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  • इंडिया पोस्ट ने लॉन्च की मैस्कॉट डिजाइन प्रतियोगिता, विजेताओं को मिलेंगे 2 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार

    इंडिया पोस्ट ने लॉन्च की मैस्कॉट डिजाइन प्रतियोगिता, विजेताओं को मिलेंगे 2 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार


    नई दिल्ली ।
    संचार मंत्रालय के अधीन डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स ने देशभर के रचनात्मक प्रतिभागियों के लिए ‘इंडिया पोस्ट मैस्कॉट डिजाइन कॉन्टेस्ट’ की शुरुआत की है। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से नागरिकों को इंडिया पोस्ट का आधिकारिक मैस्कॉट तैयार करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता का आयोजन इनोवेट इंडिया मायगव प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है और इसका उद्देश्य ऐसा मैस्कॉट विकसित करना है जो इंडिया पोस्ट की विश्वसनीयता, भरोसे, समावेशिता, सेवा भावना और डिजिटल नवाचार जैसी मूल पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सके।

    यह प्रतियोगिता सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है। प्रतिभागियों को एक मौलिक मैस्कॉट डिजाइन तैयार करने के साथ उसका उपयुक्त नाम और एक संक्षिप्त कॉन्सेप्ट नोट भी प्रस्तुत करना होगा। प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां 15 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। सरकार ने विद्यार्थियों, डिजाइनर्स, कलाकारों और अन्य रचनात्मक पेशेवरों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है, ताकि इंडिया Post की भविष्य की दृश्य पहचान तैयार करने में उनका योगदान मिल सके।

    प्रतियोगिता को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिनमें मैस्कॉट डिजाइन और मैस्कॉट नेमिंग शामिल हैं। मैस्कॉट डिजाइन श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 75 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पर 50 हजार रुपये और तृतीय स्थान पर 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं मैस्कॉट नेमिंग श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 25 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी। सभी विजेताओं को सम्मान स्वरूप प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

    चयनित मैस्कॉट को इंडिया पोस्ट का आधिकारिक ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा। भविष्य में इसका उपयोग विभाग के प्रचार अभियानों, फिलाटेलिक उत्पादों, जन-जागरूकता कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों, सोशल मीडिया अभियानों और अन्य आधिकारिक संचार माध्यमों में किया जाएगा। इससे न केवल इंडिया पोस्ट की ब्रांड पहचान को नया स्वरूप मिलेगा, बल्कि देश के रचनात्मक प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर भी प्राप्त होगा।

    यह पहल ऐसे समय शुरू की गई है जब इंडिया पोस्ट अपने वित्तीय प्रदर्शन में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। हाल ही में डाक विभाग ने किसी भी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में पहली बार 4,000 करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में विभाग ने 4,008.95 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक प्रथम तिमाही राजस्व दर्ज किया, जो विभाग की सेवाओं के बढ़ते दायरे और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में उसकी मजबूत प्रगति को दर्शाता है। ऐसे में यह प्रतियोगिता इंडिया पोस्ट की नई पहचान को और अधिक प्रभावी तथा जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

  • सरकारी गारंटी, आकर्षक ब्याज और नियमित आय, जानिए कैसे एक बार का निवेश बन सकता है हर महीने कमाई का जरिया

    सरकारी गारंटी, आकर्षक ब्याज और नियमित आय, जानिए कैसे एक बार का निवेश बन सकता है हर महीने कमाई का जरिया

    नई दिल्ली । सुरक्षित निवेश और नियमित आय की तलाश करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में सामने आ रही है। सरकार की गारंटी वाली इस योजना में एकमुश्त निवेश करने के बाद तय अवधि तक नियमित ब्याज आय प्राप्त की जा सकती है। यही कारण है कि बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह योजना सेवानिवृत्त लोगों और सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले परिवारों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रही है।

    इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें निवेश की सुरक्षा पूरी तरह सरकार के संरक्षण में रहती है। निवेशक एक बार राशि जमा करने के बाद तय ब्याज दर के अनुसार नियमित आय प्राप्त करते हैं। वर्तमान में इस योजना पर 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज उपलब्ध है, जिसका भुगतान प्रत्येक तिमाही किया जाता है। इस व्यवस्था से निवेशकों को नियमित नकदी प्रवाह मिलता है और दैनिक खर्चों की योजना बनाना आसान हो जाता है।

    सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश की शुरुआत एक हजार रुपये से की जा सकती है। योजना के तहत व्यक्तिगत और संयुक्त दोनों प्रकार के खाते खोले जा सकते हैं। निर्धारित सीमा के भीतर निवेश करने की सुविधा होने से अलग-अलग जरूरतों वाले निवेशकों के लिए यह योजना उपयोगी साबित होती है। हालांकि निवेश से पहले पात्रता और अधिकतम निवेश सीमा से जुड़े सभी नियमों की जानकारी लेना आवश्यक माना जाता है।

    योजना की परिपक्वता अवधि पांच वर्ष निर्धारित है। यदि निवेशक चाहें तो नियमानुसार अवधि पूरी होने तक निवेश जारी रख सकते हैं। वहीं समय से पहले खाता बंद कराने पर निर्धारित नियमों के अनुसार कटौती या पेनल्टी का प्रावधान भी लागू होता है। इसलिए विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे योजना में निवेश करते समय अपनी भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं का सही आकलन अवश्य करें।

    इस योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण लाभ आयकर से जुड़ा है। पुराने आयकर ढांचे के तहत पात्र निवेशकों को आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत निर्धारित सीमा तक कर छूट का लाभ भी मिल सकता है। इस कारण यह योजना केवल नियमित आय का माध्यम ही नहीं बल्कि कर बचत का विकल्प भी बन जाती है। यही वजह है कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी बचत का एक हिस्सा इस योजना में निवेश करना पसंद करते हैं।

    मासिक आय के संदर्भ में यदि कोई निवेशक लगभग 22 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश करता है और उस पर 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लागू रहता है, तो तिमाही ब्याज की राशि लगभग 45 हजार रुपये के आसपास बनती है। औसत मासिक आधार पर यह राशि करीब 15 हजार रुपये बैठती है। हालांकि वास्तविक भुगतान तिमाही आधार पर ही किया जाता है और ब्याज दरों में भविष्य में सरकार द्वारा समय-समय पर बदलाव भी किया जा सकता है।

    वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना उन लोगों के लिए अधिक उपयुक्त है जो बाजार के जोखिम से दूर रहकर स्थिर आय चाहते हैं। निवेश करने से पहले पात्रता, ब्याज दर, अधिकतम निवेश सीमा, कर नियम और समयपूर्व निकासी से जुड़े प्रावधानों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। सही वित्तीय योजना के साथ यह सरकारी योजना वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित निवेश, नियमित आय और वित्तीय स्थिरता का मजबूत आधार प्रदान कर सकती है।