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  • जल संकट के बीच इंदौर में लाखों लीटर पानी सड़क पर बहा, ट्रक की टक्कर से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, टैंकरों से हो रही सप्लाई

    जल संकट के बीच इंदौर में लाखों लीटर पानी सड़क पर बहा, ट्रक की टक्कर से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, टैंकरों से हो रही सप्लाई


    इंदौर । इंदौर में नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने से बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होने का मामला सामने आया है। शहर में जहां एक ओर जल संकट और पानी की जरूरत को लेकर चिंता बनी हुई है वहीं दूसरी ओर बायपास स्थित भंडारी रिसोर्ट के पास पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी सड़क पर बहने लगा। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक ट्रक के वॉल से टकराने के कारण पाइपलाइन में लीकेज हुआ। पानी का दबाव इतना अधिक था कि तेज धार सड़क से ऊपर उठकर पास के ब्रिज तक पहुंच गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और नगर निगम की टीम को मरम्मत के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा।

    नगर निगम के एमआईसी सदस्य के मुताबिक पाइपलाइन में लीकेज के कारण करीब तीन से चार एमएलडी पानी बर्बाद होने का अनुमान है। एमएलडी यानी मिलियन लीटर प्रतिदिन पानी की मात्रा मापने की इकाई है। इस अनुमान के अनुसार नुकसान काफी बड़ा हो सकता है। हालांकि पानी की वास्तविक बर्बादी का आकलन संबंधित अधिकारियों की जांच और मरम्मत की स्थिति के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और सुधार कार्य शुरू कर दिया गया। टीम का प्रयास है कि लीकेज को जल्द से जल्द बंद कर जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य किया जा सके।

    इस घटना का असर शहर के करीब आठ क्षेत्रों की जलापूर्ति पर पड़ा है। पाइपलाइन में खराबी के चलते प्रभावित इलाकों में पानी कम दबाव और कम मात्रा में पहुंच रहा है। इससे स्थानीय लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं ताकि लोगों को पीने और अन्य जरूरी कामों के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद जलापूर्ति को सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल लोगों को नियमित आपूर्ति बहाल होने तक वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान ट्रक के वॉल से टकराने को पाइपलाइन में लीकेज की वजह बताया जा रहा है। इस घटना ने निर्माण कार्यों के दौरान भूमिगत और मुख्य जल पाइपलाइनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में विकास कार्यों के साथ जरूरी सेवाओं से जुड़ी पाइपलाइनों की स्थिति और उनकी सुरक्षा पर ध्यान देना भी अहम है। यदि निर्माण स्थल पर पाइपलाइन की सही पहचान और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों तो इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि इस मामले में जिम्मेदारी और घटना की परिस्थितियों से जुड़ी पूरी जानकारी संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

    जल संकट के बीच पानी की इतनी बड़ी मात्रा के बर्बाद होने की आशंका ने जल संरक्षण की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। नर्मदा का पानी इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मुख्य पाइपलाइन में खराबी का असर कई इलाकों तक पहुंच सकता है। ऐसे में मरम्मत कार्य को समय पर पूरा करना और प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक जलापूर्ति बनाए रखना नगर निगम के लिए अहम है। फिलहाल निगम की टीम लीकेज सुधारने में जुटी है और टैंकरों के माध्यम से लोगों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पाइपलाइन की मरम्मत कब तक पूरी होती है और आठ प्रभावित क्षेत्रों में पानी की नियमित आपूर्ति कब बहाल हो पाती है।

  • बड़वाह की बिजली लाइन में फॉल्ट का असर इंदौर की जलापूर्ति पर नर्मदा परियोजना के सभी पंप बंद

    बड़वाह की बिजली लाइन में फॉल्ट का असर इंदौर की जलापूर्ति पर नर्मदा परियोजना के सभी पंप बंद


    इंदौर । इंदौर में गुरुवार को कई क्षेत्रों के लोगों को पानी की सप्लाई में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बड़वाह जलूद क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण नर्मदा जल परियोजना के सभी प्रमुख पंप बंद हो गए हैं। इसका सीधा असर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है और कई इलाकों में कम दबाव से पानी पहुंचने की संभावना जताई गई है।

    जानकारी के अनुसार 132 केवी बड़वाह विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण नर्मदा परियोजना के फेज एक फेज दो और फेज तीन के सभी पंप अचानक बंद हो गए। इन पंपों के बंद होने से नर्मदा का पानी शहर की विभिन्न जल टंकियों तक नहीं पहुंच सका जिससे टंकियों का भराव प्रभावित हुआ है। इसी वजह से गुरुवार को होने वाली नियमित जलापूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।

    नगर निगम प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बड़वाह क्षेत्र के मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधिकारियों से चर्चा कर बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने और तकनीकी खराबी दूर करने के निर्देश दिए हैं ताकि जलापूर्ति व्यवस्था सामान्य की जा सके।

    नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि पानी का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही करें और अनावश्यक रूप से पानी की बर्बादी से बचें। जब तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती तब तक शहर के कुछ हिस्सों में पानी कम दबाव से पहुंच सकता है या निर्धारित समय से देरी भी हो सकती है।

    बिजली आपूर्ति सामान्य होते ही नर्मदा परियोजना के पंप दोबारा शुरू किए जाएंगे और जल टंकियों को भरने का कार्य तेजी से किया जाएगा। इसके बाद जल वितरण व्यवस्था भी धीरे धीरे सामान्य हो जाएगी। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी समस्या दूर करने के लिए संबंधित विभाग लगातार काम कर रहा है ताकि लोगों को कम से कम असुविधा हो।