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  • दीप्ति शर्मा की कहानी: भक्ति से ताकत और क्रिकेट में कमाल, विश्व कप फाइनल में ऑलराउंड प्रदर्शन से रचा इतिहास

    दीप्ति शर्मा की कहानी: भक्ति से ताकत और क्रिकेट में कमाल, विश्व कप फाइनल में ऑलराउंड प्रदर्शन से रचा इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सफलता की कहानी जब भी लिखी जाएगी तो उसमें दीप्ति शर्मा का नाम बेहद खास अंदाज में दर्ज होगा। गेंद और बल्ले दोनों से टीम के लिए मैच का रुख बदलने वाली दीप्ति ने 2025 वनडे विश्व कप में ऐसा प्रदर्शन किया जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। खुद को बजरंगबली का भक्त बताने वाली दीप्ति मैदान पर भी अपनी टीम के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाती नजर आती हैं। 24 अगस्त 1997 को उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मी दीप्ति ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई और भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट में अपनी उपयोगिता साबित की।

    दीप्ति बाएं हाथ से बल्लेबाजी करती हैं जबकि दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करती हैं। भारतीय टीम के लिए उन्होंने 2014 में वनडे क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। इसके बाद 2016 में टी20 और 2021 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया। धीरे धीरे वह टीम इंडिया की ऐसी ऑलराउंडर बन गईं जिनसे किसी भी मुकाबले में बल्ले और गेंद दोनों से महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद रहती है। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि दबाव की परिस्थितियों में भी वह अपने प्रदर्शन का स्तर बनाए रखने में कामयाब रहती हैं।

    2025 में भारत में खेले गए वनडे विश्व कप में दीप्ति ने अपनी इसी क्षमता का शानदार उदाहरण पेश किया। टूर्नामेंट में उन्होंने नौ मुकाबलों में 215 रन बनाए और तीन अर्धशतक लगाए। गेंदबाजी में उन्होंने 22 विकेट हासिल किए और पूरे टूर्नामेंट की सबसे सफल गेंदबाज बनीं। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। हालांकि उनका सबसे यादगार प्रदर्शन विश्व कप के फाइनल में आया जहां उन्होंने भारत को चैंपियन बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

    फाइनल मुकाबले में दीप्ति ने पहले बल्ले से शानदार पारी खेली और 58 गेंदों पर 58 रन बनाए। उनकी पारी में तीन चौके और एक छक्का शामिल रहा। इसके बाद जब गेंदबाजी की बारी आई तो उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजों पर ऐसा शिकंजा कसा कि मैच का रुख भारत की ओर पूरी तरह मुड़ गया। दीप्ति ने 9.3 ओवर में 39 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को 52 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई और टीम पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम करने में सफल रही।

    दीप्ति का रिकॉर्ड सिर्फ विश्व कप तक सीमित नहीं है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने सात मैचों की 12 पारियों में 402 रन बनाए हैं और उनके नाम 25 विकेट भी हैं। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 124 मैचों की 106 पारियों में 2771 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वाधिक वनडे स्कोर 188 रन है जो भारतीय महिला क्रिकेट में एक बड़ा व्यक्तिगत रिकॉर्ड है। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। 149 मैचों में उनके नाम 1270 रन और 168 विकेट दर्ज हैं।

    दीप्ति की प्रतिभा का सम्मान सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक सीमित नहीं है। वह विमेंस प्रीमियर लीग के साथ ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग और द हंड्रेड जैसी बड़ी विदेशी लीग में भी अपना जलवा दिखा चुकी हैं। उनकी ऑलराउंड क्षमता उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट की बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल करती है। आने वाले वर्षों में भी उनसे कई बड़े प्रदर्शन और रिकॉर्ड की उम्मीद की जा सकती है।

  • “जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर

    “जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से गंवा दी। हालांकि मैच में एक समय मजबूत स्थिति में होने के बावजूद मिली हार ने टीम को निराश जरूर किया, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आगे के टूर्नामेंट को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

    मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम जीत के बेहद करीब थी, लेकिन निर्णायक मौके पर एक विकेट नहीं ले पाने की वजह से मैच हाथ से निकल गया। उन्होंने माना कि शुरुआती ओवरों में तीन विकेट लेकर भारत ने अच्छी पकड़ बनाई थी, लेकिन इंग्लैंड की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया।

    भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 180 रन बनाए थे। कप्तान हरमनप्रीत ने नाबाद 56 रन की अहम पारी खेली, जबकि यास्तिका भाटिया और दीप्ति शर्मा ने 32-32 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 38 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, जिससे भारत मजबूत स्थिति में था।

    लेकिन इसके बाद एलिस कैप्सी और हेदर नाइट के बीच 127 रनों की साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना दिया। कैप्सी ने 43 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि नाइट 70 रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।

    हार के बावजूद कप्तान ने कहा कि टीम में कई सकारात्मक पहलू हैं और यह सीरीज वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से उपयोगी रही है। उन्होंने बताया कि टीम संयोजन को लेकर काफी स्पष्टता है और आने वाले अभ्यास मैचों में कुछ नए खिलाड़ियों को आजमाया जाएगा।

    भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है, जहां टीम का लक्ष्य मजबूत वापसी करना रहेगा।

  • भारतीय महिला टीम का शानदार आगाज, इंग्लैंड पर 38 रन की जीत

    भारतीय महिला टीम का शानदार आगाज, इंग्लैंड पर 38 रन की जीत


    नई दिल्ली । चेम्सफोर्ड में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में Indian Women’s Cricket Team ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान England Women’s Cricket Team को 38 रनों से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। भारत की जीत में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला।

    टॉस और शुरुआती झटकों के बाद भारत की पारी लड़खड़ा गई थी, जब कप्तानी कर रहीं स्मृति मंधाना पहली ही गेंद पर आउट हो गईं और शेफाली वर्मा भी सस्ते में पवेलियन लौट गईं। ऐसे मुश्किल समय में जेमिमा रोड्रिग्स और यास्तिका भाटिया ने पारी को संभालते हुए भारतीय पारी को मजबूती दी। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 126 रनों की शानदार साझेदारी निभाई, जिसने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।

    यास्तिका भाटिया ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों में 54 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। वहीं जेमिमा रोड्रिग्स ने बेहतरीन संयम और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए 40 गेंदों में 69 रनों की लाजवाब पारी खेली। इस साझेदारी ने भारतीय टीम को 189 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत भी खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा। ऐलिस कैप्सी केवल 6 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि सोफिया डंकले भी 16 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। हालांकि इसके बाद हीथर नाइट और एमी जोन्स ने 64 रनों की साझेदारी कर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर इंग्लैंड को वापसी का मौका नहीं दिया।

    एमी जोन्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 48 गेंदों में 67 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। अंततः इंग्लैंड की पूरी टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर केवल 150 रन ही बना सकी।

    भारत की ओर से गेंदबाजी में नंदिनी शर्मा ने अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। उनके अलावा क्रांति गौड़ ने 2 विकेट हासिल किए, जबकि दीप्ति शर्मा और श्री चरणी को 1-1 सफलता मिली।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम ने न केवल सीरीज में बढ़त बनाई, बल्कि अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से यह भी साबित किया कि वह विदेशी सरजमीं पर भी मजबूत दावेदारी रखती है।

  • स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड चैलेंज: शुभमन गिल को पछाड़कर बन सकती हैं 2025 की सबसे बड़ी रन मशीन

    स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड चैलेंज: शुभमन गिल को पछाड़कर बन सकती हैं 2025 की सबसे बड़ी रन मशीन


    नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला आज यानी मंगलवार, 30 दिसंबर को खेला जा रहा है। यह 2025 में टीम इंडिया का अंतिम मैच भी है। मैच से पहले क्रिकेट की नजरें उप-कप्तान स्मृति मंधाना पर टिकी हुई हैं, जो इस साल के रिकॉर्ड बनाने के करीब हैं।टीम इंडिया इस मैच में 5-0 से क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी लेकिन मंधाना का ध्यान अब व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर है। 2025 में उन्होंने महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। अब उनका लक्ष्य पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों मिलाकर इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनना है। इसके लिए उन्हें पुरुष क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ना होगा।

    स्मृति मंधाना ने इस साल सभी फॉर्मेट में कुल 1,703 रन बनाए हैं। वहीं शुभमन गिल ने 2025 में 1,764 रन बनाए हैं। अगर मंधाना आज श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 62 रन बनाने में कामयाब रहती हैं, तो वह पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट मिलाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन जाएंगी।मंधाना के इस साल के परफॉर्मेंस की बात करें तो उनके अधिकांश रन वनडे फॉर्मेट में आए हैं। उन्होंने 23 वनडे मुकाबलों में 61.9 की औसत के साथ 1,362 रन बनाए, जिनमें 5 शतक शामिल हैं। इसके अलावा, टी20 फॉर्मेट में उन्होंने 9 मैचों में एक शतक के साथ 341 रन बनाए। मंधाना ने भारतीय महिला टीम को पहला वर्ल्ड कप जीताने में अहम योगदान दिया था।

    स्मृति मंधाना का अंतरराष्ट्रीय करियर भी बेहद शानदार रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 7 मैचों और 12 पारियों में 57.18 की औसत से 629 रन बनाए, जिसमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वनडे में उन्होंने 117 मैचों में 48.38 की औसत से 5,322 रन बनाए, जिसमें 14 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के दम पर वह वनडे में छठी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। T20I में उन्होंने 157 मैचों में 29.94 की औसत और 124.22 के स्ट्राइक रेट से 4,102 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं। वह T20I में दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं।

    इस मुकाबले में मंधाना का प्रदर्शन सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा। टीम इंडिया की जीत के साथ वह इतिहास रच सकती हैं। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ दोनों इस मैच और मंधाना के प्रदर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनके रन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत और पुरुष क्रिकेट के रिकॉर्ड को चुनौती देने का प्रतीक हैं।इस मुकाबले का परिणाम और मंधाना का प्रदर्शन निश्चित रूप से 2025 की क्रिकेट वर्ष की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल होगा।