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  • बल्ले और गेंद से जडेजा का ऐतिहासिक कमाल! 350 विकेट पूरे कर रचा नया रिकॉर्ड, दुनिया के चुनिंदा ऑलराउंडर्स में शामिल

    बल्ले और गेंद से जडेजा का ऐतिहासिक कमाल! 350 विकेट पूरे कर रचा नया रिकॉर्ड, दुनिया के चुनिंदा ऑलराउंडर्स में शामिल


    नई दिल्ली। रवींद्र जडेजा ने गॉल टेस्ट में अपने करियर की एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के चुनिंदा महान ऑलराउंडर्स की कतार में खड़ा कर दिया है। श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट पूरे किए और इसके साथ ही उन्होंने 4000 से ज्यादा रन तथा 350 से ज्यादा विकेट लेने का ऐतिहासिक डबल भी पूरा कर लिया। जडेजा यह कारनामा करने वाले दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं और भारत की ओर से इस खास क्लब में जगह बनाने वाले सिर्फ दूसरे क्रिकेटर हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि महान ऑलराउंडर कपिल देव ने हासिल की थी।

    जडेजा ने गॉल टेस्ट की तीसरी पारी में श्रीलंका के बल्लेबाजों को अपनी स्पिन से परेशान किया और तीन विकेट हासिल किए। उनके 350 विकेट पूरे होते ही टेस्ट क्रिकेट में उनका नाम भारत के उन गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गया जिन्होंने इस फॉर्मेट में 350 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। इससे पहले अनिल कुंबले 619 विकेट के साथ भारत के सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज हैं। रविचंद्रन अश्विन ने 537 विकेट लिए हैं जबकि कपिल देव के नाम 434 और हरभजन सिंह के नाम 417 टेस्ट विकेट हैं। अब जडेजा 351 विकेट के साथ इस प्रतिष्ठित सूची में पांचवें स्थान पर हैं।

    हालांकि जडेजा की उपलब्धि सिर्फ विकेटों तक सीमित नहीं है। टेस्ट क्रिकेट में उनके बल्ले से भी लगातार अहम योगदान देखने को मिला है। जडेजा के नाम 4000 से ज्यादा टेस्ट रन हैं और यही वजह है कि 350 से अधिक विकेट के साथ 4000 से अधिक रन का डबल उन्हें और खास बनाता है। इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दुनिया के खिलाड़ियों में कपिल देव के अलावा इंग्लैंड के इयान बॉथम और न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी भी शामिल हैं। कपिल देव ने टेस्ट में 5248 रन और 434 विकेट लिए। बॉथम के नाम 5200 रन और 383 विकेट हैं जबकि विटोरी ने 4531 रन के साथ 362 विकेट हासिल किए। अब इस क्लब में 4108 रन और 351 विकेट के आंकड़े के साथ जडेजा का नाम भी जुड़ गया है।

    जडेजा ने इस उपलब्धि के साथ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों की सूची में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। श्रीलंका के रंगना हेराथ 433 विकेट के साथ इस सूची में सबसे आगे हैं। डेनियल विटोरी के नाम 362 विकेट हैं जबकि जडेजा 351 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं। अब विटोरी को पीछे छोड़ने के लिए जडेजा को केवल 12 और विकेट की जरूरत है। अगर वह यह मुकाम हासिल कर लेते हैं तो टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे।

    जडेजा की गेंदबाजी की खासियत सिर्फ विकेटों की संख्या नहीं बल्कि उनकी विकेट लेने की क्षमता भी है। कम से कम 125 टेस्ट विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों में जडेजा का स्ट्राइक रेट 58 के आसपास है। इस मामले में दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज उनसे आगे हैं। इससे पता चलता है कि जडेजा लंबे स्पेल में दबाव बनाने के साथ जरूरत पड़ने पर तेजी से विकेट निकालने की क्षमता भी रखते हैं।

    गॉल टेस्ट में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हुई और भारत को 178 रनों की बढ़त मिली। जडेजा ने 21 ओवर में पांच मेडन डालते हुए 57 रन देकर तीन विकेट लिए। मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। उन्होंने 21.4 ओवर में एक मेडन के साथ 76 रन देकर चार विकेट हासिल किए।

    जडेजा की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह सिर्फ गेंदबाज नहीं बल्कि मैच का रुख बदलने वाले ऑलराउंडर हैं। बल्ले से उपयोगी रन बनाने के साथ गेंद से लगातार विकेट निकालना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। कपिल देव के साथ इस ऐतिहासिक क्लब में शामिल होना उनके टेस्ट करियर की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। अलग-अलग दौर और अलग-अलग गेंदबाजी शैली के बावजूद जडेजा और कपिल ने साबित किया है कि टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देने वाला ऑलराउंडर टीम के लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।

  • अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा जानिए उनके करियर की पांच सबसे यादगार उपलब्धियां

    अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा जानिए उनके करियर की पांच सबसे यादगार उपलब्धियां


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। शांत स्वभाव मजबूत तकनीक और मुश्किल परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने अपने करियर में कई ऐसी पारियां खेलीं जिन्होंने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। टेस्ट क्रिकेट में संकटमोचक की भूमिका निभाने वाले इस बल्लेबाज ने कई बार टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला और अपनी कप्तानी से भी अलग पहचान बनाई। आइए जानते हैं उनके करियर की पांच सबसे बड़ी उपलब्धियां जिन्होंने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल किया।

    साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेली गई 147 रन की पारी रहाणे के करियर की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। उस समय ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन रयान हैरिस जोश हेजलवुड और शेन वॉटसन बेहद खतरनाक लय में थे लेकिन रहाणे ने धैर्य और शानदार तकनीक का परिचय देते हुए 147 रन बनाए। विराट कोहली के साथ उनकी बड़ी साझेदारी ने भारत को हार से बचाया और मुकाबला ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई।

    इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला गया उनका शतक भी हमेशा याद रखा जाएगा। जब भारतीय टीम शुरुआती झटकों के बाद मुश्किल में थी तब रहाणे ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 103 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा और बाद में मुकाबला जीतकर लॉर्ड्स में 28 साल बाद ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह पारी उनके धैर्य और जिम्मेदारी का शानदार उदाहरण बनी।

    बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 में रहाणे की कप्तानी भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्यायों में शामिल है। एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद पूरी दुनिया ने भारतीय टीम को कमजोर माना था। विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद रहाणे ने कप्तानी संभाली और मेलबर्न टेस्ट में शतक जड़ते हुए टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। उनकी शांत कप्तानी और आत्मविश्वास ने पूरी टीम का मनोबल बढ़ाया। भारत ने बाद में सीरीज 2-1 से जीतकर इतिहास रच दिया।

    साल 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रहाणे ने टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने का अनोखा रिकॉर्ड बनाया। पहली पारी में उन्होंने 127 रन बनाए जबकि दूसरी पारी में नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेली। वह पांचवें या उससे नीचे बल्लेबाजी क्रम पर उतरकर टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन की गवाही देती है।

    रहाणे की कप्तानी का रिकॉर्ड भी बेहद शानदार रहा। उन्होंने भारत के लिए छह टेस्ट मैचों में कप्तानी की जिनमें चार मुकाबलों में जीत मिली जबकि दो मैच ड्रॉ रहे। सबसे खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम को एक भी टेस्ट मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा। शांत नेतृत्व और खिलाड़ियों पर भरोसा रखने की उनकी शैली की क्रिकेट जगत में खूब सराहना हुई।

    अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि धैर्य अनुशासन और टीम के लिए समर्पण किसी भी खिलाड़ी को महान बना सकता है। भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी उपलब्धियां प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

  • चौकों छक्कों की बारिश से चमकी स्मृति मंधाना भारत की स्टार बल्लेबाज ने द हंड्रेड में रचा नया इतिहास

    चौकों छक्कों की बारिश से चमकी स्मृति मंधाना भारत की स्टार बल्लेबाज ने द हंड्रेड में रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया की सबसे खतरनाक सलामी बल्लेबाजों में क्यों गिनी जाती हैं। द हंड्रेड 2026 टूर्नामेंट में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए मंधाना ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने न केवल उनकी टीम को रोमांचक जीत दिलाई बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज करा दिए। उनकी शानदार बल्लेबाजी ने दर्शकों को आखिरी गेंदों तक रोमांचित रखा और विरोधी टीम के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह ध्वस्त कर दी।

    सनराइजर्स लीड्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 100 गेंदों में चार विकेट के नुकसान पर 142 रन बनाए। टीम की ओर से फोएबे लिचफील्ड ने 31 रन एनाबेल सदरलैंड ने 35 रन ब्रायोनी स्मिश ने 26 रन और कप्तान डैनी गिब्सन ने नाबाद 18 रन की उपयोगी पारी खेली। लक्ष्य चुनौतीपूर्ण जरूर था लेकिन मंधाना के इरादे उससे भी बड़े थे।

    143 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान मेग लैनिंग 24 रन बनाकर आउट हो गईं और इसके बाद लगातार विकेट गिरते रहे। महज 71 रन तक टीम के पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऋचा घोष पेज शॉल्फिल्ड और मैडी विलियर्स जैसी प्रमुख बल्लेबाज भी बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। ऐसे मुश्किल समय में स्मृति मंधाना ने एक छोर संभालकर टीम को जीत की राह पर बनाए रखा।

    मंधाना ने शुरुआत से ही संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। उन्होंने केवल 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद मैच का पूरा रुख बदल दिया। जब आखिरी 25 गेंदों में टीम को 44 रन की जरूरत थी तब मंधाना ने अपने आक्रामक तेवर दिखाते हुए बड़े शॉट खेलने शुरू किए। भारतीय खिलाड़ी दीप्ति शर्मा की गेंद पर लगाया गया लंबा छक्का मुकाबले का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इसके बाद उन्हें एक जीवनदान भी मिला जिसका पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने लगातार दो छक्के जड़कर मैच समाप्त कर दिया।

    स्मृति मंधाना ने 50 गेंदों में नाबाद 88 रन बनाए जिसमें सात चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी की बदौलत मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने चार गेंद शेष रहते चार विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही और मंधाना की पारी पूरे टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में शामिल हो गई।

    इस शानदार प्रदर्शन के साथ स्मृति मंधाना ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। नाबाद 88 रन द हंड्रेड 2026 के मौजूदा सीजन का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया। इसके साथ ही यह द हंड्रेड के इतिहास में मंधाना का सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी है। इससे पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 2021 में सदर्न ब्रेव के लिए बनाया गया 78 रन था। इसके अलावा द हंड्रेड में किसी भारतीय बल्लेबाज का यह दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बन गया। इस सूची में शीर्ष स्थान पर जेमिमा रोड्रिग्स हैं जिन्होंने नाबाद 92 रन बनाए थे।

    स्मृति मंधाना की यह पारी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रही बल्कि इसने यह भी दिखाया कि दबाव की परिस्थितियों में वह अकेले दम पर मैच का परिणाम बदलने की क्षमता रखती हैं। उनकी शानदार फॉर्म भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए भी बेहद सकारात्मक संकेत है क्योंकि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में उनसे ऐसी ही दमदार पारियों की उम्मीद की जाएगी।

  • आईपीएल में तहलका मचा रहे वैभव सूर्यवंशी, मोहम्मद कैफ ने बताया भविष्य का सुपरस्टार

    आईपीएल में तहलका मचा रहे वैभव सूर्यवंशी, मोहम्मद कैफ ने बताया भविष्य का सुपरस्टार

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का जलवा लगातार चर्चा में बना हुआ है। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा ओपनर ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 36 गेंदों में शतक ठोककर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। उनकी इस पारी के बाद पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने उनकी जमकर तारीफ की और उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सुपरस्टार बताया।

    मोहम्मद कैफ ने कहा कि इतनी कम उम्र में वैभव जिस तरह के गेंदबाजों के सामने बिना किसी डर के बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह उन्हें खास बनाता है। उन्होंने याद दिलाया कि वैभव ने एक ही ओवर में चार छक्के जड़कर विपक्षी गेंदबाज को पूरी तरह दबाव में ला दिया था और पिछले मुकाबले की हार का जवाब भी मैदान पर दिया।

    कैफ के मुताबिक वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर रवैया है। उन्होंने बताया कि वह नाम या बड़े गेंदबाजों को देखकर अपनी सोच नहीं बदलते, बल्कि हर गेंद को अटैक करने के इरादे से खेलते हैं। पैट कमिंस जैसे अनुभवी गेंदबाज के सामने भी उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर अपनी मंशा साफ कर दी।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने यह भी कहा कि वैभव की लगातार दो सीजन में शतक लगाने की क्षमता और तेज स्ट्राइक रेट इस बात का सबूत है कि उनकी मानसिकता बेहद मजबूत है। उनके अनुसार वैभव गेंद की लेंथ को जल्दी समझ लेते हैं और क्रीज पर उनका संतुलन उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग करता है।

    अंत में कैफ ने कहा कि अगर वैभव इसी तरह फिट रहते हैं और अपने खेल पर फोकस बनाए रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा खिलाड़ी मिल सकता है जो लंबे समय तक टीम की रीढ़ बन सकता है।

  • रिंकू सिंह की शादी को लेकर आई बड़ी खबर, IPL 2026 के बाद प्रिया सरोज के संग लेंगे सात फेरे

    रिंकू सिंह की शादी को लेकर आई बड़ी खबर, IPL 2026 के बाद प्रिया सरोज के संग लेंगे सात फेरे


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह जल्द ही मैदान के बाहर अपनी जिंदगी की एक नई शुरुआत करने वाले हैं। उत्तर प्रदेश के जौनपुर से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज के साथ उनका विवाह अब जून 2026 में होने जा रहा है। इंटरनेशनल क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम के कारण शादी की तारीख पहले कई बार बदली, लेकिन अब परिवार ने जून की तारीख फाइनल की है। परिजनों के अनुसार, क्रिकेट सीजन खत्म होने के बाद ही शादी रखने का फैसला लिया गया, ताकि रिंकू सिंह को ज्यादा से ज्यादा समय मिल सके।

    लखनऊ में हुई थी हाई-प्रोफाइल सगाई
    रिंकू सिंह और प्रिया सरोज दोनों की सगाई 8 जून 2025 को लखनऊ में हुई थी। यह आयोजन राजनीतिक और खेल जगत के बड़े नामों की मौजूदगी के कारण सुर्खियों में रहा। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, के अलावा कई सांसद और विधायक शामिल हुए थे। सगाई के बाद पहले शादी की तारीख 18 नवंबर 2025 तय की गई थी, लेकिन व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल के चलते इसे टालना पड़ा। इसके बाद फरवरी 2026 का विकल्प सामने आया, मगर उसी दौरान T20 वर्ल्ड कप और फिर IPL का आयोजन होने के कारण योजना फिर बदलनी पड़ी।

    रिसेप्शन अलीगढ़ में संभव

    रिंकू सिंह के बड़े भाई सोनू सिंह के मुताबिक, शादी कहां होगी, इस पर अंतिम फैसला जल्द लिया जाएगा। फिलहाल लखनऊ और वाराणसी को संभावित स्थलों के तौर पर देखा जा रहा है। शादी के बाद अलीगढ़ में एक भव्य रिसेप्शन आयोजित होने की संभावना है, जिसमें राजनीति, क्रिकेट, फिल्म जगत और समाजसेवा से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियों के शामिल होने की चर्चा है।

    IPL ने बदली किस्मत

    रिंकू सिंह को देशभर में पहचान IPL 2023 के दौरान मिली, जब उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ यश दयाल की गेंदों पर लगातार पांच छक्के जड़कर सनसनी मचाई थी। इसके बाद वह टीम इंडिया में जगह बनाने में कामयाब रहे। अब क्रिकेट के इस चमकते सितारे और राजनीति से जुड़े परिवार के इस रिश्ते पर फैंस और सियासी गलियारों दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।

  • BCCI ने बढ़ाई क्रिकेटरों की सैलरी घरेलू महिला खिलाड़ी और मैच अधिकारियों को मिलेगा बड़ा फायदा

    BCCI ने बढ़ाई क्रिकेटरों की सैलरी घरेलू महिला खिलाड़ी और मैच अधिकारियों को मिलेगा बड़ा फायदा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट बोर्ड BCCI ने घरेलू महिला क्रिकेटरों और मैच अधिकारियों के लिए वेतन में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक वनडे विश्व कप 2025 की जीत के बाद किया गया है। इस फैसले से महिला क्रिकेटरों के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा और सम्मान का रास्ता खुलेगा साथ ही मैच अधिकारियों को भी इससे बड़ा लाभ मिलेगा। BCCI ने घरेलू महिला क्रिकेटरों के लिए वेतन संरचना को सुधारने और समान वेतन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब घरेलू महिला क्रिकेटरों को पहले की तुलना में दोगुना या उससे अधिक मैच फीस मिलेगा जो कि पहले 20000 रुपये रिजर्व खिलाड़ियों के लिए 10000 रुपये प्रति मैच दिन था।

    महिला क्रिकेटरों की बढ़ी हुई सैलरी

    संशोधित वेतन संरचना के तहत सीनियर महिला क्रिकेटरों को घरेलू टूर्नामेंटों में एक मैच दिन के लिए 50000 रुपये से 60000 रुपये तक मिलेगा। रिजर्व खिलाड़ियों को 25000 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। इस प्रकार यह वेतन वृद्धि एक बड़ी राहत और प्रेरणा का स्रोत बनेगी। राष्ट्रीय टी20 टूर्नामेंटों में एकादश में खेलने वाली खिलाड़ियों को प्रति मैच 25000 रुपये मिलेंगे जबकि रिजर्व खिलाड़ियों के लिए यह राशि 12500 रुपये होगी।बीसीसीआई के अधिकारियों का कहना है कि अगर एक महिला क्रिकेटर पूरे सत्र के दौरान सभी प्रारूपों में खेलती है तो उसे 12 लाख से 14 लाख रुपये तक मिल सकते हैं जो पहले के मुकाबले काफी अधिक है।

    जूनियर महिला क्रिकेटरों के लिए वेतन वृद्धि

    BCCI ने जूनियर महिला क्रिकेटरों के वेतन में भी वृद्धि की है। अब अंडर-23 और अंडर-19 श्रेणियों के खिलाड़ियों को प्रतिदिन 25000 रुपये का भुगतान किया जाएगा जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 12500 रुपये मिलेंगे। यह कदम जूनियर स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर वित्तीय अवसर देने और उनके खेल को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

    मैच अधिकारियों के लिए वेतन वृद्धि

    बीसीसीआई ने अंपायर और मैच रेफरी सहित मैच अधिकारियों के वेतन में भी इजाफा किया है। घरेलू टूर्नामेंटों के लीग मैचों के लिए अंपायरों और मैच रेफरी के लिए प्रस्तावित आय प्रतिदिन 40000 रुपये होगी। यह वेतन वृद्धि मैच अधिकारियों के लिए एक बड़ा फायदा साबित होगी और उनके योगदान को बेहतर तरीके से मान्यता दी जाएगी।

    BCCI के कदम की सराहना

    इस फैसले के बाद बीसीसीआई की प्रशंसा की जा रही है क्योंकि इसने महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने और उनके वेतन में सुधार करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। महिला क्रिकेटरों को समान वेतन और बेहतरवित्तीय अवसर देने से न केवल उनके प्रदर्शन में सुधार होगा बल्कि आने वाले समय में और अधिकप्रतिभाओं को आकर्षित भी करेगा। BCCI के इस कदम से यह साफ होता है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड महिला क्रिकेट को लेकर गंभीर है और वे इसे वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख खेल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

    बीसीसीआई का यह कदम महिला क्रिकेट और खेल अधिकारियों के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है। इस बढ़ी हुई वेतन संरचना से महिला क्रिकेटरों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा साथ ही वे अपनी क्रिकेट करियर को और अधिक गंभीरता से आगे बढ़ा सकेंगी। यह कदम न केवल भारतीय महिला क्रिकेट को मजबूत करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारतीय महिला क्रिकेट की पहचान बनाएगा।

  • कपिल देव ने गौतम गंभीर को लेकर दी बड़ी प्रतिक्रिया  क्या वह टीम के कोच बन सकते हैं

    कपिल देव ने गौतम गंभीर को लेकर दी बड़ी प्रतिक्रिया क्या वह टीम के कोच बन सकते हैं


    नई दिल्ली । भारत के क्रिकेट जगत में हाल ही में एक बयान ने सबको चौंका दिया है और वह था कपिल देव का गौतम गंभीर को लेकर दिया गया बयान। कपिल देव ने गुरुवार को इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स शताब्दी सत्र में यह टिप्पणी की कि गौतम गंभीर को टीम का मुख्य कोच नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि वर्तमान समय में ‘कोच’ शब्द को गलत समझा जाता है और इस भूमिका को केवल खिलाड़ी प्रबंधन तक सीमित कर दिया गया है। कपिल देव ने स्पष्ट रूप से कहा गौतम गंभीर कोच नहीं हो सकते वह टीम के मैनेजर हो सकते हैं।”

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब साउथ अफ्रीका से भारत की टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग रणनीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर उनकी रणनीति जिसमें उन्होंने लगातार खिलाड़ियों को रोटेट किया और कामचलाऊ खिलाड़ियों पर निर्भर रहने की कोशिश की को लेकर आलोचनाएं हो रही हैं। कपिल देव ने इस मुद्दे पर और भी खुलकर बात करते हुए कहा आज के दौर में कोच वह नहीं होता जिसे आप स्कूल और कॉलेज में सीखते थे बल्कि यह एक प्रकार का प्रबंधन कार्य है। आपको खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके मनोबल को बढ़ाने की भूमिका निभानी होती है।

    कपिल ने यह भी कहा कि यदि सुनील गावस्कर आज के दौर में खेल रहे होते तो वह टी20 क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज होते। उनका मानना था कि जिन खिलाड़ियों का डिफेंस मजबूत होता है वे आसानी से आक्रामक खेल सकते हैं क्योंकि उनके पास अधिक समय होता है। इस टिप्पणी में कपिल ने क्रिकेट के आधुनिक रूपों जैसे टी20 और टी10 के बारे में भी अपनी राय दी और यह बताया कि वे इन सभी प्रारूपों में रुचि रखते हैं।

    कपिल देव की यह टिप्पणी भारतीय क्रिकेट में नई बहस का कारण बन सकती है क्योंकि गंभीर की कोचिंग शैली और उनके द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने विरोध जताया है। वहीं मिताली राज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान ने भी क्रिकेट के इस नए युग को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने हाल ही में भारत के स्वदेश में हुए महिला विश्व कप जीतने के बारे में याद किया और बताया कि कैसे इंडिया नाम के साथ ट्रॉफी हासिल करना उनके लिए एक खास अनुभव था।

    गौतम गंभीर की कोचिंग को लेकर चल रही बहस को लेकर कपिल देव के बयान ने अब इसे और भी गंभीर बना दिया है। कई क्रिकेट विशेषज्ञ अब इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं कि क्या गंभीर को आगे चलकर टीम का मुख्य कोच बनने की भूमिका निभानी चाहिए या फिर उनके लिए यह और भी बेहतर होगा कि वे किसी अन्य भूमिका में खेल जगत की सेवा करें।

  • रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल

    रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल


    नई दिल्ली/ भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की पत्नी और गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा के हालिया बयान ने क्रिकेट गलियारों में हलचल मचा दी है। रिवाबा ने भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और टीम इंडिया तथा BCCI पर दबाव बढ़ा सकता है।

    पति की तारीफ, अन्य खिलाड़ियों पर आरोप

    रिवाबा जडेजा ने अपने पति की तारीफ करते हुए कहा कि रवींद्र जडेजा को अंतरराष्ट्रीय मैचों और टूर्नामेंटों के लिए विदेशों में कई बार जाना पड़ता है, लेकिन उन्होंने कभी गलत आदतों या अनुचित काम में नहीं पड़ने दिया। वहीं, उन्होंने कहा कि कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी दौरे पर अनुचित व्यवहार करते हैं।

    रिवाबा ने कहा:
    ऐसा नहीं है कि मेरे पति को किसी ने रोक-टोक किया है। वह भी चाहें तो कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी समझते हुए कभी गलत कदम नहीं उठाए।

    उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि उनके पति ने लंदन, दुबई, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में खेलते हुए भी कभी व्यसन या अनुचित काम नहीं किया।

    आईपीएल 2026 में जडेजा का हाई-प्रोफाइल ट्रेड

    वहीं, क्रिकेट के मैदान पर भी रवींद्र जडेजा सुर्खियों में हैं। IPL 2026 के लिए चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने जडेजा को राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ ट्रेड किया है। इस हाई-प्रोफाइल ट्रेंड में RR ने अपने कप्तान संजू सैमसन को CSK को सौंपा और इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन को RR में शामिल किया।

    रवींद्र जडेजा ने साल 2008 में राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL में पदार्पण किया था और अब वह एक बार फिर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी के लिए खेलते नजर आएंगे।

    प्रतिक्रिया और बहस

    रिवाबा जडेजा के बयान पर टीम इंडिया और BCCI की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, उनके आरोपों ने क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञ और फैंस इस मुद्दे पर गहन चर्चा कर रहे हैं और इसे संभावित विवाद के रूप में देख रहे हैं।

    रिवाबा के आरोप न केवल जडेजा के फैंस के बीच चर्चा का विषय बने हैं, बल्कि पूरे क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी यह एक बड़ा विवाद बन सकते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा क्रिकेट गलियारों में लगातार सुर्खियों में रह सकता है।

  • यशस्वी जायसवाल का बड़ा खुलासा: कोहली नहीं, शुभमन गिल को बताया टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी

    यशस्वी जायसवाल का बड़ा खुलासा: कोहली नहीं, शुभमन गिल को बताया टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने विराट कोहली की तारीफ के बावजूद टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी कोई और बताया। यशस्वी ने इंटरव्यू में कहा कि शुभमन गिल अपनी फिटनेस, डाइट और स्किल्स पर लगातार मेहनत करते हैं और उनकी कंसिस्टेंसी और अनुशासन कमाल का है।

    जायसवाल ने लिया गिल का नाम

    यशस्वी ने बताया, “शुभमन गिल को मैंने बहुत करीब से देखा है। हर ट्रेनिंग सेशन और मैच में वे पूरी मेहनत लगाते हैं। उनका अनुशासन और टीम के लिए समर्पण प्रेरणादायक है। इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में उनका बल्लेबाजी प्रदर्शन शानदार और जिम्मेदाराना था। हमें पूरा भरोसा था कि वे हर परिस्थिति में रन बनाएंगे।”

    टी20 से बाहर, लेकिन वनडे में चमके यशस्वी

    हालांकि यशस्वी फिलहाल टी20 टीम से बाहर हैं, उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ निर्णायक वनडे में नाबाद 116 रन बनाकर भारत को 9 विकेट की आसान जीत दिलाई। पहले दो मैचों में उनके 18 और 22 रन के स्कोर के बाद यह शतक उनके लिए बड़ा आत्मविश्वास साबित हुआ।

    गिल की मेहनत, टीम के लिए प्रेरणा

    विराट कोहली की मेहनत भारतीय क्रिकेट के लिए बेंचमार्क रही है, लेकिन यशस्वी के अनुसार मौजूदा समय में शुभमन गिल की तैयारी और समर्पण उन्हें टीम का सबसे हार्डवर्किंग खिलाड़ी बनाता है।

    टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों में मेहनत और अनुशासन की नई मिसाल कायम करते हुए गिल और जायसवाल ने अपने प्रदर्शन से दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्जवल है।