालियर में 1958 में 46.2°C तक तापमान पहुंच चुका है, जो अब तक के सबसे उच्च रिकॉर्ड में शामिल है।

    बारिश के बावजूद गर्मी का असर
    इस बार अप्रैल की शुरुआत में कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली थी, लेकिन इसके बावजूद गर्मी का असर अब तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम का यह उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में और ज्यादा गर्मी का संकेत है।

    सावधानी जरूरी, हीटवेव से बचाव की सलाह
    मौसम विभाग ने लोगों को दिन के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

  • MP में ओले-बारिश का अलर्ट, 5 दिन बदला रहेगा मौसम, जाने मौसम का हाल

    MP में ओले-बारिश का अलर्ट, 5 दिन बदला रहेगा मौसम, जाने मौसम का हाल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश में एक मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिसका असर अब धीरे-धीरे बढ़ रहा है। रविवार को ग्वालियर सहित कई जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार से इसका प्रभाव और तेज होगा और अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश में मौसम बदला हुआ रहेगा।

    अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग के भिंड और दतिया जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल और जबलपुर समेत कई जिलों में आंधी, बारिश और बादलों का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के साथ पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं। इन सभी सिस्टम के कारण प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है।

    30 मार्च से शुरू हुआ यह मौसम सिस्टम प्रदेश के लगभग सभी संभागों को प्रभावित करेगा। ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के अधिकतर जिलों में 2 अप्रैल तक मौसम में बदलाव बना रहेगा।

    आंधी और बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। फिलहाल प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया जा रहा है। रविवार को मंडला में सबसे अधिक 39.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन और सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना और उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम और दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर और रायसेन में 37.4 डिग्री तथा छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में जबलपुर का तापमान 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग ने आगे के लिए चेतावनी भी जारी की है। अनुमान है कि अप्रैल और मई में तेज गर्मी पड़ेगी। इन महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर बना रहेगा।

  • MP Weather Update बारिश और ओलों ने मचाई तबाही 72 घंटे से जारी सिस्टम से बिगड़ा हालात

    MP Weather Update बारिश और ओलों ने मचाई तबाही 72 घंटे से जारी सिस्टम से बिगड़ा हालात

    मध्यप्रदेश में पिछले 72 घंटों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ा हुआ है जहां साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की जा रही है राजधानी भोपाल इंदौर ग्वालियर जबलपुर और उज्जैन सहित लगभग 42 जिलों में मौसम का असर देखा गया है जिससे जनजीवन के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है

    मौसम विभाग के अनुसार 18 मार्च को सक्रिय हुआ सिस्टम अभी भी प्रभावी बना हुआ है और इसके कारण लगातार मौसम में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि ने खासकर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है गेहूं केला पपीता और संतरा जैसी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही हैं जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है

    प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिला है जहां पिछले 24 घंटों में 100 से अधिक कस्बों और शहरों में वर्षा दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ाडोंगरी में दर्ज की गई इसके अलावा बड़वानी बैतूल भोपाल और दमोह सहित कई स्थानों पर आधे इंच से अधिक बारिश हुई है वहीं अलीराजपुर झाबुआ खंडवा छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में ओलावृष्टि की सूचना भी सामने आई है

    शनिवार को मौसम विभाग ने टीकमगढ़ छतरपुर पन्ना सतना रीवा सिंगरौली मैहर कटनी उमरिया शहडोल डिंडोरी और अनूपपुर सहित कई जिलों के लिए तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है पूर्वी जिलों पर इस सिस्टम का अधिक असर पड़ने की संभावना जताई गई है जिससे वहां स्थिति और गंभीर हो सकती है

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तीन ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश में यह अस्थिरता बनी हुई है और यह सिस्टम आगे बढ़ने के साथ असर दिखाता रहेगा हालांकि 22 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा लेकिन इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा जिससे बारिश की तीव्रता कम हो सकती है

    वहीं 26 मार्च के आसपास एक और नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना जताई गई है जिससे प्रदेश में फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है इस लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि कटाई के समय हो रही यह बारिश और ओलावृष्टि फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है मध्यप्रदेश में मौसम का यह दौर किसानों और आम लोगों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके