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  • एक इंच बारिश के बाद फिर बढ़ी उमस, इंदौर में रात का तापमान 6 डिग्री उछला; आज फिर बारिश की संभावना

    एक इंच बारिश के बाद फिर बढ़ी उमस, इंदौर में रात का तापमान 6 डिग्री उछला; आज फिर बारिश की संभावना


    मध्यप्रदेश । इंदौर में रविवार अलसुबह हुई करीब एक इंच बारिश ने लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। बारिश के बाद दिन चढ़ते ही तेज धूप और बढ़ी हुई नमी ने मौसम को फिर से असहज बना दिया। पूरे दिन उमस भरी गर्मी के कारण लोग परेशान रहे, वहीं रात के तापमान में अचानक हुई बढ़ोतरी ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग एक डिग्री कम रहा। हालांकि तापमान में गिरावट के बावजूद वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस काफी अधिक महसूस हुई। वहीं न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 25.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले दिन की तुलना में रात के तापमान में करीब 6 डिग्री का उछाल देखा गया।

    सोमवार सुबह शहर का मौसम बदला-बदला नजर आया। आसमान में हल्के बादल छाए रहे और बीच-बीच में धूप भी निकलती रही। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दिन के दौरान इंदौर और आसपास के इलाकों में फिर से बारिश या हल्की बौछारें देखने को मिल सकती हैं। स्थानीय स्तर पर बन रहे बादल और वातावरण में मौजूद नमी के कारण प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

    इस सीजन में अब तक इंदौर में लगभग 2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि केवल जून महीने में औसतन करीब 5 इंच बारिश होती है। ऐसे में अभी भी सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए अच्छी बारिश की जरूरत बनी हुई है। शहर के जलस्रोतों और भूजल स्तर को देखते हुए पर्याप्त वर्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    मानसून की सुस्त चाल फिलहाल मौसम विशेषज्ञों और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। जून के शुरुआती दिनों में अपेक्षित वर्षा नहीं होने के कारण शहर के तालाबों और जलाशयों का जलस्तर लगातार घट रहा है। बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए इंदौर को हर साल अच्छी बारिश की आवश्यकता रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर को दीर्घकालिक जल संकट से बचाने के लिए सामान्य से बेहतर वर्षा जरूरी है।

    मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में मानसून की औपचारिक एंट्री 18 जून के बाद होने की संभावना है। फिलहाल अरब सागर और आसपास के क्षेत्रों में मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं होने के कारण मानसून की गति धीमी बनी हुई है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं तो मानसून तेजी पकड़ सकता है और जून के अंत तक बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर के करीब पहुंच सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी वर्षा केवल तालाबों को भरने के लिए ही नहीं, बल्कि भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है। पर्याप्त बारिश होने पर बोरवेल, ट्यूबवेल और अन्य जलस्रोतों को भी राहत मिलेगी। ऐसे में शहरवासियों की निगाहें अब मानसून की जोरदार दस्तक पर टिकी हुई हैं।

  • आधा इंच बारिश के बाद सुहाना हुआ मौसम, कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी

    आधा इंच बारिश के बाद सुहाना हुआ मौसम, कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Indore में प्री-मानसून गतिविधियों ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश और ठंडी हवाओं ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई। शुक्रवार तड़के शहर के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि सुबह से कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में 15.6 मिमी यानी लगभग आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे बड़ा बदलाव रात के तापमान में देखने को मिला, जो एक ही दिन में करीब 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इससे शहरवासियों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है।

    चार दिन बाद बदला मौसम का मिजाज
    पिछले चार दिनों से इंदौर का अधिकतम तापमान लगातार 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। बुधवार को दिन का तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि गुरुवार को यह 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। बादल छाने लगे और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। इसके असर से न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बुधवार रात जहां तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं गुरुवार रात यह घटकर 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून की सक्रियता के चलते फिलहाल वातावरण में ठंडक बनी रहेगी और अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है।

    आज भी बारिश और बूंदाबांदी के आसार
    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मिश्रित मौसम बना रहेगा। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश, कहीं रिमझिम फुहारें और कहीं केवल बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में भी कमी महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक प्री-मानसून गतिविधियां प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में सक्रिय रह सकती हैं।

    मध्य प्रदेश में 20 से 22 जून के बीच मानसून की संभावना
    इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने Kerala में दस्तक दे दी है, जिससे मध्य प्रदेश में मानसून आगमन की उम्मीदें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य तिथि की तुलना में लगभग 5 से 7 दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। सामान्यतः मानसून 15 जून के आसपास मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि केरल में प्रवेश के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में सक्रिय होता है। चूंकि इस वर्ष मानसून 4 जून को केरल पहुंचा है, इसलिए 20 जून के बाद इसके प्रदेश में प्रवेश की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

    अरब सागर और बंगाल की खाड़ी पर नजर
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की वास्तविक गति अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसमी सिस्टम पर निर्भर करेगी। यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं तो मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है, जबकि किसी बड़े मौसमीय व्यवधान की स्थिति में इसकी तिथि में बदलाव भी संभव है। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का सिलसिला जारी है, जिसे मानसून पूर्व गतिविधियों का हिस्सा माना जा रहा है।

    पिछले वर्षों में जून रहा अपेक्षाकृत ठंडा
    मौसम के आंकड़ों के अनुसार इंदौर में पिछले छह वर्षों के दौरान जून माह में अत्यधिक गर्मी नहीं पड़ी। वर्ष 2020 से 2025 के बीच जून में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पिछले वर्ष 2025 में भी जून के दौरान अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन समय-समय पर हुई बारिश ने गर्मी का असर कम रखा था। इस बार भी प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में राहत बनी हुई है।