Tag: Indian stock market crash

  • मध्य पूर्व तनाव का असर: वित्त वर्ष के आखिरी सत्र में सेंसेक्स 1,635 अंक लुढ़का

    मध्य पूर्व तनाव का असर: वित्त वर्ष के आखिरी सत्र में सेंसेक्स 1,635 अंक लुढ़का


    नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष (2025-26) के आखिरी कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,947.55 और निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,331.40 पर था।

    बाजार में चौतरफा गिरावट देखी गई। करीब सभी सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक (4.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (3.49 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.37 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (2.84 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (2.80 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (2.72 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ( 2.58 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (2.50 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (2.39 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

    लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,447.80 अंक या 2.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 52,650 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 416.20 अंक या 2.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,203.80 पर था।सेंसेक्स पैक में 30 में केवल दो शेयर हरे निशान में बंद हुए।

    बजाज फाइनेंस, एसबीआई, इंडिगो, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा और एशियन पेंट्स लूजर्स थे। केवल टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड ही हरे निशान में बंद हुए।

    शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप करीब 10 लाख करोड़ रुपए कम होकर 412 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि शुक्रवार को 422 लाख करोड़ रुपए था।

    बाजार में गिरावट की वजह मध्य पूर्व में तनाव का बढ़ना है, जिसके समाप्त होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। इससे बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोरी हुई है।

    एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि वित्त वर्ष 26 के आखिरी दिन बाजार की शुरुआत गैप डाउन के साथ हुई है और हालांकि, बाद में हल्की रिकवरी हुई, लेकिन ऊपरी स्तर से लगातार बिकवाली ने बाजार में गिरावट को बढ़ावा दिया। इससे दिन के अंत में निफ्टी 2.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

    उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए सपोर्ट 22,200 से लेकर 22,150 के आसपास है और अगर यहां से गिरावट बढ़ती है तो निफ्टी 22,000 और फिर 21,800 तक जा सकता है। हालांकि, 22,450-22,500 रुकावट का स्तर है।

  • शेयर बाजार में मची हड़कंप: सेंसेक्स 1,200 अंक टूटा, जानिए गिरावट के बड़े कारण

    शेयर बाजार में मची हड़कंप: सेंसेक्स 1,200 अंक टूटा, जानिए गिरावट के बड़े कारण


    नई दिल्ली सप्ताह के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स करीब 1200 अंक टूटकर 72,326 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 350 अंक के करीब 22,453 के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट का असर सिर्फ बड़े स्टॉक तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक में भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।

    कुछ ही घंटों में 6 लाख करोड़ का नुकसान

    इस भारी गिरावट के साथ उद्यम की संपत्ति में बड़ी गिरावट आई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण कुछ ही घंटों में 422 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 416 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी उद्यम को लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे बाजार में अशांति का माहौल बन गया।

    अमेरिका-ईरान तनाव बना सबसे बड़ा कारण

    इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के समुद्र तटों पर भारी तनाव है। यह भू-राजनीतिक संकट अब कई ऐतिहासिक से जारी है और इसके समाप्त होने को लेकर अस्तित्व में है। इस तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में भी दबाव देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।

    कच्चे तेल की उथल-पुथल

    दूसरा बड़ा कारण कच्चे तेल की जिले में तेजी। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति शेयर के पार पहुंच गया है, जिससे भारत जैसे बड़े प्रतिष्ठित देश की चिंता बढ़ गई है। महंगे तेल देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव है और इससे बाजार की धारणा खराब होती है।

    हल्दी उद्योग से व्यापारी डरे

    बाजार में डर और असमानता का मॉडल इंडिया VIX लगाया जा सकता है, जो 5 फीसदी से ज्यादा उछाल 28 के पार पहुंच गया। आम तौर पर 12-15 का स्तर सामान्य माना जाता है, लेकिन इससे ऊपर जाने का मतलब यह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव काफी बढ़ गया है और निवेशक आकर्षित हो गए हैं।

    विदेशी व्यापारियों की लगातार बिक्री

    विदेशी व्यापारियों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ रही है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च में बड़ी पूंजी बाजार में धूम मचा दी, जिससे बाजार में अस्थिरता कम हो गई और दबाव बढ़ गया।

    एफ एंड ओ एक्सपायरी से बढ़िया हलचल

    इसके अलावा फ्यूचर्स और ऑप्शंस क्लैन्सल की एक्सपायरी भी बाजार में उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण बनी। एक्सपायरी के समय व्यापारी अपने पोर्टफोलियो को एडजस्ट करते हैं, जिससे बाजार में तेज गति से देखने को मिलता है।

  • बाजार में बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स में करीब 1,000 अंक की बड़ी गिरावट

    बाजार में बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स में करीब 1,000 अंक की बड़ी गिरावट


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार के दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली। दोपहर करीब 12 बजे BSE Sensex 987 अंक यानी 1.26% टूटकर 77,218 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 275 अंक यानी 1.13% की गिरावट के साथ 23,986 पर कारोबार करता दिखा।

    बैंकिंग शेयरों ने बढ़ाया दबाव
    आज की गिरावट में बैंकिंग शेयरों की बड़ी भूमिका रही। Nifty Bank करीब 1.6% गिरकर 56,044 के स्तर पर पहुंच गया।

    इसके अलावा ऑटो, प्राइवेट बैंक, फाइनेंशियल सर्विस, सर्विसेज, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, रियल्टी, डिफेंस, आईटी और इंफ्रा सेक्टर के शेयर भी दबाव में कारोबार कर रहे थे। हालांकि फार्मा, एनर्जी, मीडिया, मेटल, हेल्थकेयर और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली।

    विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव
    बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली मानी जा रही है।

    मंगलवार को Foreign Institutional Investors (FII) ने करीब 4,673 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। वहीं Domestic Institutional Investors (DII) ने करीब 6,333 करोड़ रुपये का निवेश किया। हालांकि घरेलू निवेशकों की खरीदारी के बावजूद विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर बाजार पर साफ दिख रहा है।

    वैश्विक तनाव भी बना बड़ी वजह
    वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ा है। हाल ही में United States और Iran के बीच बढ़ते टकराव और Israel की ओर से ईरान पर हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। इस तनाव के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान कम हुआ है, जिससे शेयर बाजार में दबाव बना हुआ है।

    बाजार में बढ़ी अस्थिरता
    बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला India VIX करीब 8.73% बढ़कर 20.55 पर पहुंच गया है। आमतौर पर जब वोलैटिलिटी इंडेक्स बढ़ता है तो बाजार में अस्थिरता बढ़ती है और गिरावट देखने को मिल सकती है।

    सपाट शुरुआत के बाद आई तेज गिरावट
    बुधवार को बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही थी।

    BSE Sensex 33 अंक की हल्की बढ़त के साथ 78,238 पर खुला था।

    Nifty 50 30 अंक की मामूली गिरावट के साथ 24,231 पर खुला था।

    लेकिन कारोबार बढ़ने के साथ बिकवाली तेज हो गई और बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।