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  • इंदौर में साइबर ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला, छात्रा ने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से सहेली को किया परेशान, जांच में खुली पोल

    इंदौर में साइबर ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला, छात्रा ने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से सहेली को किया परेशान, जांच में खुली पोल


    इंदौर । इंदौर में सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग और साइबर उत्पीड़न का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खजराना थाना पुलिस ने फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अपनी ही पूर्व सहेली को बदनाम करने और लगातार धमकाने के आरोप में एक छात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साइबर पुलिस की तकनीकी जांच में खुलासा हुआ कि अश्लील संदेश भेजने और आवाज बदलकर धमकियां देने के पीछे पीड़िता की पूर्व क्लासमेट ही थी। पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार पीड़िता और आरोपी छात्रा रिया लगभग तीन वर्षों तक एक ही स्कूल में साथ पढ़ चुकी थीं। पढ़ाई पूरी होने के बाद दोनों अलग हो गईं लेकिन कुछ महीने पहले पीड़िता की सगाई होने के बाद घटनाओं का सिलसिला शुरू हुआ। पीड़िता के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक फर्जी प्रोफाइल से लगातार अश्लील और आपत्तिजनक संदेश आने लगे। शुरुआत में उसने इन संदेशों को नजरअंदाज किया और किसी अनजान व्यक्ति की हरकत समझकर प्रतिक्रिया नहीं दी।

    कुछ समय बाद मामला और गंभीर हो गया। फर्जी अकाउंट से केवल पीड़िता ही नहीं बल्कि उसकी मां और होने वाली सास के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणियां और अशोभनीय संदेश भेजे जाने लगे। लगातार मिल रहे इन संदेशों से पीड़िता मानसिक रूप से परेशान हो गई और उसे संदेह हुआ कि यह काम कोई ऐसा व्यक्ति कर रहा है जो उसकी निजी जिंदगी के बारे में अच्छी तरह जानता है।

    इसी बीच उसी फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से पीड़िता को ऑडियो कॉल भी आने लगे। कॉल करने वाला युवक की आवाज निकालकर बात करता था और उसे डराने धमकाने की कोशिश करता था। बार बार मिल रही धमकियों और अभद्र संदेशों के कारण पीड़िता ने आखिरकार साइबर पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।

    साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और इंस्टाग्राम अकाउंट की डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की। जांच के दौरान सामने आया कि फर्जी अकाउंट बनाकर संदेश भेजने और ऑडियो कॉल करने वाली कोई अज्ञात व्यक्ति नहीं बल्कि पीड़िता की पूर्व क्लासमेट रिया थी। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान होने के बाद पूरी रिपोर्ट खजराना पुलिस को सौंपी गई।

    पुलिस के अनुसार जब पीड़िता ने आरोपी छात्रा से इस संबंध में बात की और फर्जी अकाउंट के बारे में पूछा तो उसने कथित रूप से माफी मांगने के बजाय उसे और धमकाया। आरोपी ने कहा कि वह उसका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती। इस कथित धमकी के बाद पीड़िता ने कानूनी कार्रवाई की मांग की।

    साइबर जांच रिपोर्ट मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर खजराना पुलिस ने आरोपी छात्रा के खिलाफ ब्लैकमेलिंग आपराधिक धमकी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ करने के साथ डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी अकाउंट का इस्तेमाल कब से किया जा रहा था और कहीं अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना तो नहीं बनाया गया।

    यह मामला एक बार फिर यह बताता है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किसी की निजी जिंदगी और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट से धमकियां या अश्लील संदेश मिलते हैं तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखकर साइबर पुलिस से संपर्क करना चाहिए ताकि समय रहते दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।