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इंदौर में विशाल चुनरी यात्रा शुरू, बड़ा गणपति से बिजासन माता मंदिर तक निकलेगा जुलूस, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन
इंदौर । नवरात्रि के पावन अवसर पर इंदौर में मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी विशाल चुनरी यात्रा की शुरुआत हो गई है। रविवार को बड़ा गणपति चौराहे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। लाखों सितारों से सुसज्जित ढाई किलोमीटर से अधिक लंबी चुनरी बिजासन माता को अर्पित की जाएगी।आयोजन को लेकर शहर में व्यापक तैयारियां की गई हैं और यात्रा मार्ग पर व्यवस्था संभालने के लिए तीन हजार चुनरी रक्षकों को तैनात किया गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने निर्धारित कार्यक्रमों के तहत पहले लालबाग पहुंचे। इसके बाद वे एमवाय अस्पताल में मशीन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां से मुख्यमंत्री बड़ा गणपति चौराहे पहुंचे और चुनरी यात्रा की शुरुआत की। वे कार्यक्रम स्थल पर करीब 10 से 12 मिनट तक रुके और संक्षिप्त संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने लोगों को नवरात्रि दशहरा और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद वे सुसज्जित वाहन में पहुंचे और वहां से रवाना हो गए।यात्रा बड़ा गणपति मंदिर से शुरू होकर वायरलेस चौराहा और कालानी नगर होते हुए एरोड्रम थाना क्षेत्र से गुजरेगी। इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था पंचशील नगर और बाबू मुराई कॉलोनी से होते हुए एयरपोर्ट प्रवेश द्वार के रास्ते बिजासन माता मंदिर पहुंचेगा। यात्रा का प्रमुख आकर्षण लाखों सितारों से सजी विशाल चुनरी है जिसे माता को अर्पित किया जाएगा। नवरात्रि के दौरान आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी की उम्मीद है।आयोजन को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए तीन हजार चुनरी रक्षकों की तैनाती की गई है। ये रक्षक प्रमुख चौराहों पर यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने में सहयोग करेंगे। यात्रा संयोजकों ने नागरिकों से भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। यात्रा के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्ट रहेगा ताकि भीड़ के बीच वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।यात्रा के कारण गंगवाल और राजमोहल्ला चौराहे पर सिटी बसों तथा बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। नगर निगम चौराहे पर भी बड़े वाहनों के लिए डायवर्जन रहेगा। महेश नगर में कार और दोपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। गोराकुंड और अंतिम चौराहे से बड़ा गणपति की ओर आने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जाएगा। टोरी कॉर्नर पर मल्हारगंज की ओर से आने वाले वाहनों को गोराकुंड की तरफ मोड़ा जाएगा जबकि गोपाल बिल्डिंग के पास वाहनों को कैलाश मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भी यात्रा मार्ग पर संभावित भीड़ और यातायात बदलाव को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है। एरोड्रम जाने के लिए वाहन चालक मरीमाता से किला मैदान और टाटा स्टील होते हुए 60 फीट एसएफए टर्निंग तथा पंचशील मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा छोटा बांगड़दा से सुपर कॉरिडोर होते हुए एयरपोर्ट पहुंचने का विकल्प भी रहेगा। भंवरकुआं अन्नपूर्णा और महू नाका की ओर से आने वाले यात्री चंदन नगर सिरपुर जवाहर टेकरी और चोइथराम अस्पताल चौराहे से नावदा तथा ग्राम रिजलाय होते हुए हिंकारगिरी के रास्ते एयरपोर्ट जा सकेंगे।यात्रा संयोजक सुदर्शन गुप्ता ने नागरिकों से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बड़ा गणपति मंदिर से बिजासन माता मंदिर तक के मार्ग पर अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है। जरूरी काम होने पर वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को उड़ान के समय से पर्याप्त पहले घर से निकलने को कहा गया है ताकि रास्ते में संभावित जाम के कारण परेशानी न हो। -

62 करोड़ का फ्लायओवर बना मुसीबत, इंदौर के सत्यसाई चौराहे पर गड्ढों और कीचड़ में रेंग रहा ट्रैफिक
इंदौर । इंदौर के सबसे व्यस्त यातायात मार्गों में शामिल सत्यसाई चौराहा इन दिनों लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। यहां मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की देखरेख में 62 करोड़ रुपए की लागत से छह लेन फ्लायओवर का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के तीन महीने बाद भी केवल करीब 40 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। निर्माण की धीमी रफ्तार और एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा अब रोजाना हजारों वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।बारिश शुरू होने के बाद हालात और भी खराब हो गए हैं। निर्माणाधीन क्षेत्र की सर्विस रोड जगह-जगह उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। देवास नाका से विजय नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहन चालक हर दिन जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर हैं। सत्यसाई स्कूल के आसपास सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने तथा दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है।
एबी रोड से बसंत विहार कॉलोनी की ओर जाने वाले मार्ग पर भी हालात बेहतर नहीं हैं। यहां 15 से 20 फीट लंबे और करीब दो फीट गहरे गड्ढे सड़क पर बने हुए हैं। निर्माण सामग्री और गिट्टी सड़क पर बिखरी होने से वाहन चालक संतुलन खो रहे हैं। कई जगह चैंबर के ढक्कन भी धंस चुके हैं जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई है।
फ्लायओवर की गर्डर लॉन्चिंग का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है लेकिन इसके बावजूद सर्विस रोड का बड़ा हिस्सा अब भी बैरिकेड्स से बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण एजेंसी समय रहते सड़क की मरम्मत कर बैरिकेड्स हटा देती तो यातायात के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो जाती और रोज लगने वाले जाम से काफी राहत मिल सकती थी।
स्थिति को और गंभीर बना रही है सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग। विजय नगर से देवास नाका की ओर जाने वाले संकरे मार्ग पर कई दुकानों के सामने वाहन खड़े रहने से यातायात प्रभावित हो रहा है। बारिश के दौरान यह समस्या और विकराल रूप ले लेती है तथा लंबा जाम लग जाता है।
एमपीआरडीसी ने अप्रैल में दावा किया था कि मानसून से पहले सर्विस रोड को कंक्रीट से विकसित कर चौड़ा किया जाएगा और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी पूरी कर दी जाएगी। हालांकि जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। न तो सर्विस रोड का काम पूरा हुआ और न ही खराब सड़कों की प्रभावी मरम्मत की गई।
15 मार्च 2024 को शुरू हुई इस परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत काम अब भी अधूरा है। ऐसे में शहरवासियों की चिंता बढ़ गई है कि यदि निर्माण की रफ्तार इसी तरह धीमी रही तो फ्लायओवर के पूरा होने में अभी और लंबा समय लग सकता है। तब तक लोगों को बारिश, गड्ढों, कीचड़ और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से लगातार जूझना पड़ेगा।