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  • भारत रोमानिया संबंधों को नई मजबूती राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट में भारतीय समुदाय की सराहना की विकसित भारत 2047 में योगदान का किया आह्वान

    भारत रोमानिया संबंधों को नई मजबूती राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट में भारतीय समुदाय की सराहना की विकसित भारत 2047 में योगदान का किया आह्वान


    नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने तीन देशों के विदेश दौरे के अंतिम चरण में रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंचीं जहां उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत और रोमानिया के संबंधों को नई ऊर्जा देने वाला संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की सबसे मजबूत नींव सरकारों के बीच सहयोग से अधिक लोगों के बीच आत्मीय संबंध हैं। राष्ट्रपति ने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी मेहनत प्रतिभा और समर्पण से न केवल रोमानिया के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं बल्कि भारत की संस्कृति और मूल्यों को भी पूरे सम्मान के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

    राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि बुखारेस्ट पहुंचने पर जिस तरह भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली उससे ऐसा महसूस हुआ मानो वह किसी विदेशी देश में नहीं बल्कि भारत के ही किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम में मौजूद हों। उन्होंने विशेष रूप से उन बच्चों और युवाओं की प्रशंसा की जिन्होंने भारतीय पारंपरिक परिधान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय समुदाय की एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण है।

    उन्होंने कहा कि आज भारतीय आईटी इंजीनियर वैज्ञानिक शोधकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञ और विद्यार्थी बड़ी संख्या में रोमानिया में अपनी पहचान बना रहे हैं। उनका ज्ञान अनुभव और पेशेवर योगदान रोमानिया की अर्थव्यवस्था और समाज को नई दिशा देने में मदद कर रहा है। साथ ही उनकी उपलब्धियां भारत की सकारात्मक छवि को भी वैश्विक स्तर पर मजबूत कर रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय वास्तव में भारत के सांस्कृतिक और सामाजिक राजदूत हैं जो दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत बनाते हैं।

    राष्ट्रपति मुर्मु ने विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत एक समृद्ध आधुनिक आत्मनिर्भर और समावेशी राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि चाहे भारतीय दुनिया के किसी भी हिस्से में रहते हों उनका अनुभव नवाचार और उपलब्धियां भारत की प्रगति को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय समुदाय भविष्य में भी भारत और रोमानिया के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम योगदान देगा।

    इस अवसर पर राष्ट्रपति ने रोमानिया की सरकार और वहां की जनता का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने भारतीय समुदाय का खुले दिल से स्वागत किया और उन्हें सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में व्यापार शिक्षा विज्ञान प्रौद्योगिकी स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान प्रदान जैसे अनेक क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगा।

    इससे पहले बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत और रोमानिया के शैक्षणिक संस्थानों के बीच संयुक्त शोध छात्र और शिक्षक आदान प्रदान तथा नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता डिजिटल तकनीक और विज्ञान के नए युग में प्रवेश कर रही है तब शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल ज्ञान देना नहीं बल्कि नैतिकता संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को भी आगे बढ़ाना है। उनके अनुसार शिक्षा ही एक न्यायपूर्ण समावेशी और प्रगतिशील समाज की सबसे मजबूत आधारशिला है।

  • न्यूजीलैंड को बताया दिलदार देश पीएम मोदी बोले रचिन सोढ़ी और एजाज पटेल जैसी प्रतिभाओं को मिला सम्मान

    न्यूजीलैंड को बताया दिलदार देश पीएम मोदी बोले रचिन सोढ़ी और एजाज पटेल जैसी प्रतिभाओं को मिला सम्मान


    नई दिल्ली। ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को नई ऊंचाई देने का संदेश दिया। उन्होंने न्यूजीलैंड को दिलदार देश बताते हुए कहा कि यह ऐसा राष्ट्र है जहां प्रतिभा की पहचान उसकी जन्मभूमि से नहीं बल्कि उसकी क्षमता से होती है। यही कारण है कि भारतीय मूल के कई खिलाड़ी आज न्यूजीलैंड की पहचान बन चुके हैं और पूरी दुनिया में अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ियों रचिन रवींद्र ईश सोढ़ी और एजाज पटेल का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि मेहनत और प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती। भारतीय मूल के इन खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड ने अवसर दिया और उन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का विश्वास भी जीता। यही भावना दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाती है।

    प्रधानमंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग एक शताब्दी पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर पहुंची थी। उस समय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने शानदार खेल से न्यूजीलैंड के लोगों का दिल जीत लिया था। उन्होंने कहा कि खेल हमेशा से दोनों देशों के बीच दोस्ती का मजबूत माध्यम रहा है और आज भी यही भावना दोनों देशों को और करीब ला रही है।

    उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड खेलों के क्षेत्र में नई साझेदारी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। प्रधानमंत्री ने हाल ही में आयोजित न्यूजीलैंड रग्बी और भारत रग्बी के संयुक्त कोचिंग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए इसे सकारात्मक शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि भारत में रग्बी को आगे बढ़ाने के लिए अनुभवी कोच विशेषज्ञ और तकनीकी सहयोग की आवश्यकता है और न्यूजीलैंड इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

    प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय रग्बी टीम ऑल ब्लैक्स की हालिया जीत पर भी बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच खेल प्रशिक्षण खिलाड़ियों के आदान प्रदान और आधुनिक तकनीक के उपयोग से भविष्य में कई नए अवसर पैदा होंगे।

    उन्होंने अपने दौरे के दौरान स्पोर्ट्स स्टार्टअप कार्यक्रम में शामिल होने का अनुभव भी साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां प्रस्तुत किए गए नए विचार आधुनिक तकनीक और नवाचार ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। उनका मानना है कि खेल तकनीक डेटा एनालिटिक्स स्पोर्ट्स साइंस और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में भारत और न्यूजीलैंड मिलकर वैश्विक स्तर पर नई मिसाल कायम कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में न्यूजीलैंड जैसे अनुभवी देश के साथ सहयोग दोनों देशों के खिलाड़ियों युवाओं और खेल संस्थानों के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं रहेगा बल्कि दोनों देशों के बीच मित्रता नवाचार और आर्थिक सहयोग का भी मजबूत आधार बनेगा।

    प्रधानमंत्री के संबोधन ने भारतीय समुदाय में उत्साह का माहौल पैदा किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं बल्कि खेल संस्कृति नवाचार और मानवीय मूल्यों के साझा विश्वास पर भी आधारित हैं। यही साझेदारी आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाएगी।

  • सेशेल्स में पीएम मोदी के स्वागत को लेकर भारतीय समुदाय उत्साहित, बोले- ऐतिहासिक होगा यह दौरा

    सेशेल्स में पीएम मोदी के स्वागत को लेकर भारतीय समुदाय उत्साहित, बोले- ऐतिहासिक होगा यह दौरा


    नई दिल्ली/विक्टोरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय सेशेल्स दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले ही प्रवासी भारतीयों ने भव्य स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। भारतीय समुदाय का मानना है कि यह दौरा केवल कूटनीतिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि भारत और सेशेल्स के बीच सांस्कृतिक तथा सामाजिक रिश्तों को भी नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा।

    आईएएनएस से बातचीत में सेशेल्स में पिछले 15 वर्षों से रह रहे प्रवासी भारतीय भरत ईरानी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय ने विशेष तैयारियां की हैं। उन्होंने कहा कि कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जा सके। उनके अनुसार पूरे भारतीय समुदाय में उत्साह का माहौल है और इस खुशी को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है।

    एक अन्य प्रवासी भारतीय ने बताया कि वह वर्ष 2019 से सेशेल्स में रह रहे हैं और पहली बार उन्हें किसी भारतीय प्रधानमंत्री के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद गौरव और सम्मान का क्षण है। उनका विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के बाद भारत और सेशेल्स के संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।

    भारतीय मूल के एक अन्य नागरिक ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उन्हें विदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और उनका स्वागत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे अपने जीवन का यादगार पल बताया और कहा कि यह दौरा भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है।

    उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2016 से सेशेल्स में रह रहे हैं और यहां के लोग भारतीय समुदाय का पूरा सम्मान करते हैं। स्थानीय समाज भारतीय संस्कृति और परंपराओं को अपनाने का भी प्रयास करता है, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच आत्मीयता और विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

    प्रवासी भारतीयों ने भारत और सेशेल्स के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू करने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने से पर्यटन, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क को नई गति मिलेगी। इससे दोनों देशों के आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।

    भारतीय समुदाय का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के नेतृत्व के बीच पहले से ही मजबूत संबंध हैं। सेशेल्स के राष्ट्रपति भी भारत का दौरा कर चुके हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देने के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को भी और मजबूत करेगी।

    प्रवासी भारतीयों ने उम्मीद जताई कि यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। उनका कहना है कि दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंध इस यात्रा के बाद और अधिक प्रगाढ़ होंगे तथा भारतीय समुदाय को भी इससे नई पहचान और सम्मान मिलेगा।