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  • इंदौर में देर रात बड़ा सड़क हादसा: दो कारों की टक्कर में एक वाहन पलटा, शराब की बोतलें मिलने से हड़कंप

    इंदौर में देर रात बड़ा सड़क हादसा: दो कारों की टक्कर में एक वाहन पलटा, शराब की बोतलें मिलने से हड़कंप

    इंदौर । इंदौर के बीआरटीएस स्थित रसोमा चौराहे पर देर रात तेज रफ्तार में दो कारों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक कार कई बार पलट गई, जबकि दूसरा वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

    पुलिस के अनुसार यह हादसा शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे हुआ। एक कार मेदांता अस्पताल की ओर से और दूसरी एलआईजी क्षेत्र की तरफ से आ रही थी। चौराहे पर पहुंचते ही दोनों वाहनों में जबरदस्त टक्कर हो गई, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। एलआईजी की ओर से आ रही कार अनियंत्रित होकर दो बार पलट गई। इस कार में सवार देव चौहान को गंभीर चोटें आईं, खासकर कंधे में फ्रैक्चर बताया जा रहा है।

    घटना के बाद एक कार में सवार युवतियों के मौके से चले जाने की बात सामने आई है। पुलिस के पहुंचने से पहले वे वहां से जा चुकी थीं। कार के अंदर शराब की तीन बोतलें मिलने से मामला और गंभीर हो गया है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद करने की बात कही है।

    वहीं, एयरबैग खुलने के कारण दूसरी कार में सवार लोगों की जान बाल-बाल बच गई। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभावित नशे में ड्राइविंग को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
     

  • इंदौर सड़क चौड़ीकरण में दर्दनाक हादसा: डॉक्टर के सिर पर गिरा खंभा, ब्रेन सर्जरी के बाद घर पर लगाया तंज भरा बैनर

    इंदौर सड़क चौड़ीकरण में दर्दनाक हादसा: डॉक्टर के सिर पर गिरा खंभा, ब्रेन सर्जरी के बाद घर पर लगाया तंज भरा बैनर


    इंदौर । इंदौर के छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए चल रही नगर निगम की कार्रवाई एक दर्दनाक हादसे में बदल गई, जहां एक होम्योपैथिक डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें ब्रेन सर्जरी तक करानी पड़ी।

    घटना 22 मई की बताई जा रही है, जब नगर निगम की टीम भारी मशीनों और पुलिस बल के साथ क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इसी दौरान बिजली के तार जेसीबी मशीन में उलझ गए। उन्हें हटाने के प्रयास में मशीन ऑपरेटर ने जोर लगाया, जिससे एक बिजली का खंभा उखड़ गया और सीधे डॉक्टर कपिल दीक्षित के सिर पर गिर पड़ा। हादसे में वे मौके पर ही बेहोश हो गए और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया।

    डॉक्टर के अनुसार, उनके सिर में गंभीर चोट आई और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि तुरंत ब्रेन सर्जरी करनी पड़ी। कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद 27 मई को उन्हें डिस्चार्ज किया गया। इस पूरी घटना ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

    डिस्चार्ज के बाद जब डॉक्टर अपने घर लौटे तो उन्होंने अपने मकान के बाहर एक बैनर लगाया, जिस पर लिखा था— “जीवित छोड़ देने के लिए नगर निगम और प्रशासन का धन्यवाद!” यह बैनर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

    डॉक्टर ने बताया कि कार्रवाई के दौरान भारी मशीनें मकानों के बेहद करीब चलाई जा रही थीं। इसी दौरान अचानक की गई कार्रवाई में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। उनका आरोप है कि पहले चरणबद्ध तरीके से हटाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में 24 घंटे का नोटिस देकर अचानक कार्रवाई शुरू कर दी गई।

    परिवार का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उनके घर की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं और घरेलू सामान नीचे गिर गया। यदि उनके बुजुर्ग पिता उस समय कमरे में होते तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।

    वहीं, नगर निगम की ओर से छावनी क्षेत्र में करीब 124 मकानों के बाधक हिस्सों को हटाया गया था। कार्रवाई में भारी पुलिस बल और कई जेसीबी-पोकलेन मशीनें शामिल थीं।

    इस घटना ने नगर निगम की कार्रवाई की प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और जल्दबाजी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन सुरक्षा को नजरअंदाज करके किया गया कोई भी कदम जानलेवा साबित हो सकता है।