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  • मेट्रो यात्रियों को मिली टिकट की नई सुविधा, हर स्टेशन पर लगीं दो मशीनें; बोर्ड ऑफिस में आई खराबी

    मेट्रो यात्रियों को मिली टिकट की नई सुविधा, हर स्टेशन पर लगीं दो मशीनें; बोर्ड ऑफिस में आई खराबी


    भोपाल । भोपाल और इंदौर मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए टिकट लेने की प्रक्रिया अब पहले से आसान होने जा रही है। दोनों शहरों के मेट्रो स्टेशनों पर गुरुवार 30 अक्टूबर से टिकट वेंडिंग मशीन यानी TVM की सुविधा शुरू कर दी गई है। अब यात्रियों को टिकट के लिए काउंटर पर लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। वे स्टेशन पर लगी मशीन के जरिए खुद ही टिकट प्राप्त कर सकेंगे। मेट्रो कॉरपोरेशन का दावा है कि मशीन से टिकट लेने की पूरी प्रक्रिया में करीब 30 सेकंड का समय लगेगा। हालांकि सुविधा शुरू होने के पहले ही दिन भोपाल के बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन पर मशीन में तकनीकी खराबी सामने आ गई।

    बोर्ड ऑफिस स्टेशन पर टिकट वेंडिंग मशीन से टिकट निकालने की कोशिश के दौरान दो बार टिकट जनरेट नहीं हुआ। इसके बाद मशीन में आई खराबी को ठीक किया गया और मेंटेनेंस के बाद टिकट निकल सका। इस दौरान मौके पर मशीन के पास कोई मेट्रो कर्मचारी मौजूद नहीं था। यात्रियों ने जब मशीन चलाने में मदद मांगी तो कर्मचारी ने भी मशीन की पूरी जानकारी नहीं होने की बात कही। बाद में तकनीकी सुधार के बाद मशीन से करीब 30 सेकंड में टिकट प्राप्त हो गया। शुरुआती दिन ही आई इस परेशानी के बाद मशीनों के रखरखाव और यात्रियों की सहायता के लिए कर्मचारियों की उपलब्धता पर सवाल उठने लगे हैं।

    मेट्रो प्रबंधन ने भोपाल और इंदौर के सभी स्टेशनों पर दो-दो टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई हैं। भोपाल के छह स्टेशनों पर कुल 12 मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से यात्री अपनी जरूरत के अनुसार टिकट ले सकेंगे। खास बात यह है कि दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मशीनों में ब्रेल लिपि का प्रावधान भी किया गया है। इससे तकनीक के इस्तेमाल में उन्हें भी मदद मिल सकेगी।

    नई सुविधा शुरू होने के बाद अब भोपाल और इंदौर मेट्रो में टिकट लेने के तीन विकल्प उपलब्ध होंगे। यात्री MPMRCL मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा स्टेशन पर मौजूद टिकट काउंटर से टिकट लेने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। तीसरा विकल्प अब टिकट वेंडिंग मशीन का होगा। डिजिटल टिकटिंग व्यवस्था में यात्रियों को UPI QR कोड और ई-वॉलेट के माध्यम से कैशलेस भुगतान करने की सुविधा भी दी गई है।

    मेट्रो यात्रियों को टिकट पर प्रमोशनल डिस्काउंट का लाभ भी मिल रहा है। यह छूट 11 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। इसके तहत सिंगल जर्नी टिकट पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जा रही है। रिटर्न जर्नी टिकट पर कुल 30 प्रतिशत और ग्रुप टिकट पर कुल 35 प्रतिशत छूट का लाभ मिल रहा है। ग्रुप टिकट की सुविधा को भी आसान बनाया गया है। अब इसके लिए कम से कम दो यात्री ही पात्र होंगे।

    टिकट वेंडिंग मशीन शुरू होने से यात्रियों को टिकट लेने के लिए एक और विकल्प मिल गया है। इससे काउंटर पर भीड़ कम करने और टिकट प्रक्रिया को तेज बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि पहले ही दिन मशीन में आई खराबी ने यह भी दिखाया है कि नई व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए नियमित तकनीकी निगरानी और यात्रियों को सही जानकारी देने वाले कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी होगी।

  • मेट्रो में सफर करना हुआ और आसान, भोपाल-इंदौर के हर स्टेशन पर लगीं दो टिकट मशीनें, जानिए टिकट लेने के तीन तरीके

    मेट्रो में सफर करना हुआ और आसान, भोपाल-इंदौर के हर स्टेशन पर लगीं दो टिकट मशीनें, जानिए टिकट लेने के तीन तरीके


    भोपाल । भोपाल और इंदौर में मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब टिकट खरीदने के लिए काउंटर पर लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने 30 अक्टूबर से दोनों शहरों के मेट्रो स्टेशनों पर टिकट वेंडिंग मशीन यानी TVM की सुविधा शुरू की है। इन मशीनों की मदद से यात्री खुद टिकट प्राप्त कर सकेंगे। मेट्रो प्रबंधन के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य टिकट खरीदने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है। मशीनों के शुरू होने से यात्रियों का समय बचेगा और टिकट काउंटरों पर निर्भरता भी कम होगी।

    भोपाल और इंदौर के मेट्रो स्टेशनों पर दो दो टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से यात्री अपनी जरूरत के अनुसार टिकट खरीद सकेंगे। भोपाल के छह मेट्रो स्टेशनों पर कुल 12 मशीनें लगाए जाने की जानकारी दी गई है। शुरुआत में यात्रियों की सहायता के लिए मेट्रो कर्मचारी मशीनों के पास मौजूद रहेंगे ताकि पहली बार टिकट लेने वाले लोगों को प्रक्रिया समझने में परेशानी न हो। ये मशीनें रेलवे स्टेशनों पर इस्तेमाल होने वाली टिकट वेंडिंग मशीनों की तरह काम करेंगी।

    नई टिकट व्यवस्था में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। मशीनों में दृष्टिबाधित लोगों के लिए ब्रेल लिपि का प्रावधान किया गया है। इससे मेट्रो सेवाओं को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी। मेट्रो प्रबंधन का प्रयास है कि तकनीक के इस्तेमाल से अलग अलग जरूरतों वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

    अब भोपाल और इंदौर मेट्रो में टिकट लेने के लिए यात्रियों के पास तीन विकल्प उपलब्ध होंगे। पहला विकल्प MPMRCL मोबाइल ऐप है जिसके माध्यम से यात्री डिजिटल टिकट बुक कर सकते हैं। दूसरा विकल्प मेट्रो स्टेशन पर मौजूद टिकट काउंटर है। तीसरे विकल्प के रूप में अब टिकट वेंडिंग मशीन से सीधे टिकट प्राप्त किया जा सकेगा। डिजिटल भुगतान करने वाले यात्री UPI और QR कोड जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ई वॉलेट के माध्यम से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
    अब भोपाल और इंदौर मेट्रो में टिकट लेने के लिए यात्रियों के पास तीन विकल्प उपलब्ध होंगे। पहला विकल्प MPMRCL मोबाइल ऐप है जिसके माध्यम से यात्री डिजिटल टिकट बुक कर सकते हैं। दूसरा विकल्प मेट्रो स्टेशन पर मौजूद टिकट काउंटर है। तीसरे विकल्प के रूप में अब टिकट वेंडिंग मशीन से सीधे टिकट प्राप्त किया जा सकेगा। डिजिटल भुगतान करने वाले यात्री UPI और QR कोड जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ई वॉलेट के माध्यम से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

    भोपाल में फिलहाल ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सुभाष नगर से एम्स के बीच मेट्रो सेवा संचालित हो रही है। वहीं ऑरेंज लाइन के दूसरे चरण में सुभाष नगर से करोंद तक निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा ब्लू लाइन पर भदभदा से रत्नागिरी के बीच भी मेट्रो परियोजना का काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होने की उम्मीद है।

    मेट्रो यात्रियों को टिकट पर विशेष छूट का लाभ भी दिया जा रहा है। 11 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक लागू प्रमोशनल डिस्काउंट व्यवस्था के तहत सिंगल जर्नी टिकट पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जा रही है। रिटर्न जर्नी टिकट पर कुल 30 प्रतिशत और ग्रुप टिकट पर कुल 35 प्रतिशत छूट का लाभ मिल रहा है। ग्रुप टिकट की सुविधा को भी आसान बनाया गया है और अब दो यात्री मिलकर इसका लाभ ले सकते हैं।

    नई टिकट वेंडिंग मशीनों की शुरुआत से भोपाल और इंदौर में मेट्रो यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश की गई है। हालांकि मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ाना प्रबंधन के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में आसान टिकट व्यवस्था और आकर्षक छूट यात्रियों को मेट्रो की ओर आकर्षित करने में कितनी सफल होती है यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

  • भोपाल-इंदौर मेट्रो में बचेंगे पैसे, सिंगल टिकट से लेकर ग्रुप टिकट तक पर बड़ी राहत, जानिए कैसे मिलेगा 44% तक का लाभ

    भोपाल-इंदौर मेट्रो में बचेंगे पैसे, सिंगल टिकट से लेकर ग्रुप टिकट तक पर बड़ी राहत, जानिए कैसे मिलेगा 44% तक का लाभ


    भोपाल । मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। त्योहारों के मौसम में यात्रियों को आकर्षित करने और मेट्रो में सफर को किफायती बनाने के लिए मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने टिकट पर अतिरिक्त छूट देने का फैसला किया है। नई व्यवस्था 11 अक्टूबर 2026 से लागू होगी और इसका लाभ 31 दिसंबर 2026 तक उठाया जा सकेगा। इसके तहत यात्रियों को सिंगल जर्नी टिकट पर 25 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी। वहीं रिटर्न टिकट और ग्रुप टिकट पर भी पहले की तुलना में ज्यादा बचत होगी। मेट्रो कॉरपोरेशन के मुताबिक मौजूदा ई-वॉलेट बोनस और नई टिकट छूट को मिलाकर यात्रियों को अधिकतम लगभग 44 प्रतिशत तक का फायदा मिल सकता है।

    नई व्यवस्था के तहत सिंगल जर्नी टिकट यानी एक तरफ की यात्रा के टिकट पर 25 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। रिटर्न जर्नी टिकट लेने वाले यात्रियों को कुल 30 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा। पहले इस टिकट पर 5 प्रतिशत की छूट मिलती थी। इसी तरह ग्रुप टिकट पर मिलने वाली छूट को बढ़ाकर कुल 35 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत की छूट दी जाती थी। इस बदलाव से रोजाना मेट्रो का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के साथ ही परिवार और दोस्तों के साथ घूमने जाने वालों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

    ग्रुप टिकट की सुविधा में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले इसका लाभ लेने के लिए कम से कम आठ यात्रियों का होना जरूरी था। अब इस संख्या को घटाकर केवल दो यात्री कर दिया गया है। यानी दो लोग भी एक साथ ग्रुप टिकट लेकर छूट का फायदा उठा सकेंगे। इससे परिवार के सदस्यों और दोस्तों के लिए मेट्रो से सफर करना पहले से अधिक किफायती हो सकता है। हालांकि 20 रुपये वाले सिंगल जर्नी टिकट पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत की छूट लागू नहीं होगी। यात्रियों को टिकट खरीदने से पहले संबंधित नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

    मेट्रो में बचत का एक और तरीका मोबाइल ऐप का ई-वॉलेट है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन पहले से ही रिचार्ज की राशि के आधार पर बोनस दे रहा है। 200 से 499 रुपये तक के रिचार्ज पर 8 प्रतिशत बोनस मिलता है। 500 से 999 रुपये तक के रिचार्ज पर 10 प्रतिशत बोनस दिया जाता है। वहीं 1000 से 1499 रुपये तक के रिचार्ज पर 12 प्रतिशत और 1500 से 2000 रुपये तक के रिचार्ज पर 15 प्रतिशत बोनस राशि मिलती है। नई टिकट छूट के साथ इस बोनस का लाभ लेने पर यात्रियों की बचत और बढ़ सकती है। हालांकि वास्तविक फायदा टिकट के प्रकार और रिचार्ज राशि पर निर्भर करेगा।

    भोपाल और इंदौर मेट्रो में डिजिटल टिकटिंग की सुविधा भी यात्रियों के लिए उपयोगी है। यात्री एमपी मेट्रो मोबाइल ऐप के जरिए टिकट प्राप्त कर सकते हैं और यूपीआई क्यूआर कोड तथा ई-वॉलेट जैसे डिजिटल माध्यमों से भुगतान कर सकते हैं। इससे टिकट खरीदने की प्रक्रिया आसान होती है और नकद भुगतान की जरूरत भी कम होती है।

    किराये की बात करें तो एक से दो स्टेशन की यात्रा के लिए 20 रुपये तीन से पांच स्टेशन के लिए 30 रुपये और छह से आठ स्टेशन के लिए 40 रुपये किराया निर्धारित है। पूरे रूट पर अधिकतम किराया 80 रुपये तक है। नई छूट लागू होने के बाद यात्रियों को मेट्रो के सफर पर खर्च कम करने का अवसर मिलेगा। त्योहारों के दौरान शुरू की जा रही यह पहल कितने नए यात्रियों को मेट्रो की ओर आकर्षित करती है इस पर भी नजर रहेगी।

  • इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड सफर की शुरुआत, थाईलैंड की हाईटेक TBM बनाएगी मजबूत सुरंग, 24 घंटे चलेगा काम

    इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड सफर की शुरुआत, थाईलैंड की हाईटेक TBM बनाएगी मजबूत सुरंग, 24 घंटे चलेगा काम


    इंदौर । इंदौर मेट्रो परियोजना के अंडरग्राउंड चरण ने अब नई रफ्तार पकड़ ली है। शहर में पहली बार अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन यानी टीबीएम की मदद से भूमिगत सुरंग निर्माण का काम शुरू होने जा रहा है। थाईलैंड से लाई गई करीब 1000 टन वजनी इस हाईटेक मशीन की असेंबलिंग का काम शुरू हो चुका है और अगले एक महीने में इसे जमीन के करीब 20 मीटर नीचे उतार दिया जाएगा। इसके बाद यह मशीन चौबीसों घंटे लगातार काम करते हुए प्रतिदिन लगभग 20 मीटर लंबी सुरंग तैयार करेगी।

    इंदौर मेट्रो परियोजना का यह चरण तकनीकी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि टीबीएम केवल सुरंग की खुदाई नहीं करेगी बल्कि उसी समय सुरंग की मजबूत कंक्रीट दीवारें भी तैयार करती चलेगी। इससे निर्माण कार्य की गति बढ़ेगी और सुरंग की मजबूती तथा सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। आधुनिक तकनीक से लैस यह मशीन भूमिगत निर्माण को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और तेज बनाएगी।

    अधिकारियों के अनुसार मशीन का पहला ऑपरेशन एयरपोर्ट क्षेत्र से शुरू होगा। यहां से कालानी नगर तक पहले चरण की अंडरग्राउंड सुरंग तैयार की जाएगी। इसके बाद अगले चरण में आगे का निर्माण कार्य शुरू होगा। इंदौर मेट्रो परियोजना के तहत कुल 12 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनाया जाना है जिसे पूरा होने में लगभग चार से पांच वर्ष का समय लग सकता है।

    टनल बोरिंग मशीन को भूमिगत इंजीनियरिंग का चलता फिरता कारखाना कहा जाता है। इसके सबसे आगे लगा विशाल गोलाकार कटर हेड लगातार घूमते हुए मिट्टी और चट्टानों को काटता है। करीब साढ़े छह मीटर व्यास वाले इस कटर हेड में लगे मजबूत स्टील ब्लेड कठिन से कठिन चट्टानों को भी आसानी से काट सकते हैं। मशीन जैसे जैसे आगे बढ़ती है वैसे वैसे उसके पीछे सुरंग का निर्माण पूरा होता जाता है।

    खुदाई के दौरान निकलने वाली मिट्टी और पत्थरों को मशीन के अंदर लगे विशेष कन्वेयर सिस्टम के माध्यम से पीछे की ओर भेजा जाता है। वहां से इस मलबे को बाहर निकाला जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरंग के भीतर मलबा जमा नहीं होता और मशीन बिना किसी रुकावट के लगातार आगे बढ़ती रहती है।

    टीबीएम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि खुदाई के साथ ही सुरंग की स्थायी कंक्रीट लाइनिंग भी तैयार हो जाती है। मशीन के भीतर लगे हाइड्रोलिक सिस्टम पहले से तैयार कंक्रीट रिंग को एक के बाद एक जोड़ते चलते हैं। ये सभी रिंग मिलकर सुरंग की मजबूत गोलाकार दीवार का निर्माण करती हैं। इससे मिट्टी धंसने या सुरंग कमजोर होने की संभावना काफी कम हो जाती है और निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा होता है।

    इस हाईटेक मशीन में मैकेनिकल हाइड्रोलिक इलेक्ट्रिकल और ऑटोमेटिक कंट्रोल सिस्टम का समन्वय किया गया है। शक्तिशाली मोटर गियर और सेंसर लगातार मशीन की गति दिशा और दबाव पर नजर रखते हैं ताकि सुरंग निर्माण पूरी सटीकता और सुरक्षा के साथ किया जा सके। यही वजह है कि दुनिया के अधिकांश बड़े मेट्रो और रेलवे प्रोजेक्ट में इसी तकनीक का उपयोग किया जाता है।

    इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड सेक्शन में दो समानांतर सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। एक सुरंग से मेट्रो ट्रेन शहर की ओर जाएगी जबकि दूसरी सुरंग से वापसी करेगी। इस दोहरी सुरंग व्यवस्था से दोनों दिशाओं में ट्रेन संचालन सुचारू रूप से किया जा सकेगा और यात्रियों को तेज सुरक्षित तथा आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

    टीबीएम के मैदान में उतरने के साथ ही इंदौर मेट्रो परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण चरण शुरू होने जा रहा है। आधुनिक तकनीक और तेज निर्माण गति के कारण यह परियोजना शहर के सार्वजनिक परिवहन को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

  • इंदौर मेट्रो का कमर्शियल रन फिर अटका, 24 जून को खत्म होगी CMRS मंजूरी; दोबारा होगा सेफ्टी निरीक्षण

    इंदौर मेट्रो का कमर्शियल रन फिर अटका, 24 जून को खत्म होगी CMRS मंजूरी; दोबारा होगा सेफ्टी निरीक्षण


    मध्यप्रदेश । इंदौरवासियों का मेट्रो में सफर करने का इंतजार एक बार फिर लंबा होता नजर आ रहा है। सुपर कॉरिडोर से विजय नगर तक प्रस्तावित इंदौर मेट्रो का कमर्शियल रन फिर टल गया है। पहले जहां 18 जून को इसका शुभारंभ होने की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब स्थिति ऐसी बन गई है कि मेट्रो संचालन शुरू होने में और अधिक समय लग सकता है।

    मेट्रो परियोजना के तहत सुपर कॉरिडोर के लगभग 5.9 किलोमीटर लंबे हिस्से में संचालन की तैयारियां काफी पहले पूरी होने का दावा किया गया था। इसके बावजूद मेट्रो अभी तक ट्रायल और सीमित संचालन के दायरे से बाहर नहीं निकल पाई है। कमर्शियल रन शुरू नहीं होने के कारण यात्रियों को अभी भी मेट्रो सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

    सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) द्वारा कमर्शियल रन के लिए दी गई मंजूरी की वैधता 24 जून को समाप्त हो रही है। मेट्रो अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस तारीख तक नियमित यात्री सेवा शुरू कर पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। यदि ऐसा होता है तो मेट्रो प्रबंधन को पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ेगी।

    सूत्रों के अनुसार, मंजूरी की अवधि समाप्त होने के बाद सीएमआरएस से दोबारा निरीक्षण कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए नए सिरे से आवेदन, दस्तावेजी प्रक्रिया और तकनीकी परीक्षणों की आवश्यकता पड़ेगी। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। ऐसे में कमर्शियल रन की शुरुआत जुलाई या उससे आगे तक खिसकने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने भी स्वीकार किया है कि कमर्शियल रन की नई तारीख अभी निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि 24 जून से पहले सीएमआरएस को दोबारा निरीक्षण के लिए पत्र भेजा जाएगा। निरीक्षण और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद ही यात्री सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।

    गौरतलब है कि पहले केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के हाथों 18 जून को कमर्शियल रन का शुभारंभ प्रस्तावित था। कार्यक्रम की तैयारियां भी लगभग पूरी कर ली गई थीं, लेकिन राज्यसभा चुनाव की व्यस्तताओं के कारण यह आयोजन स्थगित कर दिया गया। इसके बाद उम्मीद थी कि 20 जून को केंद्रीय मंत्री के इंदौर दौरे के दौरान मेट्रो को हरी झंडी मिल सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई कार्यक्रम तय नहीं किया गया है।

    बार-बार टल रहे कमर्शियल रन ने शहरवासियों की उत्सुकता को निराशा में बदलना शुरू कर दिया है। इंदौर देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है और यहां मेट्रो को शहरी परिवहन की बड़ी जरूरत माना जा रहा है। ऐसे में परियोजना के संचालन में लगातार हो रही देरी कई सवाल खड़े कर रही है।

    हालांकि मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही सेवा शुरू की जाएगी। लेकिन फिलहाल इतना तय है कि इंदौरवासियों को मेट्रो की पहली नियमित सवारी के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ेगा।

  • 21 जून से इंदौर में नए ट्रैक पर दौड़ेगी मेट्रो, एयरपोर्ट और आईटी हब तक मिलेगा सीधा कनेक्शन; 10 लाख लोगों को होगा फायदा

    21 जून से इंदौर में नए ट्रैक पर दौड़ेगी मेट्रो, एयरपोर्ट और आईटी हब तक मिलेगा सीधा कनेक्शन; 10 लाख लोगों को होगा फायदा


    मध्‍य प्रदेश । हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता और कर्मफलदाता भगवान शनि की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक शनि देव की पूजा करने से व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार शुभ फल प्राप्त होते हैं तथा जीवन में आने वाली बाधाओं और परेशानियों से राहत मिलती है। ज्योतिष शास्त्र में भी शनिवार के दिन किए गए कुछ विशेष उपायों और पूजा-विधि का उल्लेख मिलता है, जिन्हें अपनाने से शनि की कृपा प्राप्त हो सकती है।

    शनिवार की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित कर भगवान गणेश, भगवान शिव और शनि देव का स्मरण करें। शनि देव की पूजा में काले तिल, सरसों का तेल, नीले या काले रंग के फूल तथा उड़द की दाल का विशेष महत्व माना जाता है।

    पूजा के दौरान शनि देव की प्रतिमा या चित्र के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद काले तिल अर्पित करें और शनि मंत्रों का जाप करें। “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो शनि चालीसा और शनि स्तोत्र का पाठ भी करें। इससे मानसिक शांति मिलने के साथ-साथ नकारात्मक प्रभावों में कमी आने की मान्यता है।

    शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। शिवलिंग पर जल और काले तिल अर्पित करने से शनि दोष का प्रभाव कम होने की मान्यता है। इसके अलावा पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और वृक्ष की परिक्रमा करना भी शुभ माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को जरूरतमंद लोगों को दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। काले तिल, कंबल, काली उड़द, लोहे के पात्र या भोजन का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। साथ ही गरीबों और असहाय लोगों की सहायता करना भी विशेष पुण्यदायी माना जाता है।

    शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना से शनि देव के कष्टकारी प्रभावों से राहत मिलती है। इसलिए इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना और मंदिर में जाकर दर्शन करना लाभकारी माना जाता है।

    धार्मिक विश्वासों के अनुसार नियमित रूप से शनिवार की पूजा और सद्कर्म करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। हालांकि पूजा के साथ-साथ अच्छे कर्म, अनुशासित जीवनशैली और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव भी उतना ही महत्वपूर्ण माना गया है।

  • इंदौर मेट्रो का फाइनल निरीक्षण शुरू, सुरक्षा जांच और ब्रेक सिस्टम की गति 80 किमी/घंटा

    इंदौर मेट्रो का फाइनल निरीक्षण शुरू, सुरक्षा जांच और ब्रेक सिस्टम की गति 80 किमी/घंटा



    नई दिल्ली। इंदौर मेट्रो के रेडिसन चौराहे तक विस्तार के लिए आज से सीएमआरएस (Commissioner of Metro Rail Safety) की टीम ने फाइनल निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-2 से शुरू हुए इस निरीक्षण में टीम मेट्रो की सुरक्षा, ट्रैक, सिग्नलिंग, रोलिंग स्टॉक और यात्री सुविधाओं का पूरा जायजा लेगी। निरीक्षण चार दिनों तक चलेगा और इसके बाद ही प्रबंधन कमर्शियल संचालन शुरू कर पाएगा।

    सीएमआरएस की छह सदस्यीय टीम की अगुवाई नीलाभ्र सेनगुप्ता कर रहे हैं। टीम ने निरीक्षण की शुरुआत सुपर कॉरिडोर-2 स्टेशन से की और लवकुश चौराहा व कुमेड़ी स्थित स्टेशनों तक का हिस्सा देखा। टीम 11 मेट्रो स्टेशनों, वायडक्ट, प्रवेश व निकासी गेट, सिग्नलिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम का परीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान मेट्रो को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाकर ब्रेक सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ट्रेन संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।

    एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने निरीक्षण से पहले अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्टेशन परिसरों, ट्रैक और यात्री सुविधाओं को पूरी तरह तैयार रखा जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोपरि है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन अस्थायी रूप से बंद रहेगा। यह बंदी चार दिन तक लागू रहेगी, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। विजयनगर स्टेशन पर प्रवेश व निकासी गेट का कार्य अभी अधूरा है, इसलिए उसका निरीक्षण बाद में किया जाएगा। वहीं, मेघदूत गार्डन, बापट चौराहा, हीरानगर, चंद्रगुप्त चौराहा, आइएसबीटी, एमआर-10 रोड और भौरासला चौराहे के स्टेशनों पर लिफ्ट और फिनिशिंग का कार्य जारी है।

    यह फाइनल निरीक्षण इस बात का संकेत है कि इंदौर मेट्रो का रेडिसन तक संचालन मार्च माह के अंत तक शुरू होने की संभावना है। निरीक्षण के पूरा होने और सुरक्षा प्रमाणन मिलने के बाद, यात्रियों को सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक सुविधा प्रदान की जाएगी।

    इंदौर मेट्रो परियोजना के अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन, ट्रैक और सिग्नलिंग का निर्माण पूरी तरह से हो चुका है। अब मुख्य कार्य शेष है: यात्रियों के लिए सुविधाजनक प्रवेश-निकासी गेट, लिफ्ट और फिनिशिंग। यह कदम यात्रियों के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय मेट्रो संचालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।