Tag: Indore MY hospital

  • मरीजों की आवाजाही शुरू होने से पहले न्यू OPD में पहुंचा सांप, खिड़की से फर्श तक घूमता रहा, महिला गार्ड ने संभाला मोर्चा

    मरीजों की आवाजाही शुरू होने से पहले न्यू OPD में पहुंचा सांप, खिड़की से फर्श तक घूमता रहा, महिला गार्ड ने संभाला मोर्चा


    इंदौर । इंदौर के एमवाय अस्पताल की न्यू ओपीडी में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब परिसर के अंदर एक सांप दिखाई दिया। सुबह करीब 8 बजे ओपीडी शुरू होने के समय खिड़की के पास सांप नजर आने के बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने इसकी जानकारी सुरक्षा गार्ड को दी। इसके बाद सांप को बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई। कुछ देर तक सांप ओपीडी के अंदर ही फर्श और दरवाजे के आसपास घूमता रहा जिसके कारण वहां मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया।

    जानकारी के मुताबिक सुबह न्यू ओपीडी में कर्मचारी अपने काम में जुटे थे। इसी दौरान एक कर्मचारी की नजर खिड़की के पास मौजूद सांप पर पड़ी। अचानक सांप दिखाई देने से वहां मौजूद स्टाफ सतर्क हो गया। मामले की जानकारी तत्काल सुरक्षा गार्ड को दी गई। इसके बाद गार्ड ने सांप को परिसर से बाहर निकालने का प्रयास किया।

    शुरुआती कोशिश में सांप बाहर नहीं निकला और वह ओपीडी के अंदर ही इधर उधर घूमता रहा। कभी वह दरवाजे के आसपास पहुंचा तो कभी फर्श पर दिखाई दिया। इस दौरान कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड उससे दूरी बनाकर उसे बाहर की तरफ करने का प्रयास करते रहे। बाद में महिला गार्ड और अन्य सुरक्षा कर्मचारियों की मदद से सांप को ओपीडी से बाहर निकालकर झाड़ियों की तरफ कर दिया गया।

    घटना जिस समय हुई उस वक्त न्यू ओपीडी में मरीजों और डॉक्टरों की आवाजाही शुरू होने वाली थी। ऐसे में यदि सांप कुछ देर और परिसर के अंदर रहता तो मरीजों के साथ अस्पताल के कर्मचारियों के लिए भी परेशानी की स्थिति बन सकती थी। गनीमत रही कि सांप को समय रहते बाहर कर दिया गया और किसी के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई।

    इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसमें अस्पताल परिसर के अंदर सांप दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सांप का पहुंचना केवल एक सामान्य घटना नहीं माना जा सकता क्योंकि यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन आते हैं।

    एमवाय अस्पताल में इससे पहले भी सांप और दूसरे जहरीले जीव दिखाई देने की घटनाएं सामने आती रही हैं। अस्पताल की मर्चुरी सहित कुछ अन्य हिस्सों में भी सांप निकलने की जानकारी सामने आ चुकी है। इससे अस्पताल परिसर में साफ सफाई और आसपास की झाड़ियों की नियमित निगरानी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

    कुछ दिन पहले अस्पताल के बच्चों के वार्ड में चूहों को लेकर भी मामला सामने आया था। इस घटना के बाद अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे और संबंधित स्टाफ के साथ निजी कंपनी पर कार्रवाई की बात सामने आई थी। अब न्यू ओपीडी में सांप मिलने की घटना ने एक बार फिर अस्पताल परिसर की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था पर ध्यान खींचा है।

    न्यू ओपीडी में सांप मिलने के बाद कर्मचारियों ने तत्काल उसे बाहर कर दिया। फिलहाल इस घटना में किसी मरीज या कर्मचारी को नुकसान पहुंचने की जानकारी नहीं है। हालांकि घटना ने यह जरूर दिखाया है कि अस्पताल के ऐसे हिस्सों में नियमित निगरानी और साफ सफाई जरूरी है जहां झाड़ियों या खुले स्थानों से जीव परिसर में प्रवेश कर सकते हैं।

  • इंदौर में नौतपा के बावजूद राहत जैसी गर्मी: पारा 42 डिग्री से नीचे, उमस से लोग बेहाल

    इंदौर में नौतपा के बावजूद राहत जैसी गर्मी: पारा 42 डिग्री से नीचे, उमस से लोग बेहाल


    इंदौर । इंदौर में नौतपा शुरू हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग ही देखने को मिल रहा है। आमतौर पर नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और लू का असर रहता है, लेकिन इस बार अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही दर्ज किया जा रहा है। इसके बावजूद शहरवासियों को राहत नहीं मिल रही है, क्योंकि तेज धूप और बढ़ती उमस ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।

    गुरुवार को इंदौर में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के करीब बना रहा। पिछले तीन दिनों से रात का तापमान लगभग स्थिर बना हुआ है, जिससे रातों में भी गर्मी का एहसास कम नहीं हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही पारा रिकॉर्ड स्तर तक नहीं पहुंच रहा हो, लेकिन हवा में नमी की अधिकता के कारण “फील लाइक टेम्परेचर” काफी ज्यादा महसूस हो रहा है।

    दिन के समय तेज धूप के कारण सड़कें तपने लगती हैं और दोपहर के वक्त बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। लोग घरों और दफ्तरों में भी पसीने और उमस से परेशान हैं। खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच स्थिति ज्यादा असहज हो जाती है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों तक तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच ही बना रहेगा। हालांकि, राहत की कोई बड़ी संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक हवा की गति कम होने और नमी बढ़ने से उमस और अधिक महसूस हो रही है।

    इस बीच मौसम के पिछले रिकॉर्ड भी चर्चा में हैं। वर्ष 1994 में इंदौर में मई महीने में 46.6 डिग्री सेल्सियस तक तापमान दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड है। वहीं पिछले वर्षों में मई महीने के दौरान बारिश और मौसम में बदलाव भी देखने को मिला है, जिससे गर्मी का असर कुछ कम हो जाता है।

    फिलहाल नौतपा के बीच भले ही तापमान अपेक्षाकृत कम बना हुआ हो, लेकिन उमस और धूप का संयुक्त असर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। आने वाले दिनों में मौसम के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।