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  • दिल्ली में राजनीतिक घमासान: केजरीवाल के ट्वीट पर कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिरसा ने जताई आपत्ति

    दिल्ली में राजनीतिक घमासान: केजरीवाल के ट्वीट पर कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिरसा ने जताई आपत्ति


    नई दिल्ली में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, नेपाल के पूर्व प्रधान मंत्री और गृह मंत्री अपने पुराने कुकर्मों की वजह से गिरफ्तार।

    केजरीवाल के इस बयान के कुछ ही देर बाद दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने जवाब दिया, दिल्ली का भी पूर्व मुख्यमंत्री अपने कुकर्मों की वजह से जेल गया था, फिर जाएगा।

    इसी बीच, दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली का भी पूर्व मुख्यमंत्री, एक उपमुख्यमंत्री और उनके मंत्री दिल्ली को लूटने के इल्जाम के चलते जेल गए थे और अब सजा भी होगी।

    मनजिंदर सिंह सिरसा के इस बयान का संदर्भ उनके उस पिछले बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने कहा था कि आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल ने ‘अंडर द टेबल’ खूब पैसे कमाए। सिरसा ने आरोप लगाया कि पहले दिल्ली सरकार शराब पर एक्साइज लेती थी, लेकिन आप नेताओं ने ‘बाय वन गेट वन फ्री’ जैसे ऑफर्स के जरिए मुनाफा अपनी जेब में डाला।

    सिरसा ने आगे कहा, दिल्ली की जनता की खून-पसीने की कमाई को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने अपने करीबियों की जेब भरने में बर्बाद कर दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या यह पैसा उनकी बपौती थी? दिल्लीवासियों की गाढ़ी कमाई को इस तरह लुटाने का हक इन्हें किसने दिया?

    इस बयानबाजी ने दिल्ली की राजनीतिक गर्मी को और बढ़ा दिया है और दोनों दलों के बीच सोशल मीडिया और जनसभाओं में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

  • UGC बिल पर नीतीश कुमार की JDU ने साफ किया रुख, 'समाज के किसी तबके में…'

    UGC बिल पर नीतीश कुमार की JDU ने साफ किया रुख, 'समाज के किसी तबके में…'


    नई दिल्ली । यूजीसी बिल 2026 पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू का रुख सामने आया है. पार्टी के प्रवक्ता और एमलसी नीरज कुमार ने कहा कि डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने इस देश के अंदर संविधान बनाया है. संविधान में सबको अपनी बात कहने का अधिकार है. ऐसी स्थिति में समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न्याय के साथ सबका विकास और सबका सम्मान के रोल मॉडल हैं. यूजीसी का जो नया रेगुलेशन आया है, उस संबंध में तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं. अब इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. न्यायपालिका का सम्मान तो सब करते हैं तो अब न्यायपालिका का फैसला ही सबके लिए महत्वपूर्ण होगा.

    यूजीसी की नई गाइडलाइंस का क्यों हो रहा है विरोध

    इसी महीने लागू हुआ है OBC वर्ग को जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल किया गया झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर जुर्माना या निलंबन जैसे प्रावधान हटे सामान्य वर्ग के मुताबिक, कानून का दुरुपयोग उन्हें निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है दावा है कि गलत शिकायत दर्ज कराने वाले को किसी दंड का डर नहीं होगा

    सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

    यूजीसी की नई गाडलाइंस ने यूपी का सियासी पारा बढ़ा दिया है. बीजेपी के कई पदाधिकारियों ने इसको लेकर इस्तीफा तक दे दिया. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया कि जाति आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई गई है और संस्थागत सुरक्षा से कुछ श्रेणियों को बाहर कर दिया गया है.

    कोर्ट से रोक लगाने की मांग

    सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि इसके मौजूदा स्वरूप में लागू करने से रोका जाए और जाति-आधारित भेदभाव को ‘जाति-तटस्थ और संविधान अनुरूप’ तरीके से फिर से परिभाषित किया जाए. इसमें कहा गया है जाति के आधार पर भेदभाव को इस तरह से परिभाषित किया जाना चाहिए कि जाति के आधार पर भेदभाव का शिकार होने वाले सभी लोगों को सुरक्षा मिले चाहे उनकी जाति की पहचान कुछ भी हो याचिका में केंद्र सरकार और यूजीसी को अंतरिम निर्देश देने की मांग की गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन नियमों के तहत बनाए गए ‘समान अवसर केंद्र’ और ‘समानता हेल्पलाइन आदि को बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध कराया जाए.

  • मुंबई में टूटेगी बीजेपी-अजित पवार की दोस्ती नवाब मलिक को हटाने के मूड में नहीं एनसीपी खतरे में गठबंधन

    मुंबई में टूटेगी बीजेपी-अजित पवार की दोस्ती नवाब मलिक को हटाने के मूड में नहीं एनसीपी खतरे में गठबंधन

    नई दिल्ली । मुंबई बीएमसी चुनावों में महाविकास आघाड़ी की एकता टूटने के बाद सत्तारूढ़ महायुति के घटक दलों की यूनिटी बिखर सकती है। बीजेपी मुंबई में नवाब मलिक को एनसीपी का चेहरा बनाए जाने से खफा है। इसके कारण अभी तक सीट शेयरिंग में बीजेपी और शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के बीच सीटों की चर्चा सामने आई है। नवाब मलिक को लेकर महायुति में आए तनाव के बीच एनसीपी ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है। एनसीसी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे का कहना है कि पार्टी के अंदर चुनाव प्रभारी के तौर पर किसे नियुक्त किया जाना चाहिए यह तय करना पूरी तरह से एनसीपीका अधिकार है। पार्टी ने नवाब मलिक को प्रभारी बनाया है।

    अपने फैसले NCP ही लेगी तटकरे
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP के अजीत पवार गुट ने अपने महायुति सहयोगी BJP के कड़े विरोध के बावजूद पूर्व मंत्री नवाब मलिक को पार्टी का मुंबई चुनाव प्रभारी नियुक्त करने पर अपना रुख कायम रखा है। NCP के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने यह साफ कर दिया कि पार्टी के अंदरूनी नियुक्तियों से जुड़े फैसले पूरी तरह से एनसीपी ही लेगी। शुरू से ही बीजेपी मलिक की नियुक्ति का विरोध कर रही है यह आरोप लगाते हुए कि वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ी संपत्ति की खरीद से जुड़े हैं। बीजेपी नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि अगर मलिक को चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी दी जाती है तो वे मुंबई में NCP के साथ गठबंधन करने में सहज नहीं होंगे।
    तटकरे-शेलार की चल रही है बातचीत
    तटकरे ने कहा कि मलिक पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें मुंबई में चुनाव रणनीतियां बनाने में मदद करने के लिए एक खास संगठनात्मक काम सौंपा गया है। हालांकि उन्होंने कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से गठबंधन के संबंध में पूर्व मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार से बात कर रहे हैं और मलिक इन बातचीत में शामिल नहीं हैं। तटकरे ने कहा कि संगठन के अंदर चुनाव प्रभारी के तौर पर किसे नियुक्त किया जाना चाहिए। 2017 के बीएमसी चुनावों में एकीकृत एनसीसी को 09 सीटों पर जीत मिली थी। मनसे को 7 और एआईएमआईएम को दो सीटें हासिल हुई थीं। बीजेपी 84 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थीं। एकीकृत शिवसेना को 82 और कांग्रेस को 31 सीटें मिली थीं।
    दो दिन में साफ होगी तस्वीर
    तटकरे का कहना है कि मुंबई को छोड़कर बाकी नगर पालिकाओं में गठबंधन पर अगले दो दिनों के भीतर स्पष्टता आने की उम्मीद है। नवाब मलिक के अलावा बीजेपी और एनसीपी के बीच पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगमों को लेकर भी पेच फंसा है। यहां बीजेपी के विपक्ष में एनसीपी है। अजित पवार की पार्टी NCP शरद पवार के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों पर पर काम कर रही है। वरिष्ठ नेता अंकुश काकडे ने दावा किया कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक के बाद दोनों गुट पुणे में संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गए हैं। यह बातचीत अभी भी जारी है। पुणे-पिंपरी चिंचवड़ से ज्यादा बड़ा मुद्दा नवाब मलिक है। विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने नवाब मलिक से दूरी बनाए रखी थी। मलिक अबु आजमी के साथ मानखुर्द-शिवाजी नगर सीट से हार गए थे। बीजेपी ने अजित पवार के महायुति में होने के बाद भी मलिक का समर्थन नहीं किया था। इस सीट पर शिंदे ने अपना कैंडिडेट भी खड़ा रखा था।