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  • पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर बड़ा बयान, देशभर में पर्याप्त स्टॉक मौजूद: इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन

    पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर बड़ा बयान, देशभर में पर्याप्त स्टॉक मौजूद: इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन

    नई दिल्ली ।  कंपनी के अनुसार देशभर में उसके नेटवर्क के तहत हजारों पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और केवल कुछ ही आउटलेट्स पर अस्थायी बाधा देखी गई है। Indian Oil Corporation ने यह भी कहा कि वह लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जहां भी समस्या सामने आ रही है, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    जानकारी के मुताबिक हाल के दिनों में कुछ इलाकों में डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसका प्रमुख कारण कृषि क्षेत्र में फसल कटाई का मौसम बताया जा रहा है। इसके साथ ही कुछ निजी पेट्रोल पंपों पर कीमतें अधिक होने के कारण उपभोक्ता सरकारी पंपों की ओर अधिक संख्या में जा रहे हैं, जिससे कुछ स्थानों पर अस्थायी दबाव की स्थिति बन गई है। इसके अलावा संस्थागत खरीद में वृद्धि ने भी कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाला है।

    कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी तरह की राष्ट्रीय स्तर की कमी की स्थिति नहीं है। मौजूदा चुनौतियां केवल वितरण और मांग के स्थानीय बदलाव से जुड़ी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए तेल विपणन कंपनियां लगातार सक्रिय हैं।

    इसी बीच वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कुछ अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि Indian Oil Corporation ने यह भरोसा दिलाया है कि वह देशभर में निर्बाध ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    कुल मिलाकर कंपनी का संदेश साफ है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सप्लाई व्यवस्था मजबूत और स्थिर बनी हुई है।

  • हॉर्मुज संकट के बीच भारत की बड़ी कामयाबी: 45 हजार टन LPG लेकर ‘सर्व शक्ति’ ने तोड़ी नाकेबंदी

    हॉर्मुज संकट के बीच भारत की बड़ी कामयाबी: 45 हजार टन LPG लेकर ‘सर्व शक्ति’ ने तोड़ी नाकेबंदी


    नई दिल्ली। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और नाकेबंदी के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिका-ईरान तनातनी के कारण जहां इस अहम समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो चुकी है, वहीं भारत से जुड़ा एलपीजी टैंकर ‘सर्व शक्ति’ सफलतापूर्वक इस खतरनाक मार्ग को पार कर आगे बढ़ गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर संकट गहराता जा रहा है और भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए हर शिपमेंट बेहद अहम बन चुका है।

    मरीन ट्रैफिक डेटा के मुताबिक करीब 45 हजार टन एलपीजी लेकर चल रहा यह टैंकर ईरान के लारक और क़ेश्म द्वीप के पास से तय मार्ग का पालन करते हुए ओमान की खाड़ी में दाखिल हुआ। जहाज पर 18 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद हैं और यह विशाखापत्तनम की ओर बढ़ रहा है। इस पूरे ऑपरेशन को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि अमेरिकी नाकेबंदी के बाद यह भारत से जुड़ा पहला बड़ा एलपीजी टैंकर है जिसने हॉर्मुज का रास्ता पार किया है।

    इस कार्गो को सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने खरीदा है, हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि इस शिपमेंट का सुरक्षित पहुंचना भारत के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता है, क्योंकि मिडिल ईस्ट से सप्लाई बाधित होने के कारण देश में एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बना हुआ है।

    दरअसल, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता है। ऐसे में हॉर्मुज जैसे संवेदनशील मार्ग पर रुकावट का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। हाल के दिनों में सप्लाई में कमी के चलते कई जगहों पर घबराहट, लंबी कतारें और सीमित वितरण जैसी स्थिति देखने को मिली। यही वजह है कि सरकार ने एलपीजी टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर ईरान से बातचीत तेज की और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी शुरू कीं।

    बताया जा रहा है कि भारत अब तक इस संकट के बीच कम से कम आठ एलपीजी जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफल रहा है। साथ ही घरेलू उत्पादन को भी तेजी से बढ़ाया गया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के मुताबिक देश में उत्पादन बढ़ाकर करीब 54 हजार टन प्रतिदिन कर दिया गया है, जबकि खपत को संतुलित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

    हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना तकनीकी रूप से भी चुनौतीपूर्ण होता है। सामान्य हालात में यह सफर 10 से 14 घंटे का होता है, लेकिन मौजूदा तनाव के बीच इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप, लोकेशन गड़बड़ी और सुरक्षा जोखिमों के कारण यह और जटिल हो गया है। कई जहाज ट्रैकिंग से बचने के लिए अपने ट्रांसपोंडर तक बंद कर देते हैं।

    इन सभी चुनौतियों के बीच ‘सर्व शक्ति’ का सुरक्षित पारगमन न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए राहत भरी खबर है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संकट के दौर में कूटनीति, रणनीति और लॉजिस्टिक्स के दम पर देश अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम है। आने वाले दिनों में हॉर्मुज की स्थिति कैसी रहती है, इस पर भारत की ऊर्जा आपूर्ति और बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

  • Indian Oil ने लॉन्च किया इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम…. गैस-बिजली के बगैर बनेगा खाना

    Indian Oil ने लॉन्च किया इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम…. गैस-बिजली के बगैर बनेगा खाना


    नई दिल्ली।
    बढ़ती एलपीजी कीमतें (Rising LPG prices) और कई जगहों पर सप्लाई की दिक्कतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हर महीने महंगा होता सिलेंडर (Cylinder Expensive) अब घर के बजट पर भारी पड़ रहा है। ऐसे समय में लोग ऐसे ऑप्शन तलाश रहे हैं जो सस्ते हों, भरोसेमंद हों और लंबे समय तक राहत दे सकें। Indian Oil ने एक ऐसा समाधान पेश किया है जो LPG संकट के बीच बड़ा समाधान बनकर सामने आया है। कंपनी ने ‘Surya Nutan’ नाम का इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम (Solar Cooking System ) लॉन्च किया है, जिस पर बिना LPG, PNG गैस और यहां तक कि बिना बिजली के भी खाना बनाया जा सकता है। यह सिस्टम सूरज की रोशनी से चलता है। खास बात यह है कि एक बार लगाने के बाद यह लंबे समय तक आपका खर्च कम कर सकता है। अगर आप इस कुकिंग सिस्‍टम को बुकिंग कराना चाहते हैं तो यहां हम आपको इसे बुक करने का प्रोसेस कीमत आगे बता रहे हैं।


    ‘Surya Nutan’ सोलर कुकिंग सिस्टम क्या है?

    ‘Surya Nutan’ एक इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम है जिसे घर के अंदर इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें आपको चूल्हा बाहर धूप में रखने की जरूरत नहीं होती। यह सिस्टम पूरी तरह से किचन से जुड़ा रहता है और सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करके खाना बनाता है। इसे Indian Oil Corporation के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर ने तैयार किया है, जिससे साफ है कि यह एक मेड-इन-इंडिया टेक्नोलॉजी है।


    ऐसे काम करता है यह सोलर चूल्हा

    इस सिस्टम में घर की छत पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं, जो सूरज की रोशनी को एनर्जी में बदलते हैं। यह एनर्जी एक केबल के जरिए सीधे किचन में लगे कुकटॉप तक पहुंचती है। खास बात यह है कि इसमें “हाइब्रिड सिस्टम” दिया गया है, यानी यह सोलर के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर दूसरी एनर्जी से भी चल सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर धूप नहीं है या बारिश हो रही है, तब भी आप बिना परेशानी खाना बना सकते हैं।


    Surya Nutan की कीमत

    इस सोलर कुकिंग सिस्टम को तीन अलग-अलग मॉडल्स में पेश किया है, ताकि लोग अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से चुन सकें। इसकी शुरुआती कीमत करीब 12,000 रुपये रखी गई है, जबकि इसका टॉप या प्रीमियम मॉडल लगभग 23,000 रुपये तक जाता है। खास बात यह है कि प्रीमियम वेरिएंट इतना पावरफुल है कि यह एक आम 4 लोगों के परिवार के पूरे दिन का खाना आराम से बना सकता है।


    ऐसे करें सोलर चूल्हे के लिए अप्लाई

    अगर आप इस सोलर कुकिंग सिस्टम को खरीदने की सोच रहे हैं, तो इसकी प्री-बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है। इसके लिए आपको Indian Oil Corporation की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, ईमेल और परिवार में कितने लोग हैं जैसी जरूरी जानकारी भरनी होगी। इसके अलावा, आपको अपनी जरूरत के हिसाब से सिंगल या डबल बर्नर का ऑप्शन भी चुनना होगा। सारी डिटेल भरने के बाद फॉर्म सबमिट करना होता है, जिसके जरिए आपकी प्री-बुकिंग दर्ज हो जाती है।


    हर मौसम में करेगा काम

    लोगों को अक्सर लगता है कि सोलर कुकिंग सिर्फ धूप में ही काम करती है, लेकिन ‘Surya Nutan’ के साथ ऐसा नहीं है। यह सिस्टम ऐसी टेक्नोलॉजी के साथ आता है जो कम धूप या बारिश के समय भी काम कर सकता है। यानी आपको मौसम की चिंता करने की जरूरत नहीं है।