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  • सोशल मीडिया कॉलिंग से चलता था ड्रग्स का काला कारोबार इंदौर पुलिस की पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क

    सोशल मीडिया कॉलिंग से चलता था ड्रग्स का काला कारोबार इंदौर पुलिस की पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क


    इंदौर । इंदौर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस को एक बड़े नेटवर्क के अहम सुराग मिले हैं। गिरफ्तार आरोपी चेतन नाथ से पूछताछ में सामने आया है कि नशे का पूरा कारोबार सोशल मीडिया कॉलिंग के जरिए संचालित किया जाता था। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में एक भी सेव संपर्क नंबर नहीं मिला जिससे पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह पहचान छिपाने के लिए आधुनिक डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था। फिलहाल अदालत ने आरोपी को दो जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।

    द्वारकापुरी थाना पुलिस के अनुसार चेतन नाथ की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला कि ड्रग्स की खरीद और सप्लाई के लिए सामान्य फोन कॉल या मैसेज की बजाय सोशल मीडिया कॉलिंग का उपयोग किया जाता था ताकि पुलिस की निगरानी से बचा जा सके। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल का तकनीकी विश्लेषण कर उसके डिजिटल नेटवर्क और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

    पुलिस ने बताया कि जब टीम चेतन नाथ को पकड़ने उसके ठिकाने पर पहुंची थी तब वहां उसका एक साथी भी मौजूद था। पुलिस को देखते ही वह मौके से फरार हो गया। पूछताछ में पता चला कि दोनों पहले जेल में साथ रह चुके हैं और लंबे समय से संपर्क में थे। अब पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उसके संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है।

    पूछताछ के दौरान चेतन नाथ ने यह भी दावा किया कि उसके पास से बरामद 19 लाख रुपये नकद उसके एक साथी की जमानत के लिए जुटाए गए थे। हालांकि पुलिस इस दावे को पूरी तरह सत्यापित करने में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी नकदी नशे के कारोबार से अर्जित की गई हो सकती है और इसके वित्तीय स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 19 लाख रुपये नकद नोट गिनने की मशीन लगभग 270 ग्राम ब्राउन शुगर 8 किलो गांजा और पिस्टल के 22 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद कारतूसों के स्रोत और उनके संभावित इस्तेमाल को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के पास हथियारों से जुड़ा कोई नेटवर्क भी था या नहीं।

    जांच अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ दिन पहले पुलिस ने लकी नाथ नामक आरोपी को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बैक ट्रैकिंग करते हुए चेतन नाथ तक पहुंच बनाई। अब पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

    पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क केवल इंदौर तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार दूसरे शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से डिजिटल साक्ष्यों बैंकिंग लेनदेन और कॉलिंग पैटर्न की गहन जांच की जा रही है ताकि पूरे ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

  • शादी का झांसा देकर महिला से 28 लाख ऐंठे विदेश भागने की फिराक में आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा

    शादी का झांसा देकर महिला से 28 लाख ऐंठे विदेश भागने की फिराक में आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा


    मध्य प्रदेश। आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताकर इंदौर की एक महिला का भरोसा जीता और बीमारी का बहाना बनाकर उससे करीब 28 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से पहले यूरोप भागने की तैयारी कर रहा था।

    क्राइम ब्रांच अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान जीतू उर्फ जितेंद्र पुत्र राकेश छोनकर के रूप में हुई है। वह नोएडा क्षेत्र का रहने वाला है और रूस के मॉस्को में कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर के रूप में काम करता है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और उसने अपनी शैक्षणिक एवं पेशेवर जानकारी का इस्तेमाल लोगों को प्रभावित करने के लिए किया।

    जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट जीवनसाथी डॉट कॉम पर फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। उसने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताकर इंदौर की एक महिला से संपर्क किया। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और शादी की चर्चा शुरू हो गई। विश्वास कायम होने के बाद आरोपी ने महिला को अपनी गंभीर बीमारी की झूठी कहानी सुनाई और इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी।
    पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 के दौरान आरोपी ने अलग अलग किस्तों में महिला से करीब 28 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब पूरी रकम मिल गई तो उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया और महिला से संपर्क भी कम कर दिया। खुद को ठगा हुआ महसूस करने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।

    क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकतर समय विदेश में रह रहा था जिससे उसकी गिरफ्तारी आसान नहीं थी। हाल ही में वह अपने परिवार से मिलने दिल्ली आया था। पुलिस को जैसे ही उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार आरोपी दिल्ली से यूरोप जाने वाली फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में था लेकिन उससे पहले ही उसे हिरासत में ले लिया गया।

    पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि उसने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है। जांच एजेंसियां उसके ऑनलाइन नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की ठगी के और कितने मामले उससे जुड़े हुए हैं।

    क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइट या सोशल मीडिया के जरिए बनने वाले रिश्तों में आर्थिक लेनदेन करने से पहले पूरी तरह जांच पड़ताल करें। किसी भी व्यक्ति की पहचान और दावों की पुष्टि किए बिना बड़ी रकम भेजना गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी होने की जानकारी दी है।
  • इंदौर में जुए के विवाद ने लिया खूनी मोड़, बर्थडे पार्टी में युवक पर चाकू से हमला; पुलिस जांच में नए खुलासे

    इंदौर में जुए के विवाद ने लिया खूनी मोड़, बर्थडे पार्टी में युवक पर चाकू से हमला; पुलिस जांच में नए खुलासे


    इंदौर । इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में बर्थडे पार्टी के दौरान हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआत में इसे शराब पार्टी में हुई कहासुनी और मारपीट का मामला माना जा रहा था लेकिन अब जांच में इसके तार जुए के अड्डे और लेनदेन से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सामने आए नए तथ्यों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार शुभ संप्रदा कॉलोनी निवासी राहुल धामेलिया ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह अपने भाई लखन धामेलिया के साथ सीएनजी पंप के पास चोइथराम मंडी क्षेत्र में अपने परिचित शानू और शुभम से मिलने गया था। वहां पहले से सज्जू सिधवानी गिरी महाराज और अन्य लोग मौजूद थे जो एक बर्थडे पार्टी मना रहे थे। पार्टी के दौरान शराब पीने के बाद माहौल बिगड़ गया और मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

    शिकायत के मुताबिक सज्जू सिधवानी ने पहले लखन के साथ गाली गलौज और अभद्रता की। विरोध करने पर उसने अपने साथियों को बुला लिया जिसके बाद सभी ने मिलकर राहुल और लखन के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान सज्जू ने चाकू निकालकर लखन के चेहरे और गले पर कई वार कर दिए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं एक अन्य आरोपी ने राहुल के सिर पर कांच की बोतल मार दी जिससे उसे भी चोटें आईं। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश भी सामने आई। जानकारी के अनुसार घायल लखन को पहले एमवाय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने चोट का कारण पूछा तो परिजनों ने वाहन से गिरने की बात कही और पुलिस को सूचना देने से इनकार कर दिया। बाद में जब घटना की जानकारी बाहर आने लगी तो घायल को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।

    इस बीच पुलिस जांच में एक नया एंगल सामने आया है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में क्राइम ब्रांच ने महालक्ष्मी नगर स्थित एक इमारत में संचालित जुए के अड्डे पर कार्रवाई की थी। जांच में यह बात भी सामने आई थी कि वहां पराग रघुवंशी शानू उर्फ कौआ और जीतू मिलकर जुए का संचालन करते थे। कार्रवाई के बाद कथित तौर पर भंवरकुआं क्षेत्र में नई बैठकों का सिलसिला शुरू हुआ था।

    पुलिस को आशंका है कि चाकूबाजी की यह घटना जुए के लेनदेन या उससे जुड़े विवाद का नतीजा हो सकती है। हालांकि फिलहाल दर्ज एफआईआर में इसे बर्थडे पार्टी के दौरान हुए विवाद के रूप में शामिल किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि घायल लखन ताश पहुंचाने का काम करता था और घटना वाले दिन अपने भाई के साथ वहीं पहुंचा था।

    पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में जुए के लेनदेन या अन्य आपराधिक गतिविधियों की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • खजराना में खूनी विवाद, मीडियाकर्मी ने ठेकेदार को चाकू से गोदा; गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर घुमाया आरोपी

    खजराना में खूनी विवाद, मीडियाकर्मी ने ठेकेदार को चाकू से गोदा; गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर घुमाया आरोपी


    इंदौर । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में आपसी विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया जब एक मीडियाकर्मी ने ठेकेदार पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का इलाके में जुलूस निकाला और फिर उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं घायल ठेकेदार की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका शहर के निजी अस्पताल के आईसीयू में उपचार जारी है।

    पुलिस के अनुसार घटना तंजीम नगर इलाके की है जहां रहने वाले मीडियाकर्मी आरिफ बरकाती और ठेकेदार शानू के बीच एक दिन पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। उस समय दोनों के बीच विवाद तो हुआ लेकिन मामला शांत हो गया। हालांकि अगले ही दिन यह विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि शानू आरिफ के घर के बाहर पहुंचा और दोनों के बीच फिर से बहस शुरू हो गई। इसी दौरान माहौल इतना बिगड़ गया कि आरिफ घर के भीतर गया और चाकू लेकर बाहर आया। इसके बाद उसने शानू पर लगातार कई वार कर दिए जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।

    हमले के बाद आसपास के लोगों में अफरा तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल शानू को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए आईसीयू में भर्ती कर लिया। चिकित्सकों के अनुसार उसके पेट में गंभीर चोटें आई हैं और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    घटना के बाद खजराना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी आरिफ बरकाती की तलाश शुरू की और कुछ ही समय में उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी को पहले सीधे जेल भेजने की तैयारी थी लेकिन जैसे ही मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची उन्होंने आरोपी को वापस बुलाने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने इलाके में आरोपी का पैदल जुलूस निकाला ताकि कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया जा सके। जुलूस के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात भी सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

  • इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद

    इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद


    इंदौर । इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की एक कोशिश ने जाली करेंसी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। एक युवक रेस्टोरेंट में नकली नोट देकर भुगतान करने पहुंचा था लेकिन संचालक की सतर्कता के कारण उसकी चालाकी सफल नहीं हो सकी। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा था।

    गांधी नगर थाना पुलिस के अनुसार 25 जून को राजनगर स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर संचालक यशवंत यादव मौजूद थे। इसी दौरान दीपक नाम का युवक वहां पहुंचा और भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट दिया। नोट को देखते ही संचालक को उस पर शक हुआ। उन्होंने कर्मचारियों की मदद से युवक को वहीं रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस पूछताछ में दीपक ने अपने साथी संजय का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संजय और उसके साथी रवि को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने नकली नोट बाजार में चलाए हैं और इनके संपर्क में कौन कौन लोग थे।

    जांच में सामने आया कि दीपक और संजय पहले एक शराब दुकान पर सेल्समैन के रूप में साथ काम करते थे। वहीं दोनों की पहचान हुई थी। इसी दौरान संजय ने दीपक को बताया था कि उसका एक परिचित बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले नकली नोट तैयार करता है। कुछ समय बाद दीपक ने नौकरी छोड़ दी और ट्रक ड्राइवर बन गया जबकि संजय इंदौर आ गया। बाद में दोनों के बीच फिर संपर्क हुआ और नकली नोटों के कारोबार की योजना बनाई गई।

    पुलिस के अनुसार दोनों के बीच ऐसा सौदा तय हुआ था जिसमें एक हजार रुपये देने पर चार हजार रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराए जाते थे। दीपक पहली बार ही नकली नोट लेकर उन्हें बाजार में चलाने निकला था लेकिन रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता के कारण वह पकड़ा गया और पूरा मामला सामने आ गया।

    जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी संजय के खिलाफ पहले से ही एसटीएफ में नकली नोटों से जुड़े दो मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और नकली नोट तैयार करने का सामान कहां से लाया जाता था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को इस नेटवर्क के जरिए जाली करेंसी उपलब्ध कराई गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • पति और सास की प्रताड़ना से टूटी जिंदगी: आत्महत्या के बाद दर्ज हुई FIR, जांच में सामने आए गंभीर आरोप

    पति और सास की प्रताड़ना से टूटी जिंदगी: आत्महत्या के बाद दर्ज हुई FIR, जांच में सामने आए गंभीर आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर में विवाहिता आत्महत्या के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस जांच के बाद ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विजयनगर और तिलक नगर थाना क्षेत्रों से जुड़े इन मामलों में पुलिस ने मर्ग जांच, साक्षियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। दोनों घटनाओं ने एक बार फिर घरेलू प्रताड़ना और वैवाहिक विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पहला मामला विजयनगर थाना क्षेत्र का है, जहां भमौरी स्थित न्यू अंजनी नगर में रहने वाली सीमा जैन ने 19 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, वहीं मृतका के परिजनों और अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए।

    पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि सीमा को कथित रूप से दहेज की मांग और घरेलू प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। जांच में मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पति अमन जैन और सास सपना जैन निवासी खरगोन के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

    मृतका के परिजनों ने पुलिस को बताया कि सीमा की शादी पिछले वर्ष मई माह में खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र में हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के समय ससुराल पक्ष ने दूल्हे की बीमारी की जानकारी छिपाई थी। विवाह के बाद जब इस बात की जानकारी सीमा को मिली तो दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने लगे। परिजनों के अनुसार लगातार तनाव और प्रताड़ना के कारण सीमा मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी।

    बताया गया कि सीमा पिछले चार महीनों से इंदौर में अपनी मां और भाई के साथ रह रही थी। पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ चुका था कि दोनों के बीच तलाक का मामला भी न्यायालय में विचाराधीन था। इसी दौरान उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।

    वहीं दूसरा मामला तिलक नगर थाना क्षेत्र का है, जहां संविद नगर निवासी 26 वर्षीय आरती पटेल ने 25 मई को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने घटना के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मृतका के पिता द्वारका पटेल, भाई दीपक पटेल और रिश्तेदार खेमचंद पटेल के बयान दर्ज किए गए।

    परिजनों ने आरोप लगाया कि आरती का पति गोपाल पटेल, जो सागर जिले के ग्राम सरदई का निवासी है, शादी के बाद से ही उसके साथ विवाद करता था और कई बार मारपीट भी करता था। परिवार का कहना है कि लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के चलते आरती गहरे तनाव में रहने लगी थी।

    मर्ग जांच में सामने आए तथ्यों, साक्षियों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गोपाल पटेल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। दोनों मामलों में पुलिस आगे की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

    इन घटनाओं ने घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और वैवाहिक विवादों के गंभीर सामाजिक पहलुओं को फिर उजागर किया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर में फ्लैट सौदे में धोखाधड़ी: गिरवी रखी प्रॉपर्टी बेचने की कोशिश, दंपति पर FIR दर्ज

    इंदौर में फ्लैट सौदे में धोखाधड़ी: गिरवी रखी प्रॉपर्टी बेचने की कोशिश, दंपति पर FIR दर्ज


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रॉपर्टी सौदे से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दंपति पर गिरवी रखे फ्लैट को बेचने की कोशिश करने का आरोप लगा है। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।

    घटना अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता सुनिता पाल ने संगीता मोटवानी और उनके पति कमल मोटवानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि दंपति ने धनवंतरी निवास सिल्वर पैलेस कॉलोनी में स्थित अपने फ्लैट का सौदा 47 लाख रुपए में तय किया, जबकि वह पहले से ही बैंक में गिरवी रखा हुआ था।

    सौदे के तहत पीड़िता ने पहले 1 लाख रुपए बयाने के रूप में दिए और 6 जून 2025 को सेल एग्रीमेंट होने के बाद 5 लाख रुपए का चेक भी दिया गया, जिसे आरोपियों ने नकद कर लिया। इसके बाद टैक्स भुगतान के नाम पर भी पीड़िता से रकम खर्च करवाई गई, जिसमें हाउस टैक्स और अन्य देनदारियां शामिल थीं।

    जब रजिस्ट्री का समय आया, तब आरोपियों ने खुलासा किया कि फ्लैट पर बैंक से लोन लिया गया है। जांच में सामने आया कि फ्लैट पर करीब 23 लाख रुपए का कर्ज बकाया है। जबकि इस महत्वपूर्ण जानकारी का जिक्र सेल एग्रीमेंट में नहीं किया गया था।

    पीड़िता का आरोप है कि जब उसने पूरी रकम की व्यवस्था कर ली और रजिस्ट्री की बात की, तो दंपति ने सौदा करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, आरोप है कि उन्होंने समाज के कुछ लोगों को बुलाकर पीड़िता को धमकाया और मानसिक दबाव बनाया।

    मामला बढ़ने पर पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी। जांच के बाद पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी मानते हुए दंपति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    यह मामला एक बार फिर प्रॉपर्टी खरीदते समय पूरी जांच-पड़ताल और दस्तावेजों की पुष्टि की जरूरत को रेखांकित करता है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

  • दर्दनाक मामला: महिला ने जान देने से पहले वीडियो में किया खुलासा, आरोपी फरार

    दर्दनाक मामला: महिला ने जान देने से पहले वीडियो में किया खुलासा, आरोपी फरार


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित दुष्कर्म के बाद एक महिला ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामला Khudel थाना क्षेत्र के ग्राम सोनगुराड़िया का है, जहां पीड़िता ने मौत से पहले एक वीडियो बनाकर आरोपी का नाम उजागर किया।

    मौत से पहले VIDEO में बताई पूरी कहानी
    जानकारी के मुताबिक, 2 अप्रैल की रात महिला घर पर अकेली थी, जबकि परिवार के बाकी सदस्य सुंदरकांड कार्यक्रम में गए हुए थे। इसी दौरान उसका रिश्तेदार महेंद्र चौहान घर पहुंचा और महिला को अकेला पाकर जबरदस्ती की। घटना के बाद महिला ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने साफ तौर पर महेंद्र चौहान को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने वही बात दोहराई और ससुराल पक्ष को निर्दोष बताया।

    मानसिक आघात में उठाया खौफनाक कदम
    दुष्कर्म की घटना के बाद महिला गहरे मानसिक तनाव में चली गई। 8 अप्रैल को उसने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस जांच में जुटी, आरोपी फरार
    मामले की जानकारी मिलते ही Madhya Pradesh Police ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 64(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए टीमें बनाई गई हैं।

    सुसाइड नोट बना अहम सबूत
    पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें महिला ने स्पष्ट रूप से आरोपी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। यह नोट और वीडियो जांच में अहम सबूत माने जा रहे हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

    कानून और समाज के सामने बड़ी चुनौती
    इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि पीड़ितों को समय पर मानसिक और कानूनी सहायता मिलना कितना जरूरी है। अगर समय रहते मदद मिलती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।

  • इंदौर में रंगदारी का मामला, ‘हैरी बॉक्सर’ नाम से बिल्डर को दी जान से मारने की धमकी

    इंदौर में रंगदारी का मामला, ‘हैरी बॉक्सर’ नाम से बिल्डर को दी जान से मारने की धमकी


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore में एक बार फिर संगठित अपराध का साया गहराता नजर आ रहा है। शहर के पॉश इलाके Race Course Road के एक बड़े बिल्डर को कुख्यात Lawrence Bishnoi gang के नाम से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। खुद को ‘हैरी बॉक्सर’ बताने वाले बदमाश ने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो बिल्डर के बेटे को गोली मार दी जाएगी।

     व्हाट्सएप कॉल और वॉइस मैसेज से मचा हड़कंप
    क्राइम ब्रांच के अनुसार, बिल्डर विवेक दम्मानी के ऑफिस नंबर पर मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल रिसीव करने वाली महिला स्टाफ से आरोपी ने कहा  “विवेक दम्मानी को बोल देना 5 करोड़ दे दे, नहीं तो बेटे को कहीं भी गोली मरवा दूंगा।” शुरुआत में इसे मजाक समझा गया, लेकिन कुछ देर बाद उसी नंबर से आए वॉइस मैसेज ने पूरे ऑफिस में दहशत फैला दी।
    आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसके पास बिल्डर और उनके बेटे की हर गतिविधि की लोकेशन है। इससे मामला और गंभीर हो गया और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

     क्राइम ब्रांच अलर्ट, जांच शुरू
    मामले की जानकारी मिलते ही Madhya Pradesh Police की क्राइम ब्रांच हरकत में आई। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कॉल व वॉइस मैसेज की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस को ट्रैक कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही बिल्डर और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

    ‘हैरी बॉक्सर’ का नाम, लॉरेंस गैंग से जुड़ाव
    जिस ‘हैरी बॉक्सर’ का नाम लेकर धमकी दी गई, उसे Lawrence Bishnoi gang का करीबी गुर्गा बताया जाता है। हालांकि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं कोई स्थानीय बदमाश गैंग के नाम का इस्तेमाल कर डर फैलाने की कोशिश तो नहीं कर रहा।

    पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
    इंदौर में यह पहला मामला नहीं है। कुछ समय पहले Tukoganj के बिल्डर संजय जैन को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। उस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंच नहीं पाई थी।

    बढ़ते मामलों से बढ़ी चिंता
    जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश में पिछले कुछ समय में Lawrence Bishnoi gang के नाम से फिरौती मांगने के 5 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। लगातार बढ़ती ऐसी घटनाओं ने कारोबारी वर्ग और आम लोगों में डर का माहौल बना दिया है।

  • इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, दो युवतियों ने नाबालिग को बेरहमी से पीटा

    इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, दो युवतियों ने नाबालिग को बेरहमी से पीटा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की को फ्लैट में बुलाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस हरकत में आ गई। मामला Tukoganj थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां इस शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया गया।

    कमरे में बंद कर की पिटाई, VIDEO ने खोली पोल
    जानकारी के मुताबिक, घटना तुकोगंज स्थित रूस्तम के बगीचे इलाके की है। यहां एक फ्लैट में दो युवतियों ने अपनी ही एक नाबालिग सहेली को बुलाया और उसे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद डंडों, लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई की गई। आरोप है कि इस दौरान पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पुलिस हुई एक्टिव, जांच शुरू
    वीडियो सामने आने के बाद Madhya Pradesh Police हरकत में आई है। एमआईजी थाना प्रभारी जितेंद्र यादव के अनुसार, उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के जरिए मिली, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई। पुलिस ने वीडियो के आधार पर संबंधित पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की है और आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

    सभी नाबालिग, शिकायत का इंतजार
    पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मारपीट करने वाली और पीड़िता—सभी नाबालिग हैं। फिलहाल पीड़िता की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    पुरानी रंजिश बनी वजह
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता और आरोपी युवतियों के बीच पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते उसे बहाने से फ्लैट पर बुलाया गया और फिर इस वारदात को अंजाम दिया गया।

    पहले भी सामने आ चुके ऐसे मामले
    गौरतलब है कि कुछ दिन पहले Hiranagar इलाके में भी इसी तरह का एक मारपीट का वीडियो सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था और युवाओं के व्यवहार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।