Tag: Indore Crime

  • बर्थडे मनाने निकला परिवार, लौटकर आई मौत! 8 साल के मासूम ने बताया- पापा ने मां को चाकू मारा, बहन को तालाब में डुबोया

    बर्थडे मनाने निकला परिवार, लौटकर आई मौत! 8 साल के मासूम ने बताया- पापा ने मां को चाकू मारा, बहन को तालाब में डुबोया


    इंदौर इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव में हुई एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद अपने ही दो बच्चों को तालाब में फेंक दिया। इस घटना में 10 साल की बेटी माही की मौत हो गई जबकि 8 साल का बेटा अजय किसी तरह पानी से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। इसके बाद बच्चा किसी तरह पुलिस तक पहुंचा और उसने जो घटनाक्रम बताया उससे पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने आरोपी पिता सुनील चौहान को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान 32 वर्षीय अनीता बाई के रूप में हुई है। उसका पति सुनील चौहान करीब 37 साल का है और पेशे से ड्राइवर है। बताया जा रहा है कि परिवार कुछ समय पहले ही झलारिया गांव में किराए के मकान में रहने आया था। मकान मालिक विक्रम चौधरी के मुताबिक घटना वाली रात सुनील अपनी पत्नी को जन्मदिन मनाने की बात कहकर रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच घर से बाहर लेकर गया था। उस समय दोनों बच्चे घर पर ही थे। कुछ देर बाद सुनील वापस आया और दोनों बच्चों को भी अपने साथ ले गया।

    इसके बाद घटनाक्रम ने बेहद भयावह रूप ले लिया। 8 साल के अजय के मुताबिक उसके माता-पिता के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद उसके पिता ने उसकी मां के साथ मारपीट की और चाकू से हमला किया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां गंभीर रूप से घायल होकर तड़प रही थी और इसके बाद उसके पिता ने कथित तौर पर उसका गला भी दबाया। हालांकि हत्या की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच के बाद ही होगी।

    अजय के मुताबिक इसके बाद उसका पिता उसे और उसकी बहन माही को हिंगोनिया के पास स्थित तालाब पर ले गया। वहां दोनों बच्चों को पानी में फेंक दिया गया। अजय किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफल रहा। इसके बाद वह अकेला पुलिस तक पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। बच्चे की सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी और कुछ समय बाद उसे झलारिया गांव से पकड़ लिया।

    पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर अनीता का शव बरामद किया गया। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने तालाब में सर्च ऑपरेशन चलाया। रातभर चले तलाशी अभियान के बाद 10 साल की माही का शव भी तालाब से बरामद कर लिया गया। शुरुआती जांच में अनीता के शरीर पर चाकू के निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस को गला घोंटने के भी संकेत मिले हैं। वहीं माही की मौत पानी में डूबने से होने की आशंका है। मौत की सटीक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सामने आएगी।

    मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि अनीता और सुनील के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अनीता के पिता सुखराम के मुताबिक सुनील पहले भी उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था और कई साल पहले उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी की गई थी। परिजनों का कहना है कि विवाद नया नहीं था और घरेलू हिंसा की घटनाएं पहले भी सामने आती रही थीं।

    परिजनों के अनुसार सुनील अनीता पर शक करता था और उसके दूसरे लोगों से बातचीत करने को लेकर विवाद करता था। करीब 20 दिन पहले भी मारपीट के बाद अनीता बच्चों के साथ इंदौर आई थी। परिवार की एक और बेटी अनुष्का भी सुनील के साथ नहीं रहती थी और दादा-दादी के पास रहती थी। परिजनों का आरोप है कि उसके साथ भी मारपीट की जाती थी।

    वहीं सुनील की रिश्तेदार मालती कौशल ने अनीता के चरित्र को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि अनीता का व्यवहार अच्छा था और उन्होंने कभी उसके चरित्र को लेकर ऐसी कोई बात नहीं देखी। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार अलग-अलग रहता था इसलिए उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं है।

    पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या अचानक हुए विवाद के बाद हुई या आरोपी ने पहले से इसकी योजना बनाई थी। पुलिस घटना की पूरी टाइमलाइन के साथ हत्या के कारण और आरोपी के बयानों की भी जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना में एक मां और उसकी 10 साल की बेटी की जान चली गई जबकि 8 साल का बेटा इस भयावह घटना का प्रत्यक्षदर्शी बन गया है।

  • क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, फरार हथियार तस्कर संजय मराठा दबोचा गया, सप्लायर और नेटवर्क की तलाश तेज

    क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, फरार हथियार तस्कर संजय मराठा दबोचा गया, सप्लायर और नेटवर्क की तलाश तेज


    इंदौर । इंदौर क्राइम ब्रांच ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी संजय उर्फ संजू मराठा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस को आशंका है कि वह लंबे समय से अवैध हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। अब उससे पूछताछ कर हथियारों के स्रोत, सप्लायर और इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संजय मराठा गुमास्ता नगर का रहने वाला है। वह प्रॉपर्टी ब्रोकिंग के साथ ई-रिक्शा किराये पर देने का कारोबार करता था। पुलिस का मानना है कि वह अपने अन्य व्यवसायों की आड़ में अवैध गतिविधियों को भी अंजाम देता था। मामले की जांच के दौरान उसका नाम सामने आने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।

    इस प्रकरण में इससे पहले पुलिस परसराम उर्फ परसिया श्रीवास्तव और सोहेल उर्फ बलबली पटेल को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों आरोपियों के कब्जे से चार देसी पिस्टल, चार मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, एक मारुति स्विफ्ट कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब छह लाख रुपए आंकी गई थी। इन गिरफ्तारियों के बाद हुई पूछताछ में संजय मराठा की भूमिका सामने आई थी।

    क्राइम ब्रांच ने आरोपी की तलाश के लिए लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र का सहारा लिया। आखिरकार पुख्ता सूचना मिलने पर टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कितने समय से हथियारों की तस्करी में शामिल था और उसका नेटवर्क किन राज्यों या जिलों तक फैला हुआ है।

    एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के अनुसार संजय मराठा आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2005 से 2020 के बीच कुल 17 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट, मारपीट, धमकी, अवैध वसूली और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी वर्तमान जांच से जोड़कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

    जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि आरोपी अवैध हथियार कहां से हासिल करता था और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाता था। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस संभावित सप्लायरों और खरीदारों की पहचान करने में जुटी है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

    क्राइम ब्रांच का कहना है कि शहर में अवैध हथियारों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में शामिल प्रत्येक आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।

  • होटल के कमरे में मौत का रहस्य संघर्ष के निशान यूज्ड कंडोम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली पूरी जांच की दिशा

    होटल के कमरे में मौत का रहस्य संघर्ष के निशान यूज्ड कंडोम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली पूरी जांच की दिशा


    इंदौर । इंदौर के एक प्रतिष्ठित होटल में हुई एक युवती की संदिग्ध मौत ने वर्ष 2016 में पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर दिया था। पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ क्योंकि युवती का शव होटल की चौथी मंजिल के नीचे खून से लथपथ हालत में मिला था। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी और पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आईं वैसे-वैसे घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया जिसने इस मामले को प्रदेश के चर्चित रहस्यमयी मामलों में शामिल कर दिया।

    घटना 7 अगस्त 2016 की रात की है जब इंदौर के विजय नगर क्षेत्र स्थित एक होटल के बाहर एक युवती गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। होटल कर्मचारियों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान 23 वर्षीय शिल्पू भदौरिया के रूप में हुई जो मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली थीं। बीबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी के सिलसिले में इंदौर आई थीं और एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं।

    शुरुआती जांच में पुलिस ने संभावना जताई कि युवती ने होटल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की होगी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। रिपोर्ट में सामने आया कि युवती की मौत ऊंचाई से गिरने के कारण नहीं बल्कि दम घुटने से हुई थी। यानी जिस समय उसे चौथी मंजिल से नीचे गिराया गया उस समय उसकी मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। इस खुलासे के बाद मामला संदिग्ध मौत से संभावित हत्या में बदल गया।

    इसके बाद फोरेंसिक विशेषज्ञों ने होटल के कमरे की गहन जांच की। जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने आत्महत्या की संभावना को और कमजोर कर दिया। कमरे में संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले। युवती की शर्ट के तीन बटन गायब थे जिनमें से एक बटन कमरे के भीतर मिला। शरीर पर संघर्ष के निशान मौजूद थे और नाखूनों के निशान यह संकेत दे रहे थे कि उसने अंतिम समय तक खुद को बचाने का प्रयास किया था। जांच के दौरान उसके शरीर पर भोजन से संबंधित अवशेष भी मिले जिससे यह संकेत मिला कि घटना से पहले कमरे में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं।

    जिस कमरे में युवती ठहरी थी वहां से कुछ अन्य वस्तुएं भी बरामद हुईं जिन्होंने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा। कमरे में शराब से जुड़ी सामग्री और अन्य ऐसे साक्ष्य मिले जिनके आधार पर पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका और घटनाक्रम को समझने की कोशिश शुरू की। इन सभी तथ्यों को फोरेंसिक जांच का हिस्सा बनाया गया ताकि मौत से पहले और बाद की परिस्थितियों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके।

    इस मामले ने यह भी दिखाया कि किसी भी संदिग्ध मौत में केवल घटनास्थल का पहला दृश्य अंतिम सच नहीं होता। वैज्ञानिक जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्य कई बार पूरी कहानी बदल देते हैं। यही वजह रही कि इस मामले में शुरुआती आत्महत्या की आशंका बाद में हत्या की जांच में बदल गई।

    यह मामला आज भी उन चर्चित घटनाओं में गिना जाता है जिसने पुलिस जांच में फोरेंसिक विज्ञान की अहम भूमिका को उजागर किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय वैज्ञानिक साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाना ही न्याय की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।

  • इंदौर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: प्रेमी नहीं, मां और भाई पर हत्या का केस, ऑडियो रिकॉर्डिंग से पलटी जांच

    इंदौर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: प्रेमी नहीं, मां और भाई पर हत्या का केस, ऑडियो रिकॉर्डिंग से पलटी जांच


    इंदौर । इंदौर के हीरानगर क्षेत्र में रहने वाली युवती ज्योति अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच ने बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस मामले में शुरुआत में युवती के प्रेमी को मुख्य आरोपी बताया गया था, उसी मामले में अब पुलिस ने मृतका की मां शीतल अग्रवाल और भाई प्रकाश के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान मिले ऑडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने पूरी कहानी बदल दी।

    पुलिस के अनुसार तीन अप्रैल को ज्योति की मौत हुई थी, जबकि उससे एक दिन पहले घर में उसकी मां और भाई के साथ विवाद हुआ था। जांच में सामने आया कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की थी। बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल की स्थिति बदली गई और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी डिलीट कर दी गई ताकि सच्चाई सामने न आ सके। हालांकि पुलिस अभी तक डिलीट फुटेज को रिकवर करने का प्रयास कर रही है।

    मामले की शुरुआत में मृतका की मां और भाई ने पुलिस को बताया था कि ज्योति के प्रेमी मयंक साहू के पास उसका निजी वीडियो था और वह उसी के आधार पर ब्लैकमेल कर रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मयंक उससे लाखों रुपये ले चुका था। लेकिन पूछताछ के दौरान मयंक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि पैसों का संबंध व्यापारिक लेनदेन से था और बाद में उसने ज्योति को सोना खरीदकर भी दिया था।

    जांच की दिशा उस समय पूरी तरह बदल गई जब मयंक ने पुलिस को दो अप्रैल की रात की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी। रिकॉर्डिंग में ज्योति अपने मित्र से बातचीत के दौरान बता रही थी कि उसकी मां और भाई उसके साथ मारपीट कर रहे हैं तथा पुलिस को सूचना देने की बात कह रही है। हालांकि उस समय पुलिस को सूचना नहीं दी गई, लेकिन अगले ही दिन ज्योति की मौत की खबर सामने आ गई। इसी रिकॉर्डिंग ने पुलिस को नए सिरे से पूरे मामले की जांच करने के लिए मजबूर कर दिया।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया। रिपोर्ट में युवती के सिर पर गंभीर चोटों के साथ शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान मिले। जब इन चोटों के बारे में मां और भाई से पूछताछ की गई तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। वहीं सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने की वजह भी स्पष्ट नहीं कर पाए। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह भी संकेत मिले हैं कि मारपीट के बाद युवती की तबीयत बिगड़ने पर उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिलाया गया।

    जांच में यह भी सामने आया कि ज्योति और मयंक एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे और शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। दोनों ने भविष्य के लिए आर्थिक तैयारी भी कर रखी थी। फिलहाल पुलिस ने मां और भाई के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आगे और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

  • पत्नी की हत्या छिपाने के लिए खरीदा जहरीला कोबरा: पोस्टमार्टम ने खोली साजिश की परतें, बैंक अफसर को उम्रकैद

    पत्नी की हत्या छिपाने के लिए खरीदा जहरीला कोबरा: पोस्टमार्टम ने खोली साजिश की परतें, बैंक अफसर को उम्रकैद


    इंदौर । इंदौर के बहुचर्चित वर्ष 2019 के शिवानी हत्याकांड में करीब साढ़े छह साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी बैंक अधिकारी अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि आरोपी ने अपनी पत्नी की पहले गला घोंटकर हत्या की और इसके बाद मौत को सर्पदंश से हुई प्राकृतिक मृत्यु दिखाने के लिए बेहद सुनियोजित साजिश रची। इस मामले में आरोपी को हत्या के अलावा साक्ष्य मिटाने और संरक्षित वन्यजीव की अवैध हत्या के मामले में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई है।

    अभियोजन के अनुसार घटना एक दिसंबर 2019 को इंदौर के संचार नगर स्थित घर में हुई थी। आरोपी अपनी पत्नी शिवानी को अस्पताल लेकर पहुंचा और डॉक्टरों को बताया कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है। लेकिन मृतका के परिजनों ने शुरू से ही इस पर संदेह जताया और हत्या की आशंका व्यक्त की। घटनास्थल पर एक मृत कोबरा मिलने से मामला और उलझ गया।

    जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले जिन्होंने पूरी कहानी बदल दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि शिवानी की मौत सर्पदंश से नहीं बल्कि मुंह और गला दबाने से दम घुटने के कारण हुई थी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों ने इस निष्कर्ष को मजबूत किया। बिस्तर, तकिए और अन्य सामग्री से मिले वैज्ञानिक प्रमाणों ने हत्या की पुष्टि की।

    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राजस्थान के अलवर से करीब 620 किलोमीटर दूर जाकर ब्लैक डेजर्ट प्रजाति का जहरीला कोबरा खरीदकर लाया था। आरोप है कि उसने कई दिनों तक उसे घर में छिपाकर रखा और हत्या के बाद कोबरा का उपयोग सर्पदंश की झूठी कहानी गढ़ने के लिए किया। बाद में उसने कोबरा को भी मार दिया। अदालत ने इसे सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र माना।

    पुलिस जांच के दौरान आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। अभियोजन ने मोबाइल रिकॉर्ड, कथित बातचीत, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को अदालत में पेश किया। अदालत ने उपलब्ध वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।

    मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू वन्यजीव संरक्षण कानून से भी जुड़ा रहा। जांच में कोबरा की अवैध हत्या की पुष्टि होने के बाद आरोपी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई। अदालत ने इस अपराध के लिए तीन वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के अपराध में भी अलग से कारावास का दंड दिया गया।

    इस फैसले के साथ मध्य प्रदेश के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल शिवानी हत्याकांड का न्यायिक अध्याय समाप्त हुआ। यह मामला इस बात का उदाहरण माना जा रहा है कि आधुनिक फोरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्य किस तरह जटिल आपराधिक मामलों की सच्चाई सामने लाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

  • इंदौर में सनसनी, CHMO कार्यालय के पीछे मिला युवक का शव, सिर पर पत्थर से हमले के निशान

    इंदौर में सनसनी, CHMO कार्यालय के पीछे मिला युवक का शव, सिर पर पत्थर से हमले के निशान


    इंदौर । इंदौर के सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के पीछे एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में युवक के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस हत्या की आशंका के तहत मामले की जांच कर रही है।

    घटना पालिका प्लाजा के पीछे स्थित मंदिर के ओटले की है जहां सुबह स्थानीय लोगों ने करीब 45 वर्षीय एक व्यक्ति को मृत अवस्था में पड़ा देखा। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतक के सिर पर पत्थर जैसी किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के स्पष्ट निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि युवक की कहीं और हत्या करने के बाद शव को इस स्थान पर लाकर फेंका गया हो सकता है। हालांकि पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों से गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है और मृतक की शिनाख्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पहचान होने के बाद ही हत्या के पीछे की वजह और मृतक के संबंधों के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकेगी।

    घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस ने खंगालना शुरू कर दिया है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि देर रात या तड़के किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि कैमरों में कैद हुई है या नहीं। पुलिस को उम्मीद है कि फुटेज से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

    शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण और घटना के समय का पता चल सकेगा। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

  • सोशल मीडिया कॉलिंग से चलता था ड्रग्स का काला कारोबार इंदौर पुलिस की पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क

    सोशल मीडिया कॉलिंग से चलता था ड्रग्स का काला कारोबार इंदौर पुलिस की पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क


    इंदौर । इंदौर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस को एक बड़े नेटवर्क के अहम सुराग मिले हैं। गिरफ्तार आरोपी चेतन नाथ से पूछताछ में सामने आया है कि नशे का पूरा कारोबार सोशल मीडिया कॉलिंग के जरिए संचालित किया जाता था। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में एक भी सेव संपर्क नंबर नहीं मिला जिससे पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह पहचान छिपाने के लिए आधुनिक डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था। फिलहाल अदालत ने आरोपी को दो जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।

    द्वारकापुरी थाना पुलिस के अनुसार चेतन नाथ की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला कि ड्रग्स की खरीद और सप्लाई के लिए सामान्य फोन कॉल या मैसेज की बजाय सोशल मीडिया कॉलिंग का उपयोग किया जाता था ताकि पुलिस की निगरानी से बचा जा सके। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल का तकनीकी विश्लेषण कर उसके डिजिटल नेटवर्क और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

    पुलिस ने बताया कि जब टीम चेतन नाथ को पकड़ने उसके ठिकाने पर पहुंची थी तब वहां उसका एक साथी भी मौजूद था। पुलिस को देखते ही वह मौके से फरार हो गया। पूछताछ में पता चला कि दोनों पहले जेल में साथ रह चुके हैं और लंबे समय से संपर्क में थे। अब पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उसके संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है।

    पूछताछ के दौरान चेतन नाथ ने यह भी दावा किया कि उसके पास से बरामद 19 लाख रुपये नकद उसके एक साथी की जमानत के लिए जुटाए गए थे। हालांकि पुलिस इस दावे को पूरी तरह सत्यापित करने में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी नकदी नशे के कारोबार से अर्जित की गई हो सकती है और इसके वित्तीय स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 19 लाख रुपये नकद नोट गिनने की मशीन लगभग 270 ग्राम ब्राउन शुगर 8 किलो गांजा और पिस्टल के 22 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद कारतूसों के स्रोत और उनके संभावित इस्तेमाल को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के पास हथियारों से जुड़ा कोई नेटवर्क भी था या नहीं।

    जांच अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ दिन पहले पुलिस ने लकी नाथ नामक आरोपी को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बैक ट्रैकिंग करते हुए चेतन नाथ तक पहुंच बनाई। अब पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

    पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क केवल इंदौर तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार दूसरे शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से डिजिटल साक्ष्यों बैंकिंग लेनदेन और कॉलिंग पैटर्न की गहन जांच की जा रही है ताकि पूरे ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

  • शादी का झांसा देकर महिला से 28 लाख ऐंठे विदेश भागने की फिराक में आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा

    शादी का झांसा देकर महिला से 28 लाख ऐंठे विदेश भागने की फिराक में आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा


    मध्य प्रदेश। आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताकर इंदौर की एक महिला का भरोसा जीता और बीमारी का बहाना बनाकर उससे करीब 28 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से पहले यूरोप भागने की तैयारी कर रहा था।

    क्राइम ब्रांच अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान जीतू उर्फ जितेंद्र पुत्र राकेश छोनकर के रूप में हुई है। वह नोएडा क्षेत्र का रहने वाला है और रूस के मॉस्को में कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर के रूप में काम करता है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और उसने अपनी शैक्षणिक एवं पेशेवर जानकारी का इस्तेमाल लोगों को प्रभावित करने के लिए किया।

    जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट जीवनसाथी डॉट कॉम पर फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। उसने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताकर इंदौर की एक महिला से संपर्क किया। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और शादी की चर्चा शुरू हो गई। विश्वास कायम होने के बाद आरोपी ने महिला को अपनी गंभीर बीमारी की झूठी कहानी सुनाई और इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी।
    पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 के दौरान आरोपी ने अलग अलग किस्तों में महिला से करीब 28 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब पूरी रकम मिल गई तो उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया और महिला से संपर्क भी कम कर दिया। खुद को ठगा हुआ महसूस करने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।

    क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकतर समय विदेश में रह रहा था जिससे उसकी गिरफ्तारी आसान नहीं थी। हाल ही में वह अपने परिवार से मिलने दिल्ली आया था। पुलिस को जैसे ही उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार आरोपी दिल्ली से यूरोप जाने वाली फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में था लेकिन उससे पहले ही उसे हिरासत में ले लिया गया।

    पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि उसने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है। जांच एजेंसियां उसके ऑनलाइन नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की ठगी के और कितने मामले उससे जुड़े हुए हैं।

    क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइट या सोशल मीडिया के जरिए बनने वाले रिश्तों में आर्थिक लेनदेन करने से पहले पूरी तरह जांच पड़ताल करें। किसी भी व्यक्ति की पहचान और दावों की पुष्टि किए बिना बड़ी रकम भेजना गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी होने की जानकारी दी है।
  • इंदौर में जुए के विवाद ने लिया खूनी मोड़, बर्थडे पार्टी में युवक पर चाकू से हमला; पुलिस जांच में नए खुलासे

    इंदौर में जुए के विवाद ने लिया खूनी मोड़, बर्थडे पार्टी में युवक पर चाकू से हमला; पुलिस जांच में नए खुलासे


    इंदौर । इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में बर्थडे पार्टी के दौरान हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआत में इसे शराब पार्टी में हुई कहासुनी और मारपीट का मामला माना जा रहा था लेकिन अब जांच में इसके तार जुए के अड्डे और लेनदेन से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सामने आए नए तथ्यों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार शुभ संप्रदा कॉलोनी निवासी राहुल धामेलिया ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह अपने भाई लखन धामेलिया के साथ सीएनजी पंप के पास चोइथराम मंडी क्षेत्र में अपने परिचित शानू और शुभम से मिलने गया था। वहां पहले से सज्जू सिधवानी गिरी महाराज और अन्य लोग मौजूद थे जो एक बर्थडे पार्टी मना रहे थे। पार्टी के दौरान शराब पीने के बाद माहौल बिगड़ गया और मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

    शिकायत के मुताबिक सज्जू सिधवानी ने पहले लखन के साथ गाली गलौज और अभद्रता की। विरोध करने पर उसने अपने साथियों को बुला लिया जिसके बाद सभी ने मिलकर राहुल और लखन के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान सज्जू ने चाकू निकालकर लखन के चेहरे और गले पर कई वार कर दिए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं एक अन्य आरोपी ने राहुल के सिर पर कांच की बोतल मार दी जिससे उसे भी चोटें आईं। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश भी सामने आई। जानकारी के अनुसार घायल लखन को पहले एमवाय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने चोट का कारण पूछा तो परिजनों ने वाहन से गिरने की बात कही और पुलिस को सूचना देने से इनकार कर दिया। बाद में जब घटना की जानकारी बाहर आने लगी तो घायल को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।

    इस बीच पुलिस जांच में एक नया एंगल सामने आया है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में क्राइम ब्रांच ने महालक्ष्मी नगर स्थित एक इमारत में संचालित जुए के अड्डे पर कार्रवाई की थी। जांच में यह बात भी सामने आई थी कि वहां पराग रघुवंशी शानू उर्फ कौआ और जीतू मिलकर जुए का संचालन करते थे। कार्रवाई के बाद कथित तौर पर भंवरकुआं क्षेत्र में नई बैठकों का सिलसिला शुरू हुआ था।

    पुलिस को आशंका है कि चाकूबाजी की यह घटना जुए के लेनदेन या उससे जुड़े विवाद का नतीजा हो सकती है। हालांकि फिलहाल दर्ज एफआईआर में इसे बर्थडे पार्टी के दौरान हुए विवाद के रूप में शामिल किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि घायल लखन ताश पहुंचाने का काम करता था और घटना वाले दिन अपने भाई के साथ वहीं पहुंचा था।

    पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में जुए के लेनदेन या अन्य आपराधिक गतिविधियों की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • खजराना में खूनी विवाद, मीडियाकर्मी ने ठेकेदार को चाकू से गोदा; गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर घुमाया आरोपी

    खजराना में खूनी विवाद, मीडियाकर्मी ने ठेकेदार को चाकू से गोदा; गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर घुमाया आरोपी


    इंदौर । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में आपसी विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया जब एक मीडियाकर्मी ने ठेकेदार पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का इलाके में जुलूस निकाला और फिर उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं घायल ठेकेदार की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका शहर के निजी अस्पताल के आईसीयू में उपचार जारी है।

    पुलिस के अनुसार घटना तंजीम नगर इलाके की है जहां रहने वाले मीडियाकर्मी आरिफ बरकाती और ठेकेदार शानू के बीच एक दिन पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। उस समय दोनों के बीच विवाद तो हुआ लेकिन मामला शांत हो गया। हालांकि अगले ही दिन यह विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि शानू आरिफ के घर के बाहर पहुंचा और दोनों के बीच फिर से बहस शुरू हो गई। इसी दौरान माहौल इतना बिगड़ गया कि आरिफ घर के भीतर गया और चाकू लेकर बाहर आया। इसके बाद उसने शानू पर लगातार कई वार कर दिए जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।

    हमले के बाद आसपास के लोगों में अफरा तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल शानू को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए आईसीयू में भर्ती कर लिया। चिकित्सकों के अनुसार उसके पेट में गंभीर चोटें आई हैं और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    घटना के बाद खजराना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी आरिफ बरकाती की तलाश शुरू की और कुछ ही समय में उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी को पहले सीधे जेल भेजने की तैयारी थी लेकिन जैसे ही मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची उन्होंने आरोपी को वापस बुलाने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने इलाके में आरोपी का पैदल जुलूस निकाला ताकि कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया जा सके। जुलूस के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात भी सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।