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  • कॉमनवेल्थ गेम्स में चमका भारत, स्वदेश लौटते ही खिलाड़ियों का भव्य अभिनंदन, अब एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप पर नजर

    कॉमनवेल्थ गेम्स में चमका भारत, स्वदेश लौटते ही खिलाड़ियों का भव्य अभिनंदन, अब एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप पर नजर


    नई दिल्ली । भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से पूरी दुनिया में खेल शक्ति के रूप में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। प्रतियोगिता से स्वदेश लौटने पर भारतीय खिलाड़ियों का दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया। ढोल नगाड़ों, फूल मालाओं और भारत माता के जयघोष के बीच खिलाड़ियों का अभिनंदन हुआ। बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, परिवार के सदस्य और खेल अधिकारी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने पहुंचे। खिलाड़ियों ने इस सम्मान को अपने जीवन का सबसे भावुक पल बताते हुए कहा कि देशवासियों का यह प्यार उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगा।

    भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन इस बार सबसे अधिक चर्चा में रहा। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के 96 वर्ष के इतिहास में पहली बार भारत ने मुक्केबाजी में सात स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सभी सहयोगी संस्थाओं को देते हुए कहा कि भारतीय बॉक्सिंग अब वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना चुकी है और आने वाले वर्षों में भारत की चुनौती और मजबूत होगी।

    स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने एयरपोर्ट पर मिले भव्य स्वागत को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरे देश का है और उनकी सफलता में भारत सरकार, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया तथा हरियाणा सरकार के सहयोग की बड़ी भूमिका रही है। साक्षी ने अपना स्वर्ण पदक देशवासियों को समर्पित करते हुए कहा कि भविष्य में भी उनका लक्ष्य भारत के लिए अधिक से अधिक पदक जीतना रहेगा। उनके दादा सतपाल सिंह ने कहा कि परिवार को साक्षी पर गर्व है और युवाओं को मेहनत तथा आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। वहीं परिवार की सदस्य प्रिया ने कहा कि साक्षी की जीत पूरे परिवार के लिए गर्व और खुशी का अवसर है।

    भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने भी शानदार प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि सरकार, सेना और खेल संस्थाओं से मिले सहयोग ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि अब जल्द ही राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा जहां एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी की जाएगी। वहीं अरुंधति चौधरी ने अपनी सफलता का श्रेय भारतीय सेना, आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट और कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस को दिया। उन्होंने कहा कि सैनिक होने के कारण देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उनका अगला लक्ष्य उज्बेकिस्तान में होने वाला विश्व कप है।

    पुरुषों के 90 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाले नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि इस सफलता के पीछे कई महीनों की कठिन तैयारी और विशेष प्रशिक्षण शिविरों का योगदान है। उन्होंने बताया कि अब पूरा ध्यान एशियन गेम्स की तैयारी पर रहेगा। दूसरी ओर पैरा एथलीटों ने भी शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाया। पुरुष शॉट पुट एफ 57 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोमन राणा ने कहा कि यह पदक पूरे देश और भारतीय सेना को समर्पित है। महिला शॉट पुट एफ 57 वर्ग की स्वर्ण पदक विजेता शर्मिला धनखड़ ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के लिए आभार व्यक्त किया।

    पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने विश्वास जताया कि भारत आने वाले वर्षों में खेलों की महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं पदक विजेता शुभम जुयाल ने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना देश के लिए पदक जीतना होता है और अब चार वर्ष बाद भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए तैयारी का नया दौर शुरू होगा। खिलाड़ियों के जोश और आत्मविश्वास ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय खेलों का भविष्य लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

  • 10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतकर भारत का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने सराहा

    10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतकर भारत का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने सराहा


    नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 19 मेडल अपने नाम किए, जिनमें 10 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं। टीम के इस बेहतरीन प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की।

    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह प्रदर्शन भारतीय युवा एथलीटों के दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सफलता आने वाले समय में और अधिक युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।

    भारतीय टीम ने प्रतियोगिता के आखिरी दिन तीन गोल्ड मेडल जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। महिला 5,000 मीटर दौड़ में मुस्कान ने 16 मिनट 53.08 सेकंड का समय निकालकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 1 मिनट 48.27 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया।

    डिस्कस थ्रो में निश्चय ने 60.10 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता और इस दौरान नया नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने शानदार तालमेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और नया मीट रिकॉर्ड भी स्थापित किया। टीम ने 3 मिनट 38.07 सेकंड में रेस पूरी की, जो पहले के रिकॉर्ड से बेहतर था।

    इस रिले टीम में नीरू पाठक, भूमिका संजय नेहाते, ताहुरा खातून और सहनूर बावा शामिल थीं, जिन्होंने बेहतरीन समन्वय और गति का प्रदर्शन किया। वहीं पुरुष 4×400 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मिनट 05.54 सेकंड का समय निकाला, जो पुराना रिकॉर्ड तोड़ने वाला था। हालांकि मजबूत प्रतिस्पर्धा के कारण टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।

    इसके अलावा भारतीय महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया और 45.05 सेकंड का समय निकाला। इस टीम में काजल हीराभाई वाजा, भावना, आरती और निपम शामिल रहीं।

    इस प्रतियोगिता में भारत का समग्र प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि देश में युवा एथलीटों की नई पीढ़ी तेजी से उभर रही है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की पकड़ मजबूत होती दिख रही है।

    हालांकि मेडल टैली के लिहाज से यह प्रदर्शन 2024 में दुबई में हुए संस्करण से थोड़ा पीछे रहा, लेकिन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धियों और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने भविष्य के लिए मजबूत उम्मीदें जगाई हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी की बधाई ने खिलाड़ियों के मनोबल को और बढ़ाया है, और यह प्रदर्शन भारत के एथलेटिक्स भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।