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  • एशिया कप से पहले खुद को और धार दे रहीं दीप्ति शर्मा, बोलीं- द हंड्रेड से तीनों विभाग में सुधार का मौका

    एशिया कप से पहले खुद को और धार दे रहीं दीप्ति शर्मा, बोलीं- द हंड्रेड से तीनों विभाग में सुधार का मौका


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा इन दिनों इंग्लैंड में खेले जा रहे द हंड्रेड के जरिए एशिया कप की तैयारी को मजबूत करने में जुटी हैं। दीप्ति का कहना है कि वह सनराइजर्स लीड्स के साथ खेलते हुए अपने खेल के तीनों विभागों बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग पर काम कर रही हैं ताकि 28 अगस्त से दुबई में शुरू होने वाले महिला एशिया कप में पूरी तरह तैयार होकर उतर सकें। मौजूदा द हंड्रेड सीजन में दीप्ति सनराइजर्स लीड्स के लिए प्रभावी प्रदर्शन कर रही हैं और टीम के लिए उनकी गेंदबाजी खास तौर पर अहम रही है।

    दीप्ति ने कहा कि वह द हंड्रेड के हर मैच और हर अनुभव का अधिकतम फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। उनके मुताबिक इस प्रतियोगिता में खेलने से उन्हें अपनी स्किल्स को बेहतर करने का शानदार मौका मिल रहा है। उनका फोकस सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन पर नहीं बल्कि टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा योगदान देने पर भी है। दीप्ति के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके तुरंत बाद भारतीय टीम को एशिया कप जैसे बड़े मुकाबले में उतरना है।

    सनराइजर्स लीड्स के साथ अपने अनुभव को लेकर भी दीप्ति काफी उत्साहित नजर आईं। उन्होंने बताया कि टीम में चुने जाने के बाद वह बेहद खुश थीं क्योंकि ऑरेंज उनका पसंदीदा रंग है। लीड्स में घरेलू मैदान पर खेलने का अनुभव भी उनके लिए खास है। स्टेडियम में बड़ी संख्या में सनराइजर्स के प्रशंसकों की मौजूदगी उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा देती है। दीप्ति ने कहा कि टीम के खिलाड़ी एक दूसरे के योगदान की सराहना करते हैं और इसी माहौल में वे हर मुकाबले से कुछ नया सीखने की कोशिश कर रहे हैं।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने को दीप्ति सबसे बड़े गर्व के पलों में से एक मानती हैं। उनके लिए भारतीय टीम की नीली जर्सी सिर्फ खेल की पोशाक नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत त्याग और संघर्ष का परिणाम है। वह मानती हैं कि देश के लिए खेलने के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। जब उम्मीदें ज्यादा होती हैं और खिलाड़ी उन उम्मीदों पर खरा उतरने में सफल होता है तो वह पल बेहद खास बन जाता है। यही भावना उन्हें मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करती है।

    दीप्ति दबाव वाले मुकाबलों को भी चुनौती के रूप में देखती हैं। उनका मानना है कि हर मैच महत्वपूर्ण होता है और किसी एक बड़े टूर्नामेंट तक सीमित होकर तैयारी करना सही तरीका नहीं है। वह हर मुकाबले में अपना पूरा योगदान देने की कोशिश करती हैं। मुश्किल परिस्थितियों में प्रदर्शन करना उन्हें पसंद है क्योंकि ऐसे मौके खिलाड़ी को अपनी कमियों पर काम करने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर देते हैं।

    महिला एशिया कप 28 अगस्त से दुबई में शुरू होगा और भारतीय टीम के लिए यह अहम टूर्नामेंट माना जा रहा है। इसके बाद फरवरी 2027 में महिला चैंपियंस ट्रॉफी भी खेली जानी है। हालांकि दीप्ति फिलहाल भविष्य की बजाय मौजूदा चुनौती पर ध्यान देना चाहती हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि अभी उनका पूरा फोकस द हंड्रेड पर है और इस प्रतियोगिता से हासिल अनुभव को वह एशिया कप में भारत के लिए उपयोग करना चाहती हैं।

  • हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: इस साल टीम इंडिया ने जीतीं सभी ट्रॉफियां

    हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: इस साल टीम इंडिया ने जीतीं सभी ट्रॉफियां


    नई दिल्ली। भारत को बतौर कप्तान वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जिताने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महिला क्रिकेट की पहचान और लोकप्रियता में आए बदलाव को जीना ‘एक शानदार एहसास’ बताया है। कप्तान और उनकी टीम को पता था कि देश में बदलाव तभी आएगा, जब उनके नाम कोई बड़ी ट्रॉफी होगी। इसके साथ ही उन्होंने टीम इंडिया की सफलता का श्रेय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को दिया है।

    भारत ने साल 2026 में हुए दोनों आईसीसी इवेंट्स अपने नाम किए हैं। कौर ने सभी फॉर्मेट में भारत के दबदबे का श्रेय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को देते हुए कहा, “इस साल, हमने अब तक सभी ट्रॉफियां जीती हैं। यह दिखाता है कि बीसीसीआई क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को हर स्टेज पर बेहतर बनाने के लिए कितनी मेहनत कर रहा है। मुझे लगता है कि उनकी मेहनत रंग ला रही है। हमारी सभी टीमों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और सभी टीमों ने आईसीसी टाइटल जीते हैं।”

    बुधवार को नई दिल्ली के द्वारका के ओमेक्स स्टेडियम में हरमनप्रीत कौर के सम्मान में स्टैंड का नामकरण हुआ। इस दौरान हरमनप्रीत ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “जाहिर है, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हम सभी जानते थे कि जब वर्ल्ड कप जीतेंगे, तो चीजें बदल जाएंगी। इसलिए, उस बदलाव को महसूस करना और उस बदलाव को जीने का मौका मिलना एक शानदार एहसास है।”

    ओमेक्स स्टेट स्टेडियम के नॉर्थ पवेलियन सेक्शन में 1,500 से ज्यादा सीटों वाले हिस्से का नाम ‘हरमनप्रीत कौर स्टैंड’ रखने का मकसद अधिक से अधिक महिला दर्शकों को मैच देखने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह देश का पहला खास ‘पिंक स्टैंड’ भी होगा, जो 2027 के आखिर में स्टेडियम खुलने पर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

    भारतीय कप्तान ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। दुनिया में इस तरह का विचार लाना भी अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। आजकल हम लड़कियों के खेल-कूद में हिस्सा लेने के बारे में तो खूब बातें करते हैं, लेकिन हमने कभी यह नहीं सोचा कि जो लोग मैच देखने आते हैं, उनके लिए चीजें कैसी होनी चाहिए। इसलिए, उन्हें भी ध्यान में रखना और उन्हें भी उतनी ही अहमियत देना बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि लड़कियों को इस स्टैंड में आकर अपनी पसंदीदा टीम का हौसला बढ़ाते देखना बहुत शानदार होगा। यह एक बहुत अच्छी पहल है।”

    दाएं हाथ की बल्लेबाज ने महिला क्रिकेट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के महत्व पर भी जोर दिया, जिसमें स्टेडियम, रेजिडेंशियल अकादमियां और ट्रेनिंग की सुविधाएं शामिल हैं, ताकि अगली पीढ़ी की महिला क्रिकेटर्स के लिए रास्ता आसान हो सके।

    उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह उनके लिए बहुत अच्छा होगा, क्योंकि उन्हें वे मुश्किल दिन नहीं देखने पड़ेंगे। हमसे पहले हमारे सीनियर्स ने वे दिन देखे थे और हमने भी थोड़े-बहुत देखे थे। तो, अब मुझे लगता है कि ओमेक्स जैसे लोग, वे सच में इस बात का ध्यान रख रहे हैं, ताकि बच्चों के लिए एक अच्छा स्टेडियम बन सके।