Tag: India Women

  • लॉर्ड्स में टूटा भारत का सपना ऑस्ट्रेलिया की दमदार जीत के साथ विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुई टीम इंडिया

    लॉर्ड्स में टूटा भारत का सपना ऑस्ट्रेलिया की दमदार जीत के साथ विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुई टीम इंडिया


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना आखिरकार टूट गया। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए ग्रुप चरण के निर्णायक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर अंतिम चार की दौड़ से बाहर कर दिया। इस हार के साथ भारतीय टीम का अभियान समाप्त हो गया जबकि ग्रुप ए से ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। वहीं ग्रुप बी से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज ने अगले दौर के लिए क्वालीफाई किया।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 170 रन बनाए। भारत को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 66 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 26 गेंदों पर 34 रन बनाए जिसमें दो छक्के और तीन चौके शामिल रहे। उनके आउट होने के बाद स्मृति मंधाना ने पारी को आगे बढ़ाया और 37 गेंदों पर 38 रन की उपयोगी पारी खेली।

    भारत ने 83 रन तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभाल ली। उन्होंने जेमिमा रोड्रिगेज के साथ तीसरे विकेट के लिए 64 रन की अहम साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जेमिमा ने 34 रन बनाकर रिटायर्ड आउट होने से पहले महत्वपूर्ण योगदान दिया जबकि हरमनप्रीत कौर ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल 27 गेंदों पर 56 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और तीन शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी20 क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाली तीसरी बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने दो विकेट हासिल किए।

    171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने केवल चार रन के स्कोर पर पहला विकेट गंवा दिया। हालांकि इसके बाद फीबी लिचफील्ड और बेथ मूनी ने पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी की। लिचफील्ड ने 24 रन बनाए जबकि बेथ मूनी ने 22 रन का योगदान दिया।

    भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती सफलता जरूर हासिल की लेकिन इसके बाद एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर की शानदार बल्लेबाजी के सामने टीम बेबस नजर आई। दोनों खिलाड़ियों ने चौथे विकेट के लिए 100 रन की मैच जिताऊ साझेदारी कर मुकाबला पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में कर दिया। एलिस पेरी ने 38 गेंदों पर 56 रन की बेहतरीन पारी खेली जबकि एश्ले गार्डनर ने 29 गेंदों पर नाबाद 53 रन बनाकर टीम को 19वें ओवर में जीत दिला दी।

    भारत की ओर से श्री चरणी ने दो विकेट हासिल किए जबकि दीप्ति शर्मा और रेणुका ठाकुर को एक एक सफलता मिली। हालांकि गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के मजबूत बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके। भारतीय टीम ने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन निर्णायक मुकाबले में गेंदबाजी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और इसी के साथ टीम का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया।

  • इतिहास के शिखर पर दीप्ति शर्मा झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ बनीं महिला क्रिकेट की नंबर-1 विकेट टेकर

    इतिहास के शिखर पर दीप्ति शर्मा झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ बनीं महिला क्रिकेट की नंबर-1 विकेट टेकर


    नई दिल्ली । भारत की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने महिला क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया है। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए अहम मुकाबले के दौरान दीप्ति ने वह उपलब्धि हासिल की जिसका इंतजार भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को लंबे समय से था। उन्होंने दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का वर्षों पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनने का गौरव अपने नाम कर लिया।

    लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस मुकाबले से पहले दीप्ति शर्मा को रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए सिर्फ एक विकेट की जरूरत थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी बल्लेबाज बेथ मूनी को आउट करते ही इतिहास रच दिया। बेथ मूनी ने ऑफ स्पिनर दीप्ति की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन गेंद सही तरह बल्ले पर नहीं आई और लॉन्ग ऑन पर राधा यादव ने आसान कैच लपक लिया। इस विकेट के साथ ही दीप्ति के इंटरनेशनल करियर में विकेटों की संख्या 356 पहुंच गई और उन्होंने झूलन गोस्वामी के 355 विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

    दीप्ति शर्मा का यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह उपलब्धि महज 278 इंटरनेशनल मुकाबलों में हासिल की है। आगरा में जन्मी इस ऑलराउंडर ने तीनों प्रारूपों में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम की जीत में अहम योगदान दिया है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 6 मैचों में 22 विकेट वनडे में 124 मुकाबलों में 166 विकेट और टी20 इंटरनेशनल में 148 मैचों में 168 विकेट हासिल किए हैं। उनकी निरंतरता और ऑलराउंड प्रदर्शन ने उन्हें महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।

    दीप्ति का शानदार फॉर्म पूरे टूर्नामेंट में देखने को मिला। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने पांच विकेट लेकर विरोधी टीम की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी उन्होंने चार ओवर में 31 रन देकर एक अहम विकेट हासिल किया और इसी के साथ भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया इतिहास लिख दिया।

    दीप्ति शर्मा ने जिस रिकॉर्ड को अपने नाम किया वह लंबे समय तक झूलन गोस्वामी के नाम दर्ज था। झूलन ने अपने शानदार करियर में 284 इंटरनेशनल मैच खेलते हुए 355 विकेट हासिल किए थे। उन्होंने टेस्ट में 44 वनडे में 255 और टी20 इंटरनेशनल में 56 विकेट लेकर भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाई थी। अब दीप्ति ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

    महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में अब दीप्ति शर्मा शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उनके बाद झूलन गोस्वामी दूसरे स्थान पर हैं जबकि ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी 336 विकेटों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। इंग्लैंड की कैथरीन साइवर ब्रंट 335 विकेट सोफी एक्लेस्टोन 333 विकेट और दक्षिण अफ्रीका की शबनीम इस्माइल 323 विकेट के साथ इस सूची में शामिल हैं।

    हालांकि भारतीय टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सकी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने चार विकेट पर 170 रन बनाए लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने 19 ओवर में चार विकेट रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की हार के बावजूद दीप्ति शर्मा की ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण बन गई और उनका यह रिकॉर्ड आने वाले वर्षों तक प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

  • हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं बचा सकी भारत ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ किया वर्ल्ड कप से बाह

    हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं बचा सकी भारत ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ किया वर्ल्ड कप से बाह


    नई दिल्ली।  महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का अभियान सेमीफाइनल से पहले ही समाप्त हो गया। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए अहम मुकाबले में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने भारत को छह विकेट से हराकर अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदों पर विराम लगा दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार अर्धशतकीय पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी और भारतीय टीम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट पर 170 रन का मजबूत स्कोर बनाया। टीम को आक्रामक शुरुआत शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने दिलाई। शेफाली ने 26 गेंदों में 34 रन बनाए जबकि स्मृति ने 37 गेंदों पर 38 रन की उपयोगी पारी खेली। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तेज बल्लेबाजी करते हुए केवल 27 गेंदों में 56 रन बनाए और टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया।

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से गेंदबाजी में सोफी मोलिनेक्स सबसे सफल रहीं। उन्होंने चार ओवर में 46 रन देकर दो विकेट हासिल किए और भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि भारतीय बल्लेबाजों ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया के सामने 171 रन का लक्ष्य रखा।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती चरण में चुनौती दी और रन गति पर भी कुछ समय तक नियंत्रण बनाए रखा। एक समय आवश्यक रन गति लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही थी और मुकाबला पूरी तरह संतुलित नजर आ रहा था। लेकिन भारतीय टीम दबाव को अंत तक बनाए रखने में सफल नहीं रही। कुछ महत्वपूर्ण मौकों पर खराब गेंदबाजी और फील्डिंग में हुई चूक का फायदा ऑस्ट्रेलिया ने पूरी तरह उठाया।

    ऑस्ट्रेलिया की जीत में एलिस पेरी और एश गार्डनर ने अहम भूमिका निभाई। एलिस पेरी ने 38 गेंदों पर 56 रन की जिम्मेदार पारी खेली जबकि एश गार्डनर ने केवल 29 गेंदों में 53 रन बनाकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। फोएबे लिचफील्ड ने भी 24 रन का उपयोगी योगदान देकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद की। इन पारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और शानदार जीत दर्ज की।

    यह हार भारतीय महिला टीम के लिए इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि 2024 महिला टी20 विश्व कप में भी ऑस्ट्रेलिया ने ही भारत का सफर समाप्त किया था। इस बार भी बड़े मुकाबले में वही कहानी दोहराई गई। भारतीय टीम ने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग में महत्वपूर्ण क्षणों पर हुई गलतियां भारी पड़ गईं। अब टीम इंडिया को इस हार से सीख लेकर भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी पर ध्यान देना होगा ताकि आने वाले वैश्विक मंचों पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: जीत के साथ बदली टेबल, इंग्लैंड शीर्ष पर और ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ाई बढ़त

    टी20 वर्ल्ड कप 2026: जीत के साथ बदली टेबल, इंग्लैंड शीर्ष पर और ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ाई बढ़त


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में रोमांच अपने चरम पर पहुंचता जा रहा है और हर मुकाबले के साथ अंक तालिका के समीकरण बदल रहे हैं। शनिवार को खेले गए मुकाबलों के बाद ग्रुप ए और ग्रुप बी दोनों में शीर्ष स्थान पर कब्जे की तस्वीर साफ होती नजर आई। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल जीत दर्ज की, बल्कि अपनी-अपनी ग्रुप तालिका में पहला स्थान भी हासिल कर लिया।

    ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा लगातार बना हुआ है। टीम ने नीदरलैंड्स के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में 98 रन की बड़ी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में लगातार तीसरी सफलता हासिल की। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया के तीन मैचों में छह अंक हो गए हैं और वह ग्रुप ए की अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गया है।

    ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 219 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरे और नीदरलैंड्स के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। जवाब में नीदरलैंड्स की टीम 20 ओवर में 3 विकेट पर 121 रन ही बना सकी और मुकाबला 98 रन से हार गई। यह टूर्नामेंट में उसकी लगातार कठिन हारों में से एक रही।

    ऑस्ट्रेलिया की जीत का असर भारतीय टीम की स्थिति पर भी पड़ा। India Women’s National Cricket Team दो मैचों में 4 अंकों के साथ अब ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। हालांकि टीम इंडिया ने अभी एक मैच कम खेला है, इसलिए उसके पास शीर्ष स्थान हासिल करने का अवसर बना हुआ है। वहीं, पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज करने वाली बांग्लादेश की टीम भी 4 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। साउथ अफ्रीका के खाते में 2 अंक हैं, जबकि लगातार तीसरी हार झेलने के बाद पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है।

    दूसरी ओर ग्रुप बी में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए स्कॉटलैंड को 38 रन से हराकर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 200 रन बनाए। सोफिया डंकले और एलिस कैप्सी की दमदार पारियों ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में स्कॉटलैंड की टीम 162 रन ही बना सकी और इंग्लैंड ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ England Women’s Cricket Team के तीन मैचों में 6 अंक हो गए हैं और वह ग्रुप बी में पहले स्थान पर पहुंच गई है। वेस्टइंडीज की टीम दो मैचों में दो जीत और 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड तीन मैचों में केवल एक जीत के साथ तीसरे स्थान पर है। स्कॉटलैंड चौथे, श्रीलंका पांचवें और आयरलैंड छठे स्थान पर मौजूद हैं।

    टूर्नामेंट अब ऐसे दौर में पहुंच चुका है जहां हर जीत और हार से सेमीफाइनल की तस्वीर बदल सकती है। ऐसे में आने वाले मुकाबले सभी टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं।