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  • एक कैच छूटा और बदल गया पूरा मैच! डिकवेला-दिनुषा ने श्रीलंका को संकट से निकाला, भारत के सामने नई चुनौती

    एक कैच छूटा और बदल गया पूरा मैच! डिकवेला-दिनुषा ने श्रीलंका को संकट से निकाला, भारत के सामने नई चुनौती


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले में तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया मजबूत स्थिति में जरूर नजर आई लेकिन मैदान पर हुई एक छोटी सी गलती ने मैच का समीकरण काफी हद तक बदल दिया। भारतीय टीम के पास श्रीलंका को 200 रन के भीतर समेटकर फॉलोऑन देने का शानदार मौका था। श्रीलंका ने एक समय केवल 90 रन पर अपने पांच विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज जल्द ही पूरी पारी समेट देंगे। लेकिन इसके बाद एक कैच छूटना मेजबान टीम के लिए बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

    श्रीलंका की पारी के 36वें ओवर में मानव सुथार ने निरोशन डिकवेला को अपनी गेंद से परेशान किया। फ्लाइटेड गेंद पर डिकवेला के बल्ले का बाहरी किनारा लगा और गेंद स्लिप में खड़े केएल राहुल की तरफ तेजी से गई। राहुल ने दाईं ओर डाइव लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की लेकिन गेंद उनके हाथों से निकल गई। उस समय डिकवेला केवल 20 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। भारतीय टीम के लिए यह मौका बेहद अहम था क्योंकि श्रीलंका पहले ही दबाव में थी और एक और विकेट गिरने से उसकी पारी जल्दी खत्म हो सकती थी।

    लेकिन कैच छूटने के बाद डिकवेला ने भारतीय गेंदबाजों को जमकर परेशान किया। उन्होंने सोनल दिनुषा के साथ मिलकर श्रीलंका की पारी को संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 146 रनों की बड़ी साझेदारी की। डिकवेला ने मिले जीवनदान का पूरा फायदा उठाया और 115 गेंदों पर 80 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। वहीं सोनल दिनुषा ने करीब साढ़े चार घंटे तक क्रीज पर टिककर शानदार शतक जमाया और भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट के लिए तरसाया।

    इस साझेदारी ने मैच का पूरा माहौल बदल दिया। जिस श्रीलंकाई टीम के पांच विकेट सिर्फ 90 रन पर गिर चुके थे वह देखते ही देखते 284 रन तक पहुंच गई। भारत को फॉलोऑन देने के लिए श्रीलंका को 263 रन के आंकड़े तक पहुंचने से रोकना जरूरी था लेकिन डिकवेला और दिनुषा की साझेदारी ने भारतीय टीम की यह उम्मीद खत्म कर दी। श्रीलंका ने 284 रन बनाकर खुद को फॉलोऑन की स्थिति से बाहर निकाल लिया।

    भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो मानव सुथार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए। रवींद्र जडेजा ने तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा जबकि प्रसिद्ध कृष्णा मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव को एक एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका के शीर्ष क्रम को लगातार दबाव में रखा लेकिन निचले क्रम में डिकवेला और दिनुषा की साझेदारी ने टीम इंडिया की मेहनत पर पानी फेर दिया।

    श्रीलंका की पहली पारी समाप्त होने के बाद बारिश ने भी खेल में खलल डाला। बारिश शुरू होने के कारण अंपायरों ने समय से पहले तीसरे दिन के खेल को समाप्त करने का फैसला किया। हालांकि भारत के पास अब भी 178 रनों की बढ़त मौजूद है और चौथे दिन टीम इंडिया अपनी दूसरी पारी में इसी बढ़त के साथ आगे बढ़ेगी। भारत के पास मैच पर पकड़ मजबूत करने का मौका अभी भी है लेकिन श्रीलंका को फॉलोऑन से बचने का मौका देने के बाद मुकाबला पहले की तुलना में थोड़ा अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।

    इस मुकाबले में केएल राहुल के कैच को लेकर भी चर्चा तेज है। अगर डिकवेला का वह कैच पकड़ लिया जाता तो श्रीलंका का स्कोर और पारी का नतीजा पूरी तरह अलग हो सकता था। हालांकि क्रिकेट में एक कैच से मैच खत्म नहीं होता और भारत के पास अभी बढ़त मौजूद है लेकिन टेस्ट क्रिकेट में ऐसे छोटे मौके अक्सर बड़े अंतर में बदल जाते हैं। अब टीम इंडिया की नजर चौथे दिन बल्लेबाजी पर होगी जहां वह बड़ी बढ़त हासिल कर श्रीलंका के सामने मजबूत लक्ष्य रखने की कोशिश करेगी।

    भारतीय टीम के नए फील्डिंग कोच सुभदीप घोष के लिए भी यह दौरा चुनौतीपूर्ण है। टीम इंडिया को आगे ऐसे मौकों को भुनाने पर ध्यान देना होगा क्योंकि लंबे टेस्ट मैचों में एक कैच या एक साझेदारी कई बार पूरे मुकाबले की दिशा बदल देती है। गॉल टेस्ट में अब भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि तीसरे दिन की चूक से सबक लेते हुए चौथे दिन मैच पर अपनी पकड़ और मजबूत की जाए।

  • भारत के खिलाफ श्रीलंका इलेवन का बड़ा स्कोर, 363 रन पर घोषित की पारी; अर्धशतकों से बढ़ा दबाव

    भारत के खिलाफ श्रीलंका इलेवन का बड़ा स्कोर, 363 रन पर घोषित की पारी; अर्धशतकों से बढ़ा दबाव


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के बीच नोंडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब मैदान पर खेला जा रहा तीन दिवसीय वॉर्मअप मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। श्रीलंका क्रिकेट इलेवन ने पहली पारी में 8 विकेट के नुकसान पर 363 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। दूसरे दिन श्रीलंकाई टीम बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतरी और पहले दिन के स्कोर को ही अपनी पारी का अंतिम स्कोर मानते हुए घोषणा कर दी। मुकाबले के पहले दिन श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला और उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के सामने मजबूती से बल्लेबाजी की।

    श्रीलंकाई पारी की शुरुआत निशान मदुश्का और रविंदु रसंता ने शानदार अंदाज में की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 110 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की और टीम को मजबूत आधार दिया। निशान मदुश्का ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 65 गेंदों में 66 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। दूसरी ओर रविंदु रसंता ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए 143 गेंदों में 71 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 6 चौके और एक छक्का लगाया।

    सलामी जोड़ी के बाद भी श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को लगातार परेशान किया। पसिंदु सोरियाबंदरा ने 35 रन बनाए जबकि पवन रत्नायके ने 47 गेंदों में 39 रन की उपयोगी पारी खेली। हालांकि वह अपनी पारी को बड़ी पारी में बदलने में कामयाब नहीं हो सके और गुरनूर बरार का शिकार बने। अहान विक्रमसिंघे ने भी 31 रनों का योगदान दिया।

    टीम के कप्तान सोनल दिनुशा ने जिम्मेदारी संभालते हुए अर्धशतक लगाया। उन्होंने 71 गेंदों में 52 रन बनाए और टीम के स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद रमेश मेंडिस ने 32 रन बनाए। केशरा नुवंता 9 रन और दिलुम सुदीरा एक रन बनाकर नाबाद रहे। श्रीलंका क्रिकेट इलेवन ने 8 विकेट खोकर 363 रन बनाए और इसके बाद पारी घोषित करने का फैसला किया।

    भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा पहले दिन श्रीलंका के किसी भी बल्लेबाज को आउट नहीं कर सके। गुरनूर बरार को सिर्फ एक विकेट मिला। भारतीय स्पिनरों ने हालांकि कुछ हद तक दबाव बनाने की कोशिश की। कुलदीप यादव ने 76 रन खर्च कर 2 विकेट हासिल किए जबकि मानव सुथार ने 33 रन देकर 2 विकेट चटकाए। रवींद्र जडेजा ने भी 64 रन देकर 2 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

    वॉर्मअप मैच के पहले दिन भारतीय टीम अपने नियमित कप्तान शुभमन गिल के बिना मैदान पर उतरी। गिल की उंगली में चोट है और एहतियात के तौर पर वह फील्डिंग के लिए मैदान पर नहीं आए। उनकी गैरमौजूदगी में केएल राहुल ने टीम की कप्तानी संभाली। अब श्रीलंका क्रिकेट इलेवन की पारी घोषित होने के बाद भारतीय बल्लेबाजों के सामने बड़ी चुनौती है। भारतीय टीम की कोशिश होगी कि वह मजबूत बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम के 363 रनों के स्कोर का जवाब दे और मैच में अपनी स्थिति मजबूत करे।

  • इंदौर के सारांश जैन का टीम इंडिया में सपना हुआ साकार पहली बार टेस्ट टीम में मिली जगह श्रीलंका दौरे पर दिखाएंगे दम

    इंदौर के सारांश जैन का टीम इंडिया में सपना हुआ साकार पहली बार टेस्ट टीम में मिली जगह श्रीलंका दौरे पर दिखाएंगे दम


    इंदौर  इंदौर के लिए गर्व का पल सामने आया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया है जिसमें मध्यप्रदेश के होनहार स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है। वर्षों की मेहनत निरंतर प्रदर्शन और धैर्य के बाद आखिरकार सारांश का टीम इंडिया तक पहुंचने का सपना पूरा हो गया है। उनके चयन से न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

    33 वर्षीय सारांश जैन लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में मध्यप्रदेश की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाते रहे हैं। उन्होंने रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। हाल ही में श्रीलंका दौरे पर इंडिया ए टीम की ओर से दूसरे चार दिवसीय मुकाबले में उन्होंने नाबाद 70 रन बनाने के साथ छह विकेट लेकर अपनी ऑलराउंड क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। यही प्रदर्शन उनके लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खोलने में निर्णायक साबित हुआ।

    प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सारांश का रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 54 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 2223 रन बनाए हैं और 188 विकेट अपने नाम किए हैं। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में लगातार योगदान देने की उनकी क्षमता उन्हें एक उपयोगी ऑलराउंडर बनाती है। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने श्रीलंका दौरे के लिए उन पर भरोसा जताया है।

    सारांश जैन का क्रिकेट सफर इंदौर के विजय क्लब से शुरू हुआ था। इसी मैदान पर उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं और अपने खेल को निखारा। इसी क्लब में भारतीय बल्लेबाज रजत पाटीदार के साथ भी उन्होंने अभ्यास किया। वर्षों तक घरेलू क्रिकेट में मेहनत करने के बाद अब उन्हें देश की सर्वोच्च क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिला है।

    सारांश के चयन के पीछे उनके परिवार का संघर्ष भी प्रेरणादायक है। उनके पिता सुबोध जैन मध्यप्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। उनका सपना भारत के लिए खेलना था लेकिन वह पूरा नहीं हो सका। अब बेटे सारांश के जरिए उनका सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। कठिन परिस्थितियों में भी पिता ने बेटे का मनोबल कभी टूटने नहीं दिया। वहीं बड़े भाई ने अपना क्रिकेट करियर छोड़कर सारांश के सपनों को पूरा करने में पूरा सहयोग दिया।

    भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी मैदान पर होगा। इस दौरे पर सारांश के पास टेस्ट कैप हासिल कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने करियर की शानदार शुरुआत करने का सुनहरा अवसर होगा।

    भारतीय टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे जबकि केएल राहुल उपकप्तान होंगे। बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल ऋषभ पंत देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। वहीं स्पिन विभाग में रविंद्र जडेजा कुलदीप यादव मानव सुथार और सारांश जैन पर बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। यदि उन्हें अंतिम एकादश में मौका मिलता है तो यह उनके करियर का सबसे यादगार क्षण होगा और भारतीय क्रिकेट में एक नई शुरुआत भी।

  • श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से होगी जसप्रीत बुमराह की वापसी, लाल गेंद से अभ्यास करते हुए तेज गेंदबाज ने दिए संकेत

    श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से होगी जसप्रीत बुमराह की वापसी, लाल गेंद से अभ्यास करते हुए तेज गेंदबाज ने दिए संकेत

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे प्रमुख और घातक तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह नौ महीने के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर सफेद जर्सी में बल्लेबाजों के होश उड़ाने के लिए तैयार हैं। भारत और श्रीलंका के बीच आगामी अगस्त महीने में दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है, जो आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 साइकल के तहत आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण सीरीज के लिए जसप्रीत बुमराह की टेस्ट टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। अपनी सटीक यॉर्कर और तूफानी गति से विपक्षी टीमों की गिल्लियां बिखेरने वाले बुमराह के आने से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की ताकत दोगुनी होना तय है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक 504 विकेट चटका चुके इस मैच विनर गेंदबाज की मौजूदगी दुनिया के किसी भी मैदान पर भारतीय टीम का पलड़ा भारी कर देती है।

    मध्य प्रदेश । जसप्रीत बुमराह ने नवंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था, जिसके बाद से उन्होंने खेल के इस सबसे लंबे प्रारूप में हिस्सा नहीं लिया है। हाल ही में समाप्त हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद से भी वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर थे। बुमराह अब सीधे 14 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के जरिए मैदान पर वापसी करेंगे और इसके ठीक बाद अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अपनी धार दिखाएंगे। हाल ही में इस दिग्गज तेज गेंदबाज ने सोशल मीडिया पर लाल गेंद से अभ्यास करते हुए अपनी तस्वीरें साझा की हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि उन्होंने आगामी टेस्ट असाइनमेंट के लिए अपनी तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं। वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत एशियन गेम्स के बाद बुमराह को टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप से आराम दिया जा सकता है, ताकि वह आगामी वनडे विश्व कप 2027 तक पूरी तरह टेस्ट और वनडे प्रारूप पर अपना ध्यान केंद्रित रख सकें।

    आगामी दौरा वर्ष 2017 के बाद श्रीलंका की धरती पर भारत की पहली टेस्ट सीरीज होगी। दोनों देशों के बीच पहला टेस्ट मैच 15 से 19 अगस्त तक गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट मुकाबला 23 से 27 अगस्त के बीच कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होगा। वर्तमान वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की अंक तालिका में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम नौ मैचों के बाद 48.15 के अंक प्रतिशत (पीसीटी) के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद है, जबकि श्रीलंकाई टीम 44.44 पीसीटी के साथ छठे पायदान पर है। ऐसे में फाइनल की रेस में शीर्ष दो स्थानों पर जगह बनाने के लिहाज से दोनों टीमों के लिए यह सीरीज बेहद निर्णायक साबित होने वाली है।

    यदि 32 वर्षीय जसप्रीत बुमराह के टेस्ट करियर के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उन्होंने अब तक खेले 52 टेस्ट मैचों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 234 विकेट अपने नाम किए हैं। इस दौरान उन्होंने 16 बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है, जिसमें 86 रन देकर 9 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। इसके अलावा उन्होंने 89 वनडे मैचों में 149 विकेट और 95 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 121 विकेट चटकाए हैं। भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इन टेस्ट मैचों में बुमराह की वापसी न केवल भारतीय टीम के हौसलों को बढ़ाएगी, बल्कि श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश करेगी।