प्रधानमंत्री अपनी यात्रा की शुरुआत इंडोनेशिया से करेंगे, जहां वह 6 से 8 जुलाई तक आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य के सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इंडोनेशिया प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नई मजबूती देने का प्रतीक मानी जा रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री वहां भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे और प्रवासी भारतीयों के साथ संवाद करेंगे।
इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया की यात्रा करेंगे। मेलबर्न में वह ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, आर्थिक साझेदारी, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल सैम मोस्टिन से भी मुलाकात करेंगे।
ऑस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भाग लेंगे, जहां दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों और निवेशकों को संबोधित करेंगे। इस मंच पर व्यापारिक सहयोग बढ़ाने, निवेश के नए अवसर तलाशने और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहेगा। प्रधानमंत्री मेलबर्न में भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 10 और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। यह दौरा विशेष महत्व रखता है क्योंकि लगभग चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की राजकीय यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ उनकी विस्तृत वार्ता होगी, जिसमें व्यापार, वाणिज्य, रक्षा, कृषि, शिक्षा और अन्य सहयोगी क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में बढ़ते संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए नई पहल पर भी चर्चा होने की संभावना है।
न्यूजीलैंड में प्रधानमंत्री व्यापार और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित कर दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने का संदेश देंगे। यह छह दिवसीय विदेश दौरा भारत की सक्रिय कूटनीतिक नीति, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की रणनीति और प्रमुख साझेदार देशों के साथ बहुआयामी संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



