Tag: Indian domestic cricket

  • इंदौर में रणजी मुकाबले का रोमांच शुरू, बिहार के 2 विकेट जल्दी गिरे, रजत पाटीदार की पिछली पारी पर भी नजर

    इंदौर में रणजी मुकाबले का रोमांच शुरू, बिहार के 2 विकेट जल्दी गिरे, रजत पाटीदार की पिछली पारी पर भी नजर


    इंदौर । इंदौर के होलकर स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप ए मुकाबले में मध्य प्रदेश और बिहार की टीमें आमने-सामने हैं। मुकाबले की शुरुआत बिहार के लिए मुश्किल रही। पहले बल्लेबाजी करने उतरी बिहार की टीम ने पहले ही ओवर में महज एक रन के स्कोर पर अपने दो विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों के बाद टीम ने पारी को संभालने की कोशिश की और शुरुआती 10 ओवर में स्कोर 36 रन तक पहुंचाया। घरेलू मैदान पर खेल रही मध्य प्रदेश की टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

    शुरुआती ओवर में बिहार को दो बड़े झटके

    मैच की शुरुआत में मध्य प्रदेश के गेंदबाजों ने बिहार के बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। पहले ही ओवर में एक रन के स्कोर पर दो विकेट गिरने से बिहार की टीम बैकफुट पर आ गई। शुरुआती विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजों के सामने पारी को संभालने और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की चुनौती रही। शुरुआती 10 ओवर के बाद बिहार का स्कोर 36 रन था। मुकाबले में आगे टीम कितनी मजबूती से वापसी करती है यह उसकी बल्लेबाजी और मध्य प्रदेश की गेंदबाजी पर निर्भर करेगा।

    मध्य प्रदेश को पहली जीत की तलाश

    मध्य प्रदेश की टीम इस रणजी सत्र में अब तक अपने शुरुआती दोनों मुकाबले ड्रॉ खेल चुकी है। जम्मू-कश्मीर के खिलाफ पहला मैच बराबरी पर समाप्त हुआ था। वहीं पुडुचेरी के खिलाफ मुकाबले में पहली पारी में बढ़त के आधार पर मध्य प्रदेश को अंक मिले थे। टीम अब अपने घरेलू मैदान पर जीत हासिल करने के इरादे से उतरी है। बिहार के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन मध्य प्रदेश के लिए अंक तालिका में अपनी स्थिति बेहतर करने का अवसर हो सकता है।

    पिछले मैच में रजत पाटीदार का शतक

    मध्य प्रदेश के पिछले मुकाबले में बल्लेबाज रजत पाटीदार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 122 रन की शतकीय पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। चंचल राठौर ने भी 78 रन बनाकर योगदान दिया था। दोनों बल्लेबाजों की पारियों की मदद से मध्य प्रदेश ने पहली पारी में 345 रन बनाए थे। इससे पहले टीम के गेंदबाजों ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए पुडुचेरी की पहली पारी 177 रन पर समेट दी थी। अब बिहार के खिलाफ भी मध्य प्रदेश को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

    बिहार के सामने पहली जीत दर्ज करने की चुनौती

    बिहार की टीम अपने शुरुआती दोनों मुकाबले हार चुकी है और अंक तालिका में आठवें स्थान पर बताई गई है। ऐसे में इंदौर का यह मुकाबला उसके लिए वापसी का अवसर है। शुरुआती झटकों के बाद टीम को संभलकर बल्लेबाजी करनी होगी ताकि वह मध्य प्रदेश के सामने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर सके। दूसरी ओर मध्य प्रदेश की नजर बिहार को कम स्कोर पर रोककर मैच में बढ़त बनाने पर होगी।

    होलकर स्टेडियम में जारी यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश जहां जीत के जरिए अपने अभियान को मजबूती देना चाहेगा वहीं बिहार की कोशिश हार के सिलसिले को तोड़कर पहली जीत दर्ज करने की होगी। शुरुआती ओवरों में मिले विकेटों ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अब आगे का खेल तय करेगा कि बिहार वापसी कर पाता है या मध्य प्रदेश घरेलू मैदान पर जीत की ओर कदम बढ़ाता है।

  • रणजी ट्रॉफी 2026-27 में सितारों का शानदार आगाज, जडेजा-रिंकू के शतक से चमका बल्ला, प्रेरक मांकड़ ने भी खेली 129 रन की पारी

    रणजी ट्रॉफी 2026-27 में सितारों का शानदार आगाज, जडेजा-रिंकू के शतक से चमका बल्ला, प्रेरक मांकड़ ने भी खेली 129 रन की पारी


    नई दिल्ली । रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन की शुरुआत भारतीय क्रिकेट के कई बड़े खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के साथ हुई है। सौराष्ट्र की ओर से खेलते हुए अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने छत्तीसगढ़ के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। वहीं उत्तर प्रदेश की तरफ से रिंकू सिंह ने भी बिहार के खिलाफ शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा प्रेरक मांकड़ और माधव कौशिक ने भी शानदार पारियां खेलीं। घरेलू क्रिकेट के इस मुकाबले में खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने एक बार फिर रणजी ट्रॉफी के महत्व को सामने रखा है।
    छत्तीसगढ़ के खिलाफ मुकाबले में रवींद्र जडेजा ने 209 गेंदों का सामना करते हुए 102 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके शामिल रहे। जडेजा जब क्रीज पर बल्लेबाजी करने उतरे थे तब सौराष्ट्र की टीम तीन विकेट के नुकसान पर 120 रन बनाकर खेल रही थी। ऐसे समय में टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। जडेजा ने पहले चिराग जानी के साथ चौथे विकेट के लिए 31 रन जोड़े। चिराग के आउट होने के बाद प्रेरक मांकड़ ने उनका साथ दिया और दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर सौराष्ट्र की पारी को मजबूती प्रदान की।
    जडेजा और प्रेरक मांकड़ के बीच पांचवें विकेट के लिए 205 रनों की शानदार साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने सौराष्ट्र को शुरुआती झटकों से उबारने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रेरक मांकड़ ने 150 गेंदों पर 129 रन बनाए। उनकी पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन देखने को मिला। इससे पहले चिराग जानी ने भी 83 रनों का उपयोगी योगदान दिया था। इन पारियों की मदद से सौराष्ट्र की टीम पहली पारी में 392 रन तक पहुंचने में सफल रही। जडेजा का शतक इस पारी की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।
    दूसरी ओर बिहार के खिलाफ उत्तर प्रदेश की टीम से खेलते हुए रिंकू सिंह ने भी अपने बल्ले से प्रभाव छोड़ा। रिंकू ने 168 गेंदों पर 112 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने आठ चौके और तीन छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी ने उत्तर प्रदेश की पारी को मजबूती दी। रिंकू को दूसरे छोर से माधव कौशिक का शानदार साथ मिला। दोनों के बीच 312 गेंदों में 207 रनों की बड़ी साझेदारी हुई। माधव कौशिक ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 150 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों के शतकों ने उत्तर प्रदेश के लिए इस मुकाबले में मजबूत आधार तैयार किया।
    रणजी ट्रॉफी के अन्य मुकाबलों में भी कई खिलाड़ियों ने अपनी छाप छोड़ी। बड़ौदा की ओर से खेलते हुए दीपक हुड्डा ने गोवा के खिलाफ 98 गेंदों पर 52 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके शामिल रहे। हालांकि राजस्थान की तरफ से खेलने वाले मानव सुथार बल्लेबाजी में खास प्रभाव नहीं छोड़ सके और 17 रन बनाकर आउट हो गए। हैदराबाद की ओर से खेलते हुए मोहम्मद सिराज त्रिपुरा के खिलाफ पहली पारी में कोई विकेट हासिल नहीं कर सके।
    इससे पहले रविवार को भी कुछ प्रमुख खिलाड़ियों का प्रदर्शन चर्चा में रहा था। कर्नाटक की तरफ से खेलने वाले केएल राहुल सिर्फ चार रन बनाकर आउट हो गए थे। मुंबई के लिए खेलते हुए यशस्वी जायसवाल भी खाता नहीं खोल सके थे। वहीं मोहम्मद सिराज ने दिल्ली के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए थे। रणजी ट्रॉफी में इन मुकाबलों के जरिए अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और घरेलू क्रिकेट के प्रतिभाशाली बल्लेबाजों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल रहा है। जडेजा और रिंकू सिंह के शतकों ने सीजन की शुरुआत को खास बना दिया है।

  • आईपीएल 2026: मुंबई इंडियंस में शामिल हुए युवा ऑलराउंडर कृष भगत, जानिए कौन हैं

    आईपीएल 2026: मुंबई इंडियंस में शामिल हुए युवा ऑलराउंडर कृष भगत, जानिए कौन हैं

    नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के बीच मुंबई इंडियंस ने अपनी टीम में बदलाव करते हुए युवा ऑलराउंडर कृष भगत को शामिल किया है। यह निर्णय टीम के स्पिनर अथर्व अंकोलेकर के चोटिल होकर पूरे सीजन से बाहर होने के बाद लिया गया। इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने संतुलन बनाए रखने के लिए एक युवा खिलाड़ी को स्क्वॉड में जगह दी।

    कृष भगत एक दाएं हाथ के ऑलराउंडर हैं, जो मुख्य रूप से तेज गेंदबाजी करते हैं और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं। उनकी भूमिका एक ऐसे खिलाड़ी की मानी जा रही है जो टीम को अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प देने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर रन भी बना सके।

    घरेलू क्रिकेट में कृष भगत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई है। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू करते हुए शुरुआती मैचों में गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दिया। अपनी गेंदबाजी में उन्होंने नियंत्रण और विविधता दिखाई, जबकि बल्लेबाजी में भी निचले क्रम पर उपयोगी पारियां खेलीं।

    इसके बाद उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में भी अवसर हासिल किया, जहां उन्होंने एक मैच में दबाव की स्थिति में अर्धशतक लगाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। इसके साथ ही गेंदबाजी में भी उन्होंने विकेट लेकर टीम के लिए संतुलन बनाए रखने में योगदान दिया।

    कृष भगत पिछले कुछ समय से मुंबई इंडियंस के प्रशिक्षण शिविर से जुड़े रहे हैं और लगातार ट्रायल में हिस्सा लेते रहे हैं। माना जाता है कि उनके अनुशासन, फिटनेस और लगातार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया, जिसके बाद उन्हें मुख्य टीम में शामिल किया गया।

    मुंबई इंडियंस इस सीजन में अब तक मिश्रित प्रदर्शन कर रही है। टीम को कुछ मुकाबलों में जीत मिली है, लेकिन लगातार स्थिरता की कमी रही है। ऐसे में युवा खिलाड़ियों को मौका देकर टीम भविष्य के लिए नई संभावनाएं तैयार कर रही है।

    कृष भगत का चयन इस बात का संकेत है कि टीम प्रबंधन युवा प्रतिभाओं को आगे लाने और उन्हें बड़े मंच पर अनुभव देने की रणनीति पर काम कर रहा है, जिससे टीम को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

  • बीसीसीआई ने जारी किया पुरुषों का घरेलू शेड्यूल, गुवाहाटी में होगा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी मैच

    बीसीसीआई ने जारी किया पुरुषों का घरेलू शेड्यूल, गुवाहाटी में होगा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी मैच


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 सीजन के लिए सिनियर पुरुष टीम के इंटरनेशनल घरेलू मैचों का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस सीजन में चार विदेशी टीमें वेस्टइंडीज, श्रीलंका, जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया भारत दौरे पर आएंगी और अलग-अलग फॉर्मेट में मुकाबले खेलेंगी। कुल 22 इंटरनेशनल मैच 17 शहरों में आयोजित होंगे, जिससे क्रिकेट प्रेमियों को पूरे देश में रोमांचक क्रिकेट देखने का मौका मिलेगा।

    सीजन की शुरुआत: वेस्टइंडीज दौरा

    सीजन की शुरुआत वेस्टइंडीज के भारत दौरे से होगी। 27 सितंबर से 17 अक्टूबर के बीच दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज और इसके बाद पांच मैचों की टी20 सीरीज होगी।

    वनडे मैच: तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी, न्यू चंडीगढ़
    टी20 मैच: लखनऊ, रांची, इंदौर, हैदराबाद, बेंगलुरु
    दिसंबर में श्रीलंका का दौरा

    भारत 13 से 27 दिसंबर तक श्रीलंका की मेजबानी करेगा। यह एक व्हाइट-बॉल सीरीज होगी, जिसमें तीन वनडे और तीन टी20 मुकाबले शामिल हैं।

    वनडे: दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद
    टी20: राजकोट, कटक, पुणे
    जनवरी में जिम्बाब्वे का दौरा

    नए साल की शुरुआत में जिम्बाब्वे टीम भारत दौरे पर आएगी। 3 से 9 जनवरी के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज आयोजित होगी।

    वनडे मैच: कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई
    समापन: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी

    2026-27 सीजन का समापन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के साथ होगा। यह बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज 21 जनवरी से 3 मार्च तक चलेगी।

    मैच स्थल:
    नागपुर (पहला टेस्ट)
    चेन्नई
    गुवाहाटी (बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम पहली बार टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा)
    रांची
    अहमदाबाद
    खास बातें
    गुवाहाटी का बरसापारा स्टेडियम पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा।
    बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में अक्टूबर 2024 के न्यूजीलैंड टेस्ट के बाद इंटरनेशनल मैच का अगला दौर होगा।
    इस सीजन में देशभर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांचक मुकाबलों का आयोजन किया जा रहा है।

    बीसीसीआई ने 2026-27 सीजन में पुरुष क्रिकेट का शेड्यूल जारी कर दिया है। सीजन की शुरुआत वेस्टइंडीज दौरे से होगी, दिसंबर में श्रीलंका, जनवरी में जिम्बाब्वे और समापन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से। गुवाहाटी में पहली बार टेस्ट मैच, कुल 22 इंटरनेशनल मैच और 17 शहरों में आयोजन इसे एक रोमांचक घरेलू सीजन बनाते हैं।