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  • ध्रुव जुरेल की तारीफ में रायुडू, बोले- भारत के लिए हर फॉर्मेट में खेलना चाहिए

    ध्रुव जुरेल की तारीफ में रायुडू, बोले- भारत के लिए हर फॉर्मेट में खेलना चाहिए


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में Rajasthan Royals का शानदार प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। शुक्रवार को Barsapara Cricket Stadium में खेले गए मुकाबले में टीम ने Royal Challengers Bengaluru को 6 विकेट से हराकर अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा। इस जीत के हीरो रहे युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi, जिन्होंने 26 गेंदों में 78 रनों की तूफानी पारी खेलकर मैच का रुख पलट दिया।

    “हम खुशकिस्मत हैं कि वैभव हमारी टीम में है”

    मैच के बाद टीम के स्टार स्पिनर Ravi Bishnoi ने खुलकर वैभव की तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम के सभी खिलाड़ी इस बात के लिए शुक्रगुजार हैं कि वैभव जैसी प्रतिभा उनके साथ खेल रही है। बिश्नोई के मुताबिक, वैभव नेट्स में भी गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी रहते हैं और हर गेंदबाज को टारगेट करते हैं।

    उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि नेट्स में उनसे पिटने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मैच में वही बल्लेबाज टीम को जीत दिलाता है। बिश्नोई ने यह भी कहा कि वैभव सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज ही नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सिंगल-डबल लेकर पारी को संभालने की क्षमता भी रखते हैं।

    टीम का शानदार प्रदर्शन और पॉजिटिव माहौल

    Rajasthan Royals इस सीजन अब तक अपने सभी मैच जीत चुकी है और पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर बनी हुई है। बिश्नोई ने कहा कि टीम का माहौल बेहद सकारात्मक है और जीत से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

    उन्होंने बताया कि टीम में ज्यादातर खिलाड़ी एक ही उम्र वर्ग के हैं, जिससे आपसी समझ और तालमेल बेहतर होता है। यही वजह है कि टीम एक यूनिट की तरह खेल रही है, ना कि सिर्फ एक-दो खिलाड़ियों पर निर्भर है।

     अपनी गेंदबाजी में किए अहम बदलाव

    रवि बिश्नोई ने अपनी गेंदबाजी को लेकर भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने रन-अप और एक्शन में कुछ छोटे लेकिन अहम बदलाव किए हैं।

    रन-अप में बाहर से जंप-स्टार्ट करना
    फ्रंट फुट लैंडिंग को संतुलित करना
    नॉन-बॉलिंग आर्म के मूवमेंट पर काम

    हालांकि उन्होंने माना कि अभी भी सुधार की गुंजाइश है, लेकिन धीरे-धीरे वह अपनी गेंदबाजी को और धारदार बना रहे हैं।

    “यह वैभव का समय है”

    बिश्नोई ने साफ कहा कि यह समय Vaibhav Suryavanshi का है। उन्होंने वैभव की बल्लेबाजी को “अविश्वसनीय” बताते हुए कहा कि 15 साल की उम्र में इस तरह का खेल दिखाना बेहद खास है।

    उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वैभव ने Jasprit Bumrah जैसे खतरनाक गेंदबाज के खिलाफ पहली गेंद पर छक्का जड़ा और अगली ही गेंद को समझदारी से डिफेंड किया। यह दिखाता है कि उनके पास सिर्फ ताकत ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है।

    खुद भी फॉर्म में हैं बिश्नोई

    गौरतलब है कि Ravi Bishnoi खुद भी इस सीजन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 4 मैचों में 9 विकेट लेकर गेंदबाजी में अहम भूमिका निभाई है और टीम की सफलता में बड़ा योगदान दिया है।

    रवि बिश्नोई के मुताबिक वैभव सूर्यवंशी की शानदार फॉर्म और टीम की एकजुटता ही राजस्थान रॉयल्स की लगातार जीत की सबसे बड़ी वजह है।

  • सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित, वह पावर प्ले में मैच जीता सकते हैं: गौतम गंभीर

    सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित, वह पावर प्ले में मैच जीता सकते हैं: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि टी20 विश्व कप 2026 के दौरान संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित था। किसी तकनीकी खामी की वजह से उन्हें टीम में नहीं लाया गया था। गंभीर ने कहा कि संजू के पास पावर प्ले में मैच का रुख अपनी टीम के पक्ष में मोड़ने की क्षमता है।

    गंभीर ने जियोस्टार पर कहा, “मुझे पता है कि बहुत से लोग इस बारे में बात करेंगे कि हम टॉप पर मौजूद तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों से हो रही समस्या से कैसे निपटना चाहते थे। हमें लगा कि हम और ज्यादा आक्रामक होना चाहते हैं क्योंकि पिछले डेढ़ साल में हमारी सोच यही रही है कि हम मैदान पर जाकर जितना हो सके उतना आक्रामक रहें। संजू को लाने का कारण दूसरे छोर से ऑफ-स्पिनर को मैनेज करना नहीं था। मेरा मानना ​​है कि एक अच्छा बल्लेबाज किसी भी तरह के गेंदबाज के खिलाफ अच्छा होगा, चाहे वह ऑफ-स्पिनर हो या लेफ्ट-आर्म स्पिनर। यह इस बारे में था कि क्या हम टॉप पर और भी ज्यादा आक्रामक रहते हुए पहले छह ओवरों में और ज्यादा रन बना सकते हैं।”

    उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि संजू क्या कर सकता है। उसकी प्रतिभा और खेल पर किसी को कभी कोई शक नहीं था। अगर वह अच्छा खेलता है, तो वह आपको पहले छह ओवर में ही मैच जिता सकता है। सोचिए कि अभिषेक, संजू और ईशान आपके टॉप तीन खिलाड़ी हैं, और फिर आपके पास सूर्या, हार्दिक, तिलक, शिवम और अक्षर जैसे खिलाड़ी हैं। तो, आप इससे ज्यादा कुछ नहीं मांग सकते।”

    सैमसन की प्लेइंग इलेवन में वापसी पर विस्तार से बात करते हुए गंभीर ने कहा, “मैंने उसे जिम में यह बताया। हम दोनों साथ में ट्रेनिंग कर रहे थे। मैंने बस उसे बताया कि तुम जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलोगे, और उसने कहा, ‘आने दो।’ हमारी इस तरह की बातचीत होती है। यह हेड कोच और खिलाड़ी के रिश्ते जैसा नहीं है। यह एक ऐसा रिश्ता है जहां हमारी ज्यादातर आमने-सामने की बातें अभ्यास सत्र के दौरान होती हैं।”

    सैमसन ने प्लेइंग इलेवन में वापसी के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97, सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 89 रन की पारी खेली। इन लगातार तीन पारियों से उन्होंने भारत को चैंपियन बनाते हुए टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब जीता।